Tumhara Naam Kya Hai Tibbat
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तिब्बत के बारे में वरिष्ठ पत्रकार श्री चंद्रभूषण की यह किताब विश्वपटल पर 1949 से जारी चीनी कम्युनिस्ट साम्राज्य निर्माण की अंतर्कथा है। 2015 में चीन सरकार के सौजन्य से संपन्न तिब्बत यात्रा से पैदा प्रामाणिकता इसका मुख्य आकर्षण है। लेकिन यह किताब सहज तरीके से चीन के ताज़ा इतिहास, तिब्बत की अस्मिता कथा, कम्युनिस्ट नवनिर्माण की दिशाहीनता, चीनी राष्ट्रवाद से पड़ोसी देशों के अविश्वसनीय नुकसान और भारत की दुखकथा की भी समझ बनाती है। श्री चंद्रभूषण का यह योगदान हिंदी संसार के लिए भारत के पड़ोसी 'शिष्य देश तिब्बत के ताज़ा सुख-दुख की जानकारी के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। इसको हाथ में लेने के बाद पूरी किताब पढऩे की प्रेरणा जागती है। यह हमारे लिए तिब्बत-चीन-भारत के त्रिकोणीय अंतर्विरोध की अंधेरी गुफा को प्रकाशमय बनाने वाली रचना भी है। —प्रो. आनंद कुमार
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तिब्बत के बारे में वरिष्ठ पत्रकार श्री चंद्रभूषण की यह किताब विश्वपटल पर 1949 से जारी चीनी कम्युनिस्ट साम्राज्य निर्माण की अंतर्कथा है। 2015 में चीन सरकार के सौजन्य से संपन्न तिब्बत यात्रा से पैदा प्रामाणिकता इसका मुख्य आकर्षण है। लेकिन यह किताब सहज तरीके से चीन के ताज़ा इतिहास, तिब्बत की अस्मिता कथा, कम्युनिस्ट नवनिर्माण की दिशाहीनता, चीनी राष्ट्रवाद से पड़ोसी देशों के अविश्वसनीय नुकसान और भारत की दुखकथा की भी समझ बनाती है। श्री चंद्रभूषण का यह योगदान हिंदी संसार के लिए भारत के पड़ोसी 'शिष्य देश तिब्बत के ताज़ा सुख-दुख की जानकारी के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। इसको हाथ में लेने के बाद पूरी किताब पढऩे की प्रेरणा जागती है। यह हमारे लिए तिब्बत-चीन-भारत के त्रिकोणीय अंतर्विरोध की अंधेरी गुफा को प्रकाशमय बनाने वाली रचना भी है। —प्रो. आनंद कुमार
Book Details
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ISBN9788196206321
-
Pages168
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Avg Reading Time6 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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वास्तव में यह किताब एक ऐसी टाइममशीन की तरह सामने आई है जो पूर्णिमा की रात में चमकते नमक के अछोर मैदान के रूप में मशहूर कच्छ के हवाले से हमें हमारे सुदूर अतीत के साथ-साथ आने वाले दौर की भी यात्रा कराती है।
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