Romanchkari Kahaniyan
(0)
₹
400
320 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
No Description Available for this Book
Read moreAbout the Book
No Description Available for this Book
Book Details
-
ISBN9789380186467
-
Pages96
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Dr. Babasaheb Ambedkar
- Author Name:
Surynarayan Ransubhe
- Book Type:

- Description:
जाति और अस्पृश्यता के दलदल में फँसे भारतीय समाज को उबारने का उपक्रम करनेवालों में डॉ. आंबेडकर अग्रणी हैं। उनका चिंतन मनुष्य की मुक्ति से जुड़ा है। वह समतावादी समाज का सपना देख रहे थे। आकाशवाणी पर दिए गए अपने एक भाषण में उन्होंने कहा था, “शंकराचार्य के दर्शन के कारण हिन्दू समाज-व्यवस्था में जाति-संस्था और विषमता के बीज बोए गए। मैं इसे नकारता हूँ। मेरा सामाजिक दर्शन केवल तीन शब्दों में रखा जा सकता है। ये शब्द हैं—स्वतंत्रता, समता और बन्धुभाव। मैंने इन शब्दों को फ्रेंच राज्य क्रान्ति से उधार नहीं लिया है। मेरे दर्शन की जड़ें धर्म में हैं, राजनीति में नहीं। मेरे गुरु बुद्ध के व्यक्तित्व और कृतित्व से मुझे ये तीन मूल्य मिले हैं।”
हिन्दी में डॉ. आंबेडकर पर ढेरों पुस्तकें और पुस्तिकाएँ उपलब्ध हैं। जो पुस्तकें ठीक हैं, वे मिलती नहीं और पुस्तिकाओं में सिवाय व्यक्तिपूजा के कुछ होता नहीं। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यह पुस्तक लिखी गई है, ताकि एक शताब्दी पूर्व जन्मे इस महापुरुष का विराट व्यक्तित्व खुलकर सामने आए और पाठकों को उद्वेलित कर सके।
BPSC Bihar Public Service Commission General Studies 20 Practice Sets Preliminary Competitive Examination 2024 Including Solved Papers of Previous Year
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Vilom Shabdkosh
- Author Name:
Sant Sameer
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Celebrating Parenting
- Author Name:
Shabanam Gupta
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Bhautik Vigyan Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Physics Practice Sets Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Simultala Awasiya Vidyalaya Pravesh Pariksha Prarambhik Evam Mukhya Class 6
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Sanatan Parampara Ka Mahaparva Mahakumbh
- Author Name:
Dr. Pradeep Kumar Rao
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Apratim
- Author Name:
Dr. Anil Kumar Pathak
- Book Type:

- Description:
डॉ़ अनिल कुमार पाठक का नवीनतम काव्य-संग्रह ‘अप्रतिम’ प्रेम और समर्पण के अन्यतम क्षणों का सृजन है। भारतीय संस्कृति एवं परंपरा में प्रबल आस्था रखनेवाले कवि ने इस कृति में शाश्वत मानवीय मूल्य ‘प्रेम’ को आधार बनाया है। डॉ. पाठक आध्यात्मिक विचारों से परिपूर्ण हैं, जिसका आभास इस संग्रह की रचनाओं में भी होता है। कवि के मानस-पटल पर प्रेम के उदात्त मूल्यों की अमिट छाप है, जो जीवन के झंझावातों में संबल प्रदान करता है और प्रेरणा भी देता है। संग्रह के सभी गीत निरंतर बहनेवाले झरने की तरह स्वतः प्रवाहमान हैं। बाह्य तौर पर इस संग्रह की रचनाएँ वैयक्तिक प्रतीत होती हैं, किंतु इनमें समाहित मूल्य सार्वभौमिक एवं सार्वदेशिक हैं। आज के भौतिकवादी, व्यवहारवादी युग में ‘प्रेम’ अत्यंत संकुचित रूप में ग्रहण किया जा रहा है तथा संकीर्ण रूप में ही समझा भी जा रहा है। परंतु कवि की आस्था प्रेम के उस स्वरूप में है, जो असीमित, अपरिमित, अतुलनीय, अमर व अनंत हैं। उसके लिए प्रेम शाश्वत भाव की व्यापक अनुभूति है। ‘प्रेम’ के प्रति कवि की इसी आस्था के कारण इस कृति के गीत, प्रेम की अतल गहराइयों तथा उसकी भावनात्मक ऊँचाइयों से प्रबुद्ध पाठक का परिचय कराते हैं। इस कृति के सभी गीत एक शीतल, प्राणदायक मलयानिल की तरह हैं, जो प्रेम की पवित्रता व पावनता को प्रदूषित करनेवाले वातावरण में संजीवनी प्रदान करते हैं। प्रेम की उदात्त भावनाओं को समेटे हुए इन गीतों के संग्रह का ‘अप्रतिम’ पूर्णतया चरितार्थ होता है।
Rasayanik Tathya : Vichitra Kintu Satya
- Author Name:
Sushila Rai
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Antyodaya
- Author Name:
Prabhat Jha
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Trading Banknifty Options: Art of Doing Nothing & Still Making Money Book in English
- Author Name:
Pramod Kumar
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Dhatri Paat San Gaam
- Author Name:
Mahendra
- Book Type:

- Description:
धात्री पात सन कोमल एहि पोथी मे तत्कालीन शिक्षक, मारवाड़ी बोर्ड, चकला निर्मली आ विलियम्स स्कूल, पूर्वी आ पश्चिमी बान्हक श्रमदान सँ भेल निर्माण आ तकर उद्घाटन, सुपौलक गली-कूची, ओहि समयक वातावरण आ समरसता-सौहाद्र, शिरीष गाछक ऐतिहासिकता आ ओकर मानवीकरण, परसरमा आ गढ बरुआरी स्टेशनक रोचक आ जानकारी सँ भरल इतिहास, लाल साहेब, प्रसिद्ध जमीन्दारक कथाक संग-संग आखिरी विपन्न आदमी, जे सुपौलक चौराहा पर बैसि जुत्ता-चप्पलक मरम्मति करैत अछि दुखो काका, तकरो कथा एहि मे भेटैत अछि जे आन ठाम कतहु लिखित नहि अछि। ई लिखैत मान्यजन जनक काका मोन पड़ैत छथि, जे दलित छलाह मुदा से संबोधन आ दैनन्दिन क्रियाकलाप सँ कतहु तेना भ' क' बुझाइत नहि छथि। एहि पोथी मे एकर सभक दस्तावेजीकरण एक टा प्रतिमान गढ़ैत अछि। एहि पोथी मे महत्त्वपूर्ण थिक लेखकक राग-भास। प्रेम-अनुराग। सामाजिक सौहाद्र। ह' ह' बहैत प्रवाहमयी बसात। कल-कल छल-छल करैत गद्यक प्रवाह। मृदुता। आप्लापित करैत ओजस्विता। शब्द जखन महेन्द्र जीक आँगुरक स्पर्श करैत छनि तँ जेना ओहि मे अनायास गतिमयता आबि जाइत अछि। कलमक नोंक पर अबाधित नृत्य करैत गद्य आ तकर सौष्ठव। सुगंध आ सुवास भरल। एतेक प्रांजल, एतेक सुगठित, एतेक हँसैत आ आत्मा मे पैसैत गद्य किएक ने कोनो पाठक केँ आह्लादित आ मोहित करतैक। —केदार कानन
Kahani Ek IAS Pareeksha ki
- Author Name:
K. Vijayakarthikeyan
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Bazar Ke Bazigar
- Author Name:
Prahlad Agarwal
- Book Type:

- Description:
कहिए कि हिन्दी सिनेमा का नया सुनहरा दौर शुरू हो चुका है। एक बिलकुल नई जगमगाती पीढ़ी समूचे परिदृश्य पर क़ब्ज़ा जमा चुकी है। उसने तमाम शक-शुब्हा नेस्तनाबूद कर अपनी फ़िल्मों में लोकप्रिय चरित्रों की ऐसी बुनियादें डाली हैं जिसने बीसवीं शताब्दी के तमाम प्रतिमानों की चूलें हिला दी हैं। स्थापित प्रतिमानों को ख़ारिज करने की जहमत उठाने में इसकी कोई रुचि नहीं है। वह उन प्रतिमानों को अपने दौर के साथ खड़ा करती है। और उनसे एक क़दम आगे जाकर। कई मायनों में सौ क़दम पीछे रहते हुए भी। वह जिसे प्रथम पुरुष कहा जाता है, कोई चालीस साल बाद अपनी किताबी ज़ुबान की चौहद्दी से बाहर निकला है। आज आशुतोष गोवारीकर, संजय लीला भंसाली, मधुर भंडारकर, राजकुमार हीरानी, करन जौहर और आदित्य चोपड़ा उन फ़िल्मकारों के नाम हैं जिनकी फ़िल्में सिर्फ़ सितारों के नाम से नहीं पहचानी जातीं। आज फिर परिदृश्य सुनहरे दौर की तरह ही भरा-पूरा है। इसमें कोई शक नहीं कि यह एक नए सुनहरे दौर की शुरुआत है। लेकिन बस शुरुआत।
55 Model Papers REET Rajasthan Adhyapak Patrata Pariksha Level 1 (Class 1 to 5) Level 2 (Class 6 to 8 ) Vastunisth Hindi Bhasha Exam 2022
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Dr. Ambedkar : Vyakti Darshan
- Author Name:
Kishor Makwana
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Ek Ghar Chand Par | Science Fiction Book in Hindi
- Author Name:
Shailesh Vani
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
BIHAR KE MAHAPURUSH VEERCHAND PATEL
- Author Name:
SAMVED
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
KHEL-KHEL MEIN GANIT (FC)
- Author Name:
SHAILENDRA
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Chanakyament
- Author Name:
Chandresh Makwana
- Book Type:

- Description:
अपने हाथ में एक भी हथियार उठाए बिना एक साधारण शिक्षक ने एक पूरे साम्राज्य को उखाड़ फेंका, नंदवंश को नष्ट कर दिया और मौर्यवंश की स्थापना की। ऐसा क्या था उस शिक्षक के पास? सूक्ष्म संचालन शक्ति! कौन था वह शिक्षक? मूल नाम आचार्य विष्णुगुप्त, जिन्हें अपने पिता के नाम ‘चाणक’ से ‘चाणक्य’ नाम की उपाधि मिली थी। मैनेजमेंट के मामले में चाणक्य एक माइलस्टोन हैं, जिसे जो कोई भी पढ़ता है, उसे वह स्वीकार ही करना पड़ता है। मैनेजमेंट मानव जीवन का सबसे अनिवार्य हिस्सा है। जितने पहलू मानव जीवन के, उतने ही पहलू मैनेजमेंट के भी हैं। जब हम मैनेजमेंट शब्द को केवल व्यापार के संदर्भ में देखते हैं, तब वह बहुत संकुचित अर्थ दरशाता है। वास्तव में, मैनेजमेंट एक बहुत बड़ी चीज है, जो जीवन के हर पहलू को कवर करती है। हम देखते हैं कि मनुष्य हर क्षेत्र में सफलता के शिखर पर पहुँचना चाहता है...वह हर चरण में कुछ नया करना चाहता है, यही शाश्वत सत्य है और इसलिए जीवन के प्रत्येक चरण में मैनेजमेंट न केवल आवश्यक है, बल्कि अनिवार्य भी है। यह पुस्तक चाणक्य के ‘अर्थशास्त्र’ और ‘पूर्ण चाणक्यनीति’ पर आधारित है। इसमें से बुद्धिमान पाठकों को वह दृष्टि मिल जाएगी, जो वे चाहते हैं। शासक को शासन के संबंध में, व्यापारी को व्यवसाय के संबंध में, गृहस्थ को अपने घर के संबंध में और व्यवस्थापक को संचालन के संबंध में कुछ-न-कुछ तो मिल ही जाएगा।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book