Self-Help Ke 55 Rahasya

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Author:

Renu Saini

Language:

Hindi

Category:

Self-help

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कई बार जीवन में परेशानियाँ और असफलताएँ व्यक्ति को तनावग्रस्त कर देती हैं। तनाव, समस्याओं और परेशानियों का हल व्यक्ति बाहर ढूँढऩे का प्रयत्न करते हैं, जबकि वास्तविकता में उनका हल व्यक्ति के स्वयं के अंतर्मन में ही होता है। बस इसके लिए आवश्यकता होती है इस बात की कि व्यक्ति तनावग्रस्त क्षणों में स्वयं को एकाग्र करने का प्रयत्न करे। चिंता और परेशानियों को दूर कर केवल स्वयं के साथ बात करें, अपने अंतर्मन से बातें करें और याद करें उन व्यक्तियों को, जिन्होंने बहुत बड़ी समस्याओं का सामना निर्भयतापूर्वक और आत्मविश्वास के साथ किया तथा बड़ी-से-बड़ी मुसीबतों को पराजित कर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। जब हर ओर अंधकार नजर आए, तिमिर रोशनी को दूर करने का प्रयास करे, ऐसे में अपने अंतर्मन में यह दोहराते रहना चाहिए कि अंधकार कितना भी गहरा और काला क्यों न हो, किंतु जब रोशनी की एक किरण भी उस तक पहुँचती है तो तिमिर का घेरा टूट जाता है और प्रकाश की किरणें अपने उजाले से चहुँओर उजाला कर देती हैं। ऐसी ही अंतर्मन की अनुभूतियाँ कहानियों के साथ यहाँ प्रस्तुत हैं। अंतर्मन की ये बातें हर व्यक्ति के अंदर उपस्थित हैं, बस उनको जाग्रत करने की आवश्यकता है।

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ISBN
9789388984454
Pages
168
Avg Reading Time
6 hrs
Age
18+ yrs
Country of Origin
India

Format:

Piracy Free

Express Delivery

Secure Payment

About the Book

कई बार जीवन में परेशानियाँ और असफलताएँ व्यक्ति को तनावग्रस्त कर देती हैं। तनाव, समस्याओं और परेशानियों का हल व्यक्ति बाहर ढूँढऩे का प्रयत्न करते हैं, जबकि वास्तविकता में उनका हल व्यक्ति के स्वयं के अंतर्मन में ही होता है। बस इसके लिए आवश्यकता होती है इस बात की कि व्यक्ति तनावग्रस्त क्षणों में स्वयं को एकाग्र करने का प्रयत्न करे।
चिंता और परेशानियों को दूर कर केवल स्वयं के साथ बात करें, अपने अंतर्मन से बातें करें और याद करें उन व्यक्तियों को, जिन्होंने बहुत बड़ी समस्याओं का सामना निर्भयतापूर्वक और आत्मविश्वास के साथ किया तथा बड़ी-से-बड़ी मुसीबतों को पराजित कर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया।
जब हर ओर अंधकार नजर आए, तिमिर रोशनी को दूर करने का प्रयास करे, ऐसे में अपने अंतर्मन में यह दोहराते रहना चाहिए कि अंधकार कितना भी गहरा और काला क्यों न हो, किंतु जब रोशनी की एक किरण भी उस तक पहुँचती है तो तिमिर का घेरा टूट जाता है और प्रकाश की किरणें अपने उजाले से चहुँओर उजाला कर देती हैं।
ऐसी ही अंतर्मन की अनुभूतियाँ कहानियों के साथ यहाँ प्रस्तुत हैं। अंतर्मन की ये बातें हर व्यक्ति के अंदर उपस्थित हैं, बस उनको जाग्रत करने की आवश्यकता है।

Book Details

  • ISBN
    9789388984454
  • Pages
    168
  • Avg Reading Time
    6 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    India

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