H.G. Wells ki Lokpriya Kahaniyan
Author:
H.G. WellsPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789386231093
Pages: 152
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Gyanyoga
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Warren Buffett: A Complete Biography
- Author Name:
Dinkar Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bahaav
- Author Name:
Himanshu Dwivedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
1000 Samajshastra Prashnottari
- Author Name:
Mohananand Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BAGICHE KA SHISHTACHAR
- Author Name:
Manjari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
BPSC TRE 3.0 Bihar Teacher Recruitment Class 6-8 "Ganit Evam Vigyan" Maths & Science Part-3 | Complete Study Guide (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Google Nirmata : Sergey & Larry
- Author Name:
Pradeep Thakur
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Deendayal Upadhyay Bol Raha Hoon
- Author Name:
Amarjeet Singh
- Book Type:

- Description: ‘कमल कीचड़ में ही खिलते हैं,’ यह उक्ति पं. दीनदयाल उपाध्याय पर ठीक बैठती है। निर्धनता में जन्म लेकर राष्ट्र-चिंतक के शीर्ष पद पर सुशोभित होकर उन्होंने यह सिद्ध कर दिया। बाल्यकाल से ही दीनदयालजी कुशाग्र बुद्धि और अध्ययनशील प्रवृत्ति के रहे। दीनदयालजी जैसी कुशाग्रता, बौद्धिकता, कर्मठता, सहृदयता और अनुशासनप्रियता का बेजोड़ समुच्चय किसी में नहीं था। इसके चलते वे सभी के प्रिय प्रचारक बन चुके थे। इन्हीं विशेषताओं को देखकर एक बार परम पूजनीय श्रीगुरुजी ने उनकी सराहना करते हुए कहा था, ‘‘दिल को गरम तथा दिमाग को ठंडा रखने की कला केवल दीनदयाल को ही ज्ञात है। वे इसमें पूर्णतः निपुण हैं। दिल की गरमी ऊपर चढ़कर उनके दिमाग का संतुलन नहीं बिगाड़ सकती तथा दिमाग की ठंडक में नीचे आकर उनके दिल की गरमी को ठंडा करने की सामर्थ्य नहीं है।’’ दीनदयालजी जिस क्षेत्र में गए, वहाँ समर्पण भाव से कार्य किया और अभूतपूर्व सफलता पाई। पत्रकारिता में उन्होंने ज्वलंत लेख लिखकर ख्याति प्राप्त की। चिंतक, मनीषी, कुशल राजनीतिज्ञ, अद्वितीय संगठनकर्ता एवं राष्ट्रचेता पं. दीनदयालजी की संपूर्ण जीवन-कथा, जो हर चिंतनशील भारतीय के मन-मस्तिष्क को राष्ट्रवाद के भाव से ओत-प्रोत कर देगी।
Dhairyapath (Ek Atmakatha)
- Author Name:
Jitendra Joshi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Achchhi Hindi Kaise Likhen
- Author Name:
Sant Sameer
- Book Type:

- Description: आप विद्यार्थी हैं, अध्यापक हैं, लेखक हैं, पत्रकार हैं या आम पाठक—यदि हिंदी पढ़ने-लिखने में आपकी थोड़ी भी रुचि है तो आपके काम की कुछ-न-कुछ मानसिक खुराक इस पुस्तक में जरूर मिलेगी। यों यह पुस्तक छात्र समुदाय को विशेष रूप से संबोधित है, पर अपने पूरे कलेवर में प्रायः हर वर्ग के हिंदी-प्रेमियों के लिए उपयोगी है। हिंदी की लिखत-पढ़त में लगे लोग इसे पढ़कर अपनी भाषा को प्रवाहमयी बना सकते हैं तथा रोजमर्रा के व्यवहार में होनेवाली अनेकानेक गलतियों को सुधार सकते हैं। विद्यार्थी वर्ग को विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी में इससे भरपूर मदद मिलेगी। इस पुस्तक की एक विशिष्टता यह भी है कि इसमें सृजनात्मक लेखन पर भी उपयोगी जानकारी दी गई है। ऐसे में लेखक-पत्रकार बनने की राह पर चल रहे लोगों को भी यह जरूर लुभाएगी। भाषा-विमर्श प्रायः उबाऊ विषय माना जाता रहा है; पर यह पुस्तक अपने तमाम अध्यायों में एकरसता को तोड़ती है। अलग-अलग चित्तवृत्तियों में लिखी होने के चलते, पुरानी हिंदी से लेकर नई हिंदी तक, कई तरह की भाषा की छटाएँ इस पुस्तक के पन्ने-दर-पन्ने पर दिखाई देंगी। इसका भी एक अलग आस्वाद होगा। आशा है, हिंदी भाषा के विमर्श में यह पुस्तक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Raigarh Gharane Ki Kathak Rachnaon ka SaundryaBodh
- Author Name:
Dr. Yasmin Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Business Impacted by Various Pandemic (Series-3)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: The impact of various pandemics on businesses is well documented. But, what about the ripple effect these events have on other aspects of our daily lives? In this fourth part of a series on how business is affected by international and health issues, In the book Business Impacted by Various Pandemic (Series-3) Dr Sanjay Rout sheds light on the circumstances that lead to business disruptions around the world and in India.
Second Wind
- Author Name:
Minal Arora
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Brhat Visva Sukti Kosa-I
- Author Name:
Shyam Bahadur Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
GUNNERS AT THE BATTLEFRONT
- Author Name:
Lt Col Ashok Kumar Kher • Ravi Kher
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
How to Enjoy Your Life and Your Job
- Author Name:
Dale Carnegie
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sapnon ki Unchi Udaan 'सपनों की ऊँची उड़ान' Book in Hindi | Raja D. Tharwani
- Author Name:
Raja D. Tharwani
- Rating:
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jungle Ki Jadi Butiyan
- Author Name:
Ramesh Bedi
- Book Type:

-
Description:
वैज्ञानिक उपलब्धियों ने जीवन को जहाँ सहज व सुलभ बनाया है, वहीं प्रकृति से की गई छेड़-छाड़ के कारण पर्यावरण दूषित हुआ है। असाध्य रोगों के पीछे मुख्य कारक प्रदूषण भी रहा है। स्वस्थ रहने के लिए प्रकृति हमें असंख्य फल, फूल, सब्ज़ी, अनाज, जड़ी-बूटी उपलब्ध कराती है। प्रस्तुत पुस्तक प्रकृति से न सिर्फ़ हमारा तादात्म्य बनाती है, वरन् उन जड़ी-बूटियों से भी परिचय कराती है जिनके दैनिक इस्तेमाल से हम कई बीमारियों से स्वयं को बचा सकते हैं।
एरण्ड, पुनर्नवा, कतीरा हिन्दी, फनियर बूटी, कपूर तुलसी, बन काकड़ू, गोखरू, भांग, जवा पिप्पली, लता करंज, दण्डी दरिया, विधारा, निर्गुण्डी कन्द, सत्यानाशी, न्याज़बो, सफ़ेद सत्यानाशी, पिण्डालु, सर्पगन्धा तथा पिप्पली आदि लगभग 19 वनस्पतियों का चित्रों व रेखाचित्रों सहित वर्णन पुस्तक को सुग्राह्य बनाता है। इन मानव उपयोगी वनस्पतियों के विविध भाषाओं में नाम, उनकी पहचान, उनका प्राप्ति-स्थान, उनकी कृषि, रासायनिक संघटन, घरेलू दवा-दारू में उपयोग तथा औद्योगिक उपयोग आदि दिए हैं। जड़ी-बूटियों में रुचि रखनेवालों, आयुर्वेद व यूनानी के अध्येताओं, अनुसन्धानकर्ताओं, वन-अधिकारियों व वनकर्मियों, फ़ार्मेसियों, कच्ची जड़ी-बूटियों के व्यापारियों के लिए पुस्तक बेशक उपयोगी और संग्रहणीय है।
BPSC Bihar Secondary School (Special) Teacher Eligibility Test Sakshamta Pariksha | "सामाजिक विज्ञान" Samajik Vigyan | Class 6-8
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swami Vivekanand Sanchayita
- Author Name:
Ramshankar Diwedi
- Book Type:

- Description: “धर्म को ग्रहणशील होना चाहिए और ईश्वर सम्बन्धी अपने विश्वासों में भिन्नता के कारण एक-दूसरे का तिरस्कार नहीं करना चाहिए। ईश्वर सम्बन्धी सभी सिद्धान्त मानव-सिद्धान्त के तहत आने चाहिए। और जब धर्म इतने उदार हो जाएँगे तो उनकी कल्याणकारी शक्ति सौ गुना हो जाएगी। धर्मों में अद्भुत शक्ति है लेकिन उनकी संकीर्णताओं के कारण उनसे लाभ की जगह हानि ज़्यादा हुई है।" ये शब्द स्वामी विवेकानन्द के हैं जो अपने एक अन्य लेख में यह भी कहते हैं कि, “लोग भारत के पुनरुद्धार के विषय में जो जी में आए कहें, मैं अपने अनुभव के बल पर कह सकता हूँ कि जब तक तुम सच्चे अर्थों में धार्मिक नहीं होते, भारत का उद्धार होना असम्भव है।” स्वामी विवेकानन्द भारत के ऐसे चिन्तक थे जिनके विषय में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने रोम्यां रोलां को लिखा था कि अगर आप भारत को जानना चाहते हैं तो सबसे पहले विवेकानन्द का अध्ययन कीजिए। धर्म और धार्मिक होने के सन्दर्भ में उन्हीं स्वामी विवेकानन्द के उपरोक्त दो कथन स्वयं घोषित करते हैं कि आज इक्कीसवीं सदी में वे हमारे लिए कितने उपयोगी और प्रासंगिक हैं। आज जब विचार को लेकर नहीं धर्मों के झंडों को लेकर दुनिया एक नए ध्रुवीकरण की दिशा में बढ़ रही है, हमें धार्मिक होने के सही मायने समझने की ज़रूरत है। सभी धर्म अलग-अलग समय और अलग-अलग जगहों पर उस स्थान और काल की समस्याओं से निजात पाने के प्रयासों के रूप में सामने आए, और अगर कालान्तर में चलकर वे व्यक्ति की इयत्ता का, उसकी पहचान का, उसके सामूहिक बोध और यहाँ तक कि राष्ट्रों तक का आधार बन गए तो इससे सिर्फ़ यह पता चलता है कि न तो कोई धर्म अपने आप में पूर्ण है और न ही व्यक्ति अभी इतना विकसित हुआ है कि वह धर्म के बिना अपना काम चला सके। कह सकते हैं कि हमें अभी सच्चे अर्थों में धार्मिक होना नहीं आया। धर्मों के सांसारिक-राजनीतिक दुरुपयोग की वजह भी यही है। ऐसे समय स्वामी विवेकानन्द के लेखों, भाषणों, कक्षालापों के इस प्रतिनिधि संचयन का प्रकाशन विशेष महत्त्व रखता है। आशा है कि इसके अध्ययन से हमें धर्म, नैतिकता, भक्ति, ईश्वर और हिन्दुत्व के सच्चे अर्थों तक पहुँचने में मदद मिलेगी।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book