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"हॉकी एक ऐसा खेल है, जिसमें दो टीमें लकड़ी या कठोर धातु या फाइबर से बनी विशेष लाठी (हॉकी-स्टिक) की सहायता से रबर या कठोर प्लास्टिक की गेंद को अपनी विरोधी टीम के नेट या गोल में डालने की कोशिश करती हैं। हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है। हॉकी का प्रारंभ 4,000 वर्ष पूर्व ईरान में हुआ माना जाता है। इसके बाद बहुत से देशों में इसका आगमन हुआ, पर उचित स्थान न मिल सका। अंत में इसे भारत में विशेष सम्मान मिला और यह राष्ट्रीय खेल बन गया। 11 खिलाड़ियों के दो विरोधी दलों के बीच मैदान में खेले जानेवाले इस खेल में प्रत्येक खिलाड़ी मारक बिंदु पर हॉकी का इस्तेमाल एक छोटी व कठोर गेंद को विरोधी दल के गोल में मारने के लिए करता है। बर्फ में खेले जानेवाले इसी तरह के एक खेल आइस हॉकी से भिन्नता दरशाने के लिए इसे मैदानी हॉकी कहते हैं। भारतीय हॉकी टीम प्रथम बार ओलंपिक खेलों में सम्मिलित हुई और विजय प्राप्त की। 1932 में लॉस एंजेल्स ओलंपिक में जब भारतीयों ने मेजबान टीम को 24-1 से हराया, जो अब तक सर्वाधिक अंतर से जीत का कीर्तिमान है। 24 में से 9 गोल दो भाइयों ने किए, रूपसिंह ने 11 और शेष गोल ध्यानचंद ने। प्रस्तुत पुस्तक में हॉकी खेल के नियम, उपनियम, तैयारी, क्षेत्र-रक्षण, गोल दागने की तकनीक आदि की विस्तृत जानकारी दी गई। हॉकी के खिलाड़ियों तथा खेल-प्रेमियों के लिए एक उपयोगी पुस्तक। क्रिकेट को अपना कॉरियर बनाने के इच्छुक युवाओं, खिलाड़ियों एवं खेल-प्रेमियों के लिए एक उपयोगी और मार्गदर्शक पुस्तक। "
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About the Book
"हॉकी एक ऐसा खेल है, जिसमें दो टीमें लकड़ी या कठोर धातु या फाइबर से बनी विशेष लाठी (हॉकी-स्टिक) की सहायता से रबर या कठोर प्लास्टिक की गेंद को अपनी विरोधी टीम के नेट या गोल में डालने की कोशिश करती हैं।
हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है। हॉकी का प्रारंभ 4,000 वर्ष पूर्व ईरान में हुआ माना जाता है। इसके बाद बहुत से देशों में इसका आगमन हुआ, पर उचित स्थान न मिल सका। अंत में इसे भारत में विशेष सम्मान मिला और यह राष्ट्रीय खेल बन गया।
11 खिलाड़ियों के दो विरोधी दलों के बीच मैदान में खेले जानेवाले इस खेल में प्रत्येक खिलाड़ी मारक बिंदु पर हॉकी का इस्तेमाल एक छोटी व कठोर गेंद को विरोधी दल के गोल में मारने के लिए करता है। बर्फ में खेले जानेवाले इसी तरह के एक खेल आइस हॉकी से भिन्नता दरशाने के लिए इसे मैदानी हॉकी कहते हैं। भारतीय हॉकी टीम प्रथम बार ओलंपिक खेलों में सम्मिलित हुई और विजय प्राप्त की। 1932 में लॉस एंजेल्स ओलंपिक में जब भारतीयों ने मेजबान टीम को 24-1 से हराया, जो अब तक सर्वाधिक अंतर से जीत का कीर्तिमान है। 24 में से 9 गोल दो भाइयों ने किए, रूपसिंह ने 11 और शेष गोल ध्यानचंद ने।
प्रस्तुत पुस्तक में हॉकी खेल के नियम, उपनियम, तैयारी, क्षेत्र-रक्षण, गोल दागने की तकनीक आदि की विस्तृत जानकारी दी गई। हॉकी के खिलाड़ियों तथा खेल-प्रेमियों के लिए एक उपयोगी पुस्तक।
क्रिकेट को अपना कॉरियर बनाने के इच्छुक युवाओं, खिलाड़ियों एवं खेल-प्रेमियों के लिए एक उपयोगी और मार्गदर्शक पुस्तक।
"
Book Details
-
ISBN9789388131322
-
Pages128
-
Avg Reading Time4 hrs
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Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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- हिंदी पाठक जिन्हें अंग्रेजी खेल पुस्तकों में कठिनाई होती है
आज के भारतीय पाठकों के लिए "Hockey: Khel Aur Niyam" किताब की विषयवस्तु का सांस्कृतिक या ऐतिहासिक महत्व क्या है?
हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल होने के बावजूद, नई पीढ़ी को इसके नियम और इतिहास के बारे में कम जानकारी है। यह किताब उस सांस्कृतिक गौरव को पुनर्जीवित करती है जो ध्यानचंद के युग में था। यह दिखाती है कि कैसे एक विदेशी खेल भारतीय पहचान का हिस्सा बना, और युवाओं को अपनी खेल विरासत से जोड़ती है।
इस लेखक का इस विषय पर दृष्टिकोण क्या विशिष्ट बनाता है?
यह पुस्तक रोमांटिक इतिहास की जगह व्यावहारिक शिक्षा पर केंद्रित है। लेखक ने हर नियम को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया है — मैदान के आयाम से लेकर पेनल्टी कॉर्नर की रणनीति तक। सबसे महत्वपूर्ण, यह हिंदी में लिखी गई है, जो इसे उन लाखों पाठकों तक पहुँचाती है जिनके लिए अंग्रेजी खेल साहित्य दुर्गम है।
"Hockey: Khel Aur Niyam" किताब पाठक को भावनात्मक, बौद्धिक या सांस्कृतिक रूप से क्या देती है जो उसके समाप्त होने के बाद भी बनी रहती है?
यह आपको अपने राष्ट्रीय खेल के प्रति नई समझ और सम्मान देती है। आप हॉकी मैच देखते समय हर सीटी, हर टैकल और हर गोल का अर्थ समझ सकेंगे। यह ज्ञान आपको खेल संस्कृति का सक्रिय भागीदार बनाता है, न केवल दर्शक। यह आत्मविश्वास कि आप किसी को हॉकी सिखा सकते हैं, स्थायी रहता है।