Savdhan! Cigarette Pina Mana Hai
Author:
Mahesh Dutt SharmaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 120
₹
150
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789352669646
Pages: 128
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
FCI Non-Executive (Junior Engineer, Steno Evam Assistant Grade-III) Bharti Pareeksha Phase-I
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Deepak Jalana Hi Bhata Rahe
- Author Name:
Ram Kinkar Singh
- Book Type:

- Description: किंकर की कविताओं का यह अद्भुत संकलन अत्यधिक रोचक एवं उपयोगी है। कविताएँ न केवल जीवन का दर्शन प्रस्तुत करती हैं, अपितु प्रेरणादायक भी हैं। जहाँ एक ओर इन कविताओं के माध्यम से विशुद्ध प्रेम का निवेदन है, वहीं दूसरी ओर हार को कभी न स्वीकारने का संकल्प भी है। मनुष्य अपना मार्ग किस प्रकार प्रशस्त करे, इसका विवरण पथिक कविता में सुचारु रूप से किया गया है। कवि ने प्रकृति के माध्यम से ईश्वर के बोध का सजीव प्रस्तुतीकरण प्रकृति और ईश्वर कविता में प्रस्तुत किया है। राम किंकर सिंह की कविताएँ अवसर और परिश्रम के सराहनीय उद्देश्य को लेकर सोचने के लिए प्रेरित करनेवाली हैं। जीवन में हर महत्त्वपूर्ण बिंदु को इस तरह स्पर्श करती हैं, जिससे सभी पल जीवंत हो उठें। —अनिल स्वरूप आई.ए.एस. (अ.प्रा.) पूर्व सचिव, भारत सरकार लेखक और विचारक
Vyatha Kahe Panchali
- Author Name:
Urvashi Agrawal "Urvi"
- Book Type:

- Description: पाँच पिया स्वीकारे क्यूँ थे। खुद ही भाग बिगाड़े क्यूँ थे। काश विशेधी हो जाती मैं। थोड़ा क्रोधी हो जाती मैं। काश न मेरे हिस्से होते। शुरू नहीं फिर किस्से होते। काश वर्ण को वर लेती मैं। वाणी वश में कर लेती मैं। कर्ण अगर ना होता शायद। तो संग्राम न होता शायद। दुःशासन मतिमंद न होता। रिश्तों में फिर द्वंद न होता। जो दुर्योधन क्रुद्ध न होता। तो शायद ये युद्ध न होत। यूँ ना काश विभाजन होता। अर्जुन ही बस साजन होता। खुले अगर ये बाल न होते। श्वेत् पृष्ठ फिर लाल न होते यदि मेरा अपमान न होता। गिद्धों का जलपान न होता। मौन अगर गुरुदेव न होते। रण आँगन में प्राण न खोते। काश सत्य का साथ निभाते। और बड़े भी कुछ कह पाते। सत्य यही जो समर न होता। कुरुक्षेत्र फिर अमर न होता। नारी का अपमान न होता। कुरुक्षेत्र शमशान न होता।
Samanya Buddhi Evam Tarkik Yogyata - Verbal & Non-Verbal Reasoning (General Intelligence & Logical Ability Hindi)
- Author Name:
R.K. Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokbharti Rajbhasha Shabd Kosh (Hindi-English)
- Author Name:
Hardev Bahari
- Book Type:

-
Description:
इस शब्दकोश की विशेषता है कि इसमें केन्द्रीय और प्रादेशिक राज्यों द्वारा प्रयुक्त या प्रयुक्तव्य शब्दों और प्रयोगों का भरपूर संकलन है। वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग एवं अन्य सरकारी विभागों द्वारा स्वीकृत शब्दावली है। बहुआर्थिक शब्दों के अर्थों का अलग-अलग संख्या देकर स्पष्टीकरण भी किया गया है। उपसर्गों और प्रत्ययों का सोदाहरण कोश के कलेवर में संकलन है।
निस्सन्देह यह कोश सरकारी काम करनेवालों के लिए और सरकार से पत्राचार करनेवालों के लिए उपयोगी है।
Jawahar Navodaya Book for Class 6 JNV Entrance Solved Papers (2003-2023) Book 2024
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RRB Railway Samanya Vigyan NTPC, LEVEL-I Posts Bharti Pariksha-2021
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Neurotherapy Dwara Swastha Jeevan
- Author Name:
Ramgopal Dixit
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
GS SCORE Concept Mapping Workbook History Vol-1 Ancient & Medieval History And Art & Culture
- Author Name:
Manoj K. Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
IBPS RRBs Samanya Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Route to Oral Literature
- Author Name:
Anvita Abbi
- Book Type:

- Description: The 13 scholarly papers included in this volume testify to the management of various genres of oral literature and culture, reflecting the initial points of interaction with the environment and geographic space occupied by the speakers. The presentations address issues related to history, identity, indigeneity, ideology, belief, and nativism, focusing on the myths, legends, tales, songs, birds, lullabies, proverbs, riddles, and games of Northeast India. The exploration of oral literature reveals the deep connection between these forms and the region's natural habitat, a bond that surpasses political divisions and artificial barriers.
Super Cracker Series NTA CUET (UG) Bhautik Vigyan (CUET Physics in Hindi 2022)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Police Aur Samaj
- Author Name:
S. Akhilesh
- Book Type:

- Description: डॉ. एस. अखिलेश द्वारा लिखी गई यह पुस्तक ‘पुलिस और समाज’ एक अनूठी पुस्तक है। यह पुस्तक पुलिस अनुसन्धान एवं विकास ब्यूरो, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समस्त देश की पुलिस प्रशिक्षण-शालाओं के लिए अनुशंसित पाठ्यक्रम के अनुरूप है। इस पुस्तक की रचना के सम्बन्ध में लेखक की विषय पर पकड़, मौलिक विचार और वैज्ञानिक विश्लेषण प्रशंसनीय है। पुस्तक के सत्रह अध्याय इस प्रकार हैं : ‘राष्ट्रीय स्वतंत्रता-आन्दोलन’, ‘प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं का योगदान’, ‘संविधान की प्रमुख विशेषताएँ’, ‘मौलिक अधिकार : कर्तव्य एवं नीति-निर्देशक सिद्धान्त’, ‘स्वाधीन भारत में राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन और उनका पुलिस पर प्रभाव’, ‘समाज के दुर्बल वर्ग के लोगों का उत्थान’, ‘राजनीतिक दलों का संगठन एवं उनकी विचारधाराएँ’, ‘राष्ट्रीय एकीकरण’, ‘प्रमुख सामाजिक समस्याएँ’, ‘प्रमुख तात्कालिक घटनाएँ’, ‘मानव व्यवहार’, ‘पुलिस की छवि’, ‘लोक-सम्पर्क एवं लोक-सम्पर्क अधिकारी’, ‘पुलिस-आचरण के सिद्धान्त एवं दृष्टिकोण’, ‘पुलिस का व्यवहार’, ‘नीति और नैतिकता’, ‘शिष्टाचार’, ‘नागरिक अधिकार एवं स्वतंत्रताएँ’। निस्सन्देह, अपने विषय उद्देश्य में एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण कृति।
AYODHYA KA ITIHAS
- Author Name:
Rai Bahadur Lala Sitaram
- Book Type:

- Description: लाला सीताराम ने 1932 में अयोध्या का इतिहास लिखा था। इनके पूर्वज राम के अनन्य भक्त थे। इसलिए जौनपुर छोड़ अयोध्या नगरी में बस गए थे। लाला सीताराम ने अयोध्या में अपने घर के एक कमरे में रामायण मंदिर भी बना रखा था। यहाँ रहते हुए उन्होंने ‘अयोध्या का इतिहास’ लिखना प्रारंभ किया। वेद से लेकर पुराणों में अयोध्या का उल्लेख तो मिलता है लेकिन अयोध्या के इतिहास पर कोई समग्र दृष्टि डालती पुस्तक का अभाव लगातार उन्हें यह इतिहास लिखने के लिए प्रेरित करता रहा। लाला सीताराम ने गहन शोध कर वेद काल से लेकर ब्रिटिश काल के अयोध्या पर प्रकाश डाला है। अयोध्या न सिर्फ हिंदुओं का एक पवित्रतम तीर्थ है वरन् जैन, बौद्ध और सिख के लिए भी उतना ही पावन और श्रद्धा का केंद्र है।
Vishva Ke Mahan Bhashan
- Author Name:
Ed. Sushil Kapoor
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shakespeare Ki Baal Kahaniyan (Hindi Translation of Tales from Shakespeare)
- Author Name:
Charles Lamb +1
- Book Type:

- Description: सन 1807 में विलियम गुडविन द्वारा मैरी लैंब एवं उनके छोटे भाई चाल्र्स लैंब से शेक्सपियर के सर्वाधिक लोकप्रिय नाटकों को सरल भाषा में रूपांतरित करने का अनुरोध किया गया था, ताकि बच्चे उन्हें आसानी से समझ सकें। युवा पाठकों, विशेषतया लड़कियों से, जो उस समय पुस्तकालयों में पहुँच पाने में असमर्थ थीं, के साथ शेक्सपियर का पहली बार परिचय कराने के उददेश्य से इन कहानियों को लिखा गया था। चाल्र्स एवं मैरी ने शेक्सपियर के सर्वाधिक लोकप्रिय बीस नाटकों का चयन किया और उन्हें लघुकथाओं के रूप में पुन: लिखा। उनके लेखन का परिणाम ‘शेक्सपियर की बाल कहानियाँ’ के रूप में सामने आया है, जो अत्यंत रोचक है। विश्व के महानतम नाटककार की कृतियों में आनंद, आमोद-प्रमोद एवं अभिनय का अदभुत संगम है।
News Girl (Hindi Translation of Garbage Beats)
- Author Name:
Richa Lakhera
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Teen Pairon Wala
- Author Name:
Vijay Kumar
- Book Type:

- Description: अंदर जश्न हो रहा था बहुत शोर मच रहा था नाच-गजाना भी हो रहा था लोग खा-पीकर मस्त थे। तभी दरवाजे पर एक आवाज आई- दस पैसे या रोटी दे दो दो दिनों का भूखा हूँ। तभी अंदर से चीख निकली- चल, जा आगे! आजादी के पचास साल का जश्न है इसी में सब मग्न हैं।
Rishton ki Chhatri
- Author Name:
Man Mohan Bhatia
- Book Type:

- Description: दिल की बेचैनी ने आज जल्दी जगा दिया। श्रीमती जी अपनी खूबसूरती लिए आराम से सो रहीं थी, मैं उठ कर बाहर आ गया। अख़बार वाला आज जल्दी अख़बार रख गया था। अख़बार उठाया तो वो दूर से टाटा करता हुआ नज़र आया। चेहरे पर ख़ुद-ब-ख़ुद एक मुस्कान ठहर गई।अख़बार पढ़ तैयार हुआ, तब तक पत्नी ने गरम चाय, अपने नरम होठों के साथ पीला दी। दफ्तर तक जाने में किए ऑटो-वाले ने, आज फिर कोई मज़ेदार किस्सा सुनाया, दिल खुश हो गया। ऑफ़िस का दिन भी सह-कर्मियों के साथ हँसी-मज़ाक में निकल गया। सालों से इनके साथ रिश्ता घर-सा हो गया है।वापसी में पत्नी जी के लिए एक खास गजरा लिया, जो फूलवाले ने आदत में डाल दिया है। बच्चों के लिए फल ले लिए। ज़िन्दगी कुछ ऐसे ही चलती जा रही है।बेमौसम बरसात हो गयी, छतरी थी नहीं, भीग गए। घर पहुँचे, तो सब ने घेर लिया, लगे ‘हाल’ पूछने। कपड़े बदल सोफे पर बैठा, तो चाय के साथ पकोड़े तैयार थे। बिना बोले श्रीमती जी ने सर दबाना शुरू कर दिया और बच्चों ने पाँव। सबको यों पास देख, दिल को सुकून मिला, लगा जैसे जिंदगी की धुप-छाँव, इन सभी रिश्तों की छतरी तले आराम से निकल जाएगी। रात, हमसफ़र के साथ, एक-दूसरे की बाहों में सिमट, चैन से सो गया।
Gyaneshwari Prasad
- Author Name:
Suresh ‘Bhayyaji’ Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book