Likhaan Niyam: Law of Right Writing | The Magic of Writing - Write to Heal, Transform, and Transcend Book in Hindi
Author:
SirshreePublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 360
₹
450
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789390132850
Pages: 160
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Kuchh Yoon Jeekar Dekhen Jara! "कुछ यूँ जीकर देखें जरा!" | Art of Loving Yourself & know About The Life | Book in Hindi
- Author Name:
Rahul Rajesh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sanatan Jeevan Shaili
- Author Name:
Dr. Shyam Sakha 'Shyam'
- Book Type:

- Description: 1967 में मेडिकल कॉलेज में मेरे द्वितीय वर्ष के दौरान सनातन में मेरी रुचि जर्मन सार्शनिक आर्थर शोपेनहावर की एक पंक्ति से शुरू हुई। मैंने शिवमूर्ति को देखा और जन पाया, इसका जिक्र मेरी इसी किताब में है । पश्चिमी विचारों के प्रभाव में मैं भी मूर्तिपूजा को एक रूढ़िवादी मानसिकता मानता था। मुझे लगा कि हजारों साल से चली आ रही ये मान्यताएँ जिन्हें लोगों ने अंधविश्वास कहकर खारिज कर दिया है, निरर्थक तो नहीं हो सकतीं, जैसे मंगलवार को बाल न कटवाना, हनुमान की नाराजगी से डरना या शनिदेव के कोप से बचने के लिए शनिवार को लोहा न खरीदना । मैं यह सब सोचने लगा । ऐसा लगता है कि ये रीति- रिवाज नाइयों और लोहारों को एक दिन की छुट्टी देने के लिए बनाए गए थे। मार्च महीने में जब घर में शीतला माता की पूजा के लिए बासी भोजन की व्यवस्था देखी तो लगा कि समाज को यह संदेश दिया जा रहा था कि गरमियाँ शुरू होते ही बासी भोजन खाना बंद कर दें। फिर तो मैं सनातन की यात्रा पर निकल पड़ा। मैंने अंधविश्वास कहे ही जाने वाली मान्यताओं पर लोगों से अपने विचार साझा किए और चर्चाओं में शामिल हुआ, लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ प्राप्त हुईं। मैं यह दावा नहीं करता कि मेरे विचार सौ प्रतिशत सही हैं, लेकिन मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि चिकित्सा ज्ञान में मेरी वैज्ञानिक पृष्ठभूमि ने निश्चित रूप से मुझे सनातन प्रथाओं को समझने में सक्षम बनाया है।
37 Years 2024-1988 NEET Chapterwise And Topicwise Solved Papers Chemistry (Rasayan Vigyan) Syllabus Based on NCERT Class 11 & 12
- Author Name:
Dr. Sunita
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kalpantak Yogi Brahmarishi Devraha Baba Jivan Parichay Book In Hindi
- Author Name:
Amit Kumar Pandey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
To Sir, With Love
- Author Name:
E.R. Braithwaite
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vyatha Katha
- Author Name:
Jawaharlal Kaul
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Amritkaal Mein Swarnim Yatra Par Bharat
- Author Name:
Suresh Rungta
- Book Type:

- Description: "विगत दशक में भारत के विकास का जो मॉडल उभरकर सामने आया, उसमें एक विचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इर्दगिर्द घूमता है, जो आशा और उम्मीदों से भरपूर, आर्थिक आकांक्षाओं के संदर्भ में प्रगतिशील है, जो लोगों के जीवन स्तर में लगातार सुधार के लिए प्रयासरत रहने की बात करता है। दूसरा विचार राहुल गांधी का है, जिसमें नाउम्मीदी है, आर्थिक प्रगति में ठहराव है तथा देश की अधिकांश जनता के जीवन को दुरूह बनाने वाला है। कर्मठ नेतृत्व हर उस देश को एक ऐसा मौका उपलब्ध करवाता है, जब वह अपनी विकास यात्रा को कई गुणा आगे बढ़ा सकता है। एक तरह से यह उस देश का स्वर्णिम युग (अमृतकाल) होता है। भारत के इतिहास में यह एक ऐसे दौर के रूप में याद किया जाएगा, जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एक बड़ी छलाँग लगाने जा रहा है। पटना से प्रकाशित होने वाले दैनिक अखबारों तथा कुछ मासिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए आलेखों का संकलन इस पुस्तक में है। समयसमय पर लिखे गए ये आलेख तत्कालीन घटनाओं, संदर्भों एवं मुद्दों पर आम नागरिकों को सच्चाई से परिचित कराते हैं। कई आलेखों में नीतिगत प्राथमिकताओं के कुछ ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित करने की कोशिश की गई है, जो अर्थव्यवस्था की वर्तमान विकास की दर को बरकरार रखते हुए 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाने की प्रेरणा का वाहक बन सके।
Vividh Prasang : Vol. 1-2
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Anokhi Chitrakala
- Author Name:
Avantika
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
101 Weight Loss Tips
- Author Name:
Dr. Anil Chaturvedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Soor Sanchyita
- Author Name:
Manager Pandey
- Book Type:

- Description: सूर-साहित्य के अध्ययन, मनन और विश्लेषण से चिन्तनशील मानस को सहज ही यह निष्कर्ष प्राप्त हो जाता है कि सूरदास में जन-जीवन के मूल तत्त्वों का ज्ञान और भक्ति की भावना का बोध इस प्रकार समन्वित है कि सम्पूर्ण सूर-साहित्य में व्यक्ति है और समाज भी, राग है और विराग भी, भावविह्वल हृदय है और चिन्तनशील मस्तिष्क भी। उसमें गृहस्थ और साधु तथा भक्त और भावुक सबकी भावना और आदर्श का समन्वय है। सूर-साहित्य की सीमा में प्रवेश करनेवाले प्रत्येक सहृदय को उसमें उसके मन एवं आत्मा की आत्मीय भंगिमाएँ मिलेंगी, उसमें अतीत की झाँकी, वर्तमान का सम्बल और भविष्य का आदर्श प्राप्त होगा। सूरदास ने जीवन के विभिन्न उदात्त पक्षों का उद्घाटन कर उन्हें काम्य और कमनीय बना दिया है तथा सम्पूर्ण रागों का कृष्णार्पण कर उन्हें दिव्य आभा से मंडित कर दिया है।
The Naga Story "द नागा स्टोरी" | Unveiling The Secrets of Naga Warriors Book in Hindi
- Author Name:
Suman Bajpai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
AAO SEEKHEN PAHADE
- Author Name:
SHALINI
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khatte-Meethe Se Rishte
- Author Name:
Garima Sanjay
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gautam Buddha
- Author Name:
Arun Kumar Tiwari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kuchh Bola gaya, Kuchh Likha Gaya
- Author Name:
Subhah Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Trillion Dollar Economy: Yogi Govt | Uttar Pradesh On The Move The Plans, Policies, Goals And Achievements By The Government of The State | Book In English
- Author Name:
Dr. Sheelwant Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Rifleman Sanjay Kumar
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Sanjay Kumar was born on March 3, 1976 in Kalol Bakain of District Bilaspur in Himachal Pradesh. Rank—Rifleman (Presently, Subedar Major) Unit—13 Jammu and Kashmir Rifles War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) Award—ParamVir Chakra Recognition—Rifleman Sanjay Kumar is a paradigm of extraordinary bravery. His enemies were amazed and impressed by his incredible bravery. The enemy attacked from the hill and most of the soldiers from his team were martyred. There was a point of time when Sanjay was out of ammunitions, but this never stopped him. He could see his end right in front of his eyes, yet he acted with determination and courage and thus defeating death, he successfully completed the mission assigned to him.
Motapa : Ghatak Rogon Ki Jad
- Author Name:
Premchandra Swarnkar
- Book Type:

-
Description:
शरीर की आवश्यकता से अधिक कैलोरी वाला या अधिक चर्बीयुक्त भोजन वज़न बढ़ाने में सहायक होता है। यहाँ तक कि केवल 20 ग्राम वाला एक ब्रेड का टुकड़ा यदि अतिरिक्त मात्रा में रोज़ खाया जाए तो वह वज़न बढ़ा सकता है। इसी तरह 20 मिनट पैदल चलनेवाला व्यक्ति कार से जाने लगे या पैदल चलना छोड़ दे तो भी उसका वज़न बढ़ सकता है। दस वर्षों के दौरान ली गई अतिरिक्त 48 किलो कैलोरी से 20 किलो चर्बी शरीर में जमा हो सकती है। बच्चों में चाकलेट और फास्ट-फूड खाने की आदतें भी वज़न बढ़ाने में सहायक होती हैं। आए दिन होनेवाली पार्टियों में जानेवाले लोग अकसर ज़रूरत से ज़्यादा खा जाते हैं, यह अधिक खाना उनका वज़न बढ़ाने में सहायक होता है। कुछ लोग तनाव या समस्याओं के कारण भी ज़्यादा खा जाते हैं। इसी तरह कई लोग अच्छे स्वाद के कारण भी अधिक भोजन करते हैं। कई लोगों में एक ग़लत धारणा प्रचलित है कि स्वस्थ रहने के लिए ख़ूब खाना चाहिए और फिर ख़ूब खानेवाली धारणा उन्हें मोटा बना देती है।
—इसी पुस्तक से
Hamara Jeevan Hamari Yadein
- Author Name:
Dr. Ramanand
- Book Type:

-
Description:
भारतीय समाज लगातार बदल रहा है। भारतीय समाज के सीमांत पर बसे सामाजिक समूह लगातार आगे बढ़ रहे हैं। उनके आगे बढ़ने की कहानी, उन समूहों के नायकों के आगे बढ़ने की कहानी से जुड़ी हुई है। ऐसे समूहों के आगे बढ़ने के कई रास्ते हैं और वो इन कई रास्तों से चलकर विकास के चौराहे पर पहुँचते हैं।
इन रास्तों पर चलने में उनकी सबसे ज्यादा मदद उनकी आकांक्षाएँ करती हैं और इन आकांक्षाओं का निर्माण तरह-तरह के प्रेरणाओं से होता है।
इनके आगे बढ़ने की कहानी, इनकी स्मृतियों, संस्मरणों और आत्मवृतों में संरक्षित रहती हैं। हमारा जीवन, हमारी यादें परियोजना के तहत ऐसे ही सामाजिक चरित्र के संघर्ष की गाथा संकलित कर पाठकों के समक्ष सहज और सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book