English Made Easy
(0)
Author:
Subhash JainPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Academics-and-references₹
495
₹ 396 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
ENGLISH MADE EASY introduces basic concepts of grammar in a format that inspires the reader to use linguistic arguments. The target audience for the book is school students, ranging from introductory syntax to more advanced college-level material. For this reason, the book starts from the beginning and tries to make as few pictures as possible about linguistic notions. A student pursuing an academic course can easily comprehend the next and grasp the ideas if he is equipped with a good knowledge of the language and fares better in the examination.
Read moreAbout the Book
ENGLISH MADE EASY introduces basic concepts of grammar in a format that inspires the reader to use linguistic arguments. The target audience for the book is school students, ranging from introductory syntax to more advanced college-level material. For this reason, the book starts from the beginning and tries to make as few pictures as possible about linguistic notions. A student pursuing an academic course can easily comprehend the next and grasp the ideas if he is equipped with a good knowledge of the language and fares better in the examination.
Book Details
-
ISBN9789352660537
-
Pages720
-
Avg Reading Time24 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Rashtriya Aarakshan Neeti Aur Aligarh Muslim Vishwavidyalaya
- Author Name:
Ishwar Sharan Vishwakarma
- Book Type:

- Description: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से एक है, किंतु दुर्भाग्य से इसकी स्थापना से लेकर आज तक इस बात को लेकर विवाद है कि क्या यह अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान है? वास्तव में इसकी स्थापना से लेकर संविधान सभा, संसद और न्यायपालिका ने सदैव इस विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय स्वीकार किया; साथ ही इसके संस्थापकों ने भी इस बात को हमेशा माना कि यह देश के सभी वर्गो धर्मो के लिए बना है। इस पुस्तक की रचना के पीछे भी यही उद्देश्य है कि चूँकि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय भारत राष्ट्र की धरोहर है, अतः केंद्रीय विश्वविद्यालय होने के कारण इस विश्वविद्यालय में भी राष्ट्र आरक्षण नीति के तहत SC/ST/OBCs को आरक्षण मिले तथा राष्ट्र निर्माण तथा सामाजिक न्याय की प्रक्रिया में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में मिलनेवाला SC/ST/OBCs आरक्षण, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में भी मिले, यही इस पुस्तक का वैचारिक अधिष्ठान है।
Aao Chalen Mangal Ki Ore
- Author Name:
Alisha Satyarth +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Shikshak Bahali Itihas Bhag-1 (History) 15 Practice Sets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gita Ek Chikitskiya Drishtikon
- Author Name:
Dr. Shyam Sakha "Shyam"
- Book Type:

- Description: यूरोपियन उपनिवेशवादी गोरे लोगों के अलावा सबको उजड्ड समझते थे। उन्होंने एक सिद्धांत प्रतिपादित किया था कि ईश्वर ने उन्हें दुनिया को सभ्य बनाने का अधिकार सौंपा है। उन्होंने भारतीय ग्रंथों को कबीलाई धर्म के रूप में प्रचारित किया। इसलिए आरंभ में 'गीता' को भी एक धर्मग्रंथ बताया गया था, जबकि यह एक श्रेष्ठ आध्यात्मिक ग्रंथ ही नहीं, मनोविज्ञान की अद्भुत पुस्तक है, जिसे अब तो सारे संसार में मान लिया गया है और पश्चिमी लोग इसी के आधार पर mindfullness yoga का व्यापार कर करोड़ों डॉलर कमा रहे हैं। मानव मन की चंचल वृत्ति (संशय, द्वंद्व) को साधने, काबू करने की विधियों को योग कहा जाता है। इसमें सबसे गुह्य शिक्षा यह कि मनुष्य अपने गुण, कर्म, स्वभाव के विपरीत आचरण करने पर दु:ख प्राप्त करता है, अत: उसे अपने गुण-कर्म-स्वभाव को पहचानकर अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। मनुष्य का व्यक्तित्व त्रिगुण—सत्त्व, रजस एवं तमस पर आधारित होता है, इन्हीं गुणों के अनुसार हम सात्त्विक, राजसी एवं तामसिक व्यक्तित्व के स्वामी होते हैं। मानव जीवन के लिए आधार-ग्रंथ 'श्रीमद्भगवद्गीता' के मनोवैज्ञानिक एवं चिकित्सीय शास्त्र भी है, जो जीवन में बेहद उपयोगी एवं पठनीय है।
History of Indian English Literature
- Author Name:
M.K. Naik
- Rating:
- Book Type:

- Description: Indian English literature began as an interesting by-product of an eventful encounter in the late eighteenth cntury between a vigorous and enterprising Britain and a stagnant and chaotic India, and is now nealy twi hundred years old. It is literature written originally in English by authors Indian by birth, ancestry or nationality. It is no part of English literature any more than American literature or Australian lterature can be said to be branch of British literature. It is legitimatly a part of Indian literature, since its differntia is the expression in it of an Indian ethos.
Puratan Vigyan (Hindi)
- Author Name:
Pramod Bhargava
- Book Type:

- Description: भारतीय संस्कृति के दो विलक्षण पहलू हैं। एक, धर्म एवं अध्यात्म और दूसरा, आध्यत्मिक विज्ञान। विडंबना यह रही कि इन्हें वर्गीकृत करके परिभाषित नहीं किया गया। मिथक रूपी विधा ने इन्हें और जटिल बना दिया। लेकिन इसकी चिरंतरता और सफलता यह रही कि इसके तीनों रूप श्रुति और वाचन में सरलता के कारण आज अपने मूल रूप में सुरक्षित हैं। इनके रहस्यों को तकनीक के उत्तरोत्तर विकास ने प्रामाणिक साक्ष्यों में बदल दिया। अतएव नासा ने रामसेतु और समुद्र विज्ञानियों ने द्वारका व श्रीलंका के राम-रावण युद्ध में क्षतिग्रस्त हुए अवशेषों को खोज निकाला। सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने रामायण और महाभारत में उल्लिखित तिथियों की प्रामाणिकता सिद्ध कर दी। बहरहाल विज्ञान की अनेक उपलब्धियों के सूत्र हमारे धर्म ग्रंथों में यत्र-तत्र-सर्वत्र बिखरे पडे़ हैं। इस पुस्तक में इसी सनातन ज्ञान को चिरंतन बनाने की एक समन्वयवादी वैज्ञानिक पहल है। इसमें दिए अध्याय—‘हवा का भोजन कर जीवित रहीं अहल्या’, ‘बालक ध्रुव के तारा बनने का विज्ञान’, ‘हनुमान के उड़ने का विज्ञान’, ‘चौरासी लाख योनियों का विज्ञान’, ‘सूर्यरथ के एक चक्रीय होने का विज्ञान’, ‘कुंभ पर्व में स्नान का विज्ञान’, ‘तैरनेवाले पत्थरों का विज्ञान’, ‘भ्रूण प्रत्यारोपण से जनमे थे बलराम’, ‘रामायणों में विज्ञान’, ‘प्राचीन भारत में टीकाकरण’ एवं ‘प्राचीन मंदिरों में विज्ञान’ पुरातन विज्ञान की महत्ता को सिद्ध कर भारतीय ज्ञान चेतना का दिग्दर्शन कराते हैं।
1000 Media Prashnottari
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Matribhoomi
- Author Name:
Acharya Chatursen
- Book Type:

- Description: इसका रचना-काल द्वितीय महायुद्ध का अंतिम काल है, जबकि मानव संहार के पीड़ित समाचारों को पढ़कर आचार्यजी का हृदय हाहाकार कर रहा था। युद्ध के दिन थे, सब चीजें बेहद महँगी और दुर्लभ हो रही थीं। लिखने के लिए कागज और जलाने के लिए मिट्टी का तेल भी उन्हें मुश्किल से मिलता था। उन दिनों हमारे मकान में बिजली नहीं थी। टीन की छत के तीन कमरे और फूँस का एक गोल छप्पर ही हम शाहदरे की भूमि में बना पाए थे। उसी छप्पर में बैठकर रात को मिट्टी का दिया जलाकर उन्होंने इन उपन्यास का आरंभ किया था।
Main Madhobhai: Ek Pakistani Hindu
- Author Name:
Sanjay Rai Sherpuria
- Book Type:

- Description: में माधोभाई, एक पाकिस्तानी हिंदू' पुस्तक पाकिस्तान में वर्षों रहकर और विभिन्न प्रकार के दुःख-दर्द सहन करके आए हजारों प्रस्थापितों के एक प्रतिनिधि द्वारा कही गई एक हृदयद्रावक परिचर्चा है। यह दर्द सुनने के बाद, पुस्तक के लेखक संजय शेरपुरिया ने हिंदू प्रस्थापितों की इस बस्ती मजलिस पार्क को पूर्ण गाँव के रूप में स्थापित किया, हर तरह की सुविधाएँ उपलब्ध करवाईं, भूख और बेरोजगारी का इलाज किया। हिंदू भाई-बहनों की इस व्यथा-कथा को अपने शब्दों में समाज के समक्ष पहुँचाने का प्रयास किया। यह सिर्फ उन हिंदुओं की व्यथा ही नहीं जिन्होंने भयंकर उत्पीड़न सहा है, बल्कि सारे हिंदू समाज को व्यथित करनेवाली परिस्थितियाँ हैं । वहाँ बलात धर्म-परिवर्तन करवाया जा रहा है, हमारी श्रद्धा और आस्था के केंद्र मंदिरों-गुरुद्वारों को ध्वस्त किया जा रहा है, हमारी बहन, बहू- बेटियों की अस्मिता पर निरंतर कुदृष्टि पड़ रही है। इन वीभत्स और हृदयविदारक दृश्यों को हर हिंदू को जानना चाहिए, ताकि वे पाकिस्तान में नारकीय जीवन जी रहे हिंदू भाइयों के प्रति सहानुभूति रख सकें और उनके सम्मानजनक भविष्य को सुनिश्चित करने में किंचित् योगदान भी कर सकें |
Bihar Vastunisth (7500+ vastunisth Questions in Hindi
- Author Name:
Dr. Manish Rannjan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SANTON KE PRERAK PRASANG
- Author Name:
Surendra Singh Negi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shrikant (Vol.-1)
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: अपने इस खानाबदोश से जीवन की ढलती हुई बेला में खड़े होकर इसी का अध्याय जब कहने बैठा हूँ तो जाने कितनी ही बातें याद आती हैं। छुटपन से इसी तरह तो बूढ़ा हुआ। अपने-बिराने सबके मुँह से लगातार छिह-छिह सुनते-सुनते आप भी अपने जीवन को एक बहुत बड़ी छिह-छिह के सिवाय और कुछ नहीं सोच सका, लेकिन जिंदगी के प्रात:काल ही में छिह-छिह कौ यह लंबी भूमिका कैसे अंकित हो रही थी, काफी समय के बाद आज उन भूली-बिसरी कहानियों कौ माला पिरोते हुए अचानक ऐसा लगता है कि इस छिह-छिह को लोगों ने जितनी बड़ी करके दिखाया, वास्तव में उतनी बड़ी नहीं थी। जी में होता है, भगवान् जिसे अपनी विचित्र सृष्टि के ठीक बीच में खींचते हैं, उसे अच्छा लड़का बनकर इम्तहान पास करने की सुविधा भी नहीं देते; गाड़ी-पालकी पर सवार हो बहुत लोग, लश्कर के साथ घूमने और उसे “कहानी ' के नाम से छपाने की अभिरुचि भी नहीं देते। शायद हो कि थोड़ी-बहुत अकल उसे देते हैं, लेकिन विषयी लोग उसे सुबुद्धि नहीं कहते। इसलिए प्रवृत्ति ऐसों की ऐसी असंगत और बेतुकी होती है और देखने की वस्तु तथा तृष्णा स्वाभाविकतया ऐसी आवारा हो उठती है कि उसका वर्णन कौजिए तो सुधीजन शायद हँसते-हँसते बेहाल हो उठें। उसके बाद वह बिगड़े दिल लड़का अनादर और उपेक्षा से किस तरह बुरों के खिंचाव से बुरा होकर, धक्के खाकर, ठोकरें खाकर अनजाने ही एक दिन बदनामी की झोली कंधे से झुलाए कहाँ खिसक पड़ता है, काफी अरसे तक उसकी कोई खोज-खबर ही नहीं मिलती।
Saral Nibandh
- Author Name:
Shyam Chandra Kapoor
- Book Type:

- Description: निबंध लिखते हुए संकोच, भय और लज्जा त्याग देनी चाहिए। झिझकने तथा डरने से निबंध अच्छा नहीं बन पड़ता। निबंध-लेखक से यह आशा कोई नहीं करता कि वह जिस विषय पर निबंध लिख रहा है, उसके विषय में वह संपूर्ण तथ्यों को जानता ही हो। उससे तो केवल इतनी ही अपेक्षा की जाती है कि वह प्रस्तुत विषय के बारे में जो कुछ भी जानता है, उसे बिना छिपाये, संक्षेप में और सरलता से प्रकट कर दे। निबंध तो वास्तव में शुद्ध हृदय की विचार-तरंग ही है।
K.R. Malkani Hindu-Muslim Samvad (Hindi Translation of K.R. Malkani Hindu-Muslim Dialogue)
- Author Name:
Ed. Mahesh Chandra Sharma
- Book Type:

- Description: भारत विविधता का स्वागत करता है परंतु वहीं तक, जहाँ तक एकता होती हो। हम भारत, पाकिस्तान व बांग्लादेश के लोग पिछले 50 वर्षों के घावों को भरने में एक-दूसरे की मदद करें और गत शताब्दियों के ऐतिहासिक अनुभव के आधार पर हिंदुस्तान में जीवन का नया व प्रसन्नतादायक साँचा तैयार करें। दंगों के बारे में इतना शोर-शराबा मचा रहने के बावजूद अधिकांश समय मुसलमान व हिंदू शांति व सद्भाव के साथ रह रहे हैं। भारत व पाकिस्तान की तनातनी के बावजूद इनकी आपसी लड़ाई एक बार में 2 सप्ताह ज्यादा नहीं चली। (ईरान व इराक एक-दूसरे का 8 वर्षों की दीर्घावधि तक खून बहाते रहे।) यहाँ तक कि विभाजन के समय भी हरमंदिर साहब, अमृतसर में सर्वोत्तम गायक मुसलमान थे। जिन लोगों ने नागपुर में रा.स्व. संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार की समाधि बनाई, वे मुसलमान थे। अपनी सब विविधताओं के बावजूद हम सब हिंदुस्तान प्रायद्वीप के लोग एकजन हैं। यहाँ इस बात के साथ कोई फर्क नहीं पड़ता कि प्रायद्वीप में कितने राज्य हैं। हम शांति और सद्भाव से रह सकते हैं, अतः इसी तरह से रहना चाहिए । —इसी पुस्तक से
Lokbharti Rajbhasha Shabd Kosh (English-Hindi)
- Author Name:
Hardev Bahari
- Book Type:

-
Description:
l Comprehensive vocabulary of various subjects concerning Central and State Governments.
l Profuse and exact meanings of all vocables generally approved by the Scientific and Technical Terminology Commission and also by some Government agencies.
l Meanings of polysemantic words have been numbered.
l Prefixes and Suffixes with examples have been given in the body of the Dictionary.
This Dictionary apart from being an English-Hindi Dictionary would serve as an English-English-Hindi Dictionary also as it gives meanings of the words and their usages in English in most cases.
This Dictionary is useful for those engaged in Government offices and for those who have to deal with any Government agencies.
Asha (Hindi)
- Author Name:
Shri Bhuvendra Tyagi
- Book Type:

- Description: जब हर तरफ दहशत हो, मायूसी हो, लाचारी हो, तो नाउम्मीदी के अँधेरे चारों ओर उग ही आते हैं। तब जरूरत होती है नई आशा की, जो इन अँधेरों को दूर करके मनोबल बढ़ाए और हालात से जूझने का जज्बा दिलाए। ‘आशा’ संग्रह की कविताएँ इसी रोशनी और संबल के प्रसार के लिए हैं। अंग्रेजी के 46 कवियों की 51 कविताओं के अनुवाद का यह कविता संग्रह कोरोना-काल ही नहीं, तमाम विषम परिस्थितियों में एक सच्चे दोस्त और शुभचिंतक की तरह हौसला बनाए रखने की ताकत देनेवाला है। माया एंजेलो की कालजयी कविता ‘फिर भी उठूँगी मैं’, रुडयार्ड किपलिंग की ‘अगर’, कैटी ए. ब्राउन की ‘खुद से हार कभी मत मानो’, जॉयस अलकांतारा की ‘देखोगे नहीं मुझे कभी हारते’, हेनरी वर्ड्सवर्थ लॉन्गफेलो की ‘जीवन-मंत्र’, लैंग्स्टन ह्यूजेस की ‘अब भी जंग में डटा हुआ हूँ’, थॉमस हार्डी की ‘आशा का गीत’, मैक्स एरमन की बहुचर्चित कविता ‘मनोकामनाएँ’ (डेसिडराटा) और बर्टन ब्रैली की ‘चाह जीत की’ जैसी ओजस्वी कविताएँ किसी के भी मन से निराशा दूर करके आशा जगाने और किसी भी निरुत्साही को उत्साह और उमंग से भरकर जीवन को सुंदर बनाने में सक्षम हैं। ये आशा जाग्रत् करने के लिए सहज, सरल, शाश्वत, सार्वभौमिक और सर्वकालीन कविताएँ हैं।
PARINITA & BARI DIDI (PB)
- Author Name:
Sharat Chandra Chattopadhyaya
- Book Type:

- Description: विचारो में डूबे हुए गुरुचरण बाबू एकांत कमरे में बैठे थे। उनकी छोटी पुत्री ने आकर कहा, “बाबू! बाबू! माँ ने एक नन््ही सी बच्ची को जन्म दिया है।'' यह शुभ समाचार गुरुचरण बाबू के हृदय में तीर की भाँति समा गया, उसका चेहरा ऐसा सूख गया, मानो कोई बड़ा भारी अनिष्ट हो गया हो! यह पाँचवीं कन्या थी, जो बिना किसी बाधा के उत्पन्न हुई थी। गुरुचरण बाबू एक साधारण आदमी थे। वह केवल साठ रुपए मासिक वेतन के नौकर थे। उनकी दशा शोचनीय थी, जीवन शुष्क तथा नेत्रों में निराशा की झलक थी। शरीर दुर्बल, मरियल, टट्टू की भाँति था। देखने में ऐसा लगता था कि जान होते हुए भी बेजान हों। फिर ऐसी दशा में यह अशुभ समाचार सुनते ही उनका खून ही सूख गया और हाथ में हुक््का लिये हुए निर्जीव की भाँति, फटे-पुराने तकिए के सहारे लेट रहे। जान पड़ता है कि साँस लेने में भी उन्हें कष्ट हो रहा था। अन्नाकाली से यह शुभ समाचार सुनकर भी गुरुचरण बाबू कुछ नहीं बोले तो थोड़ी देर बाद वह उन्हें हिलाकर फिर कहने लगी, ““बाबूजी, मुन्नी को देखने न चलोगे ?!!
Gangaputra Bhishma
- Author Name:
Ankur Mishra
- Book Type:

- Description: देवव्रत से भीष्म की यात्रा मानव-मूल्यों की विस्तृत परंपरा का गान है। इस कृति में लेखक ने कालजयी योद्धा भीष्म के जीवन के कई अनछुए पहलुओं को स्पर्श किया है। आप जब पुस्तक पढ़ते हैं तो प्रतिपल भीष्म के साथ उनके जीवन की मानसिक यात्रा के साथी बन जाते हैं। प्रस्तुत पुस्तक को सिर्फ महाभारत के आख्यान हेतु नहीं पढ़ा जाना चाहिए, बल्कि तत्कालीन गुप्तचर व्यवस्था एवं समाज व्यवस्था की भी झलक इसमें मिलती है। यही वह समय था, जब धरा को श्रीकृष्ण के रूप में नया नायक मिला था। भीष्म की धर्म-निष्ठा एवं श्रीकृष्ण द्वारा प्रदत्त धर्म की सम्यक् व्याख्या हेतु भी पुस्तक को पढ़ा जाना चाहिए।
NTA (National Testing Agency) CUET (UG) Common University Entrance Test (Under-Graduate) 15 Practice Papers (English)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chalte-Chalte
- Author Name:
Suresh Chavhanke
- Book Type:

- Description: साक्षात्कार पत्रकारिता की महत्त्वपूर्ण विधा है। समाचार संकलन-विश्लेषण में भी इसकी सर्वाधिक प्रभावी भूमिका होती है। सुरेश चव्हाणके की साक्षात्कार कला-कौशल इस रूप में उल्लेखनीय है कि वे औपचारिक प्रश्न-उत्तर से अलग विषय को व्यापक विमर्श में ले जाते हैं। उनकी अपनी वैचारिकता और जमीन है। एक विशिष्ट शैली है। उसी शैली में भेंटदाता चाहे कोई हो, उसे अपनी जमीन पर ले जाने की कोशिश करते हैं। चव्हाणकेजी की अपनी पक्षधरता खुलकर सामने आती है। “चलते-चलते' सुरेशजी का लोकप्रिय इंटरव्यू शो है जिसमें शताधिक प्रमुख लोगों राष्ट्रीय नेता, केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सामाजिक-राजनीतिक-धार्मिक-सांस्कृतिक-शैक्षिक व्यक्तित्व और जीवन के विविध क्षेत्रों की विभूतियों के क्षात्कार बहुत लोकप्रिय हुए हैं। लाखों-करोड़ों में इसके टी.वी. और डिजिटल व्यूज हैं । इस पुस्तक में ग्यारह चयनित साक्षात्कार संकलित हैं। आशा है कि टी.वी., शल-डिजिटल माध्यमों की तरह पत्रकारिता-जनसंचार, समाज विज्ञान, राजनीति विज्ञान के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों के साथ सामान्य पाठक वर्ग में भी 'चलते-चलते' को पुस्तक के रूप में भी पसंद किया जाएगा।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book