Kainchi Dham Ke Baba Shri Neeb Karauri Maharaj Daily Rituals, Satsang And Spiritual Practices Teachings of Maharajji Make It The Center of Giving Meaning To Human Life.
(0)
Author:
Mahesh Dutt SharmaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
350
₹ 280 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Daily Rituals, Satsang And Spiritual Practices Teachings of Maharajji Make It The Centre of Giving Meaning To Human Life.
Read moreAbout the Book
Daily Rituals, Satsang And Spiritual Practices Teachings of Maharajji Make It The Centre of Giving Meaning To Human Life.
Book Details
-
ISBN9789355625946
-
Pages136
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Kashmiri Kissago
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhasha Sanshay Shodhan
- Author Name:
Kamlesh Kamal
- Book Type:

- Description: पुस्तक को पढ़कर कहा जा सकता है कि लेखक ने भाषाई शुद्धता संबंधी लगभग सभी पक्षों को छूने का प्रयास किया है। आशा करता हूँ, विश्वविद्यालयों, विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ सभी हिंदी प्रेमी इस पुस्तक से लाभान्वित होंगे। -गिरिधर मालवीय कुलाधिषति, काशी हिंदू विश्वविद्यालय सिविल सेवा के अभ्यर्थियों के साथ-साथ यह पुस्तक उन सभी सुधी पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है, जिन्हें हिंदी भाषा से स्नेह है और जो सदैव इस भाषा के विकास के लिए विचार करते हैं अथवा प्रयास करते हैं । सिविल सेवा अभ्यर्थियों में लेखन कौशल के विकास में यह अत्यधिक सहायक होगी । -सी.बी.पी. श्रीवास्तव निदेशक; डिस्कवरी आई. ए. एस., दिल्ली यह पुस्तक आज के दौर में भाषाई अनुशासन को कायम रखने की दिशा में अभिनव प्रयोग है। यह मीडियाकर्मियों, विद्यार्थियों, लेखकों के साथ-साथ हर हिंदीप्रेमी के लिए अच्छी मार्गदर्शिका के रूप में पठनीय है। -प्रो. संजीव भानावत पूर्व अध्यक्ष जनसंचार केंद्र, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर, संपादक; “कम्युनिकेशन टुडे यह पुस्तक पत्रकारिता और लेखन से जुड़े लोगों के लिए एक अत्यावश्यक संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी। -संजय स्वतंत्र मुख्य उपसंपादक, जनसत्ता, इंडियन एक्सप्रेस सगृह
CTET Central Teacher Eligibility Test Poorv Varshon Ke Solved Papers (2021-2016) Paper 1 and 2
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pyar To Hona Hi Tha
- Author Name:
Himanshu Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Warahmihir : Jal Jeevan Hai
- Author Name:
Pandit Ishnarayan Joshi
- Book Type:

-
Description:
जीवन के लिए जल एक अनिवार्य पदार्थ है। वनस्पति की उत्पत्ति और कृषि जल पर ही निर्भर है। हमारा देश कृषि-प्रधान देश है, इसलिए खेती के लिए वांछित जल की आवश्यकता सदा बनी रहती है। मनुष्य के जीवन के लिए और खेती बाड़ी के लिए हमें नदियों, तालाबों और कुओं से जल मिलता है। नदियाँ अथवा तालाब प्रत्येक गाँव, क़स्बे तथा नगर में उपलब्ध नहीं हैं और सरलता से हर कहीं बनाए भी नहीं जा सकते, इसलिए पानी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए लोग कुआँ खोदते हैं।
हमारे देश में प्राचीनकाल में ही समाजसेवी विद्वान मनुष्यों की इस परम और अनिवार्य आवश्यकता का अनुभव कर भू-गर्भ के जल का पता लगाने के अनेक प्रयास और प्रयोग भू-भागों में निरन्तर चलते रहे। इस विषय का जो ग्रन्थ मुद्रित उपलब्ध होता है, वह आचार्य वराहमिहिर की ‘वृहत्-संहिता’ है। ‘वृहत्-संहिता’ ज्योतिष का ग्रन्थ है।
इस ग्रन्थ का 53वाँ अध्याय—दृकार्गल है। इसमें भू-गर्भ के जल का ज्ञान करने, पता लगाने की विधि बताई गई है। वराहमिहिर ने इस विज्ञान को दृकार्गल कहा है, जिसका अर्थ है भूमि के अन्दर के जल (उदक, दक) का लकड़ी की छड़ी के माध्यम से निश्चय करना, पता लगाना।
आचार्य वराहमिहिर ने पानी की खोज में जिन विषयों-विज्ञानों को आधार बनाया है। इस पुस्तक का अनुवाद करने में आवश्यक था कि उन विज्ञानों के जानकार विद्वानों से चर्चा की जाए और आधुनिक विज्ञान कहाँ तक पुरानी खोजों और प्रयोगों का समर्थन करते हैं।
BPSC Bihar Shikshak Bahali Rajniti Vigyan Bhag-1 (Political Science) 15 Practice Sets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Janane ki Batein (Vol. 7)
- Author Name:
Deviprasad Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: Janane ki Batein (Vol. 7) about History
1000 Bhautik Vigyan Prashnottari
- Author Name:
Sitaram Singh
- Book Type:

- Description: प्राचीन काल से ही मानव भौतिक जगत् में घटनेवाली प्राकृतिक घटनाओं, जैसे रात-दिन का होना, ऋतु में परिवर्तन होना, भूकंप के झटके लगना, ज्वालामुखी का विस्फोट होना, उल्कापात होना इत्यादि के कारणों को समझने का प्रयास करता रहा है। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से ये घटनाएँ मानव-जीवन को प्रभावित करती हैं। भौतिक विज्ञान के द्वारा इनका गहन अध्ययन किया जाता है। विज्ञान विषयक एवं सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में भौतिकी के प्रश्न निश्चित रूप से शामिल रहते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में भौतिक विज्ञान की प्रमुख शाखाओं से संबंधित विभिन्न अध्यायों, जैसे कि मापन, गति के नियम, कार्य, ऊर्जा और शक्ति, द्रवों का प्रवाह, दोलन, तरंगें, चुंबकत्व एवं चुंबकीय मापन इत्यादि के अंतर्गत वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का संकलन किया गया है। विद्यार्थियों, प्रतियोगिताओं में शामिल हो रहे छात्र-छात्राओं एवं सामान्य वर्ग के पाठकों के लिए यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी है।
Ethics, Integrity and Aptitude
- Author Name:
Dr. B. Ramaswamy +1
- Book Type:

- Description: This book boasts of presenting IAS aspirants with maximum number of case studies presented at one place in this Paper till date. The right way to answer case-study questions are also given so as to facilitate the UPSC candidates to the maximum for scoring best possible marks in this rather difficult paper. Various appendices are given to acquaint UPSC candidates with primary sources of information on this theme, such as, Right to Public Services Legislation in India; The Right of Citizens for Time Bound Delivery of Goods and Services and Redressal of Their Grievances Bill, 2011; India’s Citizen’s Charter and Grievance Redressal Bill, 2011; Official Secrets Act of India, 1923; and the International NGO Accountability Charter. Previous years’ questions of IAS GS Mains Paper IV on “Ethics, Integrity & Aptitude” are given with focus on model questions of IAS GS Mains Paper IV: Ethics, Integrity & Aptitude for 2018.
Hindi visheshanon Ka Arthparak Vishleshan
- Author Name:
Urmila Bhargava
- Book Type:

- Description: पारिभाषिक शब्दावली याद करने में विद्यार्थी अकसर अरुचि तथा असमर्थता दिखाते हैं। भाषा शिक्षण के बंधन में बँधे होने के कारण अध्यापन में वही परंपरागत विद्या अपनाई जाती रही है। कुछ समय से विशेषण का भाषा में प्रयोग और उसका महत्त्व वाक्यों के माध्यम से समझाने का प्रयास किया गया, जो काफी लोकप्रिय हुआ। अपने माता-पिता से मैंने एक मंत्र सीखा था, ‘नवीन मार्ग की ओर बढ़ने के लिए बंद अर्गला खोल दो। विवादास्पद ही सही, परंतु कहीं तो कुछ सारतत्त्व अवश्य मिलेगा।’ काफी सोच-विचार के उपरांत परंपरागत पारिभाषिक विशेषण को वर्तमान पीढ़ी के समझने योग्य सरलीकृत बनाने का दुस्साहस किया है। विधा कोई भी अपनाई जाए, पर उसके पीछे उद्देश्य एक ही होता है कि भाषा का सौंदर्य/चमत्कार बना रहे। हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है, किंतु वर्तमान पीढ़ी हिंदी को कितना उबाऊ विषय मानती है, इस ओर ध्यान देना आवश्यक है। विषय कोई भी हो, जब तक वह समझ में नहीं आएगा, तब तक रुचि बढ़ने का संकेत मिलना असंभव है। पुस्तक में विशेषण को प्राणिवाचक और अप्राणिवाचक सिद्ध करने का प्रयास किया गया है।
Saral Hindi Vyakaran
- Author Name:
Shyam Chandra Kapoor
- Book Type:

- Description: "शुद्ध उच्चारण का ज्ञान कराने की दृष्टि से संस्कृत के आधार पर प्रारंभ में ही अक्षरों के उच्चारण व प्रयत्न का अध्याय रखा गया है। व्याकरण के सामान्य पद-परिचय के अतिरिक्त शब्द-भंडार वृद्धि के लिए, शब्दों के सूक्ष्म ज्ञान और सही अर्थ में प्रयोग करने के लिए संधि समास, पर्यायवाची व विलोम शब्द आदि के कई उपयोगी अध्याय इस पुस्तक में दिए गए है। बोलचाल की भाषा में प्रयुक्त होनेवाले मुहावरों को सोदाहरण देकर पुस्तक को और भी उपादेय बनाया गया है। हिंदी भाषा का सही प्रयोग जानने के इच्छुक किशोरमति छात्रों तथा अन्य प्रारंभिक अध्येताओं को यह पुस्तक यदि कुछ भी उपयोगी हो सकी तो मैं अपना प्रयत्न सफल समझूँगा।
Vaishwik Prem Kahaniyan
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: Book
Chhattisgarh Ki Mahan Vibhootiyan
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: छत्तीसगढ़ प्रदेश अपने विशिष्ट संस्कृति, आर्थिक व भौगोलिक विरासत के लिए जाना जाता है। जैसाकि नाम से ही स्पष्ट है, छत्तीसगढ़ में आजादी से पहले अनेक रियासतें विद्यमान थीं। बाद में सभी भारत गणतंत्र के साथ मिल गईं । उनकी तरह-तरह की संस्कृतियों की खुशबू आज भी प्रदेश में स्थान-स्थान पर अनुभव की जा सकती है। राजा-महाराजाओं से लेकर तीजनबाई जैसे सांस्कृतिक कलाकारों तक और खिलाड़ियों से लेकर राजनेताओं और पत्रकार-लेखकों तक--छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं और विभूतियों का अंबार है, जिन्होंने देश में ही नहीं विदेश तक भारत धरा का नाम रोशन किया। प्रस्तुत पुस्तक में छत्तीसगढ़ की ऐसी ही कुछ विभूतियों का जीवन-वृत्त उद्घाटित किया गया है, जो आज भी स्थानीय लोगों के प्रेरणा का स्रोत हैं ।
Song of The Trinity: The Rise of Kali
- Author Name:
Vadhan
- Rating:
- Book Type:

- Description: There is an end coming; to all things. Kali, the Lord of Kaliyug, languishing in an impregnable prison, is devising a terrible revenge. In the age of deceit and treachery, his vassals are exploiting every flaw and weakness to break their liege out of captivity. The worlds are destroyed, villains resurrected, and mortals and Gods are annihilated, all of it just so Kali can rule over the universe. When he breaks loose, nothing can stop the end of days. The Gods are struggling to stop their infighting and to build an alliance to face the ancient peril. A handful of bravehearts including a cursed warrior, a one-of-a-kind Demi-God, a raging sage, and an extraterrestrial orphan are all that stand between the unspeakable evil and the existence of the universe. Hopelessly outnumbered, can they stop a nemesis that can kill them by merely glaring at them? The time is nigh! Stand your ground! Kaliyug is about to take us down!
UPTET Uttar Pradesh Shikshak Patrata Pareeksha Ganit/Vigyan (Maths & Science Paper-2 Class : 6-8) 15 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhartiya Rangkosh : Vol. 2
- Author Name:
Pratibha Agarwal
- Book Type:

-
Description:
नाटक और रंगकर्म की सन्दर्भ सामग्री के रूप में यह रंगकोश एक नई पहल है। इसके पहले खंड में हिन्दी में मंचित नाटकों का इतिहास संकलित है। कब किसने किस नाटक को निर्देशित किया, नाटक किसका लिखा हुआ है, और उसे किस दल ने मंच पर उतारा आदि-आदि ब्यौरों से सम्बन्धित यह कोश सहज ही हमें नाट्य-लेखन और रंगकर्म के इतिहास में भी ले जाता है, और यह भी बताता है कि हिन्दी में लिखित और मंचित नाटकों की वास्तव में एक बड़ी दुनिया रही है।
इस दूसरे खंड में उन रंग-व्यक्तित्वों के बारे में जानकारियाँ दी गई हैं जिनका गहरा रिश्ता हिन्दी रंगमंच से रहा है। इनमें नाटककला, निर्देशक, अभिनेता, संगीत-सर्जक, मंच-प्रकाश-परिधान परिकल्पक आदि के साथ-साथ प्रेरक व्यक्तित्वों का परिचय भी अकारादिक्रम से दिया गया है। उन दूसरी भाषाओं के नाटककारों को भी इसमें शामिल किया गया है, जिनके अनूदित नाटक हिन्दी में लोकप्रिय रहे हैं। इस प्रकार कुल लगभग चार सौ रंग-व्यक्तित्वों की प्रविष्टियाँ इस कोश में शामिल हैं।
हिन्दी के रंगमंच से जुड़ी शख़्सियतों को सूचीबद्ध करना, उनमें से इन महत्त्वपूर्ण लोगों का चयन करना और फिर जम्मू से कोलकाता तक के व्यापक क्षेत्र में, विभिन्न नगरों में सक्रिय रंगकर्मियों के बारे में सूचनाएँ एकत्र करना बहुत ही कठिन कार्य था।
सम्पादक के सराहनीय परिश्रम और मेधा को इस पुस्तक से गुज़रते हुए सहज ही लक्षित किया जा सकता है। निश्चित रूप से यह रंगकोश हिन्दी रंगकर्म की दुनिया में एक मील का पत्थर है।
CUET (PG) Common University Entrance Test (Postgraduate)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Best of Omprakash Aditya
- Author Name:
Omprakash Aditya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Batla House (Hindi Translation)
- Author Name:
Karnal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aadhunik Hindi Proyog Kosh
- Author Name:
Badrinath Kapoor
- Book Type:

-
Description:
भाषा शब्दों से बनती है। शब्दों के बारे में जानकारी व्याकरण देता है और उनके अर्थों का विवरण कोश प्रस्तुत करता है। इस प्रकार भाषा को जानने-समझने के लिए व्याकरण और कोश दो आधार माने जाते हैं। लेकिन भाषा का एक तीसरा महत्त्वपूर्ण आधार भी है—प्रयोग।
भाषा के स्वाभाविक विकास की प्रक्रिया में नए-नए सन्दर्भों के अनुरूप नए-नए प्रयोग चलते रहते हैं। प्रयोगों से भाषा की प्रभावकता और क्षमता में वृद्धि होती है। इनकी महत्ता इस तथ्य में निहित है कि बहुधा ये व्याकरण और कोश को पीछे छोड़ जाते हैं।
प्रयोगों के फलस्वरूप ही नए-नए पदबन्ध और मुहावरे अस्तित्व में आते हैं। लेखक की लेखनी और वक्ता की वाणी को उनसे ऊर्जा मिलती है। उनके अर्थ अक्सर आप सामान्य कोशों में ढूँढ़ नहीं पाते, व्याकरण से वे सिद्ध नहीं होते, फिर भी वे मान्य और अपरिहार्य होते हैं। एक प्रामाणिक प्रयोग कोश की अनिवार्यता ऐसी ही स्थिति में सामने आती है। यह ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ इसी अभाव की पूर्ति की दिशा में पहला सार्थक प्रयास है।
सुप्रसिद्ध कोशकार डॉ. बदरीनाथ कपूर द्वारा प्रस्तुत ‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ उनकी दीर्घकालीन श्रम-साधना का सुफल है। इसमें ऐसे तमाम प्रयोगों के बारे में उदाहरणसहित जानकारी दी गई है जो हिन्दी में प्रचलित और मान्य हैं। आधुनिक प्रयोग इसमें ऐसे हैं जो अभी तक अन्य कोशों में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाए हैं।
‘आधुनिक हिन्दी प्रयोग कोश’ में इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि यह समान रूप से भाषा के प्रति जागरूक पाठकों, लेखकों, पत्रकारों, शिक्षकों और छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध हो।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book