Natha Panth "नाथपंथ" Book In Hindi
(0)
₹
400
₹ 320 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355215468
-
Pages256
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Leo Tolstoy
- Author Name:
Ramesh Ranjan
- Rating:
- Book Type:

- Description: "रूस के महान् लेखक लियो टाल्सटॉय 19वीं सदी के एक सम्मानित लेखक थे। युवावस्था में कुछ समय उन्होंने रूसी सेना में नौकरी की और इसी दौरान क्रीमियन युद्ध (1855) में भाग लिया। अगले वर्ष ही उन्होंने नौकरी छोड़ दी और लेखन आरंभ कर दिया, जिसकी नींव उनके बचपन में ही पड़ चुकी थी। उनके उपन्यास ‘वॉर ऐंड पीस’ (1865-69) तथा ‘एना कैरनीना’ (1875-77) विश्व साहित्य की महान् रचनाओं में शामिल हैं। आर्थिक दृष्टि से अति संपन्न और सम्मानित होने के बावजूद वे आंतरिक शांति के लिए तरसते रहे। आखिरकार सन् 1890 में घर-बार और धन-संपत्ति त्यागकर वे गरीबों की सेवा करने लगे और 20 नवंबर, 1910 को कंगाली की हालत में गुमनाम वृद्ध के रूप में मृत्यु को प्राप्त हुए। मानव मन को छूनेवाली सामाजिक समदर्शिता और पारस्परिकता का बोध करानेवाली अगणित पठनीय रचनाओं के महान् लेखक की प्रेरणादायी जीवनी।"
Pauranik Granthon Mein Nari Shakti Ki Kahaniyan
- Author Name:
Smt. Sudha Murty
- Book Type:

- Description: क्या आप जानते थे कि असुरों को पराजित करने के लिए त्रिदेव सदैव देवियों की सहायता लेते थे? क्या आप जानते थे कि इस संसार का पहला क्लोन एक स्त्री ने बनाया था? भारतीय पौराणिक कथाओं में स्त्रियों की संख्या भले ही बहुत कम होगी, लेकिन प्राचीन ग्रंथों और महाकाव्यों में शक्ति और रहस्य की उनकी कहानियाँ बहुत अधिक हैं। उन्होंने राक्षसों का वध किया और अपनी आक्रामकता से अपने भक्तों की रक्षा की। इस संग्रह में पार्वती से लेकर अशोक सुंदरी तक और भामती से लेकर मंदोदरी तक, मोहक और निर्भयी स्त्रियों का वर्णन है, जो हर बार देवताओं के लिए युद्ध का नेतृत्व करती हैं, जो अपने परिवारों का आधार और अपने प्रारब्ध की निर्माता थीं। भारत की चहेती और सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली लेखिका सुधा मूर्ति आपको उन कहानियों के माध्यम से सशक्त बनाने वाली यात्रा पर ले जा रही हैं जिन्हें भुला दिया गया है, जिनमें उन उल्लेखनीय स्त्रियों की एक बड़ी संख्या है, जो आपको आपके जीवन में महिलाओं के गहरे प्रभाव की याद दिलाती हैं।
Loknayak Jaiprakash Narayan
- Author Name:
Pankaj Kishor
- Book Type:

- Description: "लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्तूबर, 1902 को बिहार के सारण जिले के सिताबदियारा गाँव में हुआ। पढ़ाई में वे शुरू से ही कुशाग्र थे, इसलिए राजनीतिशात्र और समाजशात्र में बी.ए. एवं एम.ए. अमेरिका से किए। सन् 1929 में पं. नेहरू के आमंत्रण पर वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए। इस दौरान महात्मा गांधी उनके गुरु और पथ-प्रदर्शक बने। स्वतंत्रता और गांधीजी के निधन के बाद जयप्रकाश नारायण, आचार्य नरेंद्र देव और बसावन सिंह ने पहली विपक्षी सोशलिस्ट पार्टी का गठन किया। बाद में उसका नाम प्रजा सोशलिस्ट पार्टी कर दिया गया। जयप्रकाश नारायण का कहना था कि सिर्फ शासक बदलने से समस्या का हल नहीं होता, जब तक कि सारी व्यवस्था में आमूल परिवर्तन न हो। चंबल के चार सौ डाकुओं का समर्पण; बिहार में अराजक सत्ता व्यवस्था, कुशिक्षा, अपराध व अराजकता के खिलाफ ऐतिहासिक छात्र आंदोलन; व्यवस्था में बदलाव के लिए संपूर्ण क्रांति के आह्वान से लेकर केंद्र में इंदिरा गांधी की तत्कालीन सरकार को सत्ता से उखाड़कर लोकतंत्र की बहाली तक जयप्रकाश नारायण ने विविध सत्याग्रही भूमिकाओं का निर्वहण किया। लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने इस देश में सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन लाने के लिए एक संपूर्ण क्रांति का सपना देखा और देश के सम्मुख उसे प्रस्तुत किया। प्रस्तुत है स्वतंत्रता-प्राप्ति के बाद के क्रांतिकारी विचारक, दूरद्रष्टा और समाज में चेतना जगानेवाले लोकनायक की पठनीय एवं प्रेरणादायी जीवनी।
Bhakta Janani Maa Sharda
- Author Name:
Rachna Bhola 'Yaminee'
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Dalit Sahitya Sanchayita
- Author Name:
Preeti Sagar
- Book Type:

- Description: सवर्णवाद के सामाजिक-सांस्कृतिक वर्चस्व को चुनौती देनेवाले दलित साहित्य का आधार आधुनिक संवैधानिक मूल्य, मानव की सार्वभौमिक समानता और प्रजातंत्र में विश्वास है, और प्रेरणा का स्रोत उस अनन्त पीड़ा में है जो इस देश की दलित जातियों ने सदियों-सदियों अकारण और बिना कोई प्रतिरोध किए सही है। सन् 1914 में ‘सरस्वती’ में प्रकाशित हीरा डोम की कविता ‘अछूत की शिकायत’ से आरम्भ मानी जानेवाली दलित साहित्य की यात्रा अठारहवीं-उन्नीसवीं सदी के सामाजिक-राजनीतिक अदालतों और आज़ादी के बाद संविधान से मिले नए स्पेस से होती हुई आज एक स्थापित धारा का रूप ले चुकी है। मात्र प्रतिरोध और आक्रोश की कलाहीन अभिव्यक्ति के आरोपों को झुठलाते हुए अपनी रचनात्मकता को उसने एक भिन्न सौन्दर्यशास्त्रीय ज़मीन भी दी है। प्रस्तुत संचयिता पिछली पूरी शताब्दी की दलित मनीषा के प्रमुख पड़ावों को संकलित करने का हिन्दी में सम्भवतः पहला सर्वांगीण प्रयास है। विद्रोह की तीव्र आकांक्षा को बेलाग स्वर में वाणी देनेवाली कविता, दलित जन के संघर्ष को गहराई से रेखांकित करनेवाली कहानी, दलित जीवन के अन्तर्बाह्य रेशों की व्याख्या करनेवाले उपन्यासों की स्वानुभूत पीड़ा की प्रामाणिक अभिव्यक्ति, आत्मकथा और अपनी पहचान के लिए लड़ रही रचना को ठोस वैचारिक आधार प्रदान करनेवाली आलोचना, सभी विधाओं का सम्यक् प्रतिनिधित्व इसमें हुआ है। उद्देश्य यही है कि दलित साहित्य के पाठकों, अध्येताओं और छात्रों को पीड़ा और प्रतिकार से उपजी सन्दर्भमूलक रचनाएँ एक जिल्द में उपलब्ध हो सकें; और दलित साहित्य का मूल स्वर कुछ प्रमुख रचनाओं के माध्यम से सामने लाया जाए। संचयिता में उनतीस कवियों की कविताएँ, तेरह कहानियाँ, सात महत्त्वपूर्ण उपन्यास-अंश, छह आत्मकथा-अंश और आठ आलोचनात्मक आलेख शामिल हैं।
Satya Ke Sath Mere Prayog
- Author Name:
Mahatma Gandhi
- Book Type:

- Description: मैं जो प्रकरण लिखने वाला हूँ, इनमें यदि पाठकों को अभिमान का भास हो, तो उन्हें अवश्य ही समझ लेना चाहिए कि मेरे शोध में खामी है और मेरी झाँकियाँ मृगजल के समान हैं। मेरे समान अनेकों का क्षय चाहे हो, पर सत्य की जय हो। अल्पात्मा को मापने के लिए हम सत्य का गज कभी छोटा न करें। मैं चाहता हूँ कि मेरे लेखों को कोई प्रमाणभूत न समझे। यही मेरी विनती है। मैं तो सिर्फ यह चाहता हूँ कि उनमें बताए गए प्रयोगों को दृष्टांत रूप मानकर सब अपने-अपने प्रयोग यथाशक्ति और यथामति करें। मुझे विश्वास है कि इस संकुचित क्षेत्र में आत्मकथा के मेरे लेखों से बहुत कुछ मिल सकेगा; क्योंकि कहने योग्य एक भी बात मैं छिपाऊँगा नहीं। मुझे आशा है कि मैं अपने दोषों का खयाल पाठकों को पूरी तरह दे सकूँगा। मुझे सत्य के शास्त्रीय प्रयोगों का वर्णन करना है। मैं कितना भला हूँ, इसका वर्णन करने की मेरी तनिक भी इच्छा नहीं है। जिस गज से स्वयं मैं अपने को मापना चाहता हूँ और जिसका उपयोग हम सबको अपने-अपने विषय में करना चाहिए। —मोहनदास करमचंद गांधी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आत्मकथा सत्य के साथ मेरे प्रयोग हम सबको अपने आपको आँकने, मापने और अपने विकारों को दूर कर सत्य पर डटे रहने की प्रेरणा देती है।
Bhoomikamal
- Author Name:
Rita Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NDA/NA SSB INTERVIEW GUIDE
- Author Name:
Gautam Chauhan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
UPPSC Additional Private Secretary (APS) Recruitment Examination 15 Practice Sets Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kuchh Idhar Ki, Kuchh Udhar Ki
- Author Name:
R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Narendra Kohli ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Narendra Kohli
- Book Type:

- Description: किसी कहानी को लोकप्रिय तो पाठक ही बनाता है। जो रचना पाठकों द्वारा पढ़ी ही न जाए, वह लोकप्रिय नहीं होती। किंतु इसका अर्थ यह नहीं है कि जो रचना लेखक को प्रिय न हो, पाठक उसे लोकप्रिय बना देगा। वस्तुतः कहानियाँ लेखक और पाठक दोनों की रुचि से लोकप्रिय बनती हैं। मैंने 1960-70 के दौर में कहानियाँ लिखी थीं। तब तक वे उपन्यास नहीं लिखे गए थे, जिन्होंने अपनी लोकप्रियता के बल पर कहानियों की चर्चा को मंद कर दिया है। इसके पश्चात् उपन्यासों ने कहानियों को अपना अंग ही बना लिया। लिखने को तो अब भी कहानी लिखने बैठ जाता हूँ, लिख भी लेता हूँ, किंतु मेरे लेखन के केंद्र में कहानी नहीं है। फिर भी कह सकता हूँ कि ‘परिणति’, ‘नमक का कैदी’, ‘संचित भूख’, ‘किरचे’, ‘निचले फ्लैट में’ और ‘नींद आने तक’ जैसी कहानियाँ न मुझसे भुलाई गई हैं और न पाठकों द्वारा उनकी उपेक्षा की स्थिति आई है। यदा-कदा उनकी चर्चा होती ही रहती है। वह मेरी किशोरावस्था थी। उसमें समाज के प्रति दायित्वबोध भी था और प्रेम का आकर्षण भी। उनमें मेरे भाई-बहन भी हैं और मेरी सखियाँ भी। वह जीवन का वह महत्त्वपूर्ण मोड़ था, जिसे भुलाना संभव नहीं है। परिणामतः आज आधी शताब्दी के पश्चात् भी वे कहानियाँ मुझे प्रिय हैं। —नरेंद्र कोहली
Duniya Meri Nazron Mein (Hindi Translation of The World as I See It)
- Author Name:
Albert Einstein
- Book Type:

- Description: मनुष्य के कार्य उसकी बाहरी व आंतरिक आवश्यकताओं से निर्धारित होते हैं। अल्बर्ट आइंस्टाइन को उनके ‘सापेक्षता के सिद्धांत’ तथा सैद्धांतिक भौतिकी में उल्लेखनीय योगदान के लिए जाना जाता है। सन् 1921 में उन्हें भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। क्वांटम थ्योरी, वॉर्महोल्स तथा थर्मोडायनामिक्स पर उनके लेख एवं शोध आज भी नवोदित वैज्ञानिकों के दिमाग में जिज्ञासा की तरंगें उत्पन्न करते हैं। ‘द वल्र्ड ऐज आई सी इट’ (1934) पुस्तक की रचना प्रथम विश्वयुद्ध तथा हिटलर के सत्तारूढ़ होने के परिणामस्वरूप हुई थी, जिसमें आइंस्टाइन अपने जीवन में संतुलन बिठाने की तमाम उथल-पुथल के बीच भी एक शांतिपूर्ण विश्व की कामना करते हैं। वैज्ञानिक शब्दजाल से परे इस पुस्तक में आइंस्टाइन ने कई पत्रों, लेखों तथा साक्षात्कारों के माध्यम से यहूदी समाज में व्याप्त शिक्षा, नैतिकता, राजनीति, विज्ञान, धर्म आदि महत्त्वपूर्ण विषयों पर अपनी अंतर्दृष्टि प्रकट की, जिससे वे असंख्य पाठकों में लोकप्रिय बन गए।
The Magic of Faith
- Author Name:
Dr. Joseph Murphy
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Life and Times of Charlie Chaplin
- Author Name:
Nandini Saraf
- Book Type:

- Description: Charlie Chaplin, the universal comic icon, who with his lovable portrayal of a ‘tramp’made and still makes the world laugh, continues to live in popular memory. The Hitler’s toothbrush moustache, the bowler or derby hat, the coat a size or two too small, the baggy trousers, the floppy shoes and the cane made him the most unforgettable character. The mere mention of his name conjures a picture of him as the tramp. One of the most pivotal stars of the early silent era of Hollywood, Charlie Chaplin’s films made everyone laugh and cry at the same time. The world cinema is indebted to him for films like ‘The Kid’, ‘The Gold Rush’, ‘The Circus,’ ‘City Light’, ‘Modern Times’ and ‘The Great Dictator’. An enigma to the world, people have vast curiosity about his life and his body of work. This book is an attempt to unravel the various aspects of his life and his struggles. The happiness and the despair, the controversies and the acclaim are all revealed in this authentic biography of this great legend.
Sitesh Alok ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Sitesh Alok
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Se. Ra. Yatri Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Se. Ra. Yatri
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Safalta ke Gurumantra
- Author Name:
Napoleon Hill
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NDA/NA National Defence Academy & Naval Academy Entrance Examination Solved Papers (2024-2015) | Paper 1 (Mathematics) & Paper 2 (General Ability Test)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Political Mysteries
- Author Name:
K R Malkani
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Kahani Se Samwad
- Author Name:
Rashmi Rawat
- Book Type:

- Description: कहानी से संवाद शास्त्रीय आलोचना नहीं है। जैसाकि नाम से ही ज़ाहिर है, यह कहानी के साथ चलते हुए, उससे बतियाने और उसे समझने की एक रचनात्मक प्रक्रिया है। रश्मि रावत रचना को उसकी समग्रता में देखती हैं, अपने समय और समाज के आलोड़न से उपजी एक जैविक इकाई के रूप में; जो उन मूल्यों को भी वहन करती है, जिन्हें रचनाकार जान रहा होता है, और उन चीजों को भी जो उसके अदेखे स्वयमेव रचना में आ जाती हैं, और कई बार लेखक की सचेत अभिव्यक्तियों से ज्यादा कुछ बता जाती हैं—कहानी के ही बारे में नहीं, लेखक के बारे में भी, और उस सामाजिक-नैतिक पर्यावरण के बारे में भी जिसमें उस रचना ने आकार लिया। यह आलोचना की उस परिपाटी से आगे जाना है जो दी गई कसौटियों पर कहानी या किसी भी रचना को विश्लेषित करके अपने काम को पूरा मान लेती है। इस पुस्तक में शामिल कथा-समीक्षाएँ, हर कहानी को पढ़ते हुए अपनी कुछ कसौटियाँ बनाती हैं; जिनकी जड़ें केवल साहित्य-चिन्तन में नहीं होतीं, बल्कि समाज और उन मूल्यों से जुड़ी चिन्ताओं में होती हैं, जिनकी खोज वे कहानी के घोषित उद्देश्यों के अलावा पात्रों की गठन, लेखकीय भाषा की बुनावट और उसके शब्द-चयन तक में करती हैं। यही वह विशेषता है जिसके चलते ये समीक्षाएँ सिर्फ सम्बद्ध कहानियों की समीक्षाएँ नहीं रह जातीं, बल्कि वृहत्तर पैमाने पर अपने समय, समाज और संस्कृति की समीक्षा हो जाती हैं।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book