Maheep Singh ki Lokpriya Kahaniyan
(0)
₹
150
₹ 120 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789351869023
-
Pages176
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Network Marketing Judo, Jodo, Jeeto
- Author Name:
Dr. Ujjwal Patni
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Atmanirbhar Bharat
- Author Name:
Sunil Vashisht
- Book Type:

- Description: Since the outbreak of COVID-19 pandemic and the resultant Janta curfew and lockdown, our country and the whole world has suffered a lot in 2020 both on health front and on economic front. COVID-19 has jolted the whole world economically resulting in fall of GDP of all major countries in the world and also a large scale loss of human life. Our PM Narendra Modi being a visionary has come up with a call of �Atmanirbhar Bharat�. The English meaning of Atmanirbhar Bharat is self-reliant India or self-sufficient India. The basic idea behind this concept is making India self sustaining and self generating, an economy that can sustain itself on its own and which minimises its dependence on the outside world. While declaring the Atmanirbhar Bharat Abhiyan and during the announcement of COVID-19 related economic package, PM Modiji stated that the 5 pillars of Atmanirbhar Bharat are economy, infrastructure, technology driven systems, vibrant demography and demand. Various slogans initiated under Atmanirbhar Bharat include �Vocal for Local�, �Local for Global� and �Make for World�. This book focusses on several important aspects related to Atmanirbhar Bharat like economy, banking, national security, self dependence, women empowerment etc. and contains views of various intellectuals and specialist on the above subjects vis-s-vis how to make India self-sufficient.
Sadak Se Sansad Tak
- Author Name:
Shivanand Tiwari
- Rating:
- Book Type:

- Description: लोहिया, जेपी, किशन पटनायक, रामानन्द तिवारी, कर्पूरी ठाकुर वाली परम्परा के ही नेता हैं शिवानंद तिवारी। जितना लम्बा उनका राजनीतिक जीवन है आज की राजनीति में कम लोगों का है। वे गैर-कांग्रेसी, गैर-भाजपाई राजनीति करते रहे हैं और सन् पैंसठ के पहले से सक्रिय हैं। बाबा के नाम से विख्यात शिवानन्द जी के पास अनुभव, किस्सों और प्रत्यक्ष देखी घटनाओं का सम्भवत: सबसे बड़ा खजाना है। वे साठ के दशक के आखिर में शुरू हुए अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन वाले दौर से सक्रिय रहे हैं और चौहत्तर के जेपी आन्दोलन के अगुआ लोगों में हैं। उन्होंने किशन पटनायक के साथ लोहिया विचार मंच और समता संगठन की राजनीति की और उनसे अलग होकर भी उनकी वैचारिक और व्यावहारिक राजनीति के पाठ से अलग नहीं हुए। इन भाषणों और टिप्पणियों से उनके चिन्तन का दायरा और दिशा झलकती है। साफ लगता है कि भूमंडलीकरण और साम्प्रदायिक राजनीति उनकी चिन्ता के केन्द्र में है। शिवानंद जी के इन भाषणों में किसानों की आत्महत्या, बुनकरों की भुखमरी और आत्महत्या, पेटेंट रीजीम से होने वाली मुश्किलों और उसकी कानूनी लड़ाई, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की स्थिति, अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश द्वारा गरीबों का भोजन बढ़ाने से महँगाई आने के कुतर्क की आलोचना, किसानों के खेती छोड़ने पर टिप्पणी है। और इसमें से काफी चीजों के लिए नई आर्थिक नीतियों को दोषी बताया गया है। यह आलोचना सही थी और यह किताब का महत्त्व है क्योंकि भूमंडलीकरण के पूरे दौर में कहीं से संसद के अन्दर इन नीतियों की आलोचना नहीं हुई।
Manrega
- Author Name:
Vishnu Rajgariya
- Book Type:

- Description: आज़ादी के छह दशक बाद भी ग्रामीण विकास की जटिल चुनौतियाँ विश्व के विशालतम लोकतंत्र हमारे देश के लिए चिन्ता का विषय रही हैं। सुखद है कि इस दिशा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) 2005 ने कम ही समय में अपनी प्रासंगिकता एवं दीर्घकालिक उपयोगिता प्रमाणित कर दी है। मनरेगा से बन रहे सामाजिक सुरक्षा के परिवेश ने करोड़ों ग्रामीण भारतीयों के जीवन में बड़े बदलाव की सम्भावना पैदा कर दी है। यह बदलाव मनरेगा के साथ अन्य महत्त्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों के रचनात्मक एवं नवाचारी समावेश द्वारा बड़े स्तर पर लाना सम्भव हो रहा है। अब मनरेगा के तहत सुयोग्य श्रेणियों के व्यक्तिगत लाभुकों की ज़मीन में भी भूमि एवं जल संरक्षण एवं सिंचाई कूप जैसी अत्यन्त उपयोगी विभिन्न परिसम्पत्तियों के निर्माण के प्रावधान ने इन सम्भावनाओं को और गहन कर दिया है। मनरेगा ने पंचायती राज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण का भी एक महत्त्वपूर्ण ज़रिया दिया है क्योंकि लागत के हिसाब से 50 प्रतिशत कार्यों का कार्यान्वयन ग्राम पंचायतों द्वारा किया जा रहा है। मनरेगा के तहत ग्रामसभा को मिली विशिष्ट हैसियत ने हमारे विशाल लोकतंत्र में जन-जन की प्रत्यक्ष भागीदारी का अनूठा प्रयोग सम्भव बना दिया है। पारदर्शिता और सामाजिक अंकेक्षण हो या फिर शिकायत निवारण और ओम्बड्समैन प्रणाली, हर मामले में ठोस एवं नए के माध्यम से मनरेगा एक अद्भुत कार्यक्रम बन गया है। मनरेगा के क्रियान्वयन के अब तक के अनुभवों के आधार पर वर्ष 2013 में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। मुझे प्रसन्नता है कि प्रस्तुत पुस्तक में उन दिशानिर्देशों को समाहित किया गया है। ग्रामीण भारत में बड़े बदलाव की वाहक इस योजना का लाभ हर वांछित तक पहुँचाने के लिए इसके प्रावधानों व कार्यप्रणाली के बारे में समुचित जानकारी आवश्यक है। —भूमिका से
Dastan-E-Pakistan : Jinnah Se Jihad Tak | The Country Is Writing The Story of Its Own Destruction
- Author Name:
Balbir Dutt
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mahaveer
- Author Name:
Sanjay Krishna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Grenadier Yogendra Singh Yadav
- Author Name:
Risshi Raj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
MANAK HINDI AUR BHOJPURI KA ROOPVAIGYANIK ADDHYAN
- Author Name:
Dr. Rajesh Chandra Aadarsh
- Book Type:

- Description: criticism
Vrat-Upvas Ke Dharmik Aur Vaigyanik Adhar
- Author Name:
Shashikant Sadaiv
- Book Type:

- Description: "भले ही व्रत-उपवास का वास्तविक अर्थ कुछ भी हो, लेकिन ये जनमानस में धर्म, आस्था एवं श्रद्धा का प्रतीक हैं। कुछ लोग इसे धर्म के साथ जोड़कर देखते हैं तो कुछ ज्योतिषीय उपायों की तरह लेते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनके अलग लाभ हैं तो मनोविज्ञान की दृष्टि से इनका अपना महत्त्व है। शायद यही कारण है कि व्रत-उपवास का चलन सदियों नहीं, युगों पुराना है। एक तरफ हिंदू शास्त्र व्रत-उपवास जैसे धार्मिक कर्मकांडों की पैरवी करते नजर आते हैं तो दूसरी ओर खुद ही इसी बात पर जोर देते हैं कि भूखे भजन न होय गोपाला, अर्थात् भूखे पेट तो भगवान् का भजन भी नहीं हो पाता। व्रत-उपवास हमारे आत्मिक बल और स्व-नियंत्रण को बढ़ाते हैं; इंद्रियों को वश में रखने की शक्ति देते हैं। कुछ लोग व्रत-उपवास श्रद्धा से रखते हैं तो कुछ लोग भय से, कुछ लोग शारीरिक स्वास्थ्य के लिए रखते हैं तो कुछ लोग मानसिक शांति के लिए। कारण भले ही कोई हो, लेकिन लोगों के जीवन में व्रत-उपवास का विशेष स्थान है। यह पुस्तक व्रत-उपवासों की महत्ता और उनकी वैज्ञानिकता प्रस्तुत करती है।"
Deendayal Upadhyaya Sampoorna Vangmaya (Set 15 Vol.)
- Author Name:
Deendayal Upadhyay
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Indradhanush Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Jagannath Prasad Das
- Book Type:

- Description: भाग साहित्याकाश में जगन्नाथ प्रसाद दास की अपनी व्याप्ति है। एक लेखक, कवि, नाटककार, उपन्यासकार, चित्रकार, कलामर्मज्ञ, अभिनेता और आंदोलकारी या कहें कि जागरूक नागरिक के रूप में पिछले पाँच से भी अधिक दशक से वे देश के सृजनात्मक, साहित्यिक परिदृश्य पर छाए रहे । 'इंद्रधनुष और अन्य कहानियाँ' दास की रचनाओं का अनूठा संकलन है । हिंदी-जगत् के लिए ओड़िया-हिंदी की सुधी अनुवादक सुजाता शिवेन का नाम अनजाना नहीं है। संकलन में कुल 11 कहानियाँ शामिल हैं। मानवीय संबंध इनका मूल है, तो समय, समाज और परिस्थितियाँ इनकी वाहक । इन कहानियों की विशेषता यह भी है कि ये नैदानिक और अलग-अलग विवरणों से शुरू होती हैं, लेकिन किसी बिंदु पर अनजाने उनका मूड बदल जाता है और वे पाठक को एक अज्ञात क्षेत्र में ले जाती हैं, जहाँ अनसुलझे रिश्तों और रहस्यों की छाया में पाठक खुद को खोजता है । इन कहानियों के पात्र एक-दूसरे में सूक्ष्म रूप से चरणबद्ध हैं। इन कहानियों की एक विशेषता- विस्तार की धीमी, पर जान-बूझकर की गई वृद्धि है, जो पाठक को बेदम और अधीर बनाने के लिए पर्याप्त है। अपने अनूठे शिल्प और कथानक के साथ ये पाठकों को अपरिहार्य चरमोत्कर्ष पर ले जाती हैं, जिससे वह कहानी-दर-कहानी राहत तो पाता है, पर अंतत: अतृप्त रह दूसरी कहानी की ओर आगे बढ़ जाता है।
Main Deendayal Upadhyay Bol Raha Hoon
- Author Name:
Amarjeet Singh
- Book Type:

- Description: ‘कमल कीचड़ में ही खिलते हैं,’ यह उक्ति पं. दीनदयाल उपाध्याय पर ठीक बैठती है। निर्धनता में जन्म लेकर राष्ट्र-चिंतक के शीर्ष पद पर सुशोभित होकर उन्होंने यह सिद्ध कर दिया। बाल्यकाल से ही दीनदयालजी कुशाग्र बुद्धि और अध्ययनशील प्रवृत्ति के रहे। दीनदयालजी जैसी कुशाग्रता, बौद्धिकता, कर्मठता, सहृदयता और अनुशासनप्रियता का बेजोड़ समुच्चय किसी में नहीं था। इसके चलते वे सभी के प्रिय प्रचारक बन चुके थे। इन्हीं विशेषताओं को देखकर एक बार परम पूजनीय श्रीगुरुजी ने उनकी सराहना करते हुए कहा था, ‘‘दिल को गरम तथा दिमाग को ठंडा रखने की कला केवल दीनदयाल को ही ज्ञात है। वे इसमें पूर्णतः निपुण हैं। दिल की गरमी ऊपर चढ़कर उनके दिमाग का संतुलन नहीं बिगाड़ सकती तथा दिमाग की ठंडक में नीचे आकर उनके दिल की गरमी को ठंडा करने की सामर्थ्य नहीं है।’’ दीनदयालजी जिस क्षेत्र में गए, वहाँ समर्पण भाव से कार्य किया और अभूतपूर्व सफलता पाई। पत्रकारिता में उन्होंने ज्वलंत लेख लिखकर ख्याति प्राप्त की। चिंतक, मनीषी, कुशल राजनीतिज्ञ, अद्वितीय संगठनकर्ता एवं राष्ट्रचेता पं. दीनदयालजी की संपूर्ण जीवन-कथा, जो हर चिंतनशील भारतीय के मन-मस्तिष्क को राष्ट्रवाद के भाव से ओत-प्रोत कर देगी।
Punashcha
- Author Name:
Mohan Rakesh
- Book Type:

- Description: सामान्यतः दो व्यक्तियों या परिवारों के बीच लिखे गए पत्र उनके निजी अख़बार होते हैं और साहित्यकारों के पत्र उनके जीवन एवं साहित्य के अन्तर्तम तक पहुँचने के चोर दरवाज़े। इस संग्रह में (सन् 1951 से 1969 तक) अठारह सालों के बीच मोहन राकेश और उपेंद्रनाथ ‘अश्क’ एवं श्रीमती कौशल्या ‘अश्क’ द्वारा एक-दूसरे को लिखे गए लगभग सवा चार सौ पत्रों में से चुने हुए पत्र प्रस्तुत किए गए हैं। मोहन राकेश और उपेंद्रनाथ अश्क का व्यक्तित्व अपने बहुस्तरीय जटिल सम्बन्धों के कारण काफ़ी दिलचस्प और कुतूहल-भरा रहा है। उनके इन तमाम खतों में अश्क और राकेश के ख़ून की गर्मी, दिल की धड़कन, दिमाग़ी उथल-पुथल, बेताबी, बेसब्री, जद्दोजहद, हँसी-ख़ुशी, दुःख-दर्द, भाव-अभाव और आत्मीयता-अन्तरंगता के न मालूम कितने रंग बिखरे हुए मिलेंगे। उनके सम्मोहक व्यक्तित्व की तीखी-भीनी महक का भी अहसास होगा। हिन्दी साहित्य के जाने-माने मुँहफट अश्क और बेबाक राकेश के इन पत्रों से जिन पाठकों को किसी विस्फोट या हंगामे की उम्मीद है, उन्हें शायद किसी हद तक निराश होना पड़े। जिन्हें इन दोनों महत्त्वपूर्ण लेखकों और विशेषतः मोहन राकेश के रचनाशील अन्तर्मन को देखने तथा व्यक्तिगत जीवन-संघर्ष को जानने की अपेक्षा होगी, उन्हें इनके दर्शन यहाँ पूरी प्रामाणिकता एवं सहजता के साथ होंगे। तत्कालीन परिवेश, साहित्यिक-आन्दोलनों और हलचलों की तसवीर भी साफ दिखाई देगी। अश्क और राकेश के जीवन, साहित्य और उनके समय में दिलचस्पी रखनेवाले जिज्ञासुओं, अध्येताओं एवं इतिहासकारों को ये पत्र निश्चय ही इतिहास के कालजयी सन्दर्भ-स्रोत जैसे ज़रूरी और दस्तावेज़ी महत्त्व के प्रतीत होंगे। यह पुस्तक वास्तव में ‘राकेश और परिवेश : पत्रों में’ का पुनश्च ही है, और इसे उसकी पूरक के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
JPSC PT 1st & 2nd Paper Question Bank 2024 | Answers with Detailed Explanation (English)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC Bihar Shikshak Bahali Class 9 To 10 Samajik Vigyan 20 Practice Sets
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Renu Ka Janpad
- Author Name:
Gajendra Pathak
- Book Type:

- Description: Criticism
Jihad in My Saffron Garden
- Author Name:
Roxy Arora
- Book Type:

- Description: �Undoubtedly, My Saffron Garden was a playground for Farishtey and Djinns. The tiny flora in the lush meadow tiptoed upwards as lithe as ballet dancers while they hobnobbed with the tinted winged butterflies�.......... Year 1988, the two Superpowers of the world, U.S.A. and U.S.S.R., embroiled in their cold war. Each vying to outdo the other in its quest for terrain, a terrain saturated with oil. As the Soviet troops leave Afghanistan.............. Our Indian borders bleed at their most breathtaking yet strategic point..... Kashmir. Jihad unleashes its angst. Roshina Kapoor, headstrong and feisty, born and bred in Kashmir. Aafaq Qazmi, principled Muslim elitist, reciprocates Roshina�s love for him with unbridled ardour. Heena Qazmi, Aafaq�s sister and Roshina�s best friend. All three young adults fiercely possessive of each other as well as their beautiful state and the Kashmiriyat they symbolise. The �Saffron Garden� was theirs. Why in 2015 does Roshina return to Sopore without her lover and best friend? Why does the Saffron Garden scare her? Is it because she is a Kafir? Will Roshina ever find closure and love or will her past catch up with her and wreak havoc in her life yet again?
Options Trading Handbook
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: Options Trading Handbook There are thousands of books on Options but you wouldn’t find the knowledge that this book provides. The writers provide you descriptive knowledge of options, option Greeks etc. None of the books would provide you the practical concepts on Options that may enable even a semi-literate person to use Option Trading to get rich. This book, that covers the latest information right from the ABCs of Options to Option Greeks in a very simple language, is a rare work of Mahesh Kaushik, the most read research analyst of the Indian stock market. Kaushik likes to explain complex subjects in simple terms. Keeping the same in mind, this book has also been written in the format of a story to ensure you don’t get bored at any point while reading it. The character in the story Ghisu Bhai is a common waiter and the book, witten in an autobiographical style, describes how Kaushik went about teaching him Option Trading.
Peer Purani Mat Rakhna
- Author Name:
Vishala Joravar Singh
- Book Type:

- Description: Book
Chanakya Se Seekhen Safalta Ke Secrets
- Author Name:
A.K. Gandhi
- Book Type:

- Description: प्रत्येक व्यक्ति जीवन में अपने तय किए गए लक्ष्य तक ही पहुँचना चाहता है। ऐसे में यह पुस्तक आप सभी के लिए लाभकारी होगी। चाणक्य के द्वारा कही गई बातों का कहाँ, क्या, किस सदंर्भ में कैसे उपयोग किया जा सकता है, यह पुस्तक पाठकों को यह बताने में मदद करेगी। अगर किसी एक भी पाठक को इस पुस्तक के माध्यम से अपने जीवन और लक्ष्य को खूबसूरत पड़ाव तक पहुँचाने में मदद मिलती है तो इस पुस्तक का लेखन सार्थक हो जाएगा।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book