Phir Mujhe Neend Aa Gayi
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"फिर मुझे नींद आ गई" जदीद शाइ’री के नुमाइन्दा शाइ’र रईस फ़रोग़ की तीसरी किताब है जो रेख़्ता बुक्स के " रेख़्ता नुमाइन्दा कलाम" सीरीज़ के तहत शाया हुई है| इससे पहले उनका एक शाइरी-संग्रह "रात बहुत हवा चली" और बच्चों के लिए नज़्मों का संग्रह "सूरज चाँद सितारे" प्रकाशित हो चुकी है| 05 अगस्त 1982 को कराची में उनका निधन हुआ|
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"फिर मुझे नींद आ गई" जदीद शाइ’री के नुमाइन्दा शाइ’र रईस फ़रोग़ की तीसरी किताब है जो रेख़्ता बुक्स के " रेख़्ता नुमाइन्दा कलाम" सीरीज़ के तहत शाया हुई है| इससे पहले उनका एक शाइरी-संग्रह "रात बहुत हवा चली" और बच्चों के लिए नज़्मों का संग्रह "सूरज चाँद सितारे" प्रकाशित हो चुकी है| 05 अगस्त 1982 को कराची में उनका निधन हुआ|
Book Details
-
ISBN9788194876939
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Pages124
-
Avg Reading Time4 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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रेख़्ता नुमाइन्दा कलाम ज़फ़र इक़बाल के कलाम का इन्तिख़ाब। A volume of Zafar Iqbal’s poetry in Devanagari, brilliantly selected and compiled by Rekhta Publications. Zafar Iqbal is one of the finest urdupoets of the subcontinent, based in Okara, Pakistan. Zafar Iqbal is considered unique for his style of writing as well as diction, which is entirely different from traditional urdupoetry. In contrast to traditional urdupoets, Zafar Iqbal establishes love as physical and scientific rather than supernatural. He is known as poet of a new tone and new concept. Meanings are attached with the difficult words, which makes it easier for a commoner to get close to the flavor of couplets.
Jindagi Ke Liye Hi
- Author Name:
Ripusudan Shrivastava
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कविता मौलिक रूप से अनुभव का शाब्दिक विस्तार है। जीवन के तमाम अनुभव जब कल्पना और विचार का साहचर्य प्राप्त करते हैं तब अभिव्यक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। रिपुसूदन श्रीवास्तव का कविता-संग्रह ‘ज़िन्दगी के लिए ही’ एक लम्बे जीवनानुभव को विभिन्न छवियों में व्यक्त करता है।
आज अनेक कारणों से मनुष्य और समाज तथा मनुष्य और प्रकृति के बीच दूरियाँ बढ़ती जा रही हैं। व्यक्ति अपनी जड़ों से दूर होकर एक बनावटी ज़िन्दगी में बन्दी-सा हो गया है। एक उचाटी शाश्वत भाव-सी बन गई है। स्मृतियाँ हैं कि बार-बार वर्तमान पर दस्तक देती हैं। वे क्षण जो बरसों पहले समय की सदी में प्रवाहित हो गए, जाने कैसे आकुलता के जल में उभर आते हैं...इस संग्रह की कविताएँ ऐसे बहुत सारे तथ्यों को नेपथ्य में महसूस करते हुए रची गई हैं। इनकी सहजता-सरलता ही इनका अलंकरण है।
Aachman Prem Jal Se
- Author Name:
Archana Nayudu
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अर्चना नायडू की कविताओं का संकलन
Suili Bnasuri
- Author Name:
Aarzoo Lakhnavi
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