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Jyamiti Ki Kahani

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विज्ञान की शिक्षा में ज्यामिति या रेखागणित के अध्ययन का क्या महत्त्व है, इसे सभी जानते हैं। महान आइंस्टाइन ने तो यहाँ तक कहा है कि इस विश्व के भौतिक गुणधर्मों को ज्यामिति के नियमों से ही भली-भाँति समझा जा सकता है। स्कूलों में ज्यामिति पढ़ाई जाती है, पर यह नहीं बताया जाता कि ज्यामिति की शुरुआत कैसे हुई, किन देशों में हुई और किन विद्वानों ने इसके विकास में योग दिया। स्कूलों में पढ़ाई जानेवाली ज्यामिति मूलतः यूक्लिड की ज्यामिति है। अतः विद्यार्थियों को जानना चाहिए कि यूक्लिड कौन थे और उन्होंने ज्यामिति की रचना कैसे की। इससे ज्यामिति को समझने में आसानी होगी। ज्यामिति के बहुत-से नियम यूक्लिड के पहले खोजे गए थे। यूक्लिड के पहले हमारे देश में भी ज्यामिति के अनेक नियम खोजे गए थे। ‘पाइथेगोर का प्रमेय’, न केवल भारत में, बल्कि चीन व बेबीलोन में भी खोजा गया था। इस पुस्तक में इन सब बातों की रोचक जानकारी दी गई है। साथ ही, पिछले क़रीब दो सौ साल में जो नई-नई ज्यामितियाँ खोजी गई हैं, उनका भी संक्षिप्त परिचय दिया गया है।

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विज्ञान की शिक्षा में ज्यामिति या रेखागणित के अध्ययन का क्या महत्त्व है, इसे सभी जानते हैं। महान आइंस्टाइन ने तो यहाँ तक कहा है कि इस विश्व के भौतिक गुणधर्मों को ज्यामिति के नियमों से ही भली-भाँति समझा जा सकता है।

स्कूलों में ज्यामिति पढ़ाई जाती है, पर यह नहीं बताया जाता कि ज्यामिति की शुरुआत कैसे हुई, किन देशों में हुई और किन विद्वानों ने इसके विकास में योग दिया। स्कूलों में पढ़ाई जानेवाली ज्यामिति मूलतः यूक्लिड की ज्यामिति है। अतः विद्यार्थियों को जानना चाहिए कि यूक्लिड कौन थे और उन्होंने ज्यामिति की रचना कैसे की। इससे ज्यामिति को समझने में आसानी होगी।

ज्यामिति के बहुत-से नियम यूक्लिड के पहले खोजे गए थे। यूक्लिड के पहले हमारे देश में भी ज्यामिति के अनेक नियम खोजे गए थे। ‘पाइथेगोर का प्रमेय’, न केवल भारत में, बल्कि चीन व बेबीलोन में भी खोजा गया था। इस पुस्तक में इन सब बातों की रोचक जानकारी दी गई है। साथ ही, पिछले क़रीब दो सौ साल में जो नई-नई ज्यामितियाँ खोजी गई हैं, उनका भी संक्षिप्त परिचय दिया गया है।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Hardbound
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
7th
Publication year
1989
Weight
168 grams
ISBN-13
9788126705672
Pages
114
Reading time
~4 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
12.5 × 18.5 cm
Language
Hindi

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