Chakravarty Samrat Ashok
Author:
Rachna Bhola YaminiPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Reviews
Price: ₹ 240
₹
300
Available
Awating description for this book
ISBN: 9789383110094
Pages: 120
Avg Reading Time: 4 hrs
Age : 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
41 Tips for Success in Share Market
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: This book is the latest one by renowned research analyst, Mahesh Chandra Kaushik. At present, the old techniques in the stock market have become almost ineffective, because with the advent of discount broker houses and the increase in the participation of retail investors in options and delivery in the market, the time has gone when the investors used to buy large amounts of a stock and held for 15 to 20 percent return. At present, most retail investors are either trading on intra-day, making a profit on a single day or making money in a call option of a seven-day short expiry in an option, or taking a small profit in a swing trade, leading to more small range market fluctuations. The present book written in this context is the only one of its kind in which the author has made a meaningful effort to share many things in few words by incorporating intra-day, option trade and swing trade. The author has shared his 15 years of trading experience through 41 tips, which are essential for all investors—big and small—seeking to earn profits in the stock market.
CTET Central Teacher Eligibility Test Paper-2 (Class Vi-Viii) Mathematics And Science 15 Practice Sets with Latest Solved Papers (English)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Business Impacted by Various Pandemic (Series-4)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Business Impacted by Various Pandemics (Series-4) book is written by Dr.Sanjay Rout and Published by ISL Publications. This book deals with various pandemics, the impact it has on business, and how some companies have adopted start-ups to keep themselves up-to-date and ready for any potential challenges that might come their way. It also provides a solution for business owners who have lost employees due to any other reason as a result of the various pandemics.
Bharat Ka Rashtriya Pakshi Aur Rajyo Ke Rajya Pakshi
- Author Name:
Parashuram Shukla
- Book Type:

- Description: ‘भारत का राष्ट्रीय पक्षी और राज्यों के राज्य पक्षी’ एक अनूठी पुस्तक है। इसका उद्देश्य है पाठकों को अपने पर्यावरण के प्रति सचेत व सहृदय बनाना। पिछली अनेक शताब्दियों से विश्व स्तर पर वन-सम्पदा तेजी से नष्ट हो रही है। बीसवीं शताब्दी आते-आते अनेक जीव-जन्तु तथा वृक्ष धरती से समाप्त हो गए। पर्यावरणविदों और पर्यावरण सुरक्षा से सम्बद्ध अन्तरराष्ट्रीय संस्थाओं ने इसे गम्भीरता से लिया। वन्यजीवों को बचाने के लिए डब्ल्यू.डब्ल्यू.एफ. ने चीन के राष्ट्रीय पशु दैत्याकार पांडा को अपना प्रतीक चिह्न बनाया। इससे विलुप्तप्राय पांडा को नया जीवन मिला। इसके साथ ही इस संस्था ने बर्ड फीजैंट एसोसिएशन, इंटरनेशनल यूनियन फ़ॉर कंजरवेशन ऑफ़ नेचर जैसी अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर वन्य पशुओं, पक्षियों, वृक्षों, पुष्पों के संरक्षण का कार्य आरम्भ किया। विभिन्न देशों के राष्ट्रीय पशु, राष्ट्रीय पक्षी, राष्ट्रीय वृक्ष और राष्ट्रीय पुष्प इसी का परिणाम हैं। राष्ट्रध्वज, राष्ट्रगान, राष्ट्रचिह्न, राष्ट्रभाषा आदि के समान ये भी राष्ट्र का गौरव हैं। भारत ने स्वतंत्रता के बाद यह कार्य भारतीय वन्यजीव बोर्ड (इंडियन बोर्ड फ़ॉर वाइल्ड लाइफ़) को सौंपा। इस बोर्ड की संस्तुति पर जनवरी, 1963 में मोर को भारत का राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया। इसके बाद अनेक राज्यों ने भी अपने-अपने राज्य पक्षी घोषित किए। किन्तु कुछ पक्षी ऐसे हैं, जिन्हें दो-दो राज्यों ने अपना राज्य पक्षी घोषित किया है। धनेस, पहाड़ी मैना, मोनाल राज हारिल और श्रीमती ह्यूम फीजैंट ऐसे ही पक्षी हैं। नीलकंठ एक ऐसा पक्षी है, जिसे तीन राज्यों ने अपना राज्य पक्षी घोषित किया है। भारत में दिल्ली और आसाम दो ऐसे राज्य हैं, जिन्होंने अभी तक अपने राज्य पक्षी घोषित नहीं किए हैं। केन्द्रशासित प्रदेशों में केवल लक्षद्वीप ने अपना राज्य पक्षी घोषित किया है। समाजशास्त्री और पर्यावरणविद् डॉ. परशुराम शुक्ल ने इस पुस्तक में इन पक्षियों के बारे में विस्तार से जानकारियाँ दी हैं। ये रोचक और ज्ञानवर्द्धक हैं। हिन्दी में अपने विषय पर यह अकेली पुस्तक है।
Baat Bolegi, Hum Nahin
- Author Name:
R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hindu Arthchintan : Drishti Evam Disha
- Author Name:
Dr. Bajrang Lal Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Knowing Self Through Karmayoga
- Author Name:
Veenaa Ahluwalia
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hamare Bahadur Bachche
- Author Name:
Rajnikant Shukla
- Book Type:

- Description: "बहादुर बच्चों की ये सच्ची कहानियाँ खुद में एक दस्तावेज हैं व इतिहास भी, और वे मानो घोषणा करती हैं कि आज जब हमारा देश और समाज नैतिक मूल्यों के क्षरण की समस्या से जूझ रहा है, तब हमारे देश के ये दिलेर और बहादुर बच्चे ही हैं, जिनसे बच्चे तो सीख लेंगे ही, बड़ों को भी सीख लेनी चाहिए, तभी हमारा देश सच में उज्ज्वल और महान् देश बने। —प्रकाश मनु राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित इन बच्चों में समान रूप से मौजूद है, और वह है उनके अप्रतिम साहस, सूझबूझ और अपनी जान की परवाह न करते हुए दूसरों के प्राण बचाने का तात्कालिक निर्णय लेने की क्षमता, जिसे देख-सुनकर बड़े भी हैरान रह जाते हैं। —रमेश तैलंग ये कहानियाँ हमारे आज के बच्चों की हिम्मत एवं अदम्य साहस की कीर्ति-कथाएँ हैं। दास्तान हैं उस वीरता की, जो उन्होंने विषम परिस्थितियों में दिखाई, जिन्हें पढ़ते हुए हमें यह विश्वास हो जाता है कि बहादुरी की भारतीय परंपरा मरी नहीं, वह हमारे नौनिहालों में कूट-कूटकर भरी हुई है। —ओमप्रकाश कश्यप आज बच्चों के पाठ्यक्रम से अभिमन्यु, एकलव्य, चंद्रगुप्त मौर्य, लक्ष्मीबाई, भगत सिंह, अदुल हमीद जैसे बहादुरों के साहस और वीरता की कहानियाँ लुप्तप्राय हो चुकी हैं। ऐसे समय में बच्चों को हिम्मत और बहादुरी की प्रेरणा देने में ये सच्ची कहानियाँ सहायक सिद्ध होंगी। —हरिश्चंद मेहरा प्रथम राष्ट्रीय बाल वीरता पुरस्कार विजेता, 1957 "
Dhwaniyon Ke Aalok Mein Stree
- Author Name:
Mrinal Pande
- Book Type:

-
Description:
प्रख्यात लेखिका मृणाल पाण्डे की यह नवीनतम कृति संगीत-जगत के अनेक अनदेखे-ओझल वृत्तान्तों का आकलन है। इसमें इन गायिकाओं-गवनहारियों के जीवन-संघर्ष का वर्णन है, जिनके सुर और संगीत का आलोक तो हमारे सामने है, लेकिन स्त्री होने के कारण और अपने समय-समाज की कथित कुलीनता के दायरे से बाहर होने के कारण जिन अवरोधों का पग-पग पर उन्हें सामना करना पड़ा, उस अँधेरे का कहीं कोई ज़िक्र नहीं करता। गौहर जान से लेकर बेगम अख़्तर तक और मोघूबाई से लेकर गंगूबाई हंगल तक—कलाकारों की एक लम्बी फ़ेहरिस्त यहाँ हम देख सकते हैं, जिन्हें अकल्पनीय प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच संगीत-साधना करनी पड़ी।
वास्तव में संगीत के प्रसंग से पाण्डे ने इस किताब में सामाजिक-सांस्कृतिक इतिहास की उस दरार पर रोशनी डाली है, जिसका भरना अब तक बाक़ी है। उन्होंने बेहद आत्मीयता से तमाम प्रसंगों का उल्लेख किया है, जिससे पुस्तक ने अकादमिक विवेचना के बजाय एक दिलचस्प अनौपचारिक पाठ की शक्ल ले ली है। ज़ाहिर है, यह पाठक के दिल को छू लेती है।
Gangadeen
- Author Name:
Gen. Yashwant Mande
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ek Kahani Lagataar
- Author Name:
Ram Darash Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
RRB NTPC Non Technical Popular Categories CBT-2025 (Computer Based Test-1) 20 Practice Sets With Latest Solved Papers
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Samay Ka Sach
- Author Name:
R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ranthambore Diary 9 Days 9 Cubs
- Author Name:
Sundeep Bhutoria
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Chauthi Audhyogik Kranti
- Author Name:
Klaus Schwab
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Trilochan Rachanawali Vol. 1-4
- Author Name:
Trilochan
- Book Type:

-
Description:
जनसाधारण की दुख-प्रसूत स्थानिक संवेदना को कविता में ढालकर मनुष्यता की सार्वभौमिक चेतना से जोड़ने वाले, शास्त्र की सटीकता और जनजीवन के नित नवीन अनुभवों को कई-कई छन्दों में अंकित करनेवाले विद्वान कवि त्रिलोचन हिन्दी के विराट कविता-लोक में अपनी तरह के अनूठे हस्ताक्षर हैं।
कई भाषाओं के ज्ञाता, संस्कृत के विद्वान और प्रगतिशील चेतना से सम्पन्न कवि त्रिलोचन ने रोला और बरवै जैसे प्राचीन छन्दों को भी साधा, गीत-ग़ज़ल भी लिखे और 'सॉनेट' जैसे विदेशी छन्द को हिन्दी का अपना बना दिया। मुक्त-छन्द भी लिखा और 'गद्य-वद्य' लिखते हुए आलोचना को भी एक आत्मीय रंग दिया।
यह त्रिलोचन की रचनावली है, जिसकी ज़रूरत लम्बे समय से महसूस की जा रही थी। त्रिलोचन महज़ एक कवि नहीं, कविता के विद्यालय थे; मौज़ूदा और आनेवाले रचनाकार उनसे हमेशा ही सीख सकते हैं। प्रस्तुत रचनावली में त्रिलोचन का सम्पूर्ण संकलित है।
कविताओं के साथ-साथ त्रिलोचन ने आलोचनात्मक गद्य भी लिखा। इस खंड में उनके द्वारा लिखित आलोचनात्मक लेखों, समीक्षाओं आदि को लिया गया है। कविता हो या गद्य उन्होंने बोलचाल की भाषा को ही प्राथमिकता दी। यह इन आलेखों से भी ज़ाहिर होता है। कुछ अप्रकाशित लेख भी यहाँ प्रस्तुत हैं। साथ में उनकी दैनन्दिनी भी।
Corona Ka Pralayakaal "कोरोना का प्रलयकाल" Book In Hindi- R.K. Sinha
- Author Name:
R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sambhavami Yuge-Yuge "संभवामि युगे-युगे" | Story of great Struggle of Foreign Invaders against India | Book in Hindi | Kumar Suresh
- Author Name:
Kumar Suresh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Stree : Yaunikta Banam Aadhyatmikta
- Author Name:
Pramila K.P.
- Book Type:

- Description: हिन्दी में विमर्श-ग्रन्थों की दुर्दशा का एक कारण आत्ममन्थन की जगह आत्मश्लाघा का होना है। छोटे-बड़े मंचों पर बड़ी-बड़ी बातें अवश्य की जाती हैं, पर रूढ़ियों में जकड़े व्यक्ति की नीयत उसकी देह-भाषा और बातचीत से ज़ाहिर हो ही जाती है। हिन्दी में उपलब्ध ज़्यादातर विमर्श-ग्रन्थों का यही द्वन्द्व है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति-केन्द्रित अनुभवों से ऊपर उठकर समष्टि मनुष्य के व्यापक हित की ओर ध्यान केन्द्रित करने की ज़रूरत है। आज प्रचलित सभी विमर्शों में स्त्री-विमर्श अपने सर्वव्यापी वैचारिक महत्त्व के कारण सबसे महत्त्वपूर्ण है। इसका ताल्लुक़ संसार की आधी आबादी से है। वह आबादी जिसकी रचनात्मकता के सक्रिय योगदान से यह दुनिया अभी तक वंचित रही आई है; और जिसके योगदान को रेखांकित करने की कोई प्रविधि पुरुष की मनीषा ने अभी तक ईजाद नहीं की। आज के स्त्री-विमर्श का यह दायित्व है कि वह सभी वर्गों के लोगों की चेतना को इस दिशा में संवेदित करे। स्त्री-विमर्श का सचेतन प्रयास होना चाहिए कि सांस्कृतिक जन-जीवन को समग्रता के साथ ग्रहण कर समष्टि चिन्तन को व्यापक रूप दिया जाए। प्रस्तुत किताब इसी प्रयास को महत्ता के साथ रेखांकित करती है। यह किताब स्पष्ट करती है कि स्त्री-विमर्श के साथ मनुष्य-जीवन के सभी पक्षों व विषयों का उचित समायोजन हो, क्योंकि स्त्री-पक्ष और स्त्री-चिन्तन का सतत पुनर्वाचन एक ऐतिहासिक ज़रूरत है। विज्ञान और संचार-क्रान्ति की सम्भावनाओं में डूबते-उतराते ‘सांस्कृतिक-जनजीवन’ के समक्ष यह किताब स्त्री-विमर्श की राह को प्रशस्त तो करती ही है, साथ ही यह उम्मीद भी करती है कि ख़ुद के साथ समस्त जीवों की संवेदनात्मक तपिश व वैचारिक उधेड़बुन से उपजे कुछ तथ्य सामने आएँ, ताकि स्त्री-विमर्श को नव-अन्तरानुशासिक मार्ग से आगे बढ़ाया जा सके। इसमें सन्देह नहीं कि समकालीन स्त्री-चिन्तन, लिंग-संवेदना, स्त्री-प्रकृति, स्त्री-यौनिकता, देह-विमर्श, सांस्कृतिक संक्रमण, सिनेमा आदि विषयों के समायोजन में हिन्दी में यह पहला प्रयास है।
Hindi Patrakarita Ke Shikhar Purush Ramvriksh Benipuri
- Author Name:
Hemant
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
0 out of 5
Book