Lifafa

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Author:

Manish, Sylph

Publisher:

Unbound Script

Language:

Hindi

Category:

Romance

249

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Available

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'लिफ़ाफ़ा' एक विरल और लुप्तप्राय पत्र-विधा की पुस्तक है। यह दो अनजान प्रेमियों के बीच भेजे गए खतों का एक ऐसा खूबसूरत संकलन है, जिसके लगातार होते आदान-प्रदान के बीच पाठक समय के साथ एक खूबसूरत संबंध को आकार लेते और विकसित होते देखते हैं। इस डिजिटल और जल्दबाज़ी के दौर में, यह किताब प्रेम और संवाद के उस धीमे, सहेज कर रखने योग्य अनुभवों को आवाज़ देती है। दोनों ही पत्र-लेखक बेहद समझदार, विचारशील और प्रबुद्ध साहित्यिक रुचि के व्यक्ति हैं। यही कारण है कि इनके बीच का संवाद सतही नहीं है; इसमें जीवन, दर्शन, समाज और संवेदनाओं की अद्भुत गहराई है। यह किताब जीवन के उतार-चढ़ाव, संघर्ष और अनिश्चितताओं के बीच उम्मीद की एक अनमोल किरण बनकर उभरती है। जब सब कुछ धुंधला नजर आ रहा था, तब इन दोनों के लिखे खत एक-दूसरे के लिए जीने का संबल बने।

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ISBN
9789347125577
Pages
160
Avg Reading Time
5 hrs
Age
18+ yrs
Country of Origin
IN

Format:

Piracy Free

Express Delivery

Secure Payment

About the Book

'लिफ़ाफ़ा' एक विरल और लुप्तप्राय पत्र-विधा की पुस्तक है। यह दो अनजान प्रेमियों के बीच भेजे गए खतों का एक ऐसा खूबसूरत संकलन है, जिसके लगातार होते आदान-प्रदान के बीच पाठक समय के साथ एक खूबसूरत संबंध को आकार लेते और विकसित होते देखते हैं। इस डिजिटल और जल्दबाज़ी के दौर में, यह किताब प्रेम और संवाद के उस धीमे, सहेज कर रखने योग्य अनुभवों को आवाज़ देती है।

दोनों ही पत्र-लेखक बेहद समझदार, विचारशील और प्रबुद्ध साहित्यिक रुचि के व्यक्ति हैं। यही कारण है कि इनके बीच का संवाद सतही नहीं है; इसमें जीवन, दर्शन, समाज और संवेदनाओं की अद्भुत गहराई है।

यह किताब जीवन के उतार-चढ़ाव, संघर्ष और अनिश्चितताओं के बीच उम्मीद की एक अनमोल किरण बनकर उभरती है। जब सब कुछ धुंधला नजर आ रहा था, तब इन दोनों के लिखे खत एक-दूसरे के लिए जीने का संबल बने।

Book Details

  • ISBN
    9789347125577
  • Pages
    160
  • Avg Reading Time
    5 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    IN

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Lifafa is a Hindi romance novel told entirely through letters — a form that turns distance into intimacy and silence into anticipation. Co-authored by Manish and Sylph, the narrative unfolds as an exchange between two voices, each letter peeling back layers of emotion, memory, and unspoken desire. The epistolary structure ensures that every word is deliberate, every pause weighted with what cannot yet be said. This is a story where envelopes themselves become characters, carrying confessions across time and emotional geography.

Readers drawn to quiet intensity over dramatic gesture will find Lifafa rewarding. The book does not rush toward resolution; it lingers in the act of writing itself — the vulnerability of putting pen to paper, the courage required to send what has been written, and the ache of waiting for a reply. Published by Unbound Script, this novel honours the lost art of letter-writing while exploring how two people construct a relationship through the rhythm of correspondence alone.

लिफाफा पढ़ने का अनुभव कैसा होगा?

यह उपन्यास पाठक को धीमी, गहरी संवेदना में ले जाता है। हर पत्र एक ठहराव है जहाँ भावनाएँ खुलती हैं और फिर सिमट जाती हैं। यह कहानी जल्दबाज़ी नहीं करती — यह प्रतीक्षा, लिखने की हिम्मत, और अनकहे शब्दों के बोझ में टिकी है। पाठक को शांत ध्यान और भावनात्मक धैर्य की ज़रूरत होगी, क्योंकि यहाँ नाटकीयता नहीं, बल्कि अंतरंगता का निर्माण होता है।

यह किताब किस तरह के पाठकों के लिए उपयुक्त है?

  • जो पाठक पत्र-साहित्य और धीमी कथा-शैली को पसंद करते हैं
  • जिन्हें संवाद से अधिक आंतरिक भावनाओं में रुचि है
  • जो रोमांस को कोमलता और शब्दों की ताकत से देखना चाहते हैं
  • जो समकालीन हिंदी साहित्य में प्रयोगात्मक रूप खोजते हैं

आज के भारतीय पाठकों के लिए पत्र-आधारित प्रेम कहानी की क्या प्रासंगिकता है?

डिजिटल युग में जहाँ संवाद तात्कालिक और सतही हो गया है, लिफाफा उस समय को याद दिलाता है जब शब्द सोच-समझकर चुने जाते थे। यह पुस्तक धीमेपन, इंतज़ार, और गहराई की संस्कृति को पुनर्जीवित करती है। भारतीय पाठकों के लिए यह एक भावनात्मक विरासत भी है — पत्रों में रिश्तों का इतिहास जो आज खोता जा रहा है।

इस विषय को लेखकों ने किस तरह से अलग तरीके से प्रस्तुत किया है?

मनीष और सिल्फ़ ने दो आवाज़ों को सह-लेखन के रूप में बुना है, जिससे पत्रों में प्रामाणिकता और लय दोनों बनी रहती है। यह एकालाप नहीं, बल्कि सच्चा संवाद है। लेखकों ने पत्र-शैली को केवल माध्यम नहीं, बल्कि कथा की आत्मा बनाया है — हर लिफ़ाफ़ा एक निर्णय है, हर जवाब एक जोखिम।

यह किताब पाठक के मन में क्या छोड़ जाती है?

लिफाफा पाठक को शब्दों की शक्ति और मौन के अर्थ के प्रति संवेदनशील बना देती है। यह याद दिलाती है कि प्रेम हमेशा घोषणा नहीं, कभी-कभी प्रतीक्षा भी है। भावनात्मक रूप से, यह एक कोमल उदासी छोड़ती है — उन रिश्तों की, जो पूर्णता में नहीं बल्कि पत्रों के आदान-प्रदान में जीवित रहते हैं।

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