Shahar Is Taraf Hai

Shahar Is Taraf Hai

Author:

Shaheen Abbas

Language:

Hindi

Category:

Poetry

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Book Details

शाहीन अब्बास को पढ़ते समय उनके यहाँ मौजूद मुश्किल ख़यालों को रवानी से बयान कर देने की ख़ूबी जिस तरह उजागर होती है, वह एक ख़ुशगवार हैरत से दो-चार करवाती है। उनके कलाम में रिवायत और जदीदियत का ऐसा मिलन है जो आम तौर पर शायरी करने वाले दूसरे शायरों के यहाँ इस ख़ूबसूरती से कम ही अपनी जगह बना पाता है। शाहीन अब्बास की ग़ज़ल को पढ़े बग़ैर इस दौर की शेरी समझ को पूरी तरह ख़ुद में उतार पाना ना-मुमकिन-सा काम है। वह अपनी शायरी में शहर के बदलते हुए इनसान, जज़्बों की टूट फूट और सियासत को भी कई बार उस बारीक ऐनक से देखते हैं, जिसकी वजह से उनकी ग़ज़ल में मौजूद इशारे पढ़ने वाले पर ज़्यादा आसानी से वाज़ेह होते चले जाते हैं। वह पिछले तीस-पैंतीस बरस से ग़ज़ल की दुनिया में अपने अनोखे उस्लूब का जादू जगा रहे हैं और उनकी आवाज़ वक़्त के साथ-साथ और मज़बूत होती जा रही है। आसान ज़बान और दुश्वार ख़यालात से बुनी गई उनकी ग़ज़ल ‘इश्क़-ओ-आशिक़ी’ के अलावा वुजूद और ज़हन से जुड़े मसलों की तरफ़ भी बख़ूबी इशारे करती है। वह हर लिहाज़ से एक ना-क़ाबिल-ए-फ़रामोश शायर हैं, जिन्होंने अपने ज़माने में ही अपनी बेहतरीन शेरी और फ़िक्री दुनियाओं के नक़्शे बना लिए हैं। उनको पढ़ कर शेर कहने का सच्चा सलीक़ा सीखा जा सकता है।

ISBN: 9789347265457

Pages: 112

Avg Reading Time: 4 hrs

Age: 18+

Country of Origin: India

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