Khanak (Ka Ishq)
(0)
Author:
Sweta Parmar "Nikki"Publisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
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प्यार एक बेहद खूबसूरत अनुभूति है और इसका अहसास हमारे रोम-रोम में रोमांच भर देता है, जीने के प्रति और सजग कर देता है। हर पल एक खुमारी-सी छाई रहती है। उस वक्त सही- गलत कुछ समझ नहीं आता। बस एक ही व्यक्ति के आसपास जैसे सारी दुनिया सिमट आई हो। और कभी-कभी वह प्यार जुनून बन जाता है कि व्यक्ति फिर बस उसी में खुद को ढूँढ़ता है, फिर जैसे सारी कायनात उसे उसके साथी से मिलाने में लग जाती है। लेकिन कभी-कभी वही प्यार नफरत में बदल जाता है, जब उसे अपने ही साथी से अविश्वसनीय विश्वासघात मिलता है। कई बार ऐसा होता है कि न चाहते हुए भी हमें ऐसे निर्णय लेने पड़ते हैं, जिनके बारे में हम कभी सोच भी नहीं पाते, किंतु शायद वही हमारे लिए सबसे बेहतर होते हैं। हालाँकि जिंदगी कभी-कभी ऐसा मोड़ ले लेती है, जो हम कभी अपने विचारों या मजाक में भी नहीं सोच पाते। हमारे लिए भी कभी-कभी कुछ घटनाएँ अप्रत्याशित होती हैं। ऐसे ही दो लोगों की जिंदगी की कहानी है यह पुस्तक, जिन्होंने यह सोचा कि उनकी किस्मत में भगवान ने इन दो चीजों के अलावा—जोकि जीने के लिए सबसे जरूरी हैं—सब कुछ लिखा था। और उनसे कुछ भी सँभाला नहीं गया। उन्होंने अपनी नासमझियों की वजह से अपनी ही जिंदगी की कद्र नहीं की और फिर एक समय ऐसा आया कि एक फैसले ने सबकुछ बदल दिया।
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प्यार एक बेहद खूबसूरत अनुभूति है और इसका अहसास हमारे रोम-रोम में रोमांच भर देता है, जीने के प्रति और सजग कर देता है। हर पल एक खुमारी-सी छाई रहती है। उस वक्त सही- गलत कुछ समझ नहीं आता। बस एक ही व्यक्ति के आसपास जैसे सारी दुनिया सिमट आई हो। और कभी-कभी वह प्यार जुनून बन जाता है कि व्यक्ति फिर बस उसी में खुद को ढूँढ़ता है, फिर जैसे सारी कायनात उसे उसके साथी से मिलाने में लग जाती है। लेकिन कभी-कभी वही प्यार नफरत में बदल जाता है, जब उसे अपने ही साथी से अविश्वसनीय विश्वासघात मिलता है।
कई बार ऐसा होता है कि न चाहते हुए भी हमें ऐसे निर्णय लेने पड़ते हैं, जिनके बारे में हम कभी सोच भी नहीं पाते, किंतु शायद वही हमारे लिए सबसे बेहतर होते हैं। हालाँकि जिंदगी कभी-कभी ऐसा मोड़ ले लेती है, जो हम कभी अपने विचारों या मजाक में भी नहीं सोच पाते। हमारे लिए भी कभी-कभी कुछ घटनाएँ अप्रत्याशित होती हैं।
ऐसे ही दो लोगों की जिंदगी की कहानी है यह पुस्तक, जिन्होंने यह सोचा कि उनकी किस्मत में भगवान ने इन दो चीजों के अलावा—जोकि जीने के लिए सबसे जरूरी हैं—सब कुछ लिखा था। और उनसे कुछ भी सँभाला नहीं गया। उन्होंने अपनी नासमझियों की वजह से अपनी ही जिंदगी की कद्र नहीं की और फिर एक समय ऐसा आया कि एक फैसले ने सबकुछ बदल दिया।
Book Details
-
ISBN9788196094652
-
Pages104
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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