Rita Shukl Ki Lokpriya Kahaniyan
Author:
Rita ShuklPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 120
₹
150
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789351863076
Pages: 184
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
JSSC CGL Book Jharkhand 2023 Guide Solved Papers Paper I and Paper III Practice Sets Book In Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sankalp Kaal Speeches By Shri Atal Bihari Vajpayee
- Author Name:
Dr. N.M. Ghatate
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pariksha Vanijya Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Commerce Practice Sets in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Real Estate Evam Estate Planning
- Author Name:
Dr. Yogesh Sharma
- Book Type:

- Description: रियल एस्टेट एवं एस्टेट प्लानिंग विषय पर बाजार में कई पुस्तकें उपलब्ध हैं, लेकिन लेखक ने इस पुस्तक के द्वारा बैंकिंग विषय का समावेश करते हुए इन दोनों क्षेत्रों के जटिल पहलुओं को सीधी-सरल भाषा में स्पष्टता से समझाने की कोशिश की है। पुस्तक में प्रॉपर्टी बाजार की जानकारी, विभिन्न होमलोन प्रोडक्ट की जानकारी एवं प्रॉपर्टी के खरीदने से लेकर बेचने तक के दौरान रखी जानेवाली सावधानियों को उदाहरण सहित समझाया गया है। इसके अलावा पुस्तक में कैपिटल गेन स्कीम, प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) एवं रियल एस्टेट रेगुलेशन ऐक्ट की जानकारी भी समाहित की गई है। विश्वास है कि पुस्तक प्रॉपर्टी में निवेश एवं एस्टेट प्लानिंग में रुचि रखनेवालों की जिज्ञासाओं, संशयों तथा प्रश्नों का निराकरण करेगी।
Martyn Luther King
- Author Name:
Dinkar Kumar
- Book Type:

- Description: अमेरिका में सन् 1950 और 1960 के दशक में रंगभेद के खिलाफ मार्टिन लूथर किंग जूनियर की अगुवाई में अहिंसक प्रतिरोध अपनाते हुए जो नागरिक अधिकार आंदोलन चलाया गया, उसकी दास्तान युगों-युगों तक मानव जाति को प्रेरणा देती रहेगी। इस पुस्तक में मार्टिन लूथर किंग के जीवन के विविध पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है। नई पीढ़ी के लिए किंग की जीवन-कथा से अवगत होना उपयोगी साबित होगा। किंग ने अमेरिका के दक्षिणी और फिर उत्तरी हिस्सों में रंगभेद के खिलाफ अहिंसक आंदोलन चलाते हुए इतिहास की दिशा को मोड़ देने में सफलता हासिल की थी। महात्मा गांधी के अहिंसक प्रतिरोध को अपना अस्त्र बनाकर उन्होंने रंगभेद और गरीबी की जंजीरों से अश्वेत जनता को मुक्ति दिलाने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया। इस आंदोलन के लिए किंग को अपने जीवन का बलिदान करना पड़ा। इसके बावजूद इन्होंने साबित कर दिखाया कि मानवता को बचाने के लिए हर तरह के संकट को हँसते-हँसते झेला जा सकता है और शासन तंत्र को चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने घृणा को प्रेम व भाईचारे से जीतने का प्रयास किया और रंगभेद के समर्थकों का हृदय-परिवर्तन करने पर लगातार जोर देते रहे। ऐसे महामानव की जीवनी सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए निश्चय ही उपयोगी एवं प्रेरक सिद्ध होगी।
Rebel Monk
- Author Name:
Rajeev Sharma
- Book Type:

- Description: * From Srinagar to Kamrup-Kamakhya and from Calcutta to Kochi, the name of Adi Shankar was like a torchbearer to illuminate my path. While searching the footprints of that great traveller, it was not known when the circumambulation across India was completed effortlessly. * Every reform becomes a stereotype over a period. It is the habit of history to witness every revolution becoming hypocritical and free warriors becoming dictators. While being a monk, he had the courage to say that | am neither an idol nor a worshipper, nor am | a priest, nor religion, nor caste. * Adi Shankaracharya has the answers to all the questions of today’s youth, their curiosities and frustrations as well. Who else would be the outstanding management guru than him who changed the consciousness and the ways of life of the entire nation. The monks who were beyond all the disciplines of the world, he organised them into arenas and ashrams. He made them disciplined and organised. The conflict between Buddhism and Hindus was pacified. Shaivas, Vaishnavas, Shakyas, Ganapathis all were put together in one thread. * I hope that this story of that amazing, brilliant child, the miraculous teenager and the charming young Shankar may light up your path and the story might unfold the mystic episodes of his life, which is the prime humble motive behind writing this book.
Digital Kanoonon Se Samriddha Bharat "डिजिटल कानूनों से समृद्ध भारत" Book In Hindi
- Author Name:
Virag Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kamal Kumar Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Kamal Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhagavadgita Dwara Swayam Ko Mukta Karen "भगवद्गीता द्वारा स्वयं को मुक्त करें" Book In Hindi - Acharya Pundrik Goswami
- Author Name:
Acharya Pundrik Goswami
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aapki Financial Freedom Success Guide Invest, Compound And Become A Billionaire | A practical Guide To Enhance Earning, Boost Saving And Enjoy The Freedom
- Author Name:
Shyam Sunder Goel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sanskrit Subhashit Kosh
- Author Name:
Dr. Ramprakash Sharma ‘Saras’
- Book Type:

- Description: संस्कृत सुभाषित कोश' में संस्कृत वाड्मय के अगाध सिंधु के मणि-माणिक्य हैं । मनीषियों ने अगाध सिंधु का अनंत वर्षों तक अवगाहन करके अमृत रूपी सुभाषित मानव जाति के सकल अभ्युदय हेतु संचित किए हैं। अनेक दोषों से दूषित, कलुषों से कलुषित, अनाचरणीय आचरणों के पाप-तमस से आच्छादित, अविद्यादि दुरितों से ग्रस्त-त्रस्त मानवता पर छाई मूर्च्छा का हरण करने में ये सुभाषित संजीवनी का कार्य करेंगे। 'सा प्रथमा संस्कृति: विश्ववारा' यजुर्वेद संहिता 7/14 जीवन जीने की उत्कृष्टतम पद्धति का नाम 'संस्कृति' है, जिसका सर्वविध विकास भारतवर्ष की पुण्यधरा पर हुआ। इस धरा के निवासी मानव के मन और बुद्धि ने कितनी ऊँचाइयों का स्पर्श किया, इन सुभाषितों में निहित संस्कृति से स्पष्ट है। पुस्तकस्थ सुभाषित प्रेरणा, उत्साह, प्रसन्नता का संचार करने के साथ ही जिज्ञासा के नवीन स्रोतों का सृजन करेंगे। मानव को सहज, सरल, शांत और विवेकशील, विचारप्रपन्न बनाने में दिशा-बोधक का कार्य करते हुए उसमें सुप्त, कुंठित संवेदना को जाग्रत् कर उदात्त मानवीय गुणों से सरस संपन्न बनाने में इन सुभाषितों की विवेचनीय भूमिका होगी।
Tumhara Namvar
- Author Name:
Namvar Singh
- Book Type:

-
Description:
नामवर सिंह आधुनिक हिन्दी के सबसे बड़े संवादी थे। इस पुस्तक में संकलित पत्र उनके संवादी-भाव को समझने की एक नई दृष्टि देते हैं।
‘तुम्हारा नामवर’ के पहले खंड में परिजनों को लिखे पत्र हैं। मझले भाई रामजी सिंह को सम्बोधित पत्र अनेक दृष्टियों से विशिष्ट हैं। इन पत्रों में आधुनिक एवं पारम्परिक जीवन के द्वन्द्वों के दबावों की अनेक झलकें संकेत रूप में मौजूद हैं। सबसे छोटे भाई काशीनाथ सिंह को लिखे पत्र उन स्थितियों और जीवन-प्रसंगों पर रोशनी डालते हैं जिनमें नामवर सिंह का निर्माण हुआ। व्यक्तिगत पत्रों में बेटी समीक्षा को दार्जिलिंग से लिखे गए दस पत्रों का एक अलग ही महत्त्व है। अठहत्तर वर्ष की अवस्था में गहन भावनाओं से भरे हुए ये पत्र ‘चिट्ठी भी हैं और डायरी भी’। इन्हें हिन्दी की हँसमुख और दिलख़ुश गद्य परम्परा में सम्मान के साथ रखा जा सकता है।
दूसरे खंड में साहित्य-सहचरों—केदारनाथ अग्रवाल, मुक्तिबोध, राजेन्द्र यादव, विश्वनाथ त्रिपाठी, रवीन्द्र कालिया, कमला प्रसाद, नंदकिशोर नवल और महेन्द्रनाथ राय—को लिखे गए पत्र संकलित हैं। इन पत्रों में एक पाठक के रूप में नामवर जी अपने समय-साहित्य के विभिन्न मुद्दों पर न सिर्फ़ बातचीत की एक वृहद् ज़मीन तैयार करते दिखते हैं, बल्कि लेखक व सम्पादक के रूप में अपनी ज़िम्मेदारी भी निभाते नज़र आते हैं। तीसरे खंड में श्रीनारायण पांडेय के नाम लिखे गए पत्रों को व्यक्तिगत-पारिवारिक पत्रों की शृंखला में ही रखा जा सकता है। पांडेय जी 1952-1954 में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में नामवर जी के छात्र रहे हैं। ये पत्र काशीनाथ सिंह के नाम पत्रों की ही तरह महत्त्वपूर्ण हैं। नामवर जी के व्यक्तित्व के छिपे हुए रूपों के साथ ही उनके राजनीतिक, सामाजिक और साहित्यिक विचारों की गम्भीर झलक इन पत्रों में मौजूद है।
इस पुस्तक से बाहर भी अभी हज़ारों पत्र लोगों के निजी संग्रह में मौजूद होंगे। उन्हें भी प्राप्त होने के बाद अगले संस्करण में शामिल कर लिया जाएगा। बावजूद इसके ‘तुम्हारा नामवर’ में संकलित पत्र हिन्दी आलोचना में ‘दूसरी परम्परा की खोज’ करनेवाले नामवर सिंह के जीवन-अनुभव से निकला वह जीवन-दर्शन हैं जिनके आलोक में केवल अतीत, वर्तमान ही नहीं बल्कि भविष्य का भी बहुत कुछ पढ़ा, समझा और रचा जा सकता है।
A Journey of Hope And Belief
- Author Name:
Dr. C.P. Thakur
- Book Type:

- Description: Dr CP Thakur's A Journey of Hope and Belief is the story of a man born into a simple farming family in a village in North Bihar. His childhood was marred by recurrent fevers that kept him homebound for months. He was in high school when the disease was finally diagnosed as Kala-azar. Undeterred, he went on to study medicine and did his MRCP from both London and Edinburg. He made a name for himself in India as a remarkable doctor and scientist. His pioneering research in the field of Kala-azar earned him worldwide recognition, including the Lifetime Achievement Award from WHO. In 1984, he embarked on a new journey in public life when he was elected a Member of Parliament from Patna and continues to serve the people wholeheartedly even today.
Badlav Ke Tirahe Par Jharkhand "बदलाव के तिराहे पर झारखंड" Book in Hindi | Vidya Bhooshan
- Author Name:
Vidya Bhooshan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aamool Kranti Ka Dhwaj-Vahak Bhagatsingh
- Author Name:
Ranjit
- Book Type:

- Description: भगतिंसह को यदि मार्क्सवादी ही कहना हो, तो एक स्वयंचेता या स्वातंत्र्यचेता मार्क्सवादी कहा जा सकता है। रूढ़िवादी मार्क्सवादियों की तरह वे हिंसा को क्रान्ति का अनिवार्य घटक या साधन नहीं मानते। वे स्पष्ट शब्दों में कहते हैं—‘क्रान्ति के लिए सशस्त्र संघर्ष अनिवार्य नहीं है और न ही उसमें व्यक्तिगत प्रतिहिंसा के लिए कोई स्थान है। वह बम और पिस्तौल का सम्प्रदाय नहीं है।’ अन्यत्र वे कहते हैं—‘हिंसा तभी न्यायोचित हो सकती है जब किसी विकट आवश्यकता में उसका सहारा लिया जाए। अहिंसा सभी जन-आन्दोलनों का अनिवार्य सिद्धान्त होना चाहिए।’ आज जब भगतसिंह के समय का बोल्शेविक ढंग समाजवाद मुख्यत: जनवादी मान-मूल्यों की निरन्तर अवहेलनाओं के कारण, समता-स्थापन के नाम पर मनुष्य की मूलभूत स्वतंत्रता के दमन के कारण, ढह चुका है, यह याद दिलाना ज़रूरी लगता है कि स्वतंत्रता उनके लिए कितना महत्त्वपूर्ण मूल्य था। स्वतंत्रता को वे प्रत्येक मनुष्य का जन्मसिद्ध अधिकार घोषित करते हैं। क्योंकि वे अराजकतावाद के माध्यम से मार्क्सवाद तक पहुँचे थे, इसलिए स्वतंत्रता के प्रति उनके प्रेम और राजसत्ता के प्रति उनकी घृणा ने उन्हें कहीं भी मार्क्सवादी जड़सूत्रवाद का शिकार नहीं होने दिया।
Bharat Ke Parakrami Raja
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Media Vishwakosh (Encyclopaedia of Media)
- Author Name:
Anish Bhasin
- Book Type:

- Description: "वर्तमान में मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, एडवरटाइजमेंट, पब्लिक रिलेशन एवं ट्रेडिशनल मीडिया जैसे प्रचलित रूपों तक ही सीमित नहीं रहा है। आज उद्योग के क्षेत्र में दिन-प्रतिदिन होती प्रगति के साथ ही कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन तथा ऑनलाइन (इंटरनेट) जर्नलिज्म के साथ-साथ ‘सोशल मीडिया’ भी अस्तित्व में आ गया है। मीडिया से संबंधित विषयों पर पिछले एक-दो दशकों में अनेक ग्रंथ अंग्रेजी में तो प्रकाशित हुए हैं परंतु पत्रकारिता (जर्नलिज्म) के विभिन्न माध्यमों पर विश्वकोश एवं शब्दकोश का अभाव रहा है। इसी अभाव की पूर्ति है यह ‘मीडिया विश्वकोश’। पुस्तक में मीडिया एवं जनसंचार के विविध माध्यमों एवं नए आयामों, जैसे—रेडियो, टेलीविजन, टी.आर.पी, स्टिंग जर्नलिज्म, मल्टीमीडिया, इंटरनेट, सेटैलाइट टी.वी., न्यूज मीडिया, ऑनलाइन एडिटिंग, सोशल मीडिया, फेसबुक, ट्वीटर, ऑरकुट, लिंक्ड-इन, यू-ट्यूब, स्काइप, टेबलेट कंप्यूटर, आइ-पैड, आइ-फोन, विकिपीडिया आदि लगभग छह सौ पारिभाषिक शब्दों का विस्तृत, प्रामाणिक एवं तथ्यात्मक विवेचन किया गया है। यह ‘मीडिया विश्वकोश’ पत्रकारिता के संदर्भ में सामान्य जानकारी की इच्छा रखनेवाले पाठक से लेकर संबंधित क्षेत्र के विद्यार्थियों एवं मीडिया विषयक विभिन्न प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगा। इसके अतिरिक्त मीडिया कर्मियों, संपादक, उपसंपादक, रिपोर्टर एवं लेखक आदि के लिए भी समान रूप से उपादेय ग्रंथ।
Mediyaya Namah
- Author Name:
Girish Pankaj
- Book Type:

- Description: "निःसंदेह मीडिया की समकालीन दुनिया अनेक विद्रूपताओं से भरी पड़ी है। अखबारों से जुड़े कुछ चेहरे बेशक नायक जैसे नजर आते हैं, मगर उनके पीछे एक खलनायक छिपा रहता है। गिरीश पंकज ने मीडिया जगत् की कुछ दुष्प्रवृत्तियों को बेनकाब करने की सार्थक कोशिश की। गिरीश पिछले तीस सालों से मीडिया से जुड़े हुए हैं। इसके पहले भी वे अखबारी दुनिया पर केंद्रित उपन्यास ‘मिठलबरा की आत्मकथा’ लिख चुके हैं, जिसका तेलुगु एवं ओडिया भाषा में अनुवाद हुआ है। इस व्यंग्य उपन्यास की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह कहने पर का व्यंग्य उपन्यास नहीं है। इसमें शुरू से अंत तक व्यंग्य-तत्त्व का निरंतर निर्वाह हुआ है। यह बेहद उल्लेखनीय पक्ष है। इस उपन्यास की भाषा रंजक है, व्यंग्य-स्नात है, बेबाक है, और पाठकों को बाँधकर रखनेवाली है। भाषा कहीं-कहीं कुछ खुली-खुली सी भी है, मगर पूर्णतः मर्यादित। व्यंग्य उपन्यास के रूप में प्रचारित कृतियों में कई बार व्यंग्य खोजना पड़ता है, मगर ‘मीडियाय नमः’ में व्यंग्य कदम-कदम पर पसरा पड़ा है। पूर्ण विश्वास है कि गिरीश का यह नया व्यंग्य उपन्यास बाजारवाद से ग्रस्त समझौतापरस्त मीडिया के स्याह चेहरे को समझने में मददगार साबित होगा। "
Family Business Mein Safalta Kaise Payen? (Hindi Translation of How To Thrive In A Family Business)
- Author Name:
Ajay Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Vapas Patri Par
- Author Name:
Bibek Debroy +2
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book