Kayantaran
Author:
Rita SuklaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 320
₹
400
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789386001788
Pages: 164
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
BSSTET Bihar Special School Teacher Eligibility Test Class 1-5 Paper-1 | 5 Model Solved Question Papers and 10 Practice Sets Book in Hindi
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nirala Aur Pant Kavya Ke Aadhyatmik Prerna Srot
- Author Name:
Chanda Devi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
POSHAK TATTVON SE BHARPOOR SOOKHE MEVE
- Author Name:
PUSHPA TETE
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Safal Businessman Kaise Banen?
- Author Name:
Dinanath Jhunjhunwala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Krishnayan
- Author Name:
Kaajal Ozavaidya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Vyakaran
- Author Name:
Kamta Prasad Guru
- Book Type:

- Description: हिंदी तथा अन्यान्य भाषाओं के व्याकरणों से उचित सहायता लेने पर भी इस पुस्तक में जो विचार प्रकट किए गए हैं और जो सिद्धांत निश्चित किए गए हैं, वे साहित्यिक हिंदी से ही संबंध रखते हैं। यहाँ यह कह देना अनुचित न होगा कि हिंदी व्याकरण की छोटी-मोटी कई पुस्तकें उपलब्ध होते हुए भी हिंदी में, इस समय अपने विषय और ढंग की यही एक व्यापक और संभवतः मौलिक पुस्तक है। इसमें प्रसिद्ध वैयाकरण श्री कामताप्रसाद गुरु का कई गं्रथों का अध्ययन और कई वर्षों का परिश्रम तथा विषय का अनुराग एवं स्वार्थत्याग सम्मिलित है। इस व्याकरण में अन्यान्य विशेषताओं के साथ-साथ एक बड़ी विशेषता यह भी है कि नियमों के स्पष्टीकरण के लिए इसमें जो उदाहरण दिए गए हैं, वे अधिकतर हिंदी के भिन्न-भिन्न कालों के प्रतिष्ठित और प्रामाणिक लेखकों के ग्रंथों से लिये गए हैं। इस विशेषता के कारण पुस्तक में यथासंभव अंधपरंपरा अथवा कृत्रिमता का दोष नहीं आने पाया है। अपने गुण-वैशिष्ट्य और प्रस्तुति के कारण हिंदी व्याकरण पर अब तक की सबसे प्रामाणिक और व्यावहारिक पुस्तक।
Devendra Satyarathi Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Devendra Satyarathi
- Book Type:

- Description: "हिंदी के विलक्षण यायावर साहित्यकार देवेंद्र सत्यार्थी जितने बड़े लोक-साधक हैं, उतने ही बड़े और ऊँचे कद के कथाकार भी। पूरे बीस बरस तक लोकगीतों की तलाश में गाँव-गाँव भटककर हिंदुस्तान के चप्पे-चप्पे की धूल छान लेनेवाले सत्यार्थीजी के कथा-साहित्य की खासी धूम रही है। सत्यार्थीजी की कहानियों में जीवन की घुमक्कड़ी के इतने बीहड़, कठोर और दुस्साहसी अनुभव हैं कि मन उनके साथ बहता चला जाता है। उनकी कहानियों में लोकगीतों का आस्वाद और रस-माधुर्य ही नहीं, फसलों की लहलहाती गंध, खेतों की मिट्टी की खुशबू, गरीब किसान-मजदूरों के लहू और पसीने की गंध, शोषण की आकुल पुकारें तथा दुःख और पीड़ाओं का सैलाब भी है। इसीलिए मंटो ने बड़ी हसरत के साथ उन्हें पत्र लिखा था—‘‘काश, मैं खुशिया होता और आपके साथ-साथ यात्रा करता!’’ धरती और खानाबदोशी की गंध लिये ये स्वच्छंद कहानियाँ सिर्फ एक लोकयात्री की कहानियाँ ही हो सकती हैं, जिसने धरती को बड़ी शिद्दत से प्यार किया है और जिंदगी के नए-नए रूपों की तरह अपनी कहानियों को भी नित नए-नए रूपों में सामने आने के लिए खुला छोड़ दिया है। यही वजह है कि सत्यार्थीजी की कहानियाँ औरों से इतनी अलग हैं और वे बीसवीं शताब्दी के समूचे इतिहास तथा लोकजीवन को अपने आप में समोए, अपने समय के अनमोल दस्तावेज सरीखी हैं। बेशक सत्यार्थीजी की कहानियों को पढ़ना अपने समय और इतिहास की गूँजती आवाजों को सुनने की मानिंद है। —प्रकाश मनु"
Bolen To Aisa Bolen "बोलें तो ऐसा बोलें" Book in Hindi - Amit Sharma
- Author Name:
Amit Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tulsi Ke Hiye Heri
- Author Name:
Vishnukant Shastri
- Book Type:

- Description: भारतीय जीवन-दृष्टि को रूपायित, व्याख्यायित एवं परिष्कृत करने वाला संत तुलसीदास का काव्य आज भी देश की जनता के मन-प्राण में समाया हुआ है। ध्यान देने की बात तो यह है कि शिक्षित और अशिक्षित सभी उसे समान आदर और सम्मान देकर भावविभोर होते हैं। प्रस्तुत पुस्तक के लेखक ने ठीक ही कहा है कि ‘गहि न जाइ अस अद्भुत बानी।’ वस्तुतः तुलसी-काव्य में इतना मर्म और भारतीय संस्कृति का व्यापक फलक समाहित है कि उसमें नयी-नयी प्रेरणाओं के अनन्त स्रोत समाहित हैं। उनकी काव्य-सरिता में अवगाहन करने वाले को सदा नयी स्फूर्ति और नयी चेतना मिलती रहेगी। प्रस्तुत पुस्तक के लेखक ने विनम्र भाव से तुलसी-काव्य के मर्म तक पहुँचने की बात कही है लेकिन सच्चाई यह है कि उसकी आत्म-निमग्नता और सांस्कृतिक दृष्टि ने अप्रतिम सफलताएँ प्राप्त की हैं। इसमें तनिक भी संदेह नहीं कि तुलसी-काव्य के प्रेमियों को इस पुस्तक से अपार तुष्टि प्राप्त होगी।
Maupassan Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Guy De Maupassant
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
A Doctors Story of Life & Death
- Author Name:
Dr. Kakarla Subbarao +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Motivating Thoughts of Gandhi
- Author Name:
Prashant Gupta
- Book Type:

- Description: William Shakespeare said, “Some are born great, some achieve greatness, and some have greatness thrust upon them.” One can achieve greatness only by one’s deeds and not by one’s birth. Mahatma Gandhi, the father of the nation, was such a great person. Mohandas Karamchand Gandhi was called ‘Mahatma Gandhi’ for his principles of non-violence, sacrifices for India’s independence and the concerted efforts he made for societal transformation. Gandhi Ji followed what he preached and lived a life of idealism. Here are a few inspiring quotes by Mahatma Gandhi that acts like an eye opener.” “A man is but a product of his thoughts. What he thinks he becomes.” “The weak can never forgive. Forgiveness is an attribute of the strong.” “Strength does not come from physical capacity. It comes from an indomitable will.” “An ounce of patience is worth more than a tonne of preaching.” “Glory lies in the attempt to reach one’s goal and not in reaching it.” “Whatever you do will be insignificant. But it is very important that you do it.” “The difference between what we do and what we are capable of doing would suffice to solve most of the world’s problem.”
BHARTIYA DALIT SAHITYA AUR OMPRAKASH VALMIKI
- Author Name:
Edited By Gourinath
- Book Type:

- Description: Critic
Sangh Darshan
- Author Name:
Surendra Nath Tiwary
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samudra Ke Khare Pani Ka Rahasya By Sudha Murty | Hindi Edition Of How The Sea Became Salty
- Author Name:
Sudha Murty
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tribal Hero Shibu Soren
- Author Name:
Anuj Kumar Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dinkar Rachanawali : Vols. 1-14
- Author Name:
Ramdhari Singh Dinkar
- Book Type:

- Description: (आधुनिक हिन्दी कविता के) तृतीय उत्थान में आकर परिस्थिति बहुत बदल गई । आन्दोलनों ने सक्रिय रूप धारण किया और गाँव–गाँव राजनीतिक और आर्थिक परतन्त्रता के विरो/ा की भावना जगाई गई । सरकार से कुछ माँगने के स्थान पर अब कवियों की वाणी देशवासियों को ही ‘स्वतन्त्रता देवी की वेदी पर बलिदान’ होने को प्रोत्साहित करने में लगी । अब जो आन्दोलन चले वे सामान्य जन–समुदाय को भी साथ लेकर चले ।––– अब संसार के प्राय% सारे सभ्य भाग एक–दूसरे के लिए खुले हुए हैं । इससे एक भू–खंड में उठी हवाएँ दूसरे भू–खंड में शिक्षित वर्गों तक तो अवश्य ही पहुँच जाती हैं । यदि उनका सामंजस्य दूसरे भू–खंड की परिस्थिति के साथ हो जाता है तो उस परिस्थिति के अनुरूप शक्तिशाली आन्दोलन चल पड़ते हैं । इसी नियम के अनुसार शोषक साम्राज्यवाद के विरुद्ध राजनीतिक आन्दोलन के अतिरिक्त यहाँ भी किसान–आन्दोलन, मजदूर–आन्दोलन, अछूत–आन्दोलन इत्यादि कई आन्दोलन एक विराट् परिवर्तनवाद के नाना व्यावहारिक अंगों के रूप में चले । श्री रामधारी सिंह दिनकर, बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’, माखनलाल चतुर्वेदी आदि कई कवियों की वाणी द्वारा ये भिन्न–भिन्न प्रकार के आन्दोलन प्रति/वनित हुए ।
Network Marketing Judo, Jodo, Jeeto
- Author Name:
Dr. Ujjwal Patni
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Motapa Karan Aur Bachav
- Author Name:
S K Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SHRI RAM KI ATMAKATHA
- Author Name:
Deokinandan Gautam
- Book Type:

- Description: श्रीराम लोकमानस में रचे-बसे हैं। इससे बड़ा सत्य यह है कि श्रीराम से पुराना कोई नाम नहीं है। श्रीराम के चरित्र से हजारों वर्षों से मानव ने स्वयं को पुनीत किया है। भगवान् श्रीराम के हृदय में तो मैत्रीभाव, सौहार्द भाव है। वे विरोधी के कल्याण की ही सोचते हैं। उनके हृदय में तो बस सबके लिए कल्याण-भाव है। भगवान् श्रीराम के मन में शत्रुभाव का नितांत अभाव है। उन्होंने अपना अनर्थ करनेवाले रावण के प्रति भी हमेशा उदारता दिखाई, समझाया और धर्म की रीति का पालन करते हुए धर्मयुद्ध में राक्षसों का संहार किया। ऐसे श्रीराम की राजकुमार से भगवान् के परमपद तक की जीवन-यात्रा साधना के साथ होना इस पुस्तक का प्रमुख उद्देश्य रहा है। धैर्यशीलता, सत्यशीलता और कृपाशीलता की संयुक्त झलक श्रीराम के चरित्र में स्थान-स्थान पर मिलती है। उनके अवतरण से समाज में समभाव, और सत्यनिष्ठा, अद्वितीय कर्त्तव्य से पीडि़त, शोषित और वंचितों के सम्मान की श्रीवृद्धि हुई और समाज में जीवन-मूल्यों की स्थापना हुई। पुस्तक में श्रीराम के राजकुमार, ब्रह्मचारी, शिष्य, परिव्राजक, पुत्र, पति, वनवासी, जिज्ञासु, ऋषि-सत्ता के प्रति श्रद्धावान्, परम योद्धा, भ्राता, मित्र, शत्रु, राजा, त्यागी, मर्यादा पुरुषोत्तम आदि सभी रूपों में अनुकरणीय आदर्श के रूप में चरित्र को उकेरने का प्रयास किया गया है। प्रस्तुत पुस्तक श्रीराम का अयोध्या के राजकुमार से भगवद्पद तक प्रेरक एवं पुनीत प्रस्तुतीकरण है।
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...