ADBHUTA GALPA
(0)
₹
200
170 (15% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
In this book, Dr.Sanjay Rout tells his wonderful stories. The book is filled with many inspiring and heart touching experiences that makes you feel like you are there witnessing them in real life.
Read moreAbout the Book
In this book, Dr.Sanjay Rout tells his wonderful stories. The book is filled with many inspiring and heart touching experiences that makes you feel like you are there witnessing them in real life.
Book Details
-
ISBN1230004580782
-
Pages178
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Katha Saptak - Vandana Raag
- Author Name:
Vandana Rag
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Koi Khushboo Udas Karti Hai
- Author Name:
Neelima Sharma Nivia
- Book Type:

- Description: Book
Dus Numainda Kahaniya
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: collection of seven brilliant stories
Meri Maai
- Author Name:
Dr. Sabiha Rehmani +1
- Book Type:

- Description: मेरी माई' विषय ही ऐसा है, जिस पर नजर पड़ते ही हर व्यक्ति के दिलो-दिमाग में अपनी माँ की तस्वीर उभर आएगी, न चाहते हुए भी वह इसे पढ़ना चाहेगा। इसीलिए इस अमूल्य कृति में माँ और सिर्फ माँ की तस्वीर उभारने की कोशिश की गई है, क्योंकि इस ब्रह्मांड में एक माँ ही है, जिसका अस्तित्व था, है और हमेशा बरकरार रहेगा। माँ है तो सृष्टि है।
Pratinidhi Kahaniyan : Phanishwarnath Renu
- Author Name:
Phanishwarnath Renu
- Book Type:

- Description: प्रेमचन्द के बाद हिन्दी कथा-साहित्य में रेणु उन थोड़े-से कथाकारों में अग्रगण्य हैं जिन्होंने भारतीय ग्रामीण जीवन का उसके सम्पूर्ण आन्तरिक यथार्थ के साथ चित्रण किया है। स्वाधीनता के बाद भारतीय गाँव ने जिस शहरी रिश्ते को बनाया और निभाना चाहा है, रेणु की नज़र उससे होनेवाले सांस्कृतिक विघटन पर भी है जिसे उन्होंने गहरी तकलीफ़ के साथ उकेरा है। मूल्य-स्तर पर उससे उनकी आंचलिकता अतिक्रमित हुई है और उसका एक जातीय स्वरूप उभरा है। वस्तुतः ग्रामीण जन-जीवन के सन्दर्भ में रेणु की कहानियाँ अकुंठ मानवीयता, गहन रागात्मकता और अनोखी रसमयता से परिपूर्ण हैं। यही कारण है कि उनमें एक सहज सम्मोहन और पाठकीय संवेदना को परितृप्त करने की अपूर्व क्षमता है। मानव-जीवन की पीड़ा और अवसाद, आनन्द और उल्लास को एक कलात्मक लय-ताल सौंपना किसी रचनाकार के लिए अपने प्राणों का रस उँडेलकर ही सम्भव है और रेणु ऐसे ही रचनाकार हैं। इस संग्रह में उनकी प्रायः सभी महत्वपूर्ण कहानियाँ संकलित हैं।
The Turning Point of Life
- Author Name:
Surbhi Sareen +1
- Book Type:

- Description: Life represents a roller coaster ride. It is thrilling and full of ups and downs. Life does not remain the same forever, and every day is a new story, but some changes are the ramifications of certain events that change lives for good. These might either build you or destroy you. This book has exciting and thrilling anecdotes of varied turning points in life and how they changed our lives for good. It has all the hues of life covered in its stories.
Jungle Ki Baten
- Author Name:
Ramesh Bedi
- Book Type:

- Description: जंगल के जीव-जन्तुओं की छियासठ घटनाओं का इन कहानियों में वर्णन है। इनसान के समान ये जीव संवेदनशील होते हैं। सुख-दु:ख की अनुभूति, ममता, स्नेह, अनुराग, वात्सल्य जैसी कोमल भावनाएँ इनमें इनसान के समान ही देखी जाती हैं। इनमें जीवनसंगिनी और भाई-बहनों का रिश्ता सुखमय होता है। अपने-पराए में भेदभाव के बिना मौसियाँ एक दूसरे के बच्चों को अपना स्तनपान कराके पाल लेती हैं। बीमार, असहाय की जीवन-रक्षा के लिए भाई-बन्धु शिकार मारकर उसे खिलाते हैं। संकट में फँसे साथी की और सन्तान की जी-जान से रक्षा करते हैं। प्रिय के वियोग में या उसके मर जाने पर शोकाकुल साथी खाना छोड़ देते हैं और प्राण त्याग देते हैं। क़ुदरत के ओपन एअर थिएटर में नीले आसमान को चूमते हुए पहाड़ों और गहरी नदियों में अविराम बहती चंचल सरिताओं के बैकड्रॉप में गूँजते हुए दिलकश संगीत के साथ प्यार-मुहब्बत, प्रेयसी के लिए जानलेवा युद्ध, आहार जुटाने के लिए कड़ा संघर्ष करनेवाले जीवों की इन मर्मस्पर्शी कहानियों में शेर, सिंह, लकड़बग्घा, गीदड़ जैसे मांसाहारियों; हाथी, गैंडे, चीतल, साँभर जैसे शाकाहारियों; जलचरों, सरीसृपों; मोर, कबूतर जैसे शान्तिप्रिय पक्षियों ने सशक्त किरदार निभाए हैं।
Kautuk
- Author Name:
Manav Kaul +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: कौतुक में कौतुक है। कौतुक की अपनी तुक है। कौतुकी तुक। कौतुक में कौतुक की माँ हैं और माँ के साथ गप्प लड़ाती, तारे देखती कौतुक है। एक स्कूल है। कौतुक का स्कूल। स्कूल में कौतुक के दोस्त हैं। दोस्तों की कौतुक भरी बाते हैं। एक पहाड़ है। उसमें कौतुक देखता एक कवि है। कौतुक पढ़ोगे तो बार बार कौतुक से मिलने का मन करने लगेगा। और फिर तुम अपने दोस्तों में ही कौतुक ढूँढने लगोगे। तुम्हारी दोस्ती कौतुक भरी हो जाएगी। राजीव आइप के कौतुक भरे चित्रों से सजी एक सलोनी किताब।
Ek Shravni Dophari Ki Dhoop
- Author Name:
Phanishwarnath Renu
- Book Type:

-
Description:
एक श्रावणी दोपहरी की धूप प्रख्यात कथाकार फणीश्वरनाथ 'रेणु’ की असंकलित कहानियों का संग्रह है। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित ये प्राय: उनकी प्रारम्भिक रचनाएँ हैं, इसलिए इनका दोहरा महत्त्व है। एक ओर ये हमें उनकी रचनात्मक प्रतिभा के शैशव तक ले जाती हैं, तो दूसरी ओर समकालीन कथा-साहित्य में उस नई कथा-प्रवृत्ति का उदयाभास कराती हैं जो बाद में उनकी अन्य महत्त्वपूर्ण कहानियों और उपन्यासों में परिपक्व हुई और जिसने एक समूचे कथायुग को प्रभावित किया।
रेणु की कहानियाँ मानव-जीवन के प्रति गहन रागात्मकता का परिणाम हैं। वे उनके यथार्थ को समग्रता में पकडऩे और उसकी तरल भावनात्मक अभिव्यक्ति में विश्वास रखते हैं। हम उनके पात्रों के साथ-साथ उदास और उल्लसित हो उठते हैं। उनमें जो लोक-मानस का विस्तार है, जो रस और संगीत है, वह हमारे मानवीय संवेगों को गहराता है।
इन कहानियों के माध्यम से वस्तुत: रेणु एक बार फिर हमें उस रचना-भूमि तक ले जाते हैं, जिसमें पहली बार नहाई धरती के सोंधेपन, बसन्त की मादकता और पसीने की अम्लीय गन्ध का अहसास होने लगता है
Bezubaan
- Author Name:
Subhash Sharma
- Book Type:

- Description: सुभाष शर्मा ने नवें दशक में युवा कथाकार के रूप में अपनी स्पष्ट पहचान बनाई है। जीवन के विभिन्न आयामों को काफी गहराई से देखने एवं समझने का माद्दा उनमें है। वे सामाजिक घटनाओं को ऐसी दृष्टि से देखते हैं जो समाज को आगे ले जाने वाली होती है। उनकी सोच-समझ कभी भी बने-बनाए साँचे में फिट नहीं होती क्योंकि वह जीवनानुभव से संबद्ध है। उनकी कहानी 'बेजुबान' नवें दशक की एक महत्त्वपूर्ण कहानी है। इसकी चर्चा विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में होती रही है। समकालीन हिंदी कहानी से गुजरते हुए यह बात निर्विवाद रूप से कही जा सकती है कि सामाजिक अनुभवों का दायरा और अधिक व्यापक हुआ है, तथा मानवीय दृष्टिबोध और अधिक गहरा। अपने आसपास बिखरे जीवन-यथार्थ को अनदेखा कर आज का कथाकार किसी अगम्य फलसफे को रचने में विश्वास नहीं रखता। कहना न होगा कि सुपरिचित कवि-कहानीकार सुभाष शर्मा के इस संग्रह की कहानियों को इसी श्रेणी में रखा जाएगा। इस संग्रह में सुभाष की दस कहानियाँ संगृहीत हैं और इनमें से प्रायः प्रत्येक कहानी भारतीय जन-जीवन की किसी-न-किसी विडंबना को उजागर करती है। आजादी के बाद हमारे चारों ओर जिस सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक और शैक्षिक तंत्र का निर्माण हुआ है, मनुष्य उसमें किसी शिकार की तरह छटपटा रहा है। इस तंत्र में मौजूद जल्लादों के अनेक चेहरे 'जल्लाद' नामक व्यक्ति से कहीं अधिक भयावह हैं। 'हिंदुस्तनवा', 'फरिश्ते', 'जमीन', 'आँचल' और 'जल्लाद' जैसी कहानियाँ अपनी गंभीर अर्थवत्ता से हमें बहुत गहरे तक झकझोरती हैं, और यदि 'फरिश्ते' के सहारे कहा जाए तो हर प्रकार की अमानवीय दुर्गंध के बावजूद मानवीय संबंधों की महक का भी बखूबी अहसास कराती हैं।
Encouragement Short Stories (Volume-1)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Introducing "Encouragement Short Stories (Volume-1)", an uplifting collection of inspiring tales that will motivate and empower readers to overcome life's challenges. Compiled by bestselling author, Dr.Sanjay Rout, this book features a carefully curated selection of heartwarming stories that celebrate the power of resilience and determination. From tales of triumph over adversity to accounts of everyday heroes, these stories will leave readers feeling inspired and empowered to pursue their dreams. In this book, you'll discover: Real-life stories of individuals who overcame obstacles to achieve their goals Encouraging tales of perseverance and hope in the face of adversity Heartwarming stories of ordinary people who made a difference in the world Through these tales of triumph and courage, "Encouragement Short Stories (Volume-1)" is a powerful reminder that anything is possible when we believe in ourselves and our ability to succeed. Whether you are facing a personal challenge or simply in need of a dose of inspiration, this book is the perfect companion to lift your spirits and help you stay motivated on your journey towards success. Get your copy today and discover the transformative power of encouragement!
Ansuni Aawazen
- Author Name:
Harsh Mander
- Rating:
- Book Type:

- Description: भोपाल का गैस कांड, 1984 में दिल्ली और 1989 में भागलपुर में हुए दंगे, ओड़िसा का चक्रवात—ये कुछ घटनाएँ हैं जो हमारी सामूहिक स्मृति का हिस्सा बन चुकी हैं। लेकिन उन लोगों को हम अक्सर भूल जाते हैं जिन्हें वास्तव में इनका शिकार होना पड़ा था। इनके अलावा अन्य लोग भी हैं, मसलन—यौनकर्मी, दलित, सड़कों पर ज़िन्दगी गुज़ारनेवाले बच्चे, एचआईवी और कोढ़ जैसे रोगों के मरीज़ तथा अकालपीड़ित लोग—ये सब भी हमारी स्मृति में अक्सर दाख़िल नहीं हो पाते। ये लोग उस जनसंख्या का हिस्सा हैं जिसे विकास और प्रगति के नाम पर समाज के सबसे बाहरी हाशिये पर धकेल दिया गया है। इस पुस्तक में सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासक हर्ष मन्दर अपने और अपने साथियों के अनुभवों के आधार पर ऐसे ही बीस लोगों की ज़िन्दगियों का लेखा–जोखा पेश करते हैं—उनके संघर्ष का जो उन्होंने जीवित रहने, अपनी जिजीविषा को बचाए रखने के लिए किया। मिसाल के तौर पर बंगलौर के फुटपाथों पर भटकनेवाला वह बच्चा जो अब अपने जैसे दूसरे बच्चों को शिक्षा और रोज़गार पाने के मामले में मार्गदर्शन देता है, या फिर भोपाल गैस कांड में अनाथ हुआ वह ग्यारह वर्षीय किशोर जिसने अपने से छोटे दो बच्चों को पाला, एक युवा यौनकर्मी जिसने हैदराबाद की एचआईवी–पोजिटिव यौनकर्मी महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, या फिर वह कुष्ठरोगी जिसने आशाग्राम में कुष्ठ कालोनी की स्थापना में सहायता देकर कोढ़ के कलंक से मुक्ति पाई। ये कहानियाँ सिर्फ़ ज़िन्दा–भर रहने के बारे में नहीं हैं, बल्कि ये सबूत के साथ बताती हैं कि इन लोगों ने किस तरह अपने विनम्र साहस, सहनशीलता और मानवीयता के बल पर परिस्थितियों पर फ़तह हासिल की। अनुभव की उष्ण अन्तर्धारा से सम्पन्न ये कहानियाँ जनसाधारण में निहित रचनात्मकता और जीवट को उजागर करती हैं और उन लोगों को चुनौती देती हैं जो भारत के भविष्य को लेकर निराश हैं।
Dhoop Ki Munder
- Author Name:
Anagh Sharma
- Book Type:

-
Description:
एक बदले ज़माने और बदले परिवेश में कुछ ऐसा भी होता है जो उसे पूरी तरह अजनबी नहीं होने देता, बल्कि पूर्व से वर्तमान को किसी पुल की तरह जोड़ता प्रतीत होता है। ऐसा जिन युवा रचनाकारों को पढक़र, उनसे बात करते या उनका कहा सुनते मुझे लगा है उनमें अनघ महत्त्वपूर्ण हैं। ऐसा इस कारण नहीं कि वे बीते ज़माने (एक प्रकार से मेरा ज़माना) से सम्बद्ध विषयों या एक प्रकार का नॉस्टेल्जियाग्रस्त लेखन करते हों। वह उस जीवन और उन समस्याओं को ही विषय बनाते हैं जो उन्हें ख़ुद दरपेश हैं, और ख़ुद मेरे लिए अपने लेखन में जिनकी कल्पना सम्भव नहीं। ऐसा शायद इस कारण है कि उनके लेखन का मुख्य स्वर समानुभूति (एम्पथी) का स्वर होता है जिसे अभिव्यक्त करने की उनके पास सही-सही भाषिक कुशलता है। आश्चर्य होता था (जो अब किसी हद तक होना बन्द हो गया है) कि यह योग्यता अधिकांश ऐसे लोगों में होती है जो साहित्य को शिक्षा का एक विषय मानकर नहीं पढ़ते, न उसमें डिग्रीयाफ्ता होते हैं। शायद इस कारण वे अपने विषय और भाषा में अपनाइयत को ज़्यादा सहज रूप से पाठक के सामने रख सकते हैं। अनघ को पढ़ते हुए यह अनुभव होता है कि लेखन के विषय को पूरी स्वतंत्रता से लिखा गया है, जीवन के उस पक्ष को प्रस्तुत करने के लिए जो उनके लेखक-अवतार ने मानो उसे जीते हुए ग्रहण किया है।
अनघ एक भागदौड़-भरा व्यस्त जीवन जीते हुए अपना लेखन करते हैं, जिसमें असंख्य सम्भावनाएँ हैं। उनकी भाषा विशेषकर आकर्षित करती है जिसमें संवाद और विवरण के बीच वह एक प्रकार का विशेष सन्तुलन बनाकर चलते हैं। यह तो आरम्भ है, यात्रा के लिए उन्हें बहुत बधाई।
—मंजूर एहतेशाम
Metoo
- Author Name:
Akash Mathur
- Book Type:

- Description: Book
IS CHHOR SE US CHHOR TAK
- Author Name:
Sushant Supriy
- Book Type:

- Description: Collection of short stories
Hiye Ra Haraf
- Author Name:
Prakash Amrawat
- Book Type:

- Description: हिये रा हरफ (कहाणी संग्रै) प्रकाश अमरावत री पैली पोथी है। विसय, सैली, भाव अर भासा री दीठ सूं सगली कहाणियां न्यारी-निकेवली अर टाळवीं हैं। समाज री कुरीतां नै मेटण रो जतन ए कहाणियां हैं। घणकरी कहाणियां गांवाई तबकै सूं सरोकार राखै। मूळ में ए कहाणियां नारी पात्रा नै लेयार लिखीजी हैं। कहाणियां भावना प्रधान हैं। हरैक कहाणी आपरै लारै एक सन्देस की नुवीं सोच अर सीख देवै।
Doosari Kahani
- Author Name:
Alka Saraogi
- Book Type:

-
Description:
कलि-कथा: वाया बाइपास (1998) उपन्यास के लिए विशेष रूप से चर्चित तथा साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित युवा कथाकार अलका सरावगी की कहानियों का दूसरा संग्रह दूसरी कहानी समकालीन कहानी के प्रचलित ढर्रे से अलग जाकर कहानी के लिए एक नई संभावना का संकेत है। जिस तरह कहानी की तलाश में (1996) शीर्षक से प्रकाशित पहले कहानी-संग्रह में शामिल इसी नाम की कहानी कहानी को तलाश भी बनाती थी और इकहरे से अधिक गहरे गुमनाम प्रसंगों में जाने की हिकमतों का आभास कराती थी, उसी तरह दूसरी कहानी संग्रह की इसी नाम की कहानी कहानी को एक और तरह की कहानी बनाने की कोशिश है।
दूसरी कहानी संग्रह की कहानियाँ यथार्थ को तथ्य-सीमित करने की रूढ़ि को ध्वस्त करती हैं। घटनाओं का बोझिल आडंबर छोड़कर वे कहानी विधा की नई मुक्ति का ऐसा संकेत देती हैं कि हम कहानी को गद्य-कथा या कथा-निबंध की तरह पढ़ सकें। वे तथाकथित यथार्थवादी कहानी के ढाँचे को विचलित कर मानव- व्यवहार और प्रकृति के आधे-अधूरे प्रारूप या पाठ की तरह दिख सकती हैं। इसी अधूरेपन, इसी अनहोनी में अलका सरावगी की कहानियों का अर्थ छिपा है।
दूसरी कहानी संग्रह की कहानियाँ (‘पार्टनर’, ‘एक पेड़ की मौत’, ‘दूसरे किष्ले में औरत’, ‘यह रहगुज़र न होती’, ‘रिपन स्ट्रीटेर परवीन अख्तर’, ‘कनफ़ेशन’) संकेत हैं कि शायद जीवन-पूर्णता या सार्थकता की संभावना इसी अपूर्णता या अधूरेपन में है। देखने की चीज़ यह है कि इस कथा-कल्पना में क्रीड़ा-वृत्ति या विनोद-वृत्ति स्थगित नहीं है, पर वह प्रायः एक तरह के जीवन विषाद या अवसाद का ही मार्मिक प्रत्यक्ष है। इस अवसाद को महान बनाने की भावुकता से मुक्त अलका सरावगी का कथा-मार्ग साधारण या मामूली पर भरोसा टिकाता है जो फिर इस ओर इशारा है कि साधारण में ही छिपा है ग़ैर-साधारण या असाधारण का मर्म।
–परमानंद श्रीवास्तव
Pratinidhi Kahaniyan: Alka Saraogi
- Author Name:
Alka Saraogi
- Book Type:

- Description: अलग सरावगी की पहली ही कहानी, ‘आपकी हँसी’ से हिन्दी जगत का ध्यान उनके विशिष्ट शिल्प की ओर चला गया था। उसके बाद आई उनकी कहानियों और उपन्यासों ने न सिर्फ़ अपना वह वैशिष्ट्य बरक़रार रखा, बल्कि उसे और सघन भी किया। इस प्रतिनिधि संचयन में शामिल उनकी कहानियाँ भी इस तथ्य की तस्दीक़ करती हैं कि उनके लिए तथ्य जितना अहम है, उसका ऐसा सम्प्रेषण भी उतनी ही अहमियत रखता है जो पाठक के मन पर एक दीर्घजीवी प्रभाव छोड़े। सामाजिक परिस्थितियों, पारिवारिक और मानवीय रिश्तों, उनके भीतर पलतीं-पनपतीं विडम्बनाओं, आशाओं-हताशाओं को उन्होंने न सिर्फ़ एक कथाकार की तरह, बल्कि मानवीय मूल्यों के प्रतिबद्ध कार्यकर्ता की तरह अपनी कहानियों में अंकित किया है। इस संकलन में प्रस्तुत कहानियाँ उनकी कथा-संवेदना और कथा-विन्यास को समझने में महत्त्वपूर्ण साबित होंगी।
Ajor
- Author Name:
Ashok Shah
- Book Type:

- Description: ग्रामीण जीवन की विडम्बनाएँ, समस्याएँ और उनसे संघर्ष; विकास के शहर-केन्द्रित मॉडल के अमानवीय अतिक्रमण के सामने सहमी खड़ी आदिवासी जीवन की आत्मनिर्भरता; शासन-प्रशासन की आधे-अधूरे मन से शुरू की गई जनकल्याण योजनाओं की हक़ीक़त और इस सबके बीच आम आदमी की जिजीविषा—अशोक शाह की कहानियों में इन चीज़ों को विस्तृत तथा प्रामाणिक विवरणों के साथ अंकित किया गया है। कई बार फ़िल्म-जैसी छवियों के माध्यम से वे समाज के हाशियों पर सिमटते समाज की पीड़ा को इतने तारतम्य के साथ प्रस्तुत करते हैं कि पूरा चित्र आँखों के आगे साकार हो जाता है। इस संग्रह में संकलित हर कहानी पाठक के सामने एक ऐसी दुनिया खोलती है जिसके बारे में हमने सुना भले हो, लेकिन इस तरह देखा कभी नहीं। पेशे से प्रशासनकि सेवाओं में रहे अशोक शाह मूलतः कवि हैं लेकिन कहानी उनके लिए उस समय बहुत ज़रूरी हो जाती है जब यथार्थ की जटिलता को समझने और समझाने में उन्हें अपेक्षाकृत ज़्यादा विस्तार आवश्यक लगने लगता है। उनका कवि होना इन कहानियों की संवेदना तथा वस्तु-चित्रण में भी बख़ूबी नज़र आता है। शिल्प को लेकर अतिरिक्त आग्रह की शिकार हिन्दी कहानी के परिदृश्य में इन कहानियों को इनकी वस्तु-विविधता के लिए ज़रूर पढ़ा जाना चाहिए। संग्रह की शीर्षक कहानी यद्यपि एक आशा तथा प्रसन्नतादायी बिन्दु पर समाप्त होती है, लेकिन उससे पहले की तटस्थ विवरणात्मकता आपको लगातार एक व्यथा से बींधे रहती है। बाक़ी कहानियाँ भी किसी न किसी कोण से हमें ऐसे ही व्यथित करती हैं।
Aginkhor
- Author Name:
Phanishwarnath Renu
- Book Type:

- Description: हिन्दी भाषा फणीश्वरनाथ रेणु की ऋणी है उस शब्द-सम्पदा के लिए जो उन्होंने स्थानीय बोली-परम्परा से लेकर हिन्दी को दी। नितान्त ज़मीन की ख़ुशबू से रचे शब्दों को खड़ी बोली के फ़्रेम में रखकर उन्होंने ऐसे प्रस्तुत किया कि वे उनके पाठकों की स्मृति में हमेशा-हमेशा के लिए जड़े रह गए। उनके लेखन का अधिकांश इस अर्थ में बार-बार पठनीय है। दूसरे जिस कारण से रेणु को लौट-लौटकर पढ़ना ज़रूरी हो जाता है, वह है उनकी संवेदना और उसे शब्दों में चित्रित करने की उनकी कला। वे भारतीय लोकजीवन और जनसाधारण के अस्तित्व के लिए निर्णायक अहमियत रखनेवाली भावधाराओं को तक़रीबन जादुई ढंग से पकड़ते हैं, और उतनी ही कुशलता से उसे पाठक के सामने प्रस्तुत कर देते हैं। इस संग्रह में ‘अगिनखोर’ के अलावा ‘मिथुन राशि’, ‘अक्ल और भैंस’, ‘रेखाएँ : वृत्तचक्र’, ‘तब शुभ नामे’, ‘एक अकहानी का सुपात्र’, ‘जैव’, ‘मन का रंग’, ‘लफड़ा’, ‘अग्निसंचारक’ और ‘भित्तिचित्र मयूरी’ कहानियाँ शामिल हैं। इन ग्यारह कहानियों में से हर एक कहानी और उसका हर पात्र इस बात का प्रमाण है कि उत्तर भारत, विशेषकर गंगा के तटीय इलाक़ों की ग्राम्य-संवेदना और जीवन को समझने के लिए रेणु का ‘होना’ कितना महत्त्वपूर्ण और ज़रूरी है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book