Samajiki (Oct- Dec - 2021 - Ank - 1)
(0)
₹
125
₹ 100 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBNSamajiki1
-
Pages138
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Stuti Suman
- Author Name:
Dr. Vinod Bala Arun
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Patriotic Pilgrimage of India
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mera Rasta Aasaan Nahin
- Author Name:
Aacharya Jankivallabh Shastri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Ki Vartani
- Author Name:
Sant Sameer
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bundeli: History, Culture & Glories
- Author Name:
Aniket Jain
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ram Phir Laute "राम फिर लौटे" Book In Hindi
- Author Name:
Hemant Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Spoken English Digest
- Author Name:
Rashmeet Kaur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pita Ko Patra
- Author Name:
Franz Kafka
- Book Type:

- Description: काफ़्का की हस्तलिपि में अपने पिता को लिखा उनका यह पत्र कुछ वर्ष पूर्व तक लापता माना जा रहा था और हाल ही के वर्षों में मिला है। पाठक जानते ही हैं कि काफ़्का मृत्यु से पहले अपनी सभी रचनाएँ अपने मित्र मार्क्स ब्रोड के पास इस निर्देश के साथ छोड़ गए थे कि उनकी मृत्यु के बाद उन्हें जला दिया जाए। लेकिन ब्रोड ने ऐसा नहीं किया और एक के बाद एक उन पांडुलिपियों को सम्पादित कर प्रकाशित करवा दिया। इस ऐतिहासिक पत्र के अस्तित्व के बारे में ख़ुद ब्रोड को भी जानकारी नहीं थी। सन् 1953 में जब यह पत्र अपने अपूर्ण रूप में पहली बार प्रकाशित हुआ तो इसके प्राक्कथन में ब्रोड ने लिखा कि काफ़्का ने यह पत्र मूल रूप से टाइपिंग मशीन पर ही टाइप किया था और बाद में हाथ से ग़लतियाँ सुधारी थीं। टाइप किए हुए साढ़े चौवालीस पृष्ठों वाले पत्र में काफ़्का ने बाद में हाथ से लिखे दो पृष्ठ और जोड़े थे—ऐसा ब्रोड का मानना था। काफ़्का बीसवीं सदी के सर्वोत्कृष्ट साहित्यिक प्रतिभाओं में एक थे। जर्मन भाषा के साथ विश्व के साहित्य में उनका महत्त्वपूर्ण योगदान है। पिता को लिखा गया यह पत्र काफ़्का के भीतर के व्यक्ति को भी सामने लाता है।
Sangram
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Abhivanchiton Ka Shikshadhikar : Ek Srijanvadi Prayog
- Author Name:
Shailendra Kumar Srivastava +1
- Book Type:

- Description: आधुनिक शिक्षा व्यवस्था केवल उच्च और मध्यम वर्गों की सेवा करती है। निम्न-मध्य और निम्न वर्गों के विद्यार्थी इसमें अपनी वास्तविकताओं के बरक्स खड़ी दुनियाओं के अनुकरण से ज़्यादा कुछ हासिल नहीं करते। कुछ प्रयास इस दिशा में ज़रूर हुए हैं कि वंचित और हाशिए पर पड़े लोगों तक शिक्षा पहुँचे, लेकिन वह किस रूप में पहुँच पाई है और कितनी, इसका कोई स्पष्ट आकलन हमारे सामने नहीं है। एक सरोकारवान शोध अध्ययन पर आधारित यह पुस्तक कुछ ऐसे पैमानों को गढ़ने की कोशिश करती है जिनके द्वारा हम अभिवंचित समुदायों तक पहुँची शिक्षा की गुणवत्ता, स्वरूप और मात्रा का अन्दाज़ा लगा सकते हैं। साथ ही शिक्षा के अपने अधिकार को हासिल करने में क्या कुछ करना आवश्यक है, इसका भी उल्लेख किया गया है। शोध के आधार पर मिले परिणामों के विश्लेषण से शैक्षिक परिदृश्य में सकारात्मक परिवर्तन हेतु एक व्यावहारिक मॉडल के निरूपण का प्रयास भी यह पुस्तक करती है। यह पुस्तक इस बात को भी विशेष रूप से रेखांकित करती है कि अभिवंचित तबकों के बच्चे भी इस देश की उतनी ही मूल्यवान पूँजी हैं जितने सम्पन्न और खाते-पीते लोगों की सन्तानें। ज़रूरत है बस निष्ठा और ईमानदारी के साथ उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने, और उससे भी ज़्यादा मुख्यधारा में इनके लिए स्थान बनाने की।
Social Science JSSC JTPTCCE Assistant Primary Teacher Recruitment Exam Graduate Acharya Paper-IV 15 Practice Sets In Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ke Pavitra Teerthsthala
- Author Name:
Narayan Bhakta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Winning Despite All Odds
- Author Name:
Gaurav Krishna Bansal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rochak Ganit
- Author Name:
Shriniwas Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Management Lesson from the Films of Big B
- Author Name:
Harmik Vaishnav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Amar Krantidoot Chapekar Bandhu
- Author Name:
Arunesh Kumar
- Book Type:

- Description: चापेकर बंधु--दामोदर हरी चापेकर, बालकृष्ण हरी चापेकर तथा वासुदेव हरी चापेकर--तीनों भाइयों को क्रांतित्रयी कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। चापेकर बंधु पुणे के पास चिंचवड के निवासी थे और बाल गंगाधर तिलक को अपना गुरु मानते थे। आरंभ से ही उनके मन में भारत को विदेशी दासता से मुक्त कराने की दृढ़ भावना थी । सन् 1896 में जब पुणे में प्लेग महामारी फैली तो इसकी रोकथाम के लिए सरकार ने रैंड नामक एक अधिकारी को तैनात किया । रैंड के गोरे अधिकारी जाँच के नाम पर घर-घर लोगों पर अत्याचार करने लगे। इन अत्याचारों ने चापेकर बंधुओं को अंदर तक आक्रोशित करके रख दिया। उन्होंने रैंड से बदला लेने की ठान ली। एक दिन जब रैंड और उसका साथी एक उत्सव में भाग लेकर लौट रहे थे तो बालकृष्ण ने रैंड के साथी आयस्रट को तथा दामोदर ने रैंड को गोली मारकर दोनों का काम तमाम कर दिया। घर के भेदी द्रविड़ बंधुओं की चुगलखोरी के कारण दामोदर तथा बालकृष्ण को गोरी सरकार ने फाँसी दे दी। इससे क्षुब्ध सबसे छोटे वासुदेव हरी चापेकर ने अपने मित्र महादेव रानाडे की मदद से चुगलखोर द्रविड़ बंधुओं को मार गिराया और खुद भी फाँसी पर चढ़ गया। इस प्रकार अंग्रेजों से लोहा लेकर चापेकर बंधुओं ने जिस शौर्य का प्रदर्शन किया, उसने देशवासियों के मन में अंग्रेजों के विरुद्ध क्रांति की आग को और तेज करने का काम किया। माँ भारती के सपूतों चापेकर बंधुओं की प्रेरक जीवनगाथा।
Champa Maa Stories Book
- Author Name:
Tribhuvan Nath Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dr. Ambedkar : Aayaam Darshan
- Author Name:
Kishor Makwana
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Life and Times of Ramakrishna Parmahamsa
- Author Name:
Pradeep Pandit
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vibhajit Bharat "विभाजित भारत" Book In Hindi - Ram Madhav
- Author Name:
Ram Madhav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book