Ye Ishq Nahi Aasan
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ये किताब बीसवीं सदी के बेहद लोकप्रिय शायर जिगर मुरादाबादी की ग़ज़लों का संग्रह है। उनकी शायरी ग़ज़ल कहने की पुरानी परम्परा और बीसवीं सदी के मध्य और अन्त की रंगीन-निगारी का ख़ूबसूरत सम्मिश्रण है। वो शायरी में नैतिकता की शिक्षा नहीं देते लेकिन उनकी शायरी का नैतिक स्तर बहुत बुलन्द है। वो ग़ज़ल कहने के पर्दे में इंसानी ख़ामियों पर वार करते गुज़र जाते हैं। उनका कलाम बनावट से रहित और आमद से भरा हुआ है, सरमस्ती और दिल-फ़िगारी, प्रभाव और सम्पूर्णता उनके कलाम की विशिष्टताएँ है। इस किताब में उनके बेहतरीन कलाम को इकठ्ठा किया गया है जो उर्दू ग़ज़ल के हुस्न को ब-ख़ूबी बयान करती हैं।
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ये किताब बीसवीं सदी के बेहद लोकप्रिय शायर जिगर मुरादाबादी की ग़ज़लों का संग्रह है। उनकी शायरी ग़ज़ल कहने की पुरानी परम्परा और बीसवीं सदी के मध्य और अन्त की रंगीन-निगारी का ख़ूबसूरत सम्मिश्रण है। वो शायरी में नैतिकता की शिक्षा नहीं देते लेकिन उनकी शायरी का नैतिक स्तर बहुत बुलन्द है। वो ग़ज़ल कहने के पर्दे में इंसानी ख़ामियों पर वार करते गुज़र जाते हैं। उनका कलाम बनावट से रहित और आमद से भरा हुआ है, सरमस्ती और दिल-फ़िगारी, प्रभाव और सम्पूर्णता उनके कलाम की विशिष्टताएँ है। इस किताब में उनके बेहतरीन कलाम को इकठ्ठा किया गया है जो उर्दू ग़ज़ल के हुस्न को ब-ख़ूबी बयान करती हैं।
Book Details
-
ISBN9789394494282
-
Pages108
-
Avg Reading Time4 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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