Ram Leela Maidan
(0)
₹
150
₹ 123 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Articles Based on Social, Politics
Read moreAbout the Book
Articles Based on Social, Politics
Book Details
-
ISBN9789385013843
-
Pages148
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Naresh Agarwal Ke Rajneetik 50 Varsh "नरेश अग्रवाल के राजनीतिक 50 वर्ष" Book In Hindi - Devaki Nandan Mishra
- Author Name:
Devaki Nandan Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Adhyatmik Chetna Se Payen Khushi
- Author Name:
Manoj Srivastava::Dr. Shipra Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
CTET KENDRIYA SHIKSHAK PATRATA PAREEKSHA PAPER-2 (CLASS 6 TO 8) SAMAJIK ADHYAYAN/VIGYAN 15 PRACTICE SETS
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Constitution of India – Original Book
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Book Type:

- Description: ★ About The Book ★The presented edition of the book ‘The Constitution of India’ is a unique book in A4 size. Book is beautifully printed with full text of Constitution of India. ♥ Highlights of The Book ♥This document of the book lays down the framework demarcating fundamental political code, structure, procedures, powers, and duties of government institutions and sets out fundamental Rights, Directive principles, and the duties of citizens. The book has designed with Satyamev Jayate and Original Preamble. Original Signatures of the Constituent Committee members also included in the book. Table of Content of the book framed with a special manner.
When Lord Krishna Walked the Earth
- Author Name:
Aroona Reejhsinghani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
DADAJI KE SATH SHISHTACHAR
- Author Name:
Tanvi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC TRE 3.0 Bihar Teacher Recruitment Class 11-12 "हिंदी भाषा" Hindi | 20 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Bhoogol Prashnottari
- Author Name:
Sachin Singhal
- Book Type:

- Description: वास्तव में ‘भूगोल’ शब्द का अर्थ बहुत व्यापक है। सौरमंडल, वातावरण, पर्यावरण, पृथ्वी, कृषि, वन, वन्यजीवन, उद्योग, जनसंख्या, खनिज, ऊर्जा आदि ऐसे अनेक विषय हैं, जिनमें मानव की सदैव से रुचि रही है। इसी रुचि ने मानव को नए-नए ग्रह खोजने के लिए प्रेरित किया और वह इसमें सफल भी हुआ। प्रस्तुत पुस्तक में इस व्यापकता को पाठकों के लिए 1000 प्रश्नों में समेटने का प्रयास किया गया है। यद्यपि इतने कम प्रश्नों में इस विषय को समेटना एक असंभव कार्य है, परंतु सामान्य पाठक के ज्ञान के स्तर के अनुरूप अधिकांश महत्त्वपूर्ण तथ्यों से संबंधित प्रश्नों का समावेश इस पुस्तक में करने का प्रयास किया गया है। प्रत्येक प्रश्न के चार संभावित उत्तर दिए गए हैं, जिनमें से एक उत्तर सही है। इससे पाठक अपनी तर्कशक्ति के आधार पर अपने ज्ञान को कसौटी पर परख सकते हैं। प्रश्नोत्तरी शैली में लिखित यह पुस्तक भूगोल के विभिन्न पक्षों से पाठकों को परिचित कराती है। 1000 प्रश्नों के रूप में यह भूगोल के ज्ञान का पिटारा खोलती है।
20 Dictators of the World
- Author Name:
Kalyani Mookherji
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Mein Paryatan
- Author Name:
Rajesh Kumar Vyas
- Book Type:

- Description: हमारे देश में जितनी विविधता है, उतनी विश्व के किसी भी अन्य देश में नहीं है। हिमाच्छादित पहाड़ियाँ, हिमखंड, गरम जल के फव्वारे, गुफाएँ, सम्मोहित करनेवाली झीलें, दूर तक पसरा रेगिस्तान, समुद्र तट, खान-पान, रहन-सहन, त्योहारों के आकर्षण आदि के बारे में जितना कहा जाए उतना ही कम है। यही वह देश है जहाँ सभी रुचियों के पर्यटकों के लिए वैविध्यपूर्ण छटा के पर्यटन स्थल हैं। यही नहीं, पर्यटन के लिहाज से भारत को एकमात्र ऐसा देश भी कहा जा सकता है जिसमें पर्यटक दूसरे देशों के मुकाबले सिर्फ एक तिहाई या इससे भी कम खर्च पर घूमने-फिरने का आनंद उठा सकते हैं। तेजी से फैल रहे एशियाई बाजारों को देखते हुए भारत के लिए पर्यटन के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण भागीदारी निभाने का यही सही समय है। इस दायित्व की पूर्ति के लिए आवश्यक है पर्यटन शिक्षा। पर्यटन शिक्षा की भी उपादेयता यही है कि इसके जरिए राष्ट्रें में बेहतर पर्यटन वातावरण निर्मित किया जा सके। ऐसा यदि होता है तो पर्यटन के जरिए आतंकवाद, हिंसा, आंदोलन, जातिवाद जैसी समस्याओं से स्वत: ही निजात पाई जा सकती है। पर्यटन परस्पर सौहार्द और जीवन स्तर को उत्कर्ष पर ले जाने का बेहतरीन माध्यम बन सकता हैÖæÚUÌ ×ð´ ÂØüÅUÙ में पर्यटन के सैद्धांतिक पक्ष को व्यावहारिक अनुभवों के साथ प्रस्तुत किया गया है। विश्वास है विश्वविद्यालय पाठ्यक्रमें, पर्यटन संगठनों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं को ध्यान में रखकर लिखी गई यह पुस्तक पर्यटन प्राध्यापकों, पर्यटन उद्योग में नियोजित व्यक्तियों, पर्यटकों तथा विद्यार्थियों के लिए समान रूप से लाभकारी सिद्ध होगी।
Mridula Sinha Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Mridula Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SHRI GURU TEGABAHADURAJI (PUNJABI)
- Author Name:
Kuldeep Chand Agnihotri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Meri Nazar Se Duniya Ki Sair "मेरी नजर से दुनिया की सैर" | Travelogue Book in Hindi
- Author Name:
Himanshu Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
AAO SEEKHEN GINTI KARNA
- Author Name:
Sanjay Krishna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Desh-Videshon Ki Rashtriya Vichardharayen
- Author Name:
Prof. Prabhakar Nanakar +1
- Book Type:

- Description: सामयिक राष्ट्रीय विचारधारा का प्रभाव राष्ट्र के इतिहास में कैसा महत्त्वपूर्ण रहता है, यह इस पुस्तक का मुख्य विषय है। पुस्तक का विभाजन छह भागों में किया है। पहले भाग में विचारधारा और राष्ट्रीय विचारधारा की संकल्पना, अर्थ तथा विशेषता स्पष्ट की गई है। दूसरे भाग में सामयिक राष्ट्रीय विचारधारा के प्रभाव के संदर्भ में जापान, जर्मनी, इंग्लैंड, अमेरिका, रूस, पूर्व-यूरोपीय राष्ट्र, मध्य-एशियन राष्ट्र, टर्की आदि देशों के इतिहास की चर्चा है। तीसरे भाग में भारतीय राष्ट्रीय विचारधारा और भारतीय संविधान का विवरण है। चौथे भाग में राष्ट्रीय विचारधारा के संवर्धन हेतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कांग्रेस, अनेक संप्रदायों, विविध मंदिरों और तीर्थ स्थानों के प्रयास का लेखा-जोखा प्रस्तुत है। भाग पाँच में राजकीय विचारधारा, उनके स्वतंत्रता के बाद किए हुए कार्य का और उनके सामने स्थित चुनौतियों का विवरण है। छठे भाग में सामयिक राष्ट्रीय विचारधारा की एकात्म शक्ति ही राष्ट्र की सभी समस्याओं का हल निकाल सकती है, इस सत्य का निरूपण किया है। विश्व प्रसिद्ध शास्त्रज्ञ पद्मभूषण डॉ. विजय भटकर ने इस पुस्तक की प्रस्तावना में लिखा है—भारतीय संस्कृति शाश्वत है। इसी भारतीय संस्कृति से भारतीय राष्ट्रीय विचारधारा का निर्माण हुआ है। देश के सभी स्तर पर भारतीय राष्ट्रीय विचारधारा का अध्ययन होना आवश्यक है। इस अध्ययन को गति प्रदान करने के लिए इस पुस्तक का उपयोग हो सकता है। सभी नागरिकों को राष्ट्रीय विचारधारा की समन्वयी शक्ति का प्रभाव किस प्रकार हो सकता है, इसकी जानकारी इस पुस्तक द्वारा अवश्य प्राप्त होगी।
Parampara Aur Prayog "परंपरा और प्रयोग" Book in Hindi | Ashok Bhagat
- Author Name:
Ashok Bhagat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mera Vatan
- Author Name:
Vishnu Prabhakar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SHYAM BENEGAL AUR SAMANANTAR CINEMA
- Author Name:
Pramod Kumar Barnwal
- Book Type:

- Description: प्रमोद बर्णवाल सिनेमा के अध्येता और प्रशंसक हैं। वे कला माध्यमों में नवाचार के प्रति विशेष श्रद्धा रखते हैं। उन्होंने हिन्दी सिनेमा में बीसवीं सदी के सातवें दशक में अभ्युदित समान्तर सिनेमा आन्दोलन को मुहब्बत की नज़र से देखते हुए, इस बदलाव के मसीहा के रूप में उभर कर सामने आए श्याम बेनेगल की कोई पाँच दशक लम्बी रचनायात्रा का गौरवशाली परिदृृश्य, सृृृजन विश्लेषण, आलोचना के तंज़ को गहरी आत्मीयता की चाशनी में घोलकर प्रस्तुत किया है। इस तरह कि बेनेगल के सिनेमा का कोई कोण अनावृत्त होने से रह न जाए। उन्होंने अपने आख्यान को सिनेमा के आशिकों, विद्यार्थियों और अध्येताओं के लिए समवेत उपयोगी बनाया है। सिनेमा को व्यावसायिकता के भँवर से निकाल कर, जीवन की सार्थकता से जुड़ी अनुभूूतियों को आलोकित करनेवाले कलाकारों का बेहद उत्कृष्ट योगदान, दृश्यों की उपयुक्त बानगी प्रस्तुत करते हुए किया गया है। समान्तर सिनेमा से उभरकर विकसित होने वाले कलाकारों की रचनायात्रा के सर्वोत्कृष्ट संधान तक जा पहुँचने का विवरण आश्चर्यचकित करने वाली सहजता से बर्णवाल ने प्रस्तुत किया है। इस आख्यान में श्याम बेनेगल के साथ ही शबाना-स्मिता, ओम-नसीर, गिरीश कारनाड, रजित कपूर, अमरीश पुरी, साधु मेहर, अनंत नाग, पंकज कपूर प्रभृति कलाकारों की विकासयात्रा की मनोहारी झलकियाँ बहुत खूबसूरती से उभर कर आई हैं। कथा से लेकर कला पक्ष तक का हर कोण कोने-कोने से निरख कर परखा गया है। —प्रह्लाद अग्रवाल
Uttal Umang
- Author Name:
Prahlad Agarwal
- Book Type:

- Description: सुभाष घई पिछले लगभग पाँच दशकों से सृजनरत हैं। एक नाचीज़ से शुरू हुई उनकी रचना-यात्रा शिखर-सन्धान करते हुए आज भी जारी है। ‘कालीचरण’ की शुरुआत का अनजाना व्यक्तित्व हिन्दी सिनेमा में एक प्रतिमान की तरह स्थापित हो चुका है। इस तरह कि उसकी कठोरतम आलोचना भी की जा सकती है लेकिन उपेक्षा नहीं। आज सुभाष घई एक विशाल कॉरपोरेट साम्राज्य के शीर्षपुरुष हैं। उनकी निर्माण संस्था के अन्तर्गत अनेक फ़िल्मकार फ़िल्में बना रहे हैं। फ़िल्म निर्माण से सम्बन्धित अनेक उपक्रमों के वे मालिक हैं। उन्होंने अपनी पिछली कई फ़िल्में ख़ुद ही प्रदर्शित की हैं और अब वितरण व्यवसाय में भी प्रवेश कर चुके हैं। उनका इरादा फ़िल्म निर्माण से सम्बन्धित प्रशिक्षण देनेवाला एक विराट संस्थान भी आरम्भ करने का है, कहा जाता है कि उसकी सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। पर हमारे लिए या कहना चाहिए कि सिनेमा के आशिकों के लिए सबसे बढ़कर महत्त्व का उनका फ़िल्मकार व्यक्तित्व है जिसने उन्हें लाखों दिलों की चाहतों में शामिल किया है। हमारी यह किताब सुभाष घई के फ़िल्मकार व्यक्तित्व से ही मुख़ातिब है जिसका हमसे लगातार प्रगाढ़ सम्बन्ध बनता चला गया। कई जानकारियों से अवगत कराती एक बेहद महत्त्वपूर्ण कृति।
Madhumakkhi Palan Keejiye Aur Kamaiye
- Author Name:
Manish Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book