Operation Blue Star Ka Sach
Author:
Lt. Gen. K.S. BrarPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 320
₹
400
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789386231413
Pages: 198
Avg Reading Time: 7 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
B.Sc Nursing General Nursing and Midwifery (GNM) Training Selection Examination 2023 Guide with Practice Sets in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Patrakarita Bihar Se Jharkhand
- Author Name:
Sanjay Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Social Harmony
- Author Name:
Narendra Modi
- Book Type:

- Description: Prime Minister Narendra Modi went through different stages of life, but his thoughts and actions have always been consistent. The strong flow of feelings towards society and social harmony has been flowing continuously in his heart. He has a unique vision and approach towards society. His radical thought extends to his social dealings too and his focus is always on the happiness of the common man. Narendra Bhai has always worked untiringly for equality, love and harmony. His persona signifies consistency in thoughts, beliefs and lifestyle. He is intensely focused on finding measures to eradicate sorrows from the lives of the deprived and persecuted. The concept of a welfare state which gives the highest priority to the wellbeing and happiness of its people has long been advocated by our Indian culture. The true measure of the progress of any state is the extent of progress achieved by the underprivileged. True development is that which brings the fruits of happiness even to the last person in the remotest backward area. This book is a compilation of the articles written by Shri Narendra Modi which shows his love for the underprivileged, his endeavour to share in their joys and sorrows, the excellence of his thought processes and his sensitivity towards the society.
Damodar Datta Dikshit ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Damodar Datta Dikshit
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Excellent Cursive Writing
- Author Name:
Prabhas Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Trade and Grow Rich (Hindi Translation)
- Author Name:
Indrazith Shantharaj, Kirankumar Nayak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Punyabhoomi Bharat
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhookh aur Bhoj ke Beech Vivekananda
- Author Name:
Sankar
- Book Type:

- Description: कभी राजभवन में सोने की थाली में राजसी भोजन, कभी झोंपड़ी में गरीबों का भोजन, कभी भूखे पेट, कभी सुनसान जंगल में आधे पेट खाकर भ्रमण करना स्वामी विवेकानंद के जीवन के अंतिम दो दशकों की आश्चर्यजनक जीवनगाथा। पिछले लगभग डेढ़ सौ वर्षों से कई देशों में स्वामीजी के पाककला प्रेम की चर्चा के साथ महासागर के उस पार अमेरिका में वेद, वेदांत के साथ-साथ बिरयानी-पुलाव-खिचड़ी से संबंधित कई अनजानी कहानियाँ प्रचलित हैं। भारतीय पाककला के प्रचार में सर्वत्यागी संन्यासी के असीम उत्साह वर्तमान के समाजतत्त्वविद् के लिए आश्चर्य की बात है, फिर भी पाकशास्त्री महाराज विवेकानंद को लेकर कोई संपूर्ण पुस्तक किसी भी भाषा में क्यों नहीं लिखी गई है, यह समझ से परे है। इस पुस्तक में स्वामी विवेकानंद के आहार के विषय में हजारों लोगों के मुँह से कही गई अनमोल बातों पर खोजी लेखक शंकर की अद्भुत प्रस्तुति है।
Griha Vatika
- Author Name:
Pratibha Arya
- Book Type:

- Description: आज से हज़ारों वर्ष पूर्व भी मनुष्य अपने घर के चारों ओर फूल, घास व कमल के तालाब आदि लगाता रहा होगा। बेबीलोन के ‘हैंगिंग गार्डन’ विश्व के सात आश्चर्यों में एक माने गए हैं। आज जब हम गृह वाटिका की बात करते हैं तो हमारे सामने उद्यान कला का एक दीर्घ इतिहास साकार हो उठता है। रूप योजना कैसी भी क्यों न रही हो, घर के भीतर, आसपास, रास्तों, दीवारों को, फूलों की झाड़ियों, लताओं, वृक्षों द्वारा सजाने की परम्परा बहुत पुरानी रही है। गुफाओं में रहनेवाले मानव ने जब घर बनाकर स्थिर जीवनचर्या शुरू की तो उसे सजाने-सँवारने का काम भी शुरू कर दिया। जीवन में जब स्थिरता आ जाती है तो मानव-मन कला-सौन्दर्य की ओर झुक जाता है। प्राचीन भारतीय उद्यानों में लतामंडप, पुष्पित लताओं, झाड़ियों वाली वीथियाँ, कुंज, सुगन्धित पुष्प व कमल फलों के जलाशयों का वर्णन मिलता है। वासन्ती लता, लवंग-लता, नवमल्लिका जैसी सुगन्धित लताओं एवं वृक्षों के झुरमुट से घिरी वीथियाँ एवं वाटिकाएँ, जहाँ गृहवासी अपने परिवार के सदस्यों के साथ आमोद-प्रमोद के क्षण व्यतीत करता था। मुग़लकालीन उद्यान सीढ़ीदार होते थे, साथ-साथ उनमें पानी की नहरें व फुहारें अवश्य होते थे। मध्य एशिया से सर्द एवं फलों से भरे प्रदेश से आए मुग़ल बादशाहों ने वहाँ की स्मृति को याद रखते हुए और भारत की गर्मी से बचने के लिए जल की योजना वाटिकाओं में ख़ूब बनाई। उद्यान की योजना का रूप, आकार चाहे अलग रहा हो परन्तु मूल में एक प्रवृत्ति ही काम करती रही—वह थी प्रकृति की सुन्दर आकर्षक विविध प्रकार की वनस्पतियों, पौधों, झाड़ियों, वृक्षों, लताओं को आकर्षक रूप में लगाना, उसे सँजोना और प्राकृतिक भूदृश्यों को अपनी कल्पना के पुट द्वारा अपने घर के भीतर प्रस्तुत करना। उद्यान कला के भी मूलभूत सिद्धान्त लगभग सभी जगहों पर एक जैसे ही होते हैं। इन्हें जानने व समझने के बाद पौधों की देखभाल का कार्य काफ़ी सरल हो जाता है। उद्यान कला एक वैज्ञानिक विषय है, परन्तु शौक़ के रूप में अपनाए जाने पर यह आनन्द व अनुभव का विषय बन जाता है।
Know About RSS
- Author Name:
Arun Anand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jahiram Pad Neh
- Author Name:
Narottam Pandey
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kya Aap IIT CRACK Karna Chahate Hain?
- Author Name:
Vivek Pandey +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Words Have Power
- Author Name:
Ashutosh Karnatak
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pt. Deendayal Upadhyaya
- Author Name:
Mahesh Chandra Sharma
- Book Type:

- Description: ‘‘हमारी राष्ट्रीयता का आधार ‘भारत माता’ हैं, केवल भारत नहीं। माता शब्द हटा दीजिए तो भारत केवल जमीन का एक टुकड़ा मात्र रह जाएगा। इस भूमि का और हमारा ममत्व तब आता है, जब माता वाला संबंध जुड़ता है। कोई भी भूमि तब तक देश नहीं कहला सकती, जब तक कि उसमें किसी जाति का मातृक ममत्व, यानी ऐसा ममत्व, जैसा पुत्र का माता के प्रति होता है, न हो। वही देशभक्ति है, तथापि देशभक्ति का मतलब जमीन के टुकड़े के साथ प्रेम होना मात्र नहीं है, अन्यथा कई पशु-पक्षी भी तो अपने घर से बहुत प्रेम करते हैं। साँप अपना बिल नहीं छोड़ता, शेर माँद में ही निवास करता है, पक्षी अपने घोेंसले में रोज लौट आते हैं, किंतु वे देशभक्त हैं, ऐसा नहीं कहा जा सकता। मानव भी जहाँ रहता है, वहाँ से उसका कुछ-न-कुछ लगाव हो ही जाता है, फिर भी इतने मात्र से देशभक्ति नहीं आती। उन लोगों का प्रेम ही देशभक्ति कही जाएगी जो देश में एक जन के नाते संबद्ध हैं। पुत्र रूप एक जन और माता रूप भूमि के मिलन से ही देश की सृष्टि होती है। वही देशभक्ति है, जो अमर है।’’ —पं. दीनदयाल उपाध्याय
Ambedkar Ke Sapnon Ka Bharat "आंबेडकर के सपनों का भारत" | Vision and Biography of Ambedkar Book in Hindi
- Author Name:
Basant Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vaigyanik Bharat
- Author Name:
Dr. A.P.J. Abdul Kalam
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shikhar Par Jijivisha
- Author Name:
Kumar Manish Arvind
- Book Type:

- Description: शिखर पर जिजीविषा' साहित्यकर कुमार मनीष अरविन्द की संघर्ष यात्रा है. यह अपने तरह की पहली पुस्तक है. संघर्षशील साहित्यकार के जीवन संघर्ष पर आधारित औपन्यासिक स्वाद वाला विशिष्ट संस्मरणात्मक कृति है यह. यह कृति साहित्य में जीवंतता तथा समाज में जिजीविषा का उद्घोष है.
Bharat-Pak Sambandh
- Author Name:
Jn Dixit
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Vivekanand Aur Rashtravad
- Author Name:
Major (Dr.) Parshuram Gupt
- Book Type:

- Description: "स्वामी विवेकानंद के जन्म को डेढ़ सदी बीत चुकी है। लेकिन आज भी उनके संदेश युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत बने हुए हैं। संपूर्ण राष्ट्र के भविष्य की दिशा तय करने में भी उनके विचार निर्णायक भूमिका का निर्वहण करने की क्षमता रखते हैं। आज वेदांत-दर्शन को विज्ञान की मान्यता मिलने लगी है, जिससे स्वामीजी के विचार और भी प्रासंगिक हो गए हैं। स्वामीजी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा था कि निराशा, कमजोरी, भय, आलस्य तथा ईर्ष्या युवाओं के सबसे बड़े शत्रु हैं। उन्होंने युवाओं को जीवन में लक्ष्य निर्धारण करने के लिए स्पष्ट संदेश दिया और कहा कि तुम सदैव सत्य का पालन करो, विजय तुम्हारी होगी। आनेवाली शताब्दियाँ तुम्हारी बाट जोह रही हैं। उन्होंने कहा था कि हमें कुछ ऐसे युवा चाहिए, जो देश की खातिर अपना सर्वस्व न्योछावर करने को तैयार हों। ऐसे युवाओं के माध्यम से वे देश ही नहीं, विश्व को भी संस्कारित करना चाह रहे थे। स्वामीजी प्रखर राष्ट्रवाद के प्रबल समर्थक थे। उनका मानना था कि राष्ट्र के प्रति गौरवबोध से ही राष्ट्र का कल्याण होगा। हिंदू संस्कृति, समाजसेवा, चरित्र-निर्माण, देशभक्ति, शिक्षा, व्यक्तित्व तथा नेतृत्व इत्यादि के विषय में स्वामीजी के विचार आज अधिक प्रासंगिक हैं। स्वामीजी के संपूर्ण मानवता और राष्ट्र को समर्पित प्रेरणाप्रद जीवन का अनुपम वर्णन है—राष्ट्ररक्षा, राष्ट्रगौरव एवं राष्ट्राभिमान का पाठ पढ़ानेवाली, राष्ट्रवाद का अलख जगानेवाली इस अत्यंत जानकारीपरक पुस्तक में। "
APANI KRIYAON KO PAHCHANEN
- Author Name:
PUSHPA TETE
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...