Patanjali Yog Sutra
Author:
B.K.S. IyengarPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 280
₹
350
Available
"व्यवहारिक ज्ञान से संपन्न पतंजलि का ‘योगसूत्र’ उन लोगों के लिए मार्गदर्शक पुस्तक का कार्य करता है, जो शाश्वत सत्य की खोज में जुटे हैं। खोज करनेवाला साधक इसका अनुसरण और अभ्यास कर वास्तविक महात्मा बन सकता है। योगसूत्र एक दर्शन है, जो खोज करनेवालों को (आत्मा) पुरुष का रूप प्रत्यक्ष तौर पर दिखा देता है। जिस प्रकार एक दर्पण किसी के रूप को दिखाता है, उसी प्रकार योगसूत्रों के अनुसार पतंजलि की बताई योग-साधना करने से व्यक्ति को अपने अंदर एक महान् ऋषि जैसे गुण दिखाई पड़ते हैं।
योग एक विषय के रूप में किसी महासागर जितना विशाल है। व्यक्ति इसमें जितनी गहराई तक उतरता है, उसे गूढ़ रहस्यों का उतना ही ज्ञान होता जाता है, जो किसी के व्यक्तिगत ज्ञान से परे (अकल्पित ज्ञान) होता है। यह किसी भी व्यक्ति के मस्तिष्क की बुद्धि को और आध्यात्मिक हृदय के ज्ञान को धारदार बनाता है। इसका अभ्यास करनेवाले अपने अंदर सृजनात्मकता का विकास कर पाते हैं।
आप अपने दैनिक जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए दृढ विश्वास के साथ योग का अभ्यास करें और सच्चे योगी तथा सच्चा मनुष्य बनने का सुफल प्राप्त करें।
जीवन को सार्थक दिशा देनेवाले सूत्रों का संकलन, जो आपके लिए स्वास्थ्य और सफलता के द्वार खोलेंगे।"
ISBN: 9789351865971
Pages: 160
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
1000 Bihar Prashnottari
- Author Name:
Aneesh Bhaseen
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rahasyopadesh Ka Rahasya
- Author Name:
Satish Dhar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Smritiyon Ki Basti
- Author Name:
Abdul Bismillah
- Book Type:

- Description: ‘स्मृतियों की बस्ती’ कथाकार अब्दुल बिस्मिल्लाह के संस्मरणों का संग्रह है। इन संस्मरणों के केन्द्र में हैं हिन्दी के वे महान व्यक्तित्व जिनसे उनकी भेंट-मुलाक़ात हुई, जिनसे उन्होंने सीखा और जिन्हें उन्होंने अपने ढंग से समझा। संस्मरणों की विशेषता यह है कि वे उनके व्यक्तित्व को ही नहीं, उनकी रचनात्मकता, उनके अवदान को रेखांकित करते हुए उनका चित्र पाठक के सामने रखते हैं। बहुभाषाविद् त्रिलोचन के बारे में लिखते हुए उनकी इस मान्यता पर विशेष ज़ोर देते हैं कि शब्द का अर्थ शब्दकोश से नहीं बोध से खुलता है, प्रत्यक्ष अनुभव से खुलता है। इसी तरह अमृतलाल नागर से जुड़े संस्मरण में वे उनके साथ लखनऊ शहर के कुछ सजीव चित्र भी आँकते हैं जो नागर जी के व्यक्तित्व को और अच्छे ढंग से समझने में सहायक होते हैं। उनकी तुलना वे बरगद से करते हैं, तो अमरकान्त की अशोक वृक्ष से। बताते हैं कि अमरकान्त हिन्दू-मुस्लिम समस्या पर बहुत सोचते थे। कहते थे कि ‘विभाजन सिर्फ़ वही नहीं जो भारत-पाकिस्तान के बीच हुआ, यह एक सार्वभौम प्रक्रिया है। इस पर गम्भीरतापूर्व सोचा नहीं गया।’ इसी प्रकार हजारीप्रसाद द्विवेदी, नागार्जुन, केदारनाथ सिंह, हरिवंश राय बच्चन, हरिशंकर परसाई, दूधनाथ सिंह, सोमदत्त, काशीनाथ सिंह, चित्रकार भाऊ समर्थ तथा फ़िराक़ गोरखपुरी, अलग-अलग समय पर हुई मुलाक़ातों-वार्ताओं को जोड़कर उन्होंने इनमें से हर किसी को हमारे और नज़दीक ला दिया है। ज़ाहिर है इनके साथ इन संस्मरणों में हम उस दौर के साहित्यिक वातावरण और उनके समकालीन अन्य लोगों को भी देखते हैं। एक संग्रहणीय पुस्तक।
Mrs Funnybones
- Author Name:
Twinkle Khanna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Shreshtha kahaniyan : Vols. 1 Hard Cover
- Author Name:
Sanhaiyalal Ojha
- Book Type:

-
Description:
प्रस्तुत पुस्तक ‘भारतीय श्रेष्ठ कहानियाँ’ में उड़िया, कन्नड़, तेलगु, पंजाबी, मराठी और हिन्दी की चुनी हुई श्रेष्ठ साठ कहानियाँ संगृहीत हैं।
भारत में भिन्न-भिन्न भाषाओं के बावजूद कहानी कला का विकास समानान्तर और समान्तर हुआ है, जो सर्वथा स्वाभाविक है। भारत का इतिहास, भूगोल, संस्कृति और नियति जो एक है। इस संकलन में संगृहीत कोई भी कहानी किसी भी भाषा की कहानी हो सकती है, क्योंकि भाषा की वह बाद में, पहले वह भारतीय कहानी है। भारत की भिन्न-भिन्न भाषाओं में कहानी के विकास को पाठक सम्बद्ध भाषा की कहानियों के प्रारम्भ में उस विभाग के सम्पादक द्वारा प्रस्तुत सर्वेक्षण में देखेंगे। इस सर्वेक्षण में भिन्न-भिन्न भाषाओं के साहित्य में जिस साम्य की सहज प्रतीति होती है, उससे इस विश्वास को बल मिलता है कि समग्र भारतीय-साहित्य की एक इकाई के रूप में, चाहे अलिखित, किन्तु बड़ी प्रौढ़ और अस्तित्वशील परम्परा है, जिससे सभी भाषाएँ अपने-अपने तौर पर प्रेरणाएँ और स्पंदन प्राप्त करती हैं। आवश्यकता है इस अदृश्य-परम्परा को आलेखित करने की, ताकि भाषाओं का यह परिवेश भिन्नता का पर्याय न बनकर विविधता का इन्द्रधनुषी रंग प्रत्यक्ष करे।
आधुनिक-कहानी की शक्ति और महत्त्व इसमें है कि वह संघर्षमय जीवन के कठोर यथार्थ से सर्वांशतः सम्पृक्त है। आज का सारा ही साहित्य उत्तरोत्तर वस्तून्मुखी और यथार्थपरक होता जा रहा है। कविता का कथ्य तक, जो रमणीय-अर्थ और रसात्मक-अनुभूति के पोषण के लिए कल्पना की वायवी उड़ान में आश्रय का लक्ष्य खोजता था, आज यथार्थ की कठोर कंटकाकीर्ण भूमि पर संघर्ष में अपनी उपलब्धि खोज रहा है, यह संघर्ष चाहे भौतिक हो, मानसिक हो या आध्यात्मिक हो। इस दृष्टि से आज की कहानी काव्य का स्थान हड़पती जा रही है—लघु-गल्प कविता का और उपन्यास महाकाव्य का। यहाँ कहानी से ‘लघु-गल्प’ और ‘उपन्यास’ दोनों ही अभिप्रेत हैं।
नई साज-सज्जा के साथ प्रस्तुत यह कहानी संग्रह निःसन्देह पठनीय और संग्रहणीय है।
Rajgondon Ki Vanshgatha
- Author Name:
Shivkumar Tiwari
- Book Type:

-
Description:
गोंड राजवंश का उदय कल्चुरियों या हैहयवंशी राजवंश के अस्त होने पर हुआ। गोंड राजवंश के प्रारम्भिक राजा स्वतंत्र राजा थे। इनके राजकाल के ऐतिहासिक साक्ष्य तब से मिलने प्रारम्भ होते हैं जब भारत में लोदीवंश का शासन था। इन प्रारम्भिक स्वतंत्र गोंड राजाओं का जीवन चरित लेखक ने राजकमल प्रकाशन द्वारा वर्ष 2008 में प्रकाशित ग्रन्थ ‘चरितानि राजगोंडानाम्’ में लिपिबद्ध किया था। करद राजाओं का जीवन चरित ‘राजगोंडों की वंशगाथा’ ग्रन्थ के रूप में प्रस्तुत
है।
इस वृत्तान्त में गढ़ा कटंगा राज्य की उन सभी पीढ़ियों के राजाओं की जिजीविषा की कहानियाँ हैं, जिन्होंने मुग़लकाल के पश्चात् मराठा काल तक राज्य किया। ये गाथाएँ मानवीय विश्वास, संवेदना और कर्मठता के अतिरिक्त चार से अधिक शताब्दियों की कालावधि में हुए मानवीय विकास की कथाएँ हैं। ये जनजातीय राजे अपने विकासक्रम में निरक्षर, अपढ़ या गँवार नहीं रहे, न ही ये सर्वथा ऐकान्तिक रहे वरन् इनमें से अनेक साहित्यानुरागी, कलाप्रेमी और समकालीन राजनीति के खिलाड़ी भी रहे। ऐसे राजाओं में हृदयशाह का नाम उल्लेखनीय है। ग्रन्थ के पूर्वार्द्ध में राजगोंड कुलभूषण हृदयशाह की दो आगे की और दो पीछे की पीढ़ियों का वर्णन है। इन सभी पीढ़ियों में उनका व्यक्तित्व बेजोड़ है।यह पुस्तक निश्चित ही न तो इतिहास विषय का ग्रन्थ है और न ही सामाजिक शोध-प्रबन्ध, अतः इसकी अकादमिक उपयोगिता को बढ़ाने से सम्बन्धित किसी प्रयास की चर्चा बेमानी है। प्रयास यह रहा है कि कहानियों में ऐतिहासिकता अक्षुण्ण रहे, कल्पना प्रसूत पात्र एवं घटनाएँ यथासम्भव कम से कम हों। प्रत्येक ऐतिहासिक घटना को अलग-अलग इतिहासकार अपने नज़रिए से देखते हैं, परन्तु कहानी में घटना को किसी एक ही नज़रिए से देखा जा सकता है, यह उसकी सीमा है और आवश्यकता भी। सामान्य तौर पर कथाओं में वे घटनाएँ चुनी गई हैं जिनसे सर्गों की सूत्रबद्धता क़ायम रहे, परन्तु साथ ही वे सम्बन्धित राजाओं के जीवन की मुख्य घटनाएँ हों।
Hamari Sanskritik Dharohar
- Author Name:
Dr. Shankar Dayal Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Madhya Pradesh Uchch Madhyamik Shikshak Patrata Pareeksha Ganit Practice MCQs (MPTET Higher Secondary Teacher Mathematics Practice Sets Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
When Lord Krishna Walked the Earth
- Author Name:
Aroona Reejhsinghani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Byomkesh Bakshi ki Romanchkari Kahaniyan
- Author Name:
Saradindu Bandyopadhyay
- Book Type:

- Description: "वर्ष 1932 में जब सारदेंदु बंद्योपाध्याय ने डिटेक्टिव फिक्शन में अपना हाथ आजमाने का फैसला किया, जिसे बंगाल की साहित्यिक दुनिया में उस समय तुच्छ समझकर हेय दृष्टि से देखा गया, तब उन्होंने सोचा नहीं था कि एक दिन ब्योमकेश बख्शी बांग्ला साहित्य के सबसे लोकप्रिय और लंबे समय तक मशहूर रहनेवाले किरदारों में से एक बना जाएगा। भले ही इसे कॉनन डॉयल के होम्स और चेस्टरटन के फादर ब्राउन की तर्ज पर गढ़ा गया है, ब्योमकेश के छानबीन का अपना ही अंदाज है, जो पेशे से नहीं बल्कि अपने शौक से डिटेक्टिव हैं, और कई पीढि़याँ उसके पाठकों में शामिल हैं। सभी कहानियाँ पचास और साठ के दशक के कलकत्ता की पृष्ठभूमि की हैं। प्रस्तुत संग्रह चार अनसुलझी गुत्थियों को सामने लाता है, जो इस डिटेक्टिव की बौद्धिक चुस्ती की जबरदस्त परीक्षा लेती हैं। ‘द मेनाजरी’ (दिग्गज फिल्म निर्माता सत्यजीत रे ने 1967 में इस कहानी पर ‘चिडि़याखाना’ फिल्म बनाई थी) में ब्योमकेशजी ने एक विचित्र केस सुलझाया था, जिसमें मोटर के टूटे हुए पुरजे थे, स्वाभाविक सी लगने वाली मौत थी, और गोलाप कॉलोनी के विचित्र निवासी थे, जो अपने दागदार अतीत को छिपाने के लिए कुछ भी करने की क्षमता रखते थे।"
Bhoomanadlikaran Aur Media
- Author Name:
Kumud Sharma
- Book Type:

- Description: तमाम व्यावसायिकता के नारों के बीच भारतीय मीडिया को यह समझना होगा कि वह लोकतंत्र का शक्तिशाली स्तंभ है और राष्ट्रीय संस्कारों तथा लोकतांत्रिक मूल्यों का संवाहक भी । वह दिशादर्शन के गहरे दायित्व-बोध से भी जुड़ा हुआ है । भारतीय मीडिया-चाहे वह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हो अथवा प्रिंट मीडिया-दोनों का ही सैद्धांतिक स्वरूप राष्ट्रीय समता, अखंडता और संप्रभुता बनाए रखने के उद्देश्य के साथ-साथ देश की जनता में सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से एक अनुकूल और प्रेरक सोच पैदा करने के उद्देश्य से गढ़ा गया है । शिक्षा तथा साक्षरता के माध्यम से समाज के विकास को गति देना भी उनका लक्ष्य है । उसके उद्देश्यों में जागृति पैदा करना, सूचना देना तथा व्यापक रूप से जनता के जीवन-स्तर को उठाना भी शामिल है । भूमंडलीकरण की प्रक्रिया में मीडिया के सिद्धांत और व्यवहार के बीच की खाई बढ़ गई है । व्यावसायिकता से उपजी तमाम चुनौतियों के बीच भारतीय मीडिया को अपनी यह चमक पुन: कायम करनी होगी । उसे इन्हीं चुनौतियों से गुजरकर वह राह पकड़नी होगी, जिसपर चलकर वह देश के व्यापक फलक पर व्याप्त भ्रष्टता और विसंगति को चुनौती दे सके; ' साम्राज्यवादी सूचनाओं के इंद्रजाल ' से मुक्त होकर राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का पाठ पढ़ा सके तथा ग्लैमर, चकाचौंध के आवरण को चीरकर समाज को स्वस्थ दिशा दे सके । -इसी पुस्तक से
Dr. A.P.J. Abdul Kalam Chitrawali
- Author Name:
Srijan Pal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Contemporary Science
- Author Name:
Pallava Bagla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Raja Yoga
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: Discover the transformative teachings of Swami Vivekananda's 'Raja Yoga.' This timeless guide unlocks the path to self-realisation through concentration, meditation, and self-discipline. Explore profound wisdom, achieve inner tranquillity, and unleash your hidden potentials for spiritual growth
Ek Kahani Beech Me Hai
- Author Name:
Krishn Bihari Noor
- Book Type:

- Description: बीसवीं सदी के बेहद लोकप्रिय शायर कृष्ण बिहारी 'नूर' की ये किताब उनकी ग़ज़लों, गीतों, नज़्मों और अशआर का संकलन है। 'नूर' की ये किताब एहसास, जमाल, गुदाज़ और इख़्लास की शायरी से भरपूर है। इस किताब में अक्सर ऐसी लतीफ़ कैफ़ियतों को ज़बान दी गई है जो आसानी से लफ़्ज़-ओ-बयान की गिरफ़्त में आती हैं। इस संकलन में बहुत से आईने बोलते नज़र आते हैं, बोलते सुनाई देते हैं, और बोलते महसूस होते हैं।
PT USHA
- Author Name:
Kumkum Khanna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vichar Pravah Book in Hindi - Hukmdev Narayan Yadav
- Author Name:
Hukmdev Narayan Yadav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Azadi Ki Aadhi Sadi : Swapna Aur Yatharth
- Author Name:
Puran Chandra Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tumi Chir Sarathi
- Author Name:
Taranand Viyogi
- Book Type:

- Description: Memories based on Nagarjun
Yugandhara Ahilyabai Holkar Historical Novel Focusing On The Inspiring Life of Devi Ahilya Bai Holkar
- Author Name:
Mamta Chandrasekhar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...