Holistic Harmony : Key To A Successful Life | Quest For Ultimate Success Through Discovery, Care And Transformation of The Self
(0)
₹
330
₹ 264 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355627933
-
Pages168
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Dictionary of Botany
- Author Name:
Anil Kumar Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Muktibodh Ke Uddharan
- Author Name:
Prabhat Tripathi
- Book Type:

- Description: गजानन माधव मुक्तिबोध की जन्म-शती के दौरान उनके उद्धरणों का यह संचयन विशेष रूप से तैयार और प्रकाशित किया जा रहा है। छोटी कविताओं के समय में मुक्तिबोध लम्बी कविताएँ लिखने का जोखिम उठाते रहे और उनकी आलोचना और चिन्तन लीक से हटकर जटिल थे। इसने उन्हें एक कठिन लेखक के रूप में विख्यात कर दिया। उनके अत्यन्त सार्थक, जटिल साहित्य-संसार में प्रवेश के लिए उद्धरणों का यह संचयन मददगार होगा, इस उम्मीद से ही इसे विन्यस्त किया गया है। इससे पाठकों को मुक्तिबोध के संसार में और गहरे जाने का उत्साह होगा। मुक्तिबोध रज़ा के प्रिय कवियों में से एक थे। उनकी एक पंक्ति 'इस तम-शून्य में तैरती है जगत् समीक्षा' का उन्होंने अपने कई चित्रों में इस्तेमाल किया था। मुक्तिबोध अकेले हिन्दी कवि हैं जिन्हें प्रसिद्ध प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप के कम से कम तीन बड़े चित्रकारों ने पसन्द किया। रामकुमार ने रोग-शय्या पर लेटे हुए मुक्तिबोध के कई रेखाचित्र बनाए थे जो उनके पहले कविता-संग्रह 'चाँद का मुँह टेढ़ा है' में प्रकाशित हुए थे। मक़बूल फ़िदा हुसेन ने जूते न पहनने का निर्णय मुक्तिबोध की शवयात्रा के दौरान लिया था। रज़ा उनकी कविता को हमेशा याद करते रहे। यह संचयन एक शृंखला की शुरुआत भी है। आगे अज्ञेय, शमशेर बहादुर सिंह, रघुवीर सहाय, निर्मल वर्मा आदि के उद्धरणों के संचयन प्रकाशित करने का इरादा है। —अशोक वाजपेयी
Mahatma Gandhi Sahityakaro Ki Drishti Mein
- Author Name:
Dr. Aarsu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Delhi ko Poorna Rajya ka Darza?
- Author Name:
S.K. Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BHARTIYA SAMAJ HINDI CINEMA AUR STREE
- Author Name:
Sulbha Kore
- Book Type:

- Description: Book based on hindi cinema
Anandmurti : Shri Shri Ravi Shankar
- Author Name:
Francois Gautier
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Village Defence Committees | The Saviours of Jammu and kashmir
- Author Name:
Dr. Annu Kotwal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Acharyon ke Prerak Prasang
- Author Name:
Dinanath Batra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ram Phir Laute "राम फिर लौटे" Book In Hindi
- Author Name:
Hemant Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Grenadier Yogendra Singh Yadav
- Author Name:
Rishi Raj
- Book Type:

- Description: Yogendra Singh Yadav was born on May 10, 1980 in the Ahir village of Aurangabad in Bulandshahr district of Uttar Pradesh. Rank—Grenadier, Retired as Honorary Captain Unit—18 Grenadiers War—Kargil War (Operation Vijay – 1999) Award—ParamVir Chakra Recognition—five months old when he joined the Indian Army. He became the youngest 'ParamVir Chakra' awardee at the age of 19 years. The entire world will always remember the exemplary valour displayed by the Indian soldiers in the Kargil war. Grenadier Yogendra Singh Yadav not only defeated the enemy but also dodged death in this war. At the time of receiving the ParamVir Chakra award he was only 19 years of age. He is the youngest soldier to have received the ParamVir Chakra.
Rusi Sanskriti : Udbhav Aur Vinash-E-Book
- Author Name:
Kamlesh
- Book Type:

-
Description:
‘‘कवि कमलेश हमारे समय के सबसे पढ़े-लिखे व्यक्ति थे, हालाँकि उन्होंने कभी विद्वता का कोई दावा नहीं किया। उनकी रुचि साहित्य के अलावा संस्कृति और विचार के अनेक अनुशासनों जैसे—दर्शन, मनोविज्ञान, नृतत्त्व आदि में थी। महान् रूसी कवियों और उनके माध्यम से रूसी संस्कृति की उद्भव-गाथा और उसके विनाश की शोक-कथा प्रस्तुत करनेवाली यह अनूठी पुस्तक है। इसमें कवियों का सिर्फ़ वैचारिक विश्लेषण भर नहीं है—कविताओं का हिन्दी अनुवाद भी है। किसी विदेशी भाषा के इतने सारे महान् कवियों और उनके माध्यम से किसी देश की संस्कृति के अध्ययन का ऐसा कोई दूसरा उदाहरण हिन्दी में तो क्या शायद किसी अन्य भारतीय भाषा में भी न होगा। इस अद्वितीय पुस्तक को रज़ा पुस्तक माला के अन्तर्गत हम सहर्ष प्रस्तुत कर रहे हैं।
—अशोक वाजपेयी
Amar Krantidoot Chapekar Bandhu
- Author Name:
Arunesh Kumar
- Book Type:

- Description: चापेकर बंधु--दामोदर हरी चापेकर, बालकृष्ण हरी चापेकर तथा वासुदेव हरी चापेकर--तीनों भाइयों को क्रांतित्रयी कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। चापेकर बंधु पुणे के पास चिंचवड के निवासी थे और बाल गंगाधर तिलक को अपना गुरु मानते थे। आरंभ से ही उनके मन में भारत को विदेशी दासता से मुक्त कराने की दृढ़ भावना थी । सन् 1896 में जब पुणे में प्लेग महामारी फैली तो इसकी रोकथाम के लिए सरकार ने रैंड नामक एक अधिकारी को तैनात किया । रैंड के गोरे अधिकारी जाँच के नाम पर घर-घर लोगों पर अत्याचार करने लगे। इन अत्याचारों ने चापेकर बंधुओं को अंदर तक आक्रोशित करके रख दिया। उन्होंने रैंड से बदला लेने की ठान ली। एक दिन जब रैंड और उसका साथी एक उत्सव में भाग लेकर लौट रहे थे तो बालकृष्ण ने रैंड के साथी आयस्रट को तथा दामोदर ने रैंड को गोली मारकर दोनों का काम तमाम कर दिया। घर के भेदी द्रविड़ बंधुओं की चुगलखोरी के कारण दामोदर तथा बालकृष्ण को गोरी सरकार ने फाँसी दे दी। इससे क्षुब्ध सबसे छोटे वासुदेव हरी चापेकर ने अपने मित्र महादेव रानाडे की मदद से चुगलखोर द्रविड़ बंधुओं को मार गिराया और खुद भी फाँसी पर चढ़ गया। इस प्रकार अंग्रेजों से लोहा लेकर चापेकर बंधुओं ने जिस शौर्य का प्रदर्शन किया, उसने देशवासियों के मन में अंग्रेजों के विरुद्ध क्रांति की आग को और तेज करने का काम किया। माँ भारती के सपूतों चापेकर बंधुओं की प्रेरक जीवनगाथा।
Dansh
- Author Name:
Smt. Shobha Tripathi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
We The Oodles
- Author Name:
Atul Kumar
- Book Type:

- Description: Many years ago, the International Cricket Council and the world were told with irrefutable logic and mathematical proof that cricket was institutionally fixed. The authorities and others slept. A few years ago this was vindicated even through judicial process in the top Court of India. Everyone still remained in deep slumber. A key insider said this year that all cricket matches we see were fixed, akin to movies directed by someone else. Tipsters openly announce same on social media round the clock. Yet, no one is concerned. What does it mean and how serious are the implications— financial, political, and social? Atul Kumar contemplates hard and deep, recounting his tumultuous odyssey, straight from the heart, with no holds barred. Recent global catastrophe from Corona virus curiously and sorely connects. Finally, here is a copy that will confound the learned readers many times over. Supported by the recorded account, it unravels all around camouflage; leading us to a new cherished order. An explosive work of distilled sagacity to mesmerise everyone across borders, religions, professions, genders, and generations. A must read for one and all.
NLP Handbook
- Author Name:
Shantanu Das Sharma
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक में संकलित हैं NLP की वे तकनीकें, जिनसे जीवन को खूबसूरत एवं अधिक आनंदमय बनाया जा सकता है। जैसे-जैसे आप इस पुस्तक को पढ़ते जाएँगे, वैसे-वैसे आप बहुत सारी ऐसी प्रक्रियाओं को जान जाएँगे, जिनके माध्यम से बड़े-बडे़ लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। NLP एक ऐसी तकनीक है, जिसके द्वारा हर कमजोरी पर विजय पाई जा सकती है। यह तकनीक साधारण को असाधारण में परिवर्तित करने का सामर्थ्य रखती है। NLP आम को खास बना देती है। यह तकनीक व्यक्ति को जीवन के उन सभी सुखों को प्रदान करने की क्षमता रखती है, जो वह जीवन में पाना चाहता है। इस पुस्तक को पढ़ने के बाद आप यकीनन स्वयं को पहले से बहुत बदला हुआ पाएँगे। यह पुस्तक आपके व्यक्तित्व को एक अद्भुत व्यक्तित्व में बदल देगी। आपमें सकारात्मक बदलाव लाकर सुख-समृद्धि-संपन्न जीवन का द्वार खोलनेवाली एक आवश्यक और पठनीय पुस्तक।
Manu Sharma ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Manu Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindi Vyangya Ki Pravruttyan Aur Parivesh
- Author Name:
Kailash Mandlekar
- Book Type:

- Description: Other
Bhasha Ki Rajneeti, Gyan Ki Parampara
- Author Name:
Shubhneet Kaushik
- Book Type:

-
Description:
पिछले दो-तीन दशकों में हिन्दी नवजागरण और हिन्दी-नागरी आन्दोलन पर केन्द्रित अध्ययनों ने हिन्दी लोकवृत्त की हमारी समझ को निश्चित ही समृद्ध किया है। लेकिन जहाँ तक हिन्दी के भाषाई संगठनों का सवाल है तो ये अध्ययन हिन्दीभाषी क्षेत्र के इन भाषाई संगठनों के समूचे वजूद को प्रायः भाषायी राजनीति के चश्मे से ही देखते हैं। कहना न होगा कि ऐसा कोई भी मूल्यांकन उन भाषायी संगठनों की बहुआयामी गतिविधियों के आकलन का एक संकीर्ण और सीमित नजरिया है। ऐसे मूल्यांकनों में इन भाषायी संगठनों की वह भूमिका परिदृश्य से ओझल हो जाती है, जो वे हिन्दी लोकवृत्त में ज्ञानोत्पादन की प्रक्रिया में निभा रहे थे। इसलिए मौजूदा पुस्तक में हिन्दी साहित्य सम्मेलन का इतिहास लिखते हुए उसे सिर्फ भाषा की राजनीति या हिन्दी-नागरी आन्दोलन में हिन्दी साहित्य सम्मेलन की भूमिका तक ही सीमित नहीं किया गया है, बल्कि हिन्दी साहित्य सम्मेलन की बहुआयामी गतिविधियों और हिन्दी लोकवृत्त में ज्ञान के सृजन में सम्मेलन के योगदान को समग्रता से विश्लेषित करने का प्रयास भी इसमें हुआ है।
‘भाषा की राजनीति, ज्ञान की परम्परा’ एक संस्था के रूप में हिन्दी साहित्य सम्मेलन के इतिहास को उसकी समग्रता में प्रस्तुत करने का प्रयास है। इसमें हिन्दी लोकवृत्त के निर्माण में हिन्दी साहित्य सम्मेलन की भूमिका और उसके योगदान का विस्तृत विश्लेषण तो हुआ ही है। साथ ही, हिन्दी साहित्य सम्मेलन के स्थापना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उसकी शुरुआती गतिविधियों, सम्मेलन के वार्षिक अधिवेशनों, सम्मेलन द्वारा कराई जाने वाली परीक्षाओं और उसके प्रकाशनों की चर्चा भी इस पुस्तक में विस्तार से की गई है। हिन्दी-नागरी आन्दोलन से सम्बद्ध अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर सम्मेलन ने कैसे काम किया, इसका विश्लेषण भी इसमें हुआ है। बीसवीं सदी के पूर्वार्ध में भाषा की राजनीति ने कैसे करवट ली और हिन्दी साहित्य सम्मेलन की इसमें क्या भूमिका रही, इतिहास-लेखन के क्षेत्र में हिन्दी साहित्य सम्मेलन और उससे जुड़े विद्वानों और इतिहासकारों के मत और उनके योगदान की पड़ताल के साथ ही हिन्दी में विज्ञान सम्बन्धी लेखन के क्षेत्र में हिन्दी साहित्य सम्मेलन के योगदान को भी इस पुस्तक में विश्लेषित किया गया है.
Samanya Manovigyan
- Author Name:
Ramprasad Pandey
- Book Type:

- Description: मनोविज्ञान मानव-समस्याओं के सम्यक् ज्ञान एवं समाधान के लिए समुचित दृष्टिकोण उपस्थित करता है। व्यक्ति में समुचित दृष्टिकोण का विकास हो, इसके लिए यह अनिवार्य है कि उसे मानव-जीवन-सम्बन्धी तथ्यों एवं सामान्य सिद्धान्तों का ज्ञान हो तथा वह इनकी खोज की विधियों से भलीभाँति परिचित हो। समुचित दृष्टिकोण का तात्पर्य है व्यक्ति की अवैयक्तिक (Impersonal) एवं वस्तुनिष्ठ (Objective) मनोवृत्ति। ऐसी मनोवृत्ति अपनाकर ही मनोवैज्ञानिक मानव-समस्याओं की खोज करता है। फलतः वह असामान्य व्यक्तियों (Abnormal individuals) को परामर्श, सहायता अथवा चिकित्सा का पात्र समझता है, न कि घृणा का। चोरी, हत्या जैसे असामाजिक कार्यों में संलग्न अपराधियों के प्रति भी वह घृणा के बदले सहानुभूति की मनोवृत्ति रखता है। इसी भाँति प्रतिदिन के जीवन में घटित होनेवाले सभी व्यवहारों के प्रति भी, चाहे वे वांछनीय हों अथवा अवांछनीय, अवैयक्तिक एवं वस्तुनिष्ठ मनोवृत्ति अपनाकर ही विचार करता है।
Nirmala
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book