Aakhiri Baazee
Author:
S. Hussain ZiadiPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
हर कहानी के दो पहलू होते हैं...
मुंबई में हुए 26/11 के आतंकी हमलों के ग्यारह साल बीत चुके थे, लेकिन उसके जख्म अब तक नहीं भरे थे। खास तौर पर पुलिस अधीक्षक विक्रांत सिंह के। आजकल राष्ट्रीय जाँच एजेंसी के साथ जुड़े, विक्रांत भारत के दौरे पर आए, पाकिस्तानी उच्चायुक्त जाकिर अब्दुल रऊफ खान से किसी तरह एक मुलाकात तय कर लेते हैं। जहाँ तक विक्रांत का दावा है, वह केवल खान से यह अपील करना चाहते हैं कि अपराधियों को पकड़ने की प्रक्रिया को तेज किया जाए, लेकिन मुलाकात का अंत उच्चायुक्त के मुँह पर पड़े एक मुक्के से होता है। इस बीच, भोपाल में, इंडियन मुजाहिदीन के पाँच सदस्य, जिन्हें विक्रांत ने मुंबई में आतंकवादी हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था, सेंट्रल जेल से भाग निकलते हैं। हाल ही में राजनयिक के साथ हुई झड़प के मामले में निलंबित विक्रांत से, भागे हुए आतंकियों का पता लगाने में, अनाधिकारिक रूप से मदद करने को कहा जाता है।
देश के एक दूसरे हिस्से में, एक रिटायर्ड प्रोफेसर, टूटे दिल वाला एक पूर्व सैनिक और अपनी ही मुसीबतों से घिरी एक युवती अपने बारे में गहराई से सोचने के लिए मुंबई से लक्षद्वीप जा रहे एक क्रूज लाइनर पर एक यात्रा पर निकल पड़ते हैं। हालाँकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, और क्रूज लाइनर को हाईजैक कर लिया जाता है। रहस्य, रोमांच, सस्पेंस, राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और ऐसे अनेक पहलूओं की अनूठा मिश्रण है यह पुस्तक जो पाठक को बाँधे रहेगी और फिल्म देखने का आनंद देगी।
मसालेदार और दिलचस्प, हुसैन जैदी का जवाब नहीं।
ISBN: 9789353227586
Pages: 248
Avg Reading Time: 8 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: जैसा कि पुस्तक के शीर्षक से प्रतीत होता है, यह पुस्तक उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व पौड़ी गढ़वाल के सांसद तीरथ सिंह रावतजी के मुख्यमंत्री काल पर आधारित है। इस पुस्तक में न केवल तीरथजी के मुख्यमंत्री कार्यकाल के बारे में विस्तार से लिखा गया है बल्कि उनके मुख्यमंत्री बनने के कारणों पर प्रकाश डालते हुए इस पहाड़ी राज्य की राजनीति पर भी विस्तृत चर्चा की गई है। इसके साथ ही उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के कारणों पर भी अच्छी तरह से प्रकाश डाला गया है। साथ ही बताया गया है कि असंभव से प्रतीत हो रहे कुंभ मेले को भव्यता से संपन्न कराने की प्रशंसा की बजाय उन्हें कोरोना फैलाने का दोषी दिखाने का प्रयास किया गया। परंतु जब धीरे-धीरे कोरोना की दूसरी लहर पर भी नकेल डाल दी गई तो दूसरे कारणों से उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जाने लगी। हालाँकि अपने दृढ़ निश्चय और कर्तव्यपरायण व्यक्तित्व के कारण मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपने कार्यों से सभी आलोचकों की बोलती बंद कर दी; लेकिन फ़िर भी सीधे-सादे और प्रदेश की बेहतरी चाहनेवाले तीरथजी ने राजनीति की चालबाजी में पड़ने की बजाय पद से इस्तीफा देना ज्यादा उचित समझा। पुस्तक को अध्यायों में बाँटा गया है और मुख्य तीन भागों में विभक्त किया गया है-- (क) त्रिवेंद्र रावतजी का जाना, तीरथजी का शपथ ग्रहण और कुंभ का आयोजन । (ख) कोविड की दूसरी लहर पर नियंत्रण व प्रदेश में विकास की बयार । (ग) मुख्यमंत्री तीरथ रावतजी की विदाई ।
UGC NET/JRF/SET Paper-2 Bhugol 29 Solved Papers Evam 10 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
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