Ajor
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Author:
Ashok ShahPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
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ग्रामीण जीवन की विडम्बनाएँ, समस्याएँ और उनसे संघर्ष; विकास के शहर-केन्द्रित मॉडल के अमानवीय अतिक्रमण के सामने सहमी खड़ी आदिवासी जीवन की आत्मनिर्भरता; शासन-प्रशासन की आधे-अधूरे मन से शुरू की गई जनकल्याण योजनाओं की हक़ीक़त और इस सबके बीच आम आदमी की जिजीविषा—अशोक शाह की कहानियों में इन चीज़ों को विस्तृत तथा प्रामाणिक विवरणों के साथ अंकित किया गया है। कई बार फ़िल्म-जैसी छवियों के माध्यम से वे समाज के हाशियों पर सिमटते समाज की पीड़ा को इतने तारतम्य के साथ प्रस्तुत करते हैं कि पूरा चित्र आँखों के आगे साकार हो जाता है। इस संग्रह में संकलित हर कहानी पाठक के सामने एक ऐसी दुनिया खोलती है जिसके बारे में हमने सुना भले हो, लेकिन इस तरह देखा कभी नहीं। पेशे से प्रशासनकि सेवाओं में रहे अशोक शाह मूलतः कवि हैं लेकिन कहानी उनके लिए उस समय बहुत ज़रूरी हो जाती है जब यथार्थ की जटिलता को समझने और समझाने में उन्हें अपेक्षाकृत ज़्यादा विस्तार आवश्यक लगने लगता है। उनका कवि होना इन कहानियों की संवेदना तथा वस्तु-चित्रण में भी बख़ूबी नज़र आता है। शिल्प को लेकर अतिरिक्त आग्रह की शिकार हिन्दी कहानी के परिदृश्य में इन कहानियों को इनकी वस्तु-विविधता के लिए ज़रूर पढ़ा जाना चाहिए। संग्रह की शीर्षक कहानी यद्यपि एक आशा तथा प्रसन्नतादायी बिन्दु पर समाप्त होती है, लेकिन उससे पहले की तटस्थ विवरणात्मकता आपको लगातार एक व्यथा से बींधे रहती है। बाक़ी कहानियाँ भी किसी न किसी कोण से हमें ऐसे ही व्यथित करती हैं।
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ग्रामीण जीवन की विडम्बनाएँ, समस्याएँ और उनसे संघर्ष; विकास के शहर-केन्द्रित मॉडल के अमानवीय अतिक्रमण के सामने सहमी खड़ी आदिवासी जीवन की आत्मनिर्भरता; शासन-प्रशासन की आधे-अधूरे मन से शुरू की गई जनकल्याण योजनाओं की हक़ीक़त और इस सबके बीच आम आदमी की जिजीविषा—अशोक शाह की कहानियों में इन चीज़ों को विस्तृत तथा प्रामाणिक विवरणों के साथ अंकित किया गया है।
कई बार फ़िल्म-जैसी छवियों के माध्यम से वे समाज के हाशियों पर सिमटते समाज की पीड़ा को इतने तारतम्य के साथ प्रस्तुत करते हैं कि पूरा चित्र आँखों के आगे साकार हो जाता है। इस संग्रह में संकलित हर कहानी पाठक के सामने एक ऐसी दुनिया खोलती है जिसके बारे में हमने सुना भले हो, लेकिन इस तरह देखा कभी नहीं।
पेशे से प्रशासनकि सेवाओं में रहे अशोक शाह मूलतः कवि हैं लेकिन कहानी उनके लिए उस समय बहुत ज़रूरी हो जाती है जब यथार्थ की जटिलता को समझने और समझाने में उन्हें अपेक्षाकृत ज़्यादा विस्तार आवश्यक लगने लगता है। उनका कवि होना इन कहानियों की संवेदना तथा वस्तु-चित्रण में भी बख़ूबी नज़र आता है।
शिल्प को लेकर अतिरिक्त आग्रह की शिकार हिन्दी कहानी के परिदृश्य में इन कहानियों को इनकी वस्तु-विविधता के लिए ज़रूर पढ़ा जाना चाहिए। संग्रह की शीर्षक कहानी यद्यपि एक आशा तथा प्रसन्नतादायी बिन्दु पर समाप्त होती है, लेकिन उससे पहले की तटस्थ विवरणात्मकता आपको लगातार एक व्यथा से बींधे रहती है। बाक़ी कहानियाँ भी किसी न किसी कोण से हमें ऐसे ही व्यथित करती हैं।
Book Details
-
ISBN9788183619929
-
Pages112
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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Thakazhiyude Cherukathakal
- Author Name:
Thakazhi Sivasankara Pillai +1
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- Book Type:

- Description: discriptation awaited
Chhat Par Dastak
- Author Name:
Mridula Garg
- Book Type:

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Description:
नई कहानी के दौर के बाद जिन कथाकारों ने अपनी अलग पहचान बनाई, उनमें मृदुला गर्ग एक अग्रणी नाम है। पिछले तीस-पैंतीस वर्षों से मृदुला जी की कहानियाँ चर्चा में रही हैं। इसकी वजहें कई हैं, मसलन, शिल्प का चमत्कार, कथ्य में नयापन, किस्सागोई का जादू, विचारों की आँच आदि...
मृदुला जी के यहाँ सम्बन्धहीनता सम्बन्ध में, मृत्यु जीवन में और जीवन परम्परा में पर्यवसित होकर सातत्य और अमरत्व प्राप्त करता है। नारी-विमर्श में ‘विश्व भगिनीवाद’ की खुशबू बिखेरती मृदुला जी की अपनी ही पहचान है जो कल भी विशिष्ट थी, आज भी विशिष्ट हैं।
Katha Saptak - Bhalchandra Joshi
- Author Name:
Bhalchandra Joshi
- Book Type:


- Description: Description Awaited
Aparajita
- Author Name:
Shivani
- Book Type:

- Description: महिला कथाकारों में जितनी ख्याति और लोकप्रियता शिवानी ने प्राप्त की है, वह एक उदाहरण है श्रेष्ठ लेखन के लोकप्रिय होने का। शिवानी लोकप्रियता के शिखर को छू लेनेवाली ऐसी हस्ती हैं, जिनकी लेखनी से उपजी कहानियाँ कलात्मक और मर्मस्पर्शी होती हैं। अन्तर्मन की गहरी पर्तें उघाड़ने वाली ये मार्मिक कहानियाँ शिवानी की अपनी मौलिक पहचान हैं जिसके कारण उनका अपना एक व्यापक पाठक वर्ग तैयार हुआ। इनकी कहानियाँ न केवल श्रेष्ठ साहित्यिक उपलब्धियाँ हैं, बल्कि रोचक भी इतनी अधिक हैं कि आप एक बार शुरू करके पूरी पढ़े बिना छोड़ ही न सकेंगे। प्रस्तुत संग्रह में ‘दंड’, ‘मन का प्रहारी’, ‘श्राप’, ‘लिखूँ...’, ‘मेरा भाई’, ‘अपराजिता’, ‘निर्वाण’, ‘सौत’, ‘तीन कन्या’, ‘चन्नी’ एवं ‘धुआँ’ कहानियाँ संकलित हैं। हर कथा अपनी मोहक शैली में अभिभूत कर देने की अपार क्षमता रखती है। कलात्मक कौशल के साथ रची गई ये कहानियाँ हमारी धरोहर हैं जिन्हें आज की नई पीढ़ी अवश्य पढ़ना चाहेगी।
Bhoot Bhai Sahab Aur Any Kahaniyan
- Author Name:
Priyanka Kaushal
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- Description: This book has no description
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