Satyajit Ray Ki Lokpriya Kahaniyan
(0)
₹
350
₹ 280 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789351865520
-
Pages176
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
10 Commandments For Personality Development: Cracking The Code of Personal Growth And Super Success
- Author Name:
Shrikant Shastree (IAS)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Love In Metro
- Author Name:
Arun Anand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Adhoore Se Poore "अधूरे से पूरे" Book In Hindi
- Author Name:
Ravi Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Warren Buffett of India Rakesh Jhunjhunwala: The Big Bull of Indian Share Market
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Rakesh Jhunjhunwala, a master stock investor and an Indian business magnate was born on July 5, 1960, in a Rajasthani family in Mumbai. He managed his portfolio as a partner in his wealth management firm called ‘Rare Enterprises.’ He was popularly known as the ‘Warren Buffett of India’ and the ‘Big Bull of India.’ Rakesh got the nickname ‘Big Bull’ due to his bullish outlook on India’s growth. He worked as the chairman of Hungama Digital Media Entertainment and Aptech. Stocks from organisations like Star Health, Nazara Technologies, Tata Motors, Agro Tech Foods, Canara Bank, Escorts, Rallis India, and Titan are among Jhunjhunwala’s inventory. Additionally, he had invested in several startups. He also served on the board of several organisations. In December 2021, he invested in India’s cheapest airline, Akasa Air. On August 14, 2022, India lost its ‘Big Bull’ after he suffered a cardiac arrest. The Big Bull survived through his wife, Rekha Jhunjhunwala and their three children. This book can be considered as the bible for upcoming stock investors.
Rahasyopadesh Ka Rahasya
- Author Name:
Satish Dhar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Simmi Harshita ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Simmi Harshita
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MAHAKAVI RAMDHARI SINGH DINKAR
- Author Name:
Kapil
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ishwar Ki Atmakatha
- Author Name:
Saralmanoj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Sena Mein Leadership Ke Gurumantra (Hindi Translation of The Be-Know-Do of Generalship)
- Author Name:
Major General Anil Sengar (Retd)
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक भारतीय सेना में नेतृत्व करनेवालों की असाधारण क्षमताओं और कर्तृत्य से परिचित करवाती है। लीडरशिप के गुरुमंत्र बतानेवाली यह कृति सैन्य अधिकारियों के दीर्घ और व्यावहारिक अनुभव पर केंद्रित है। कठिन और विपरीत परिस्थितियों में जिस कौशल और प्रतिभा के बल पर इन अधिकारियों ने राष्ट्रहित में निर्णय लिये, यह पुस्तक उन सब अनुभवों को सैन्यकर्मियों और आमजन के समक्ष लाती है, ताकि वे भी अपना उत्कर्ष कर सकें। यह कृति स्वयं के व्यक्तित्व के विकास के साथ ही सहकर्मियों से पारस्परिकता, सहायता, समूह में कार्य करने की क्षमता और टीमवर्क पर केंद्रित है। चार दशकों के अपने सैन्य कॅरियर में समर्पित और अद्भुत क्षमताओं के बल पर लेखक ने जो कुछ सीखा, वह भावी पीढ़ी को देने के लिए उन्होंने यह पुस्तक लिखी है—भावी जनरलों की निर्मिति के लिए और वह सबकुछ करने की प्रेरणा देने के लिए, ताकि आप एक समृद्ध विरासत छोड़ें।
Covid-19 : Zindagi-20
- Author Name:
Mridula Sinha
- Book Type:

- Description: संक्रमण समाज को त्रस्त और भ्रमित कर रहा था। पूरा विश्व अपनी तरह से जूझ रहा था। भारत भी, भारतवासी भी। सबसे कठिन परीक्षा की घड़ी समाज-सेवी, राजनीतिक एवं गैर-राजनीतिक संगठनों की थी और हर व्यक्ति कोरोना से अपनी ताकत से जूझ रहा था। मृदुलाजी ने कलम उठाई और कलम को हथियार बना लिया, अपने ढंग से कोरोना से लड़ने के लिए; उसी का प्रतिफल है यह उपन्यास। ग्रामीण अंचल में मुखिया की बूढ़ी माँ ने अपने बेटे को आयुर्वेद से ठीक किया तो शहर में नव-नियुक्त डॉ. मयंक और डॉ. माला की शिक्षा से ज्यादा उनका संस्कार कोरोना से लड़ने में काम आने लगा। अस्पताल के अंदर-बाहर की घटनाओं का विस्तृत वर्णन और पैदल घर लौटते मजदूरों की यात्रा-गाथा है। एक धागा कोरोना का पिरो गया 138 करोड़ को। अनंत अनुभव सबके साझे से। भारत ने इससे पहले शायद ही कभी देखा हो, कोई भी ऐसा अनुष्ठान, जिसमें सब शामिल हो, जो सबको छूता हो, ‘न भूतो, न भविष्यति’।
Network Marketing Kitna Sach, Kitna Jhooth
- Author Name:
Dr. Ujjwal Patni
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
REET Level-I Exam for (class: IV) Rajasthan Teacher Eligibility Test 2022
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Jnan Parampara Aur Vicharak
- Author Name:
Rajaneesh Kumar Shukla
- Book Type:

- Description: "भारत की सनातन-सांस्कृतिक परंपरा समावेशी, करुणाप्रधान एवं समतामूलक रही है। समय के झंझावातों, विदेशी आक्रांताओं के प्रहारों और तकनीक की चकाचौंध ने इसके बाह्य स्वरूप को प्रभावित अवश्य किया है लेकिन मूल रूप में समस्त चराचर जगत् को स्वयं का रूप मानने की भारतीय-दृष्टि आज भी लोकजीवन में अपना स्थान बनाए हुए है। आचार्य रजनीश शुक्ल की यह पुस्तक भारतीय समाज, इतिहास, संस्कृति, राष्ट्र-निर्माण, आत्मनिर्भरता, पत्रकारिता आदि विषयों को सारगर्भित तरीके से प्रस्तुत करती है और ऐसा करते हुए वह गौतमबुद्ध, कबीर, तुलसीदास, गांधी, विनोबा, आंबेडकर, वीर सावरकर और पं. दीनदयाल उपाध्याय जैसे मनीषियों को उद्धृत करते हैं, जिससे उनके विचार एक सनातन ज्ञानपरंपरा के वाहक के रूप में दिखलाई देते हैं। —रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ (केंद्रीय शिक्षा मंत्री, भारत सरकार ) आचार्य रजनीश कुमार शुक्ल ने इस कृति में भारतीय ज्ञानपरंपरा को उसके वर्तमान व्यापक संदर्भ में देखा है। वे अपनी परिपुष्ट दार्शनिक पृष्ठभूमि के कारण प्राचीन भारतीय चिंतन के विविध आयामों पर अधिकार रखते हैं तथा समकालीन पश्चिमी विचार और दर्शन के साथ-साथ आधुनिक भारतीय दर्शन एवं चिंतन पर भी उनकी वैसी ही पकड़ है। यह पुस्तक एक नई बहस को आरंभ करेगी। —प्रो. कमलेशदत्त त्रिपाठी कुलाधिपति, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा पिछले दो दशकों में पूरे विश्व की सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक संरचना में व्यापक बदलाव आया है। इस परिदृश्य में भारत एक बार फिर से विश्वगुरु बन सकता है—इसमें कोई संदेह नहीं है। हालाँकि कुछ लोग असहमत हो सकते हैं। राष्ट्रीय चिंतक यह मानते हैं कि भारत की सांस्कृतिक विशिष्टता में विश्वगुरु बनने के बीज-तत्त्व विद्यमान हैं। यहाँ का जन अपनी पहचान से भारत को विशिष्ट बनाए हुए है। भारतीय चिंतन और भारतीय दृष्टि मनुष्य को एक संपोष्य जीवन प्रणाली दे सकती है और यही वह कारण है जिससे भारत को विश्वगुरु बनना ही है, इसे कोई रोक नहीं सकता है। इस लघु संग्रह में इसकी पड़ताल करने की कोशिश की गई है। इसमें भारतीय ज्ञानपरंपरा के सनातन प्रवाह की विविध धाराओं के रूप में समझने की कोशिश की गई है। इस धारा को प्रवाहित करने में योगदान करनेवाले कुछ विचारकों की विचार-सरणि का निदर्शन करने का यह एक विनम्र प्रयास भी है। विश्वास है कि अनादि से अनंत तक विस्तृत भारत की ज्ञानयात्रा को समझने में यह लघुतम प्रयास पाठकों को सार्थक लगेगा। "
The Art of Focus | Avoid Distractions and Achieve Success! Boost Your Confidence And Reach Your Goals
- Author Name:
Damon Zahariades
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Aur Sindbaad
- Author Name:
Smt. Usha Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Balram ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Balram
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Trading Banknifty Options: Art of Doing Nothing & Still Making Money Book in English
- Author Name:
Pramod Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Media : Mahila, Jati aur Jugad
- Author Name:
Sanjay Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ka Rashtradharm
- Author Name:
Aanand Aadeesh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shankhnad
- Author Name:
Mahesh Prasad Singh
- Book Type:

- Description: "शंखनाद “टिकट कब से जनाना-मर्दाना होने लगा, बाबू?” “मूर्ख, नित्य नियम बदलता है और बदलनेवाले होते हैं मंत्री। दूरदर्शन पर प्रचार हो गया, सभी अंग्रेजी अखबारों में छप गया और इनको मालूम ही नहीं है।” “तब क्या होगा?” “पैसे निकालो।” “कितना?” “पाँच सवारी के एक सौ पच्चीस रुपए। यों रसीद लोगे तो एक हजार लगेगा।” “एक हजार! तब छोड़िए रसीद। उसको लेकर चाटना है क्या?” गाँठ खुली, गिन-गिनकर रुपए दिए गए। “और देखो, किसी को कहना नहीं। गरीब समझकर तुम पर हमने दया की है।” बेचारे टिकट बाबू के आदेश पर अब प्लेटफॉर्म से निकलने के लिए पुल पर चढ़े। सिपाही पीछे लग गया। “ऐ रुको, मर्दाना टिकट लेता नहीं है और हम लोगों को परेशान करता है।” उनमें से सबसे बुद्धिमान् बूढ़े ने किंचित् ऊँचे स्वर में कहा, “दारोगाजी, बाबू को सब दे दिया है।” दारोगा संबोधन ने सिपाही के हाथों को मूँछों पर पहुँचा दिया, “जनाना टिकट के बदले दंड मिलता है, जानते हो?” “हाँ दारोगाजी, लेकिन हम तो जमा दे चुके हैं।” जेब से हथकड़ी निकाल लोगों को दिखाते हुए सिपाही ने कहा, “अरे, हथकड़ी हम लगाते हैं या वह बाबू?” “आप!” “तब मर्दाना टिकट के लिए पचास निकालो।” और पुन: गाँठ अंतिम बार खुली। —इसी पुस्तक से "
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book