Ram Leela Maidan
(0)
₹
150
₹ 123 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Articles Based on Social, Politics
Read moreAbout the Book
Articles Based on Social, Politics
Book Details
-
ISBN9789385013843
-
Pages148
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
H.G. Wells ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
H.G. Wells
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Share Market Mein Munafe Ke Mantra
- Author Name:
Sudha Shrimali
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
High School Nibandh "हाई स्कूल निबंध" | A Book of Essays and Letters | Develop Essay Writing Skills for Competitive Exam
- Author Name:
Yogendra Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindu "हिंदू" Book in Hindi by Maithili Sharan Gupt
- Author Name:
Maithili Sharan Gupt
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lokmanya Bal Gangadhar Tilak
- Author Name:
Rachna Bhola ‘Yamini’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khari-Khari
- Author Name:
Dr. Nand Kishore Garg
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’ Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Trilochan Rachanawali Vol. 1-4
- Author Name:
Trilochan
- Book Type:

-
Description:
जनसाधारण की दुख-प्रसूत स्थानिक संवेदना को कविता में ढालकर मनुष्यता की सार्वभौमिक चेतना से जोड़ने वाले, शास्त्र की सटीकता और जनजीवन के नित नवीन अनुभवों को कई-कई छन्दों में अंकित करनेवाले विद्वान कवि त्रिलोचन हिन्दी के विराट कविता-लोक में अपनी तरह के अनूठे हस्ताक्षर हैं।
कई भाषाओं के ज्ञाता, संस्कृत के विद्वान और प्रगतिशील चेतना से सम्पन्न कवि त्रिलोचन ने रोला और बरवै जैसे प्राचीन छन्दों को भी साधा, गीत-ग़ज़ल भी लिखे और 'सॉनेट' जैसे विदेशी छन्द को हिन्दी का अपना बना दिया। मुक्त-छन्द भी लिखा और 'गद्य-वद्य' लिखते हुए आलोचना को भी एक आत्मीय रंग दिया।
यह त्रिलोचन की रचनावली है, जिसकी ज़रूरत लम्बे समय से महसूस की जा रही थी। त्रिलोचन महज़ एक कवि नहीं, कविता के विद्यालय थे; मौज़ूदा और आनेवाले रचनाकार उनसे हमेशा ही सीख सकते हैं। प्रस्तुत रचनावली में त्रिलोचन का सम्पूर्ण संकलित है।
कविताओं के साथ-साथ त्रिलोचन ने आलोचनात्मक गद्य भी लिखा। इस खंड में उनके द्वारा लिखित आलोचनात्मक लेखों, समीक्षाओं आदि को लिया गया है। कविता हो या गद्य उन्होंने बोलचाल की भाषा को ही प्राथमिकता दी। यह इन आलेखों से भी ज़ाहिर होता है। कुछ अप्रकाशित लेख भी यहाँ प्रस्तुत हैं। साथ में उनकी दैनन्दिनी भी।
BPSC TRE 3.0 Bihar Teacher Recruitment Class 9-10 "Vigyan" Science | 20 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lal Bahadur Shastri
- Author Name:
Sunil Shastri
- Book Type:

- Description: "लाल बहादुर शास्त्री भारत माँ के उन महान् सपूतों में से एक हैं, जिनके आह्वान पर देश उनकी उँगली की दिशा में चल पड़ता था। उनके सुपुत्र सुनील शास्त्री ने इस पुस्तक के जरिए देश के उन लाखों युवक-युवतियों को संबोधित किया है, जिन्हें सादगीपूर्ण जीवन की विशेषताओं के बारे में नहीं मालूम। गांधीजी ने खुद सादगीपूर्ण जीवन जिया और अपने अनुयायियों को इस तरह का जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। शास्त्रीजी ने भी वैसा ही जीवन जिया, जैसाकि वे अपने साथी भारतीयों से उम्मीद करते थे। वे उपदेश नहीं देते थे, बल्कि एक सच्चे मनुष्य की तरह ऐसा सीधा-सादा जीवन जीते थे, जिसे उनके संपर्क में आनेवाला व्यक्ति आसानी से अपना सकता था। निस्स्वार्थ समाज-सेवक, प्रतिबद्ध एवं संवेदनशील नेता, सशक्त, दृढ़ एवं भद्र प्रधानमंत्री की अपनी भूमिकाओं में उन्होंने साबित कर दिखाया कि वे महान् व्यक्ति थे। ‘जय जवान, जय किसान’ के उद्घोषक शास्त्रीजी के विचारों, मूल्यों और आदर्शों का परिचय देनेवाली यह प्रेरक जीवनी हर भारतीय का समुचित मार्गदर्शन करेगी। "
Talespin
- Author Name:
Nickunj Malik
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RASHTRABHAKT KAVYITRI SUBHADRA KUMARI CHAUHAN
- Author Name:
Ed. Rajasvi
- Book Type:

- Description: """खूब लड़ी मरदानी वो तो झाँसीवाली रानी थी...’ इन पंक्तियों का उद्घोष होते ही इनकी लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान का नाम मन में कौंध जाता है। वीररस से ओत-प्रोत कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्म 16 अगस्त, 1904 को इलाहाबाद के निहालपुर गाँव में हुआ। वे बचपन से कविता लिखने लगी थीं। उनकी कविताओं ने उन्हें पूरे स्कूल में लोकप्रिय बना दिया था। महादेवी वर्मा उनकी बचपन की सहेली थीं। दोनों का साथ लंबे समय तक बना रहा। सुभद्रा की पढ़ाई हालाँकि नौवीं कक्षा के बाद ही छूट गई, लेकिन उनके साहित्य की गहराई से यह अभाव जरा भी नहीं खटकता। वे कांग्रेस की कार्यकर्ता रहीं और बापू की लाडली रहीं। जबलपुर में वर्ष 1922 का ‘झंडा सत्याग्रह’ देश का ऐसा पहला सत्याग्रह था, जिसमें सुभद्रा पहली महिला सत्याग्रही थीं। सुभद्रा बचपन से दबंग, विद्रोही और वीरांगना थीं। उनकी रचनाओं में उनकी स्वाभाविक अभिव्यक्ति देखी जा सकती है। उन्होंने लगभग 88 कविताओं और 46 कहानियों की रचना की, जिसमें अशिक्षा, अंधविश्वास, जातिप्रथा आदि रूढि़यों पर प्रहार किया गया है। ‘झाँसी की रानी’ उनकी सदाबहार रचना है, जो आज भी स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल है और जल्दी ही बच्चे उससे स्वयं को जोड़ लेते हैं। ‘बिखरे मोती’, ‘उन्मादिनी’ और ‘सीधे-सादे चित्र’ उनके तीन लोकप्रिय कहानी-संग्रह हैं। 44 वर्ष की अल्पायु में 15 फरवरी, 1948 को कार द्वारा नागपुर से जबलपुर लौटते समय एक सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया।"
Ordinarily Extraordinary
- Author Name:
N. Raghuraman
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sitesh Alok ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Sitesh Alok
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Patrakarita Ke Yug Nirmata
- Author Name:
Arjun Tiwari +2
- Book Type:

- Description: वाजपेयीजी ने हिंदी पत्रकारिता कला के निखार के लिए इसके विभिन्न पक्षों पर भरपूर लेखन किया। कलकत्ता से प्रकाशित ‘हिंदी बंगवासी’ (1905) से पत्रकारिता प्रारंभ करने वाले वाजपेयीजी ने मासिक पत्र ‘नृसिंह’ (1907) का संपादन किया। ‘भारतमित्र’ के प्रधान संपादक बनने के पूर्व वाजपेयीजी ने कुछ समय तक ‘सनातन धर्म’ पत्रिका का भी संपादन किया। 1920 में उन्होंने ‘स्वतंत्र’ साप्ताहिक का प्रकाशन किया। हिंदी पत्रकारिता को उच्चता और समृद्धि देने वाले तीन मराठी भाषी यशस्वी संपादकों में माधवराव सप्रे, बाबूराव विष्णु पराड़कर एवं लक्ष्मण नारायण गर्दे का नाम इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है, जिन्होंने राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रति अगाध श्रद्धा और लगन का परिचय अपने श्रेष्ठ संपादकीय कौशल एवं पत्रकारी लेखन से दिया। गर्देजी आजीवन आर्थिक कठिनाइयों से जूझते रहे, किंतु उन्होंने कभी समझौते नहीं किए। अपनी ‘कलम’ की स्वतंत्रता की रक्षा पूरी धर्म-निष्ठा से की। श्रेष्ठ व्यंग्यकार और स्वनामधन्य संपादक अशोकजी ने अपनी लेखन और संपादन क्षमता, पत्रकारिता के प्रति अटूट समर्पण और निष्ठा की बदौलत ‘स्वतंत्र भारत’ को लोकप्रिय एवं प्रतिष्ठित अखबार बना दिया था। अशोकजी की ही अनुशंसा पर दैनिक ‘स्वतंत्र भारत’ के दूसरे संपादक योगींद्रपति त्रिपाठी ने अपनी अप्रतिम कर्मनिष्ठा से इसे उत्तर प्रदेश का विश्वसनीय और लोकप्रिय अखबार बनाया। त्रिपाठीजी लगातार 18 बरसों तक इसके संपादक रहे। त्रिपाठीजी विद्वत्ता और सादगी की प्रतिमूर्ति थे। वे उच्चकोटि के सुलझे हुए पत्रकार थे।
Chhora Kolhati Ka
- Author Name:
Kishore Shantabai Kale
- Book Type:

- Description: Chhora Kolhati Ka
The Dawn At Dusk
- Author Name:
Sandeep Nayyar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Share Market Guide
- Author Name:
Sudha Shrimali
- Book Type:

- Description: "शेयर मार्केट गाइड शेयर मार्केट विषय पर बाजार में कई पुस्तकें उपलब्ध हैं, परंतु लेखिका ने इस पुस्तक के द्वारा वित्तीय क्षेत्र के जटिल पहलुओं को स्पष्ट एवं सीधी-सरल भाषा में समझाने की कोशिश की है। शेयर बाजार की कार्य-प्रणाली, कमोडिटी मार्केट, म्यूच्युअल फंड्स तथा बाजार में प्रयोग की जानेवाली मुहावरेदार भाषा को व्याख्या सहित समझाया गया है। अच्छे ब्रोकर के चुनाव के लिए अपने सुझाव भी रखे हैं। पाठक की सुविधा के लिए बाजार को प्रभावित करनेवाले कारकों की व्याख्या, बाजार की ऐतिहासिक गिरावटों का जिक्र, असेट अलोकेशन एवं निवेश के लोकप्रिय तरीकों की चर्चा इस पुस्तक की विशेषता है। प्रस्तुत पुस्तक न केवल नए शुरुआती निवेशकों के लिए अपितु डिग्री कोर्स, अकेडेमिक सर्टिफिकेशन तथा प्रोफेशनल एग्जामिनेशन के छात्रों के लिए भी अच्छी गाइड बुक का कार्य करेगी। मुझे विश्वास है कि यह पुस्तक वित्तीय क्षेत्र की जानकारी चाहनेवालों की जिज्ञासाओं, संदेहों तथा प्रश्नों का निराकरण करेगी। संभावित निवेशक इस पुस्तक के द्वारा जानकारी प्राप्त करके वित्तीय बाजार में बेहतर विश्वास के साथ उतर सकेंगे। अंत में सबसे महत्त्वपूर्ण बिंदु यह है कि यह पुस्तक हिंदी में लिखी जाने के कारण देश के अनगिनत नियमित हिंदी पाठकों तक अपनी पहुँच बनाने में सफल होगी। —आनंद राठी (भूमिका से)
Pt. Suryanarayan Vyas : Pratinidhi Rachnayen
- Author Name:
Pt. Suryanarayan Vyas +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JHTET Jharkhand Teacher Eligibility Test 2024 Paper-2 Social Studies (Shikshak Patrata Pariksha Samajik Adhyayan Class: 6 - 8) Complete Study Guide in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book