Zindagi Ka Ganit | A Journey To Personal Growth | Strategies For A Fulfilling Life | Book in Hindi
Author:
Mehrunnisa ParvezPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 360
₹
450
Unavailable
Awating description for this book
ISBN: 9788197069284
Pages: 304
Avg Reading Time: 10 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
The Scarlet Plague (Pb)
- Author Name:
Jack London
- Book Type:

- Description: This book has no description
15 Practice Sets for REET Rajasthan Adhyapak Patrata Pariksha Level 2 (Class 6 to 8) Ganit Evam Vigyan Exam 2022
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramvilas Sharma Rachanawali (Part-2 Bhasha Aur Vigyan)
- Author Name:
Ramvilas Sharma
- Book Type:

-
Description:
भाषा, विचार, साहित्य, दर्शन, संस्कृति, इतिहास और समाजशास्त्र समेत मानव, उसके वर्तमान और भविष्य को लक्षित आलोचना के विराट व्यक्तित्व रामविलास शर्मा का लेखन न केवल परिमाण में विपुल है, बल्कि चिन्तन की लगभग सभी सम्भव दिशाओं में मौलिक दृष्टि तथा गहन अध्ययन से प्रसूत पथ-निर्देशक अवधारणाओं का विशाल आगार है।
उनको पढ़ना हिन्दी मेधा के शिखर से गुजरना है। साहित्य-रचना के मर्म तक पहुँचने के लिए उनकी आलोचकीय जिज्ञासा रस, लय, शब्द-संयोजन आदि की पड़ताल करते हुए भाषा-विज्ञान, भाषा-इतिहास और दर्शनशास्त्र तक पहुँची। मार्क्सवादी विश्व-दृष्टि उनके चिन्तन और विवेचन की अविचल आधारभूमि रही, लेकिन उसे भी उन्होंने अपनी सीमा नहीं बनने दिया।
आलोचना-समीक्षा करते समय उन्होंने सिद्धान्तों या प्रतिमानों को विशेष महत्त्व नहीं दिया। उनके अनुसार, 'प्रतिमान आलोचना की अग्रभूमि में स्थित नहीं हैं। प्रत्येक रचना अपना प्रतिमान गढ़ती है; आलोचक उसका अन्वेषण करते हुए रचनाकार की विश्व-दृष्टि, उसकी परिस्थिति, परिवेश और यथार्थ-चित्रण का मूल्यांकन करता है।’
यह रामविलास शर्मा रचनावली का दूसरा भाग है जिसमें उनके भाषा तथा भाषाविज्ञान सम्बन्धी लेखन को प्रस्तुत किया गया है। भाषा को लेकर भी रामविलास जी का अध्ययन व्यापक और विचारोत्तेजक रहा है जिसमें उन्होंने भावी अध्ययन तथा विचार-विमर्श के लिए कई नए प्रस्थान बिन्दु प्रस्तुत किए।
रचनावली के इस बीसवें खंड में रामविलास शर्मा के बहुचर्चित अध्ययन ‘भाषा और समाज’ को प्रस्तुत किया गया है। समाज के विकास के सन्दर्भ में भाषा का अध्ययन करते हुए उन्होंने इसमें भाषाविज्ञान और समाजविज्ञान की अनेक मान्यताओं का तर्क सहित खंडन-मंडन किया है। भाषा-सम्बन्धी अनेक व्यावहारिक समस्याएँ भी यहाँ उनके विवेचन का विषय बनी हैं।
रचनावली के इस इक्कीसवें खंड में रामविलास जी की बहुचर्चित कृति ‘भारत की भाषा-समस्या’ को प्रस्तुत किया जा रहा है। इस पुस्तक में भाषा-समस्या के विभिन्न पक्षों पर विस्तार से विचार करते हुए वे अन्य बिन्दुओं के साथ यह भी स्पष्ट करते हैं कि हिन्दी और उर्दू के मध्य एक बुनियादी एकता है और सभी जनपदीय बोलियाँ परस्पर सम्बद्ध हैं।
रचनावली के इस बाईसवें खंड में उनकी दो महत्त्वपूर्ण पुस्तकें ‘आर्य और द्रविड़ भाषा-परिवारों का सम्बन्ध’ तथा तीन जिल्दों में प्रकाशित ‘भारत के भाषा परिवार और हिन्दी’ का पहला खंड शामिल किया गया है। भाषा-सम्बन्धी उनके सुदीर्घ चिन्तन में इन पुस्तकों की विशेष महत्ता रही है।
रचनावली के इस तेईसवें खंड में ‘भारत के प्राचीन भाषा-परिवार और हिन्दी’ का दूसरा खंड प्रस्तुत किया जा रहा है। इस पुस्तक में उन्होंने इण्डो-यूरोपियन भाषा-परिवार की भारतीय पृष्ठभूमि का विस्तृत विश्लेषण किया है। वे बताते हैं कि हिन्दी का विकास एक ‘वृहत्तर विकास-प्रक्रिया का अंग है’ और इसे समझने के लिए केवल संस्कृत की पृष्ठभूमि पर्याप्त नहीं है।
रचनावली के इस चौबीसवें खंड में ‘भारत के प्राचीन भाषा-परिवार और हिन्दी’ शीर्षक उनके विशद अध्ययन का तीसरा खंड प्रस्तुत है। इस पुस्तक में नाग, द्रविड़ और कोल भाषा-परिवारों व हिन्दी प्रदेश की विशेषताओं का विवेचन किया गया है। भारतीय व्याकरण परम्परा तथा भाषाविज्ञान और भौतिकवाद विषयक चिन्तन भी इस खंड का हिस्सा है।
The Girl From Himachal & Other Stories
- Author Name:
Yashwant Mande
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NTA CUET UG 2024 Exam | Mathematics | 2000+ NCERT Based Topic-wise MCQs | Useful for DU JNU Jamia Milia BHU AMU CHS and All Other Central University
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Galiyon Ke Shahzade
- Author Name:
Nasera Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chanakyament
- Author Name:
Chandresh Makwana
- Book Type:

- Description: अपने हाथ में एक भी हथियार उठाए बिना एक साधारण शिक्षक ने एक पूरे साम्राज्य को उखाड़ फेंका, नंदवंश को नष्ट कर दिया और मौर्यवंश की स्थापना की। ऐसा क्या था उस शिक्षक के पास? सूक्ष्म संचालन शक्ति! कौन था वह शिक्षक? मूल नाम आचार्य विष्णुगुप्त, जिन्हें अपने पिता के नाम ‘चाणक’ से ‘चाणक्य’ नाम की उपाधि मिली थी। मैनेजमेंट के मामले में चाणक्य एक माइलस्टोन हैं, जिसे जो कोई भी पढ़ता है, उसे वह स्वीकार ही करना पड़ता है। मैनेजमेंट मानव जीवन का सबसे अनिवार्य हिस्सा है। जितने पहलू मानव जीवन के, उतने ही पहलू मैनेजमेंट के भी हैं। जब हम मैनेजमेंट शब्द को केवल व्यापार के संदर्भ में देखते हैं, तब वह बहुत संकुचित अर्थ दरशाता है। वास्तव में, मैनेजमेंट एक बहुत बड़ी चीज है, जो जीवन के हर पहलू को कवर करती है। हम देखते हैं कि मनुष्य हर क्षेत्र में सफलता के शिखर पर पहुँचना चाहता है...वह हर चरण में कुछ नया करना चाहता है, यही शाश्वत सत्य है और इसलिए जीवन के प्रत्येक चरण में मैनेजमेंट न केवल आवश्यक है, बल्कि अनिवार्य भी है। यह पुस्तक चाणक्य के ‘अर्थशास्त्र’ और ‘पूर्ण चाणक्यनीति’ पर आधारित है। इसमें से बुद्धिमान पाठकों को वह दृष्टि मिल जाएगी, जो वे चाहते हैं। शासक को शासन के संबंध में, व्यापारी को व्यवसाय के संबंध में, गृहस्थ को अपने घर के संबंध में और व्यवस्थापक को संचालन के संबंध में कुछ-न-कुछ तो मिल ही जाएगा।
Captain Anuj Nayyar
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Anuj was born on August 28, 1975 in Delhi. He was a resident of Janakpuri in South West Delhi. Rank—Captain Unit—17 JAT Regiment War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) Award—Maha Vir Chakra (Posthumously) Special Recognition—A road named after him known as "Captain Anuj Nayyar Marg" in Janakpuri, Delhi. Also, there is a hall in Delhi University's South Campus that is named in memory of Captain Anuj Nayyar.
UPPSC Uttar Pradesh Lok Seva Aayog RO/ARO Samiksha Adhikari Evam Sahayak Samiksha Adhikari Bharti Pareeksha 15 Practice Sets And 3200+ question With Latest Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Maupassan Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Guy De Maupassant
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Collector Today : Challenges of District Administration
- Author Name:
Alok Ranjan
- Book Type:

-
Description:
The role of the Collector or District Magistrate is most important in district administration. The District Magistrate is the most responsible representative of the government in the district. His job is to take out the policies and concepts of the government from paper and implement them in reality. Besides, he also has to connect directly with the problems and expectations of the genuses public. Thus we see that the responsibilities of today’s District Magistrate are more challenging and multi-dimensional than those of the earlier District Magistrate.
This book presents a very reliable and thorough analysis of these responsibilities of the District Magistrate. This book is different from the informational books available till now on the subject of District Administration and District Chief because in it, based on his personal experiences, the author has presented a practical analysis of the situations which can come in front of any District Magistrate at any time.
Mr. Alok Ranjan has worked as District Magistrate in five districts of Uttar Pradesh–Allahabad, Agra, Ghaziabad, Banda and Ghazipur. He has written this book on the basis of his experiences during this period. Obviously his experiences throw light on all aspects of district administration. The author has presented the challenges of district administration in a very simple and accessible manner through case-study technique.
Yogasan Aur Shareer Vigyan
- Author Name:
Swami Akshay Atmanand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rahim Rachnawali
- Author Name:
Satyaprakash Mishra
- Book Type:

- Description: डॉ. सत्यप्रकाश मिश्र द्वारा सम्पादित इस रचनावली में रहीम के नाम से प्रचलित सभी रचनाओं का समावेश किया गया है। पाठ को प्रामाणिक बनाने के प्रयत्न के साथ ही साथ सम्पादक ने अपनी विस्तृत भूमिका में रहीम के विषय में प्रामाणिक सामग्री दी है। रहीम की भूमिका को निर्धारित करते हुए पुस्तक में रहीम द्वारा प्रयुक्त नई शैलियाँ और काव्य प्रयोगों को रेखांकित करके सम्पादक ने उस युग के काव्य मिज़ाज को समझाने का महत्त्वपूर्ण प्रयत्न किया है। रहीम के स्वनिर्मित स्वाभिमानी व्यक्तित्व और उनकी त्रासदी को समझे बग़ैर उनकी कविताओं को समझना कठिन है—यह इस ग्रन्थ को पढ़ने से और अधिक उजागर होगा। इस संग्रह की भूमिका और मूल पाठ से रहीम के साथ ही साथ मध्ययुगीन काव्य की मानसिक बुनावट और काव्य सन्दर्भ को समझने में मदद मिलेगी—यह विश्वास के साथ कहा जा सकता है।
CTET KENDRIYA SHIKSHAK PATRATA PAREEKSHA PAPER-2 (CLASS 6 TO 8) GANIT EVAM VIGYAN 15 PRACTICE SETS
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Body Language: Read What People Have in Their Minds
- Author Name:
M.K. Mazumdar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sa Se Stories
- Author Name:
Bhavna Shekhar
- Book Type:

- Description: विमर्श विशेष की बजाय लेखिका का आग्रह समाज-विमर्श के प्रति है। सभी मुद्ïदे, सभी समस्याएँ इसी में समाहित हैं। संकलन की कहानियाँ जीवन के विभिन्न पक्षों का संस्पर्श करते हुए किशोर मन की उधेड़बुन से लेकर बुजुर्गों के एकाकीपन तक की समस्या उठाती हैं। दांपत्य की विविध परतों को खोलती कहानियों में एक ओर टूटते रिश्तों की पड़ताल है तो दूसरी ओर मरकर भी न मिटनेवाला प्रेम पाठक के सशंकित मन को आश्वस्त करता है। कोरोनाकाल की बुरी यादों से आज भी हम उबरे नहीं हैं। मन के साथ तन की नजदीकियाँ कितनी जरूरी हैं। लड़खड़ाते का हाथ थाम लेना, मौजमस्ती की गलबहियाँ, टूटते हौसलों में कंधे पर उम्मीद भरी गरम हथेली...लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग ने अपनों के बीच मीलों का फासला पैदा कर दिया। बदलते मूल्यों के साथ हम एक नखलिस्तान में जी रहे हैं। आँगन-गलियारे की जगह यूट्ïयूब-ट्विटर की गलियाँ, सोंधी माटी की जगह डियो परफ्यूम की खुशबू। मांसलता के आगे सोने से मन का कौड़ी मोल नहीं। ऐसे में प्रस्तुत संगह की ये कहानियाँ प्रेम, निश्छलता, ममत्व जैसे मूल्यों की उपस्थापना करते हुए पूर्वग्रहों को तोड़ती हैं। मानवीय दुर्बलताओं को उघाड़कर आत्म-मंथन के लिए उकसाती हैं। कथारस से भरपूर एक रोचक कथासं ग्रह।
Bharatbodh: Sanatan Aur Samayik
- Author Name:
Dr. Rajaneesh Kumar Shukla
- Book Type:

- Description: भारत केवल भौगोलिक रचना या भूखंड मात्र नहीं है, न तो भारतबोध मात्र इतिहास से बनता है । वस्तुत: भारतबोध एक सनातनबोध की प्रक्रिया है, जो नित्य और निरंतर, इन दोनों के साथ गुंफित होता है। नित्यता से शाश्वत मूल्य आते हैं तो निरंतरता से समय के साथ उनका समंजन होता है। भारतबोध राष्ट्रीयता है, संस्कृति है और धर्म भी है। भारतबोध पद से जो अर्थ अभिहित होता है--वह सनातन और निरंतर सभ्यता की जीवन-प्रणाली की अभिव्यंजना है। भारतीयता का विचार, भारतबोध का प्रश्न इस रूप में समझा जा सकता है कि यह कृतज्ञता की संस्कृति है और कृतज्ञता का प्रारंभ इस मान्यता, इस विश्वास के साथ होता है कि हम कुछ ऋणों के साथ उत्पन्न हुए हैं । हमने इस धरती में जन्म लेने के साथ ही समाज का, धरती का, परिवार का, शिक्षकों का, आचार्यों का ऋण प्राप्त किया है और वास्तविक मुक्ति हमें तब होगी, जब हम इन ऋणों से मुक्त होंगे; और इससे ऋण मुक्ति का तरीका इतना ही है कि हमें मनुष्य बनना है; न तो यह सभ्य बनने की प्रणाली है और न ही यह जीनियस बनने की । भारत धर्म भी है और यह धर्म उपासना-पंथों से परे भी । यह धर्म मानवीय मूल्यों का पुंज है। भारतबोध की दृष्टि से इस पुस्तक में कुछ सूत्रों की चर्चा है और कुछ सूत्रों का आज के परिप्रेक्ष्य में पल्ल्वन भी है। समकाल के भारत की भूमिका को उभारने की कोशिश की गई है और समकाल के भारत के लिए, भारत में जन्म लिये हुए लोगों को किस प्रकार की जीवन प्रणाली को स्वीकार करना है; किस मूल्य-व्यवस्था को स्वीकार करना है, इस पर किंचित् विवेचन किया गया है.
Art of Interview: A Complete Guide How To Take An Interview
- Author Name:
Sunil Badal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Krantiveer Shraddheya Chandrapal Shailani Ka Jeevan-Darshan "क्रांतिवीर श्रद्धेय चंद्रपाल शैलानी का जीवन-दर्शन" Book in Hindi
- Author Name:
Vishakha Shailani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uttarakhand Ki Lokkathayen "उत्तराखंड की लोककथाएँ" Book in Hindi- Umedu Lal
- Author Name:
Umedu Lal "Umang"
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...