Qalam Camere Ki Aankh Ki Tarah
(0)
₹
200
₹ 160 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Book
Read moreAbout the Book
Book
Book Details
-
ISBN9789390593118
-
Pages120
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Himgiri Ki Gaurav Gathayen
- Author Name:
Dr. Ambika Prasad Gaur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Life and Times of Acharya Mahaprajna
- Author Name:
U.S. Dugar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vyavharik Hindi Vyakaran
- Author Name:
Shyam Chandra Kapoor
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Mein Panchayati Raaj
- Author Name:
Pramod Kumar Agrawal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
KHEL-KHEL MEIN GANIT (FC)
- Author Name:
SHAILENDRA
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ye Ram Mere
- Author Name:
Shri Paramanand Swami
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Sangh & Swaraj
- Author Name:
Ratan Sharda
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
PERFECT ENDINGS
- Author Name:
Elsa Lycias Joel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Arthshastra Prashnottari
- Author Name:
Dilip Pipada
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mridula Behari Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Mridula Behari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vipin Kr Aggarwal Rachanawali : Vols. 1-2
- Author Name:
Vipin Kumar Agarwal
- Book Type:

-
Description:
प्रस्तुत रचनावली में डॉ. विपिनकुमार अग्रवाल के तीन निबन्ध-संग्रह, दो नाटक-संग्रह, एक नाटक और एक उपन्यास संकलित हैं।
संवाद का आधार तर्क है। तर्क सन्तुलन से हटकर बराबर गतिशील रहता है। एक निष्कर्ष पर पहुँचकर तुरन्त उसे चुनौती देता है। हर देखे गए पहलू और हर मिले परिवेश को पूरी तस्वीर का अंग मानता है। अत: खोज कार्य को कभी समाप्त नहीं करता है। चिन्तन के इस प्रवाह को ये लेख प्रत्यक्ष करते हैं। विपिन के बोलती-बात करती इन रचनाओं की विशेषता है कि इनका स्वर कहीं ऊँचा नहीं उठता, तेज़ नहीं पड़ता। तीखापन आता है तो उनके अचूक व्यंग्य में। सुई की जगह वे तलवार का प्रयोग नहीं करते थे। बल्कि तलवार की जगह भी वे सुई से ही काम लेना चाहते थे। इसके लिए जो सहज आत्मविश्वास चाहिए, वह उनके समूचे व्यक्तित्व में था और बिना किसी प्रदर्शन के। प्रस्तुत रचनाओं में इस व्यक्तित्व की प्रेरक और प्रीतिकर झलक आपको जगह-जगह मिलेगी।
सहज-बुद्धि से रोज़-रोज़ की ज़िन्दगी हम तमाम औद्योगिकीकरण की कठिनाइयों के बीच जी रहे हैं, और चारों ओर फैली असंगतियों को ढो रहे हैं। नाटकीय भाषा और हरकत के समन्वय के द्वारा यह बात सामने लाई गई है। नाटकों में शब्द और हरकत पर विशेष बल दिया गया है। वहाँ बेतुकी भाषा और बेतुकी हरकतें पूरे नाटक को नया अर्थ देती हैं। दैनिक जीवन से जुड़ी साधारण बात भी विशेष स्थिति में रखकर वे विशेष मायने की गूँज पैदा कर देते हैं, नया अर्थ जोड़ देते हैं। इस प्रकार उनमें स्पष्ट दृष्टि और नाटकीय क्षण के प्रति सजगता पूर्ण रूप से है।
उपन्यास ‘बीती आप बीती आप’ एक नए प्रकार का उपन्यास है। इसमें भाषा के द्वारा हम अपने अतीत, आज और कल को टटोल सकते हैं और पास-पास आने दे सकते हैं। नए ढंग से देखने और परखने का अवसर दे सकते हैं। हम कह सकते हैं कि विपिन की सम्पूर्ण रचनाओं का एक ही मापदंड है कि वे कुछ अधिक कहती हैं, कुछ नया जोड़ती हैं। चाहे वे जीवन से अधिक कहें या साहित्य से अधिक कहें या अब तक का जो दर्शन है, उससे अधिक कहें।
Warmth वार्म्थ Words For Anyone Trying To Move On | Poetry Book in Hindi
- Author Name:
Rithvik Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vayumandaleeya Pradooshan
- Author Name:
Harinarayan Srivastava
- Book Type:

-
Description:
वायुमंडलीय प्रदूषण आज जिस तरह सघन होता जा रहा है, उससे पृथ्वी, प्रकृति और सम्पूर्ण जीवन-जगत को गम्भीर ख़तरा पैदा हो गया है। इसके मूल कारणों में हैं—तीव्र होता जा रहा शहरीकरण, अनियंत्रित औद्योगिक विकास और बढ़ती हुई आबादी।
डॉ. हरिनारायण श्रीवास्तव की यह पुस्तक पर्यावरण अथवा वायुमंडल-प्रदूषण की गम्भीर समस्या का वैज्ञानिक अध्ययन है। अपने अध्ययन-क्षेत्र के विशिष्ट विद्वान डॉ. श्रीवास्तव ने पूरी पुस्तक को आठ अध्यायों में बाँटा है। पहले अध्याय में वायुमंडल, जलवायु और वायुविलय सम्बन्धी जानकारी है। दूसरे में मौसम और प्रदूषण-मापक आधुनिक उपकरणों का विवरण है। तीसरे, चौथे और पाँचवें अध्याय में वायु, जल तथा ध्वनि-प्रदूषण के प्रभाव, उनके नियंत्रण आदि की चर्चा है। छठे में क्लोरोफ़्लूरो कार्बन के ओजोन परत पर पड़ रहे दुष्प्रभाव और उसकी प्रक्रिया को समझाया गया है। सातवें अध्याय में अम्ल-वर्षा के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है, तथा आठवें में तापमान, वर्षा, पवनगति, सौर-विकिरण एवं कृषि आदि पर निरन्तर बढ़ती जा रही कार्बन डाइऑक्साइड एवं विरल गैसों के सम्भावित दुष्प्रभावों का विवेचन किया गया है। परिशिष्ट में दिए गए कुछ महत्त्वपूर्ण अध्ययन-निष्कर्षों तथा प्रत्येक अध्याय में यथास्थान शामिल विभिन्न तालिकाओं और रेखाचित्रों ने इस पुस्तक की उपयोगिता में और बढ़ोतरी की है।
कहना न होगा कि वर्तमान सभ्यता पर मँडराते सर्वाधिक घातक ख़तरे के प्रति आगाह करनेवाली यह कृति एक मूल्यवान वैज्ञानिक अध्ययन है।
Satyavadi Raja Harishchandra
- Author Name:
Gopi Krishna Kunwar
- Book Type:

- Description: सत्य, शाश्वत धर्म और सदाचार ऐसे गुण हैं, जिन्हें सहज भाव से अपनानेवाला मानव भी देवताओं की श्रेणी से उत्तम स्थान प्राप्त कर सकता है। जब राजा हरिश्चंद्र के नाम-यश की चर्चा होती है और उनके साथ यदि ‘सत्यवादी’ शब्द का प्रयोग न किया जाए तो प्रतीत होता है कि इतिहास के किसी अन्य राजा का वर्णन किया जा रहा है। इसके विपरीत यदि केवल ‘सत्यवादी’ राजा का वर्णन हो तो स्पष्ट संकेत सतयुग के राजा सत्यवादी हरिश्चंद्र की ओर ही होता है। यहाँ तक कि सूर्यवंशी राजा हरिश्चंद्र और शब्द ‘सत्यवादी’ एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं। ऐसा हुआ राजा हरिश्चंद्र के द्वारा सत्य, शाश्वत धर्म और सदाचरण जैसे गुणों को अपने जीवन में उतारने से। इस पुस्तक में राजा हरिश्चंद्र के चरित्र के विशिष्ट एवं प्रेरणाप्रद गुणों को सरल एवं सरस भाषा में सहज भाव से प्रस्तुत किया गया है। इसे पढ़कर पाठक सत्य, निष्ठा, कर्तव्यबोध आदि गुण अपने जीवन में उतार सकें, तो पुस्तक का लेखन व प्रकाशन सफल माना जाएगा।
GANIT KI PAHELIYAN
- Author Name:
SANTOSH
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Uttar Pradesh Prashnottari
- Author Name:
Sanjay Kumar Dwivedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Naad Sunana Padta Hai…
- Author Name:
Miss Priyanka Mishra
- Book Type:

- Description: प्रियंका मिश्र की कविता का मूल स्रोत प्रकृति है। मिट्टी और पानी संबंधी उनकी कविताओं में जीवन भरा है। प्रकृति के अलावा आराधन, अंतर्मन, संबंध और अभिप्रेरणा संबंधी उनकी कविताएँ इस संग्रह में संकलित हैं । उनकी कविता में समूची धरा के लिए जगह है--पूरी धरा को वैभव से युक्त होना चाहिए। वे धरा को केवल वैभव से भरने के लिए आकुल-व्याकुल नहीं हैं, उनकी काव्य-चिंता यह भी है कि पूरी धरा में प्रेम का परिवेश कैसे निर्मित हो। यह काव्य-चिंता वही कर सकता है, जिसका कविमन वेद ऋचा हो और जो जन्मदाता को ही जीवन समर्पित करता हो : उन्हें समर्पित है यह जीवन, जो जीवन के दाता हैं । मेरा ईश्वर मेरी मम्मी, पापा भाग्य विधाता हैं । प्रियंका की कविता जीवन और मनुष्य को बेहतर व सुंदर बनाने का स्वप्न देखती है | वे जीवन को भौंरों का गुंजन, सागर का मंथन मानती हैं और उससे उपवन को महकाना चाहती हैं। प्रियंका मिश्र की कविता हृदय को स्पर्श मात्र नहीं करती, भीतर उथल-पुथल भी मचा देती है। मन को मुक्त कर देती है। कुछ ऊपर उठा देती है । कविता हमेशा हर तरह के मनुष्य की पीड़ा, उसके दुःख का खात्मा चाहती है। --कृपाशंकर चौबे अध्यक्ष, जनसंचार विभाग महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा
Kavita Laut Pahi
- Author Name:
Kailash Gautam
- Book Type:

-
Description:
कैलाश गौतम एकदम नए ढंग की भाषा लेकर आए हैं। ऐसी भाषा हिन्दी के इस दौर में कहीं नहीं दिखती। धूमिल के पास भी ऐसी भाषा नहीं थी।
—नामवर सिंह
कैलाश गौतम की कहानियों का प्रशंसक रहा हूँ। इनकी अनेक रचनाओं का लोकधर्मी रंग और ग्राम्य संस्कृति का टटकापन इन्हें एक ऐसी भंगिमा देता है, जो आसानी से इस विधा के दूसरे रचनाकारों में नहीं मिलती?
—श्रीलाल शुक्ल
कैलाश गौतम जैसे प्रथम कोटि के गीतकार निर्भय होकर अपने जीवन परिवेश, पारिवारिकता सबको अपने काव्य में मूर्त करने में लगे हैं। कैलाश गौतम जैसे वास्तविक कवि अपनी संस्कृति से एक क्षण को भी पृथक् नहीं होते। जयदेव, विद्यापति, निराला के बाद ये कविताएँ ऐसी रचनात्मक बयार हैं, जिनका स्वागत किया ही जाना चाहिए।
—श्रीनरेश मेहता
कैलाश गौतम की रचनाओं का रंग बिलकुल अनोखा है, कितनी सादगी से तन-मन की बारीक संवेदनाओं को उकेर देते हैं। इतनी मीठी पारदर्शी संवेदनाएँ ऐसी सौन्दर्य चेतना जाने क्या-क्या लौटा जाती हैं, वह सब जो तीस-पैंतीस बरस से हिन्दी कविता में खोया हुआ था।
—धर्मवीर भारती
कैलाश गौतम जमात से बाहर के कवि हैं। इनकी कविताओं में ताज़गी है, उबाऊपन नहीं। वे लोकमन के कवि हैं।
—दूधनाथ सिंह
Swachchha Bharat Mission
- Author Name:
Pratapmal Devpura
- Book Type:

- Description: भारत के प्रधानमंत्री द्वारा 15 अगस्त, 2014 को देश में स्वच्छता कार्यक्रम पर ज़ोर देते हुए एक विराट स्वच्छता अभियान की नींव रखी गई। इसके तहत उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि न तो हम स्वयं गन्दगी फैलाएँ और न किसी को फैलाने दें। देश भर में शौचालयों का निर्माण तथा खुले में शौच न करने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करने के लिए व्यापक पैमाने पर प्रचार अभियान भी इसका हिस्सा था। इस पुस्तक में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ की सांगोपांग जानकारी दी गई है। इस अभियान के तहत चिकित्सालयों, शिक्षण संस्थाओं, रेलवे तथा बस स्टैंड की सफ़ाई, पानी और परम्परागत जल-भंडारों आदि सभी स्थानों पर सफ़ाई के महत्त्व तथा पद्धति को स्पष्ट किया गया है। यह पुस्तक स्वच्छ भारत मिशन की निर्देशिका है जिससे आप इस अभियान से जुड़ी हर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
Maine Gandhi Ko Kyon Mara? (Hindi Translation of Why I Killed Gandhi?)
- Author Name:
Nathuram Godse
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book