Farfando Reminiscence
Author:
Dr. Kirti KalePublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Available
डॉ. कीर्ति काले ने पद्य के क्षेत्र में अपने गीतों से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। अब गद्य के क्षेत्र में उनका अश्वमेध यज्ञ अबाध गति से चल रहा है। गत वर्ष उनका व्यंग्य संग्रह 'ओरत्तिरेकी' चर्चा में रहा और यह वर्ष जाते-जाते उनका यह संस्मरण-संग्रह 'फरफंदो ' शिष्ट गद्य की एक विशिष्ट कृति के रूप में आया है।आत्मीय भाषा और चित्रोपम शैली में उनके संस्मरण हृदयस्पर्शी और रोचक हैं। यह सिद्ध करता है कि बचपन सारे जीवन भर आच्छादित रहता है। खट्टा, मीठा, कसैला या कैसा भी बचपन रहा हो, जीवनभर प्रभावित करता है।
कीर्ति कालेजी के जीवन संपर्क में आए अनगिनत चेहरों में कुछ को उन्होंने लेखनीबद्ध किया है। इस खूबसूरती से किया है, मानो पाठक उनमें अपनत्व खोज पाता है।
संस्मरण विधा आत्म-मंथन कौ विधा है, सत्य लेखन की विधा है। लेखिका ने अपने सत्य का उद्घाटन करते हुए ऐसे संस्मरण दिए हैं, जिनके साथ पठनीयता एवं विश्वसनीयता जुड़ी है।
आप पढ़ते जाइए और जुड़ते जाइए।
—डॉ. हरीश नवल
प्रख्यात लेखक एवं पूर्व प्राध्यपक
ISBN: 9789392013072
Pages: 192
Avg Reading Time: 8 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
UPSSSC PET PARIKSHA SAMUH-G (20 PRCT SETS)-NEW
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
GS SCORE Concept Mapping Workbook History Vol-2 Modern History
- Author Name:
Manoj K. Jha
- Rating:
- Book Type:

- Description: —Public Service Examinations across the Board in India offers immense opportunity for young talent to secure not only employment at prestigious positions but also gives them the chance to serve the nation in various capacities. —These examinations are of a highly diverse nature as they test the candidates on diverse subjects, further spanning multiple dimensions largely the subjects related to Polity, Economy, History, Geography, Science and Technology, environmental sciences and miscellaneous topics like sports, awards and other events of national and international importance. —All of this demand not only to study of these varied subjects but also practice in tackling the questions which are asked in the examination. Highlights of the Book Approach towards the subject —The book introduces you to the subject and the way in which this subject should be approached in order to score maximum. Micro Detailing of the Syllabus—The entire UPSC CSE syllabus has been clubbed into broad themes and each theme will be covered with the help of MCQs. Chronological Arrangement of Theme Based Questions—The various identified themes are arranged chronologically so that the entire Syllabus of a subject is roped in a logical line. Last Minute Concept Revision—The end of the book contains the summary of important concepts related to the subject which can be used as your effective revision notes. About GS SCORE—GS SCORE has been home to numerous toppers of UPSC's prestigious Civil Services Examination. Learning at GS SCORE is driven by two predominant objectives i.e. excellence and empowerment.
ANM Prashikshan Chayan Pariksha (Auxiliary Nurse Midwife Entrance Exam Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BSF Seema Surksha Bal Constable Tradesman (Mahila Evam Purush) Bharti Pariksha 20 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SUDHA OM DHINGRA KI KAHANIYON ME NIHIT TATHA ABHIVYAKT SAMASYAEN
- Author Name:
Nidhiraj Bhadana +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: प्रवासी कहानीकार डाॅ सुधा ओम ढींगरा की कहानियों पर यह दो शोध कार्य हैं जो निधिराज भडाना तथा रेशू पाण्डेय ने किये हैं।
The Hidden Hindu "द हिडन हिंदू" (Hardcover)
- Author Name:
Akshat Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kendriya Vidyalaya Sangathan KVS PRT Prathamik Shikshak Chayan Pariksha 15 Practice Sets (KVS Primary Teacher 2023 Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Matribhoomi
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: इसका रचना-काल द्वितीय महायुद्ध का अंतिम काल है, जबकि मानव संहार के पीड़ित समाचारों को पढ़कर आचार्यजी का हृदय हाहाकार कर रहा था। युद्ध के दिन थे, सब चीजें बेहद महँगी और दुर्लभ हो रही थीं। लिखने के लिए कागज और जलाने के लिए मिट्टी का तेल भी उन्हें मुश्किल से मिलता था। उन दिनों हमारे मकान में बिजली नहीं थी। टीन की छत के तीन कमरे और फूँस का एक गोल छप्पर ही हम शाहदरे की भूमि में बना पाए थे। उसी छप्पर में बैठकर रात को मिट्टी का दिया जलाकर उन्होंने इन उपन्यास का आरंभ किया था।
NCERT Objective Bharat Ka Itihas, Kala Evam Sanskriti (History of India, Art & Culture) for UPSC, State PSCs and Other Competitive Exams
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC (Bihar Public Service Commission) General Studies Combined (Preliminary) Competitive Examination 20 Practice Sets (Including 68th Solved Question Paper)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Maharani (Hindi Translation Of Maharani)
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: वास्तव में नीना दूसरी महारानी थी। पहली की मृत्यु रहस्यमय हालात में हुई। मैं पहली रानी से कभी नहीं मिला। उस वक्त मैं एक छोटा लड़का था; लेकिन मैंने माँ और उनकी सहेली डोरीन को अकसर उनके बारे में, खासतौर पर कम उम्र में उनकी मौत पर अटकलें लगाते सुना था। वह एक खूबसूरत लड़की थी, जो एक छोटी सी पहाड़ी रियासत के राजा की बेटी थी। उसने अपने पति को वारिस के तौर पर एक बेटा दिया, इसलिए उस लिहाज से तो उससे कोई शिकायत नहीं हो सकती थी। हालाँकि वह सबके साथ घुलने-मिलनेवाली और बिंदास नहीं थी। उसे पार्टी करना पसंद नहीं था, शिकार पर जाना तो बिल्कुल भी नहीं; जबकि महाराजा को इन सबका शौक था। वे अपने चेले-चमचों को लेकर शिकार पर चले जाते, लेकिन महारानी घर पर ही रहना पसंद करती थी। --इसी उपन्यास से एच.एच. मस्तीपुर के महाराजा की एक बिगड़ैल, स्वार्थी और सुंदर विधवा है। वह मसूरी में अपने कुत्तों और चौकीदार हंस के साथ एक बहुत बड़े घर में रहती है। अपने बेपरवाह बेटों को पास फटकने नहीं देती, जो उसकी संपत्ति पर नजरें गड़ाए रहते हैं । उसका दोस्त रस्किन उसके कारनामों को अकसर नापसंदगी से देखता है, लेकिन चाहकर भी अपने आपको उससे अलग नहीं कर पाता। ऐसी बिगड़ैल महारानी की कथा, जो पाठकों की जीवन-दृष्टि ही बदल देगी।
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Samajik Vigyan Practice MCQs (MPTET Social Science Practice Sets)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Ultimate Cheatsheet On Goal Setting
- Author Name:
Kunal Sachdeva
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have description
Stree Rog Gyan
- Author Name:
Dr. Shanti Roy, Dr. Alka Pandey, Dr. Himanshu Roy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Siri Gita Jee Cho Mahema
- Author Name:
Ramsingh Thakur
- Book Type:

-
Description:
सिरी गिता जी चो महेमा के ए किताप भितरे भाइगमानी सिरी ठाकुर साहेब इतरो सुँदर साँगलासोत की एके पढ़तो लोग एक हार पढ़ुक मुरयाला बल्ले हुन मन के किताप के छाँडुक नीं भायदे। मोके बिस्वास आसे की एके सब झन खुबे मन करदे आउर आपलो सँगे-सँगे आपलो घर-गाँव चो लोग मन के बले पढ़तो काजे साँगदे-बलदे। एचो सँगे-सँगे जे लोग पढ़ुक नीं सकोत नाहले नीं जानोत, असन मन के पढ़ुन भाती साँगतो बले पढ़लो-गुनलो लोग चो धरम आय। तेबेय ए किताप भितरे साँगलो गियान चो गोठ गुलाय बाटे बिगरेदे। फुल चो सुँदर बास असन गुलाय माहकेदे।
—हरिहर वैष्णव
Len-Den
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: कहते हैं कि राजा वीरबाहु के किसी पूर्व पुरुष ने किसी युद्ध में विजयी होकर बरुई नदी के तट पर इस मंदिर की स्थापना की थी और बाद में केवल इसी के आश्रय से धीरे-धीरे चंडीगढ़ गाँव तैयार हो गया। शायद किसी दिन वास्तव में ही यह गाँव देवोत्तर संपत्ति में ही गिना जाता था, किंतु अब तो मंदिर से सटी हुई केवल कुछ ही बीघे जमीन को छोड़कर बाकी सारी मनुष्यों ने छीन ली है। इन दिनों यह गाँव बीजगाँव की जमींदारी में शामिल है। किस प्रकार और किस दुर्जेय रहस्यपूर्ण उपाय से अनाथ और अशक्त की संपत्ति अर्थात् असहाय देवता का धन अंत में जमींदार के उदर में आकर सुस्थिर बन गया, उसकी कहानी साधारण पाठकों के लिए निष्प्रयोजन है।
UP TGT Hindi 14 Practice Sets Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Sewa Chayan Board (UPSESSB TGT Hindi Practice Book)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Paap Aur Punya
- Author Name:
Guru Datt
- Book Type:

- Description: "यशस्वी रचनाकार स्व. गुरुदत्त ने रसायन विज्ञान (कैमिस्ट्री) में एम.एस-सी. करने के पश्चात् आयुर्वेद का ज्ञान प्राप्त किया, साथ-ही-साथ भारतीय आर्षषष ग्रंथों का गहन अध्ययन किया। उन्होंने अपने पाठकों को अपने उपन्यासों के पात्रों के माध्यम से इन ग्रंथों का ज्ञान अत्यंत रुचिकर ढंग से दिया। प्रस्तुत उपन्यास 'पाप और पुण्य' की पात्र श्रीमद्भगवद्गीता के संदर्भ से पाप और पुण्य को परिभाषित करती है। वह समझाती है कि कुछ कार्य पाप नहीं होते, परंतु कानून की दृष्टि में अपराध होते हैं । इसी प्रकार कई कार्य कानून की दृष्टि में अपराध न होते हुए भी पाप होते हैं। ऐसा क्यों है ? यही इस उपन्यास का विषय है। रोचकता से भरपूर कथा वर्तमान कानून व्यवस्था पर करारी चोट करती है। लेखक अपने इस पठनीय उपन्यास के पात्रों के माध्यम से हमें उस राह पर चलने का परामर्श देते हैं, जो न पापमय हों और न ही वर्तमान कानून की दृष्टि में अपराध हों। उपन्यास की तेज गति पाठक को बाँधकर रखती है और वह इसे आरंभ कर समाप्त किए बिना नहीं छोड़ सकता । --पद्मेश दत्त
Hridaya Ki Parakh
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: चैत्र मास का अंतिम दौर चल रहा था। वसंत का यौवन चतुर्दिक बिखरी हरीतिमा के अंग-प्रत्यंगों से फूट चला था। संध्या का समय था। चंद्रमा कभी बादलों के आवरण में मुँह छिपाता और कभी स्वच्छ नीलाकाश में खुले मुँह अठखेलियाँ सी करता फिरता। मैं भोजन के उपरांत अपने अनन्य मित्र बाबू सूर्यप्रताप के साथ अपने मकान की छत पर घूम-घूमकर इस दृश्य का आनंद लूट रहा था। मन उस समय इतना प्रफुल्ल था, किंतु मेरे मित्र के मन में सुख नहीं था। क्योंकि जब मैंने हँसकर सुंदर चंद्रमा की चपलता पर एक व्यंग्य छोड़ा, तो उन्होंने प्रशांत तारकहीन नीलाकाश की ओर हाथ फैलाकर उदास मुख, गंभीर वाणी और कंपित स्वर में कहा, “इस अस्थिर और श्रुद्र चंद्रमा की चपलता से अनुरंजित कहीं इस अनंत गांभीर्य की अमूर्त मूर्ति को मत भूल जाना।"
Akshar Katha
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

-
Description:
प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में जब नगरों की स्थापना होने लगती है, पहली बार लिपियाँ तभी जन्म लेती दिखाई देती हैं। यह कोई छह हजार साल पहले की बात है।
वर्णमालात्मक लिपियाँ ई.पू. दसवीं सदी के आस-पास पहली बार सामने आती हैं। तब से आज तक लिपियों का विशेष विकास नहीं हुआ। बहुत-सी पुरालिपियाँ मर गईं, उनका ज्ञान भी लुप्त हो गया। पिछले क़रीब दो सौ वर्षों में संसार के अनेक पुरालिपिविदों ने पुनः उन पुरालिपियों का उद्घाटन किया है।
इस ग्रन्थ में गुणाकर जी ने मुख्यतः संसार की प्रमुख पुरालिपियों की जानकारी दी है। पाठक इससे जान जाएँगे कि किस देश में कौन-सी लिपि का अस्तित्व था, उसका स्वरूप कैसा था, उसके संकेत या अक्षर कैसे थे और आधुनिक काल में उन पुरालिपियों का उद्घाटन कैसे हुआ। पुस्तक के दूसरे खंड में भारतीय लिपियों की जानकारी है। आरम्भ में सिन्धु लिपि (अज्ञात) तथा खरोष्ठी लिपि का विवरण है। फिर ब्राह्मी लिपि के उद्भव तथा विकास के बारे में यथासम्भव पूरी जानकारी दी गई है। पुस्तक का परिशिष्ट संसार के प्रमुख भाषा-परिवारों पर केन्द्रित है। भाषा सम्बन्धी जिज्ञासु पाठकों और छात्रों के लिए प्रामाणिक तथ्यों, चित्रों और तालिकाओं से समृद्ध यह पुस्तक निश्चित रूप से उपादेय होगी।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book