Modern Gurukul
(0)
Author:
Sonali Bendre BehlPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Academics-and-references₹
150
₹ 120 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789351869818
-
Pages152
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Purushottam Ki Padyatra
- Author Name:
Dr. Mayank Murari
- Book Type:

- Description: जीवन में पुरुषोत्तम की यात्रा आसान नहीं होती है। मानव जीवन में शिखर पर पहुँचने के लिए पदयात्रा करनी होती है। श्रीराम के जीवन को ध्यान से देखिए | उन्होंने कभी खुद को अवतार कौन कहे, पुरुषोत्तम के रूप में भी प्रस्तुत नहीं किया। वे सदैव जीवन की जटिलताओं के बीच खड़े एक आम मानव की तरह चलते हैं, सामान्य लोगों के साथ बराबरी का संबंध बनाते हैं। पुरुषोत्तम की पदयात्रा को जिस प्रकार श्रीराम ने अपने विचार और विवेक के धरातल पर सहज बनाया, वह आज अनुकरणीय बने-- वैज्ञानिक चेतना के आधार पर मौलिक विचारों के प्रकटीकरण तथा विचार और विवेक के साथ अध्यात्म में प्रवेश करने की सरल यात्रा करवाती है यह पुस्तक “पुरुषोत्तम की पदयात्रा'। इसके लिए अंतर्यात्रा आवश्यक है । रामायण में वर्णन है कि विश्वमित्र के साथ भेजने के निर्णय के पश्चात् दशरथजी ने श्रीराम को बुलाकर पूछा कि वह आजकल सब कामों के प्रति उदासीन क्यों हैं ? राम कहते हैं कि जीवन में आदमी जो कुछ भी करता है, वह अंतत: क्षणिक परिणामों वाला तथा मृत्यु की ओर जानेवाला होता है। जीवन में कहीं किसी बात की कोई स्थायी उपलब्धि नहीं है; धन, यश, बल और पद--सभी के अपने अंतर्विरोध हैं। भला कोई विवेकशील प्राणी क्यों इन क्षणिक सुख से जुड़ना चाहेगा ? भारतीय चिंतन में उत्कृष्टता की खोज सदैव की गई है। नचिकेता ऐसे ही कुछ सवाल यम के समक्ष उठाते हैं, महाभारत के युद्धक्षेत्र में अर्जुन शंका व्यक्त करते हैं और इस युग में तथागत को भी कट सत्य से जुझना पड़ता है। लेकिन कोई पुरुषोत्तम कैसे बनता है ? इसके लिए श्रीराम का आदर्श जीवन समाज के सामने है।
Champaran Satyagrah Ka Ganesh
- Author Name:
Ajit Pratap Singh
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक चम्पारण सत्याग्रह में गणेश जी की भूमिका का रोचक अध्ययन है। जब एक सदी बाद चम्पारण के सत्याग्रह की चर्चा हो रही है, देश उस लड़ाई को फिर से याद कर रहा है जिसके बाद भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में किसानों की समस्याएँ एक अभिन्न हिस्सा बन गई। वह संघर्ष जिसने मोहनदास करमचन्द गांधी को महात्मा गांधी बना दिया और उन्हें करोड़ों भारतीय के दिलों में बसा दिया, उस आन्दोलन के सूत्रधार और उसके सहयोगियों की चर्चा के बिना यह संघर्षगाथा अधूरी है। यह पुस्तक दरअसल स्वाधीनता-संग्राम की समझ के प्रति समझ के धरातल का विस्तार करती है।
Germany Ki Shreshtha Kahaniyan
- Author Name:
Bhadra Sen Puri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rishton ki Chhatri
- Author Name:
Man Mohan Bhatia
- Book Type:

- Description: दिल की बेचैनी ने आज जल्दी जगा दिया। श्रीमती जी अपनी खूबसूरती लिए आराम से सो रहीं थी, मैं उठ कर बाहर आ गया। अख़बार वाला आज जल्दी अख़बार रख गया था। अख़बार उठाया तो वो दूर से टाटा करता हुआ नज़र आया। चेहरे पर ख़ुद-ब-ख़ुद एक मुस्कान ठहर गई।अख़बार पढ़ तैयार हुआ, तब तक पत्नी ने गरम चाय, अपने नरम होठों के साथ पीला दी। दफ्तर तक जाने में किए ऑटो-वाले ने, आज फिर कोई मज़ेदार किस्सा सुनाया, दिल खुश हो गया। ऑफ़िस का दिन भी सह-कर्मियों के साथ हँसी-मज़ाक में निकल गया। सालों से इनके साथ रिश्ता घर-सा हो गया है।वापसी में पत्नी जी के लिए एक खास गजरा लिया, जो फूलवाले ने आदत में डाल दिया है। बच्चों के लिए फल ले लिए। ज़िन्दगी कुछ ऐसे ही चलती जा रही है।बेमौसम बरसात हो गयी, छतरी थी नहीं, भीग गए। घर पहुँचे, तो सब ने घेर लिया, लगे ‘हाल’ पूछने। कपड़े बदल सोफे पर बैठा, तो चाय के साथ पकोड़े तैयार थे। बिना बोले श्रीमती जी ने सर दबाना शुरू कर दिया और बच्चों ने पाँव। सबको यों पास देख, दिल को सुकून मिला, लगा जैसे जिंदगी की धुप-छाँव, इन सभी रिश्तों की छतरी तले आराम से निकल जाएगी। रात, हमसफ़र के साथ, एक-दूसरे की बाहों में सिमट, चैन से सो गया।
Drishtikon
- Author Name:
Lal Krishna Advani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Len-Den
- Author Name:
Sarat Chandra Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: कहते हैं कि राजा वीरबाहु के किसी पूर्व पुरुष ने किसी युद्ध में विजयी होकर बरुई नदी के तट पर इस मंदिर की स्थापना की थी और बाद में केवल इसी के आश्रय से धीरे-धीरे चंडीगढ़ गाँव तैयार हो गया। शायद किसी दिन वास्तव में ही यह गाँव देवोत्तर संपत्ति में ही गिना जाता था, किंतु अब तो मंदिर से सटी हुई केवल कुछ ही बीघे जमीन को छोड़कर बाकी सारी मनुष्यों ने छीन ली है। इन दिनों यह गाँव बीजगाँव की जमींदारी में शामिल है। किस प्रकार और किस दुर्जेय रहस्यपूर्ण उपाय से अनाथ और अशक्त की संपत्ति अर्थात् असहाय देवता का धन अंत में जमींदार के उदर में आकर सुस्थिर बन गया, उसकी कहानी साधारण पाठकों के लिए निष्प्रयोजन है।
Fasiwadi Sanskriti Aur Secular Pop Sanskriti
- Author Name:
Sudhish Pachauri
- Book Type:

-
Description:
उत्तर-आधुनिक समय में ‘सांस्कृतिक राजनीति’ एक संघर्ष-क्षेत्र बन उठा है। ‘सांस्कृतिक राजनीति’ करके ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’, मूलतः फासिस्ट संस्कृति और सत्ता बनाने को प्रयत्नशील है। उसकी मिसालें यत्र-तत्र दैनिक भाव से बनती हैं। वे इसके लिए ‘पॉपुलर कल्चर’ के चिन्हों का सहारा लेते हैं, माध्यमों का सहारा लेते हैं, जनता में पॉपुलर भावपक्ष का निर्माण कर उसे एक निरंकुश अंधराष्ट्रवादी भाव में नियोजित करते रहते हैं। इसके बरक्स, इसके प्रतिरोध में कार्यरत प्रगतिशील सेकुलर और मानवतावादी विचारों और सांस्कृतिक उपादानों, चिन्हों का लगातार क्षय नज़र आता है। कुछ नए प्रतिरोधमूलक प्रयत्न नज़र आते हैं तो वे अपने स्वरूप एवं प्रभाव क्षमता में ‘हाई कल्चर’ (एलीट) बनकर आते हैं, आम जनता का उनसे कोई आवश्यक संवाद-सम्बन्ध नहीं
बनता।‘पॉपुलर कल्चर’ चूँकि मूलतः और अन्ततः किसी भी तरह के तत्त्ववाद के विपरीत कार्य करती है। इसलिए वह हमेशा केन्द्रवाद, तत्त्ववाद और फासीवाद के ख़िलाफ़ जगह बनाती है और उसके जनतन्त्र के विस्तार की माँग करती है। इस ‘क्रिटीकल’ जगह को तत्त्ववादियों के हड़पने के लिए यों ही नहीं छोड़ा जा सकता। इस जगह में भी संघर्ष करना होगा, क्योंकि यह अब निर्णायक क्षेत्र बन उठा है। ये टिप्पणियाँ इसी चिन्ता से प्रेरित हैं। इसमें मार्क्सवाद और उससे बाहर की बहसें हैं तो समकालीन जीवन में ‘पॉपुलर क्षणों’ के अनुभवों को देखने की कोशिश भी है।
‘पॉपुलर कल्चर’ निष्क्रिय-ग़ुलाम श्रोता-दर्शक नहीं बनाती, वह एक ऐसा जगत बनाती है जो ‘विमर्शात्मक’ होता है। उसे देखने के लिए पॉपुलर संस्कृति की समझ चाहिए। यहाँ उपलब्ध टिप्पणियाँ इस दिशा में पाठकों की मदद कर सकती हैं : इनकी शैली अलग-अलग है क्योंकि हर बार एक चंचल क्षण, एक चंचल जटिल यथार्थ को पकड़ने और विमर्श में लाने की कोशिश है।
Abhinav Hindi Vyakaran
- Author Name:
Meenakshi Agrawal
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक केवल पुस्तक ही नहीं है, बल्कि एक ऐसी व्याकरण अभ्यास-पुस्तिका है जिसे पढ़ने के बाद आप बख़ूबी समझ जाएँगे कि इसे आप तक पहुँचाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। शिरोरेखा किसे कहते हैं; यह क्यों आवश्यक है; नुक्ता क्या है; बिन्दु-चन्द्रबिन्दु का प्रयोग कब-कब किया जाता है; श को कैसे-कब लिखा जाता है; ड/ड़ और ढ/ढ़; में क्या अन्तर है; वर्णमाला कैसे याद की जाए; बारहखड़ी से मात्राएँ किस प्रकार सीखी जा सकती हैं; संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया किसे कहते हैं; सन्धि क्या है; समास किसे कहते हैं?—आदि छोटे-छोटे बिन्दुओं की जानकारी के साथ पत्र लिखने की कला पर भी प्रकाश डाला गया है। व्याकरण को गणित के माध्यम से समझने और पढ़ने का तरीक़ा बताया गया है। जैसे—(1) संज्ञा के भेद—3; (2) सर्वनाम के—6 (3X2=6) (3) विशेषण के—4 (6-2=4) आदि। संविधान द्वारा स्वीकृत 18 भाषाओं को वर्ण वर्ग के हिसाब से 3,4,3,5,3 (=18) में बाँटा गया है। पुस्तक में सर्वत्र मानक वर्तनी का प्रयोग किया गया है।
IAS/IPS Pariksha Mein Safalta Ke Secrets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Student Hindi Dictionary
- Author Name:
Virendranath Mandal
- Book Type:

-
Description:
भारत की राष्ट्रभाषा होने के बावजूद जनसाधारण के हिन्दी सम्बन्धी ज्ञान को पर्याप्त नहीं कहा जा सकता। शैक्षिक जीवन में पाठ्य-पुस्तकों आदि के सन्दर्भ में भी हिन्दी के शब्दार्थ, शब्द और वाक्य-प्रयोग आदि को लेकर विद्यार्थियों को सदैव समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इसी के मद्देनज़र इस कोश में विद्वान कोशकार का बल विस्तार के बजाय भाषा की व्यावहारिक उपयोगिता पर रहा है। पाठ्यक्रम तथा रोज़मर्रा जीवन, मीडिया माध्यमों आदि में प्रयुक्त होनेवाले आवश्यक शब्दों, उनके अर्थों, उनकी व्याकरणगत स्थिति तथा प्रयोगों से सम्पन्न यह कोश विद्यार्थियों, साहित्यप्रेमियों, अनुवादकों, भाषाकर्मियों व भाषा-अधिकारियों के लिए समान रूप से उपयोगी है।
इसके अलावा इसमें ‘रामायण’, ‘महाभारत’, बुद्धचरित, प्रमुख पर्वतमालाओं, नदियों, पशु-पक्षियों तथा देवी-देवताओं से सम्बन्धित शब्दावलियों को अलग से सँजोया गया है।
Bharat Evam Vishwa Ka Bhoogol
- Author Name:
Chandramani Singh
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक भूगोल की मूल अवधारणाओं को ध्यान में रखकर लिखी गई है और धरती की संरचना, वायुमंडल, महासागर, मौसम, वनस्पति जैसे विषयों की जानकारी उपलब्ध कराती है । पुस्तक में भारत के भूगोल से सम्बंधित उन सभी पहलुओं को तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक तौर पर प्रस्तुत किया गया है जो सिविल सेवा, विश्वविद्यालय एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्त्वपूर्ण हैं ।
NTA UGC Paper 1 - NET/SET/JRF General Paper 1 (Compulsory) Teaching & Research Aptitude 27 Solved Papers (2022-2006) & 35 Practice Sets
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Sarkari Babu Ke Notes
- Author Name:
Madhav Prasad Singh
- Book Type:

- Description: मैंने प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी भी की थी। एक बार साक्षात्कार का मौका भी मिला, लेकिन वहाँ असफल रहा। शायद मेरा आत्मविश्वास तब तक कम हो चुका था और कामचलाऊ जीवन में ही रस मिल रहा था। कभी-कभी सोचता हूँ कि सबको खुश रखने और उनसे मिलनेवाली प्रशंसा की बजाय अगर दुराव और बदनामी के झटके मिलते तो प्रयत्नों में तेजी आती। उन झटकों से अपने गंतव्य तक पूरी तरह न सही, लेकिन आंशिक तौर पर पहुँचने का रास्ता तो खुलता। इसके बाद जो सफलता मिलती, वह स्थायी होती; व्यक्तित्व में और निखार लाती। यहापि यह मेरी सोच है, और आवश्यक नहीं है कि ऐसा होता भी। —इसी पुस्तक का अंश
Madhya Pradesh Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Ganit (MPTET Maths Guide Book)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MAHARANA Sahastr varsho ka Dharmayuddh
- Author Name:
Dr. Omendra Ratnu
- Book Type:

- Description: इस क्षणभंगुर अस्तित्व में यदि कोई तत्त्व स्थायी हैं तो वे हैं आत्मसम्मान तथा स्वतंत्रता। ये तत्त्व, बहुत मूल्य चुका कर प्राप्त होते हैं। मेवाड़ के महान सिसोदिया राजवंश ने अपने सुख, संपत्ति व जीवन का मूल्य चुकाकर ये तत्त्व हिंदू समाज को सहजता से दे दिए। एक सहस्त्र वर्षो तक अरावली में यायावरों का सा जीवन जीने वाले मेवाड़ के इन अवतारी पुरुषों के कारण ही भारत में आज केसरिया लहराता है। यह पुस्तक उन महापुरुषों के प्रति हिंदू समाज की कृतज्ञता व्यक्त करने का एक प्रयास है। लेखक ने निष्पक्ष प्रामाणिकता से भारत के इतिहास के साथ हुए व्यभिचार को उजागर किया है । यह पुस्तक स्थापित भ्रांतियों को भंग करने के अतिरिक्त नई मान्यताओं को भी स्थापित करती है। भारतीय उपमहाद्वीप में गत चौदह शताब्दियों से चले आ रहे हिंदू-मुस्लिम संघर्ष को यह पुस्तक उसकी भयानक नग्नता में प्रकट करती है। हत्यारे व बलात्कारी आक्रांताओं के समूह से हिंदू धर्म को बचाकर लानेवाले इन देवपुरुषों के इतिहास को किस निर्लज्जता व निकृष्टता से पोंछ डाला गया है, यह इस पुस्तक का आधार है। सत्य कोई अवधारणा नहीं, बल्कि जीवन का मूल स्रोत है । जो समाज असत्य में जिएगा, वह बच नहीं सकता। जो समाज सत्य धारण करेगा, वह शाश्वत अमरत्व को प्राप्त होगा। मेवाड़ के महान् पुरखे तो सत्य में जीकर इहलोक व परलोक में परमगति पा गए। क्या आज के हिंदू समाज में इतना आत्मबल है कि सत्य के लिए लड़ सके, जी सके, मर सके! इन प्रश्नों के उत्तर ही निश्चित करेंगे कि हिंदू समाज सफलता के शिखर को छुएगा या अब्राह्मिक मतों की दासता भोगता हुआ मिट जाएगा।
Guru Ravidas : Stuti-Maryada
- Author Name:
Ghanshyam Das Hans
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Devi-Devtaon Ki Alaukik Ghatanayen
- Author Name:
Prof. Ram Gopal Gupt
- Book Type:

- Description: समाज उसी व्यक्ति को महान् मानता है, जो अपने कार्य व ध्येय में सफलता प्राप्त कर ले | असफल व्यक्ति कितना भी ग़ुणवान व सक्षम क्यों न हो, वह न तो महान् माना जाएणा और न उसके बाद उसके साथ कोई अलौकिक व चामत्कारिक घटनाएँ ही जुड़ेंगी | सफल विभूतियों के जीवनकाल में जो महत्त्वपूर्ण घटनाएँ घटी थीं, वे निश्चय ही विशेष या अत्यधिक कठिन तो अवश्य थीं, परंतु असंभव नहीं थीं, बल्कि पूर्णतया विज्ञान-सम्मत एवं तर्क-सम्मत थीं | सूक्ष्म दृष्टि से परीक्षण करने पर उनका सराहनीय लौकिक रूप समझ में आने लगता है | इस पुस्तक में दिए हुए तर्कसंगत मत पूर्णतया लेखक की अपनी कल्पना पर आधारित हैं, जिनमें अलौकिकता न होकर वास्तविकता का दिग्दर्शन मात्र ही है | यह पुस्तक हमारी श्रद्धा और आस्था के केंद्र देवी-देवताओं के अनुकरणीय, वंदनीय एवं पूजनीय जीवन के ऐसे दृष्टांत बताती है, जिन्हें पढ़कर उनके प्रति सम्मान और आदरभाव बढ़ जाता है| भक्ति, समर्पण और श्रद्धा जाग्रत् कर जीवन में संतोष व सार्थकता देनेवाली एक अनुपम कृति।.
Bharat Ka Sangharsh: 1920-42 (Hindi Translation of The Indian Struggle)
- Author Name:
Subhash Chandra Bose
- Book Type:

- Description: 1857 की क्रांति के बाद गोरों को समझ आ गया कि वे केवल बर्बर बल प्रयोग के आधार पर लंबे समय तक भारत में नहीं टिक पाएँगे, इसलिए उन्होंने देश को निहत्था करना शुरू कर दिया। हमारे पूर्वजों की दूसरी सबसे बड़ी मूर्खता और गलती यह रही कि उन्होंने अंग्रेजों की इस करतूत को सिर झुकाकर स्वीकार कर लिया। अगर उन्होंने अपने हथियार इतनी आसानी से नहीं सौंपे होते तो 1857 के बाद से भारत का इतिहास संभवत: आज के इतिहास से भिन्न होता। भारत में युवा पीढ़ी पिछले 20 सालों के अनुभव से यह सीख चुकी है कि सविनय अवज्ञा आंदोलन एक विदेशी प्रशासन को बंधक बना सकता है या पंगु तो कर सकता है, लेकिन बिना भौतिक बल के यह उसे उखाड़कर नहीं फेंक सकता या निष्कासित नहीं कर सकता। एक अंतिम चरण आएगा, जब सक्रिय प्रतिरोध सशस्त्र क्रांति में विकसित हो जाएगा, तब भारत में ब्रिटिश शासन का अंत होगा। —इसी पुस्तक से यह पुस्तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रमुख राजनीतिक अध्ययन है, जिसमें उनकी स्वयं अपनी एक प्रमुख भूमिका थी। यह पुस्तक असहयोग और खिलाफत आंदोलनों के घुमड़ते बादलों से लेकर तूफान का रूप लेनेवाले 'भारत छोड़ो' तथा आजाद हिंद आंदोलनों तक का विशद और विश्लेषणात्मक विमर्श उपलब्ध कराती है। नेताजी की दूरदर्शिता, चिंतन और राष्ट्रीय भाव को रेखांकित करती एक पठनीय कृति।
Ramayana Se Startup Sootra
- Author Name:
Prachi Garg
- Book Type:

- Description: This book has no description
Bharatiya Sainya Patniyon Ki Sahasik Kahaniyan (Hindi Translation of The Force Behind The Forces)
- Author Name:
Swapnil Pandey
- Book Type:

- Description: भारतीय सैन्य बलों के पराक्रमी; शूरवीर, जाँबाज और निर्भीक सैनिक अपना सर्वस्व मातृभूमि पर समर्पित कर देते हैं। होम कर देते हैं अपना यौवन, अपने सपने, ताकि हमारे तिरंगे की आनबान अक्षुण्ण रहे और हमारी सीमाएँ सुरक्षित। पर इनके साथ ही इनका परिवार और स्वयं भी उनकी इस साधना में बराबर के साझेदार होते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में लेखिका ने सात वीर नारियों और उनके परिवारों के जीवन पर प्रकाश डाला है। व्यक्तिगत हानि, घर चलाने की जिम्मेदारी, भविष्य की चिंता, बच्चों के पालन-पोषण जैसी समस्याओं से निपटने और जिंदगी की सच्चाई का सामना करती पत्नियों के चित्रण में काफी कुछ अनूठापन है। वीर नारी को खुद भी यह समझने की जरूरत है कि कैसे उसके छोटे-छोटे बच्चे भविष्य की उन चुनौतियों से निपटेंगे, जिनका उन्हें भान तक नहीं है। सैन्य पत्नियों से भविष्य के लिए मजबूत होने, छोटे बच्चों की देखभाल करने और दयालु होने की अपेक्षा की जाती है। पर अपेक्षाओं का बोझ उठाना आसान नहीं होता है। एक सैनिक के न रहने पर सैनिक की पत्नियों को किन कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, साथ ही उनके परिवारवालों और समाज को उनके क्या- क्या अपेक्षाएँ होती हैं, इन सब ज्वलंत प्रश्नों पर इस पुस्तक में गंभीरता से विचार किया है। हमारे बलिदानी सैनिकों की उतनी ही त्यागी पत्नियों के समर्पण, संघर्ष और साहस की प्रेरक गाथा हैं ये कहानियाँ।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book