Bijuka Babu
(0)
₹
400
320 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789352664740
-
Pages172
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Antriksha Ke Rochak Abhiyan
- Author Name:
Kali Shankar +1
- Book Type:

- Description: इक्कीसवीं सदी पूर्णत: विज्ञान की सदी है। विज्ञान के क्षेत्र में अनेकानेक अन्वेषण हो रहे हैं। अंतरिक्ष अन्वेषण अब एक महत्त्वपूर्ण विषय बन गया है। इस क्षेत्र में आज तक ब्रह्मांड के अनेक पिंडों—सूर्य, बुध, शुक्र, पृथ्वी का चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, नेप्चून, प्लेटो तथा अन्य अनेक क्षुद्र ग्रहों और पुच्छलतारों के लिए अभियान भेजे गए हैं। अंतरिक्ष स्टेशनों ने अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में विशेष भूमिका निभाई है। सूर्य ऊर्जा का अकूत भंडार है, अत: इसके अध्ययन के लिए अनेक मिशन भेजे गए हैं। अनेक वर्षों से क्षुद्र ग्रहों के अन्वेषण में अनेक कार्य किए जा रहे हैं। ‘मंगल ग्रह फीनिक्स मशीन’ मंगल ग्रह की सतह पर उतर चुकी है और उसने मंगल ग्रह की अभूतपूर्व जानकारी भेजनी शुरू कर दी है। अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए सबसे अहम होता है स्पेस शटल यानी ‘अंतरिक्ष यान’। ‘अंतरिक्ष के रोचक अभियान’ में विभिन्न रोमांचक और दिलचस्प अंतरिक्ष अभियानों की विस्तृत जानकारी अत्यंत सरल भाषा में दी गई है। आशा है, इससे सुधी पाठकों का अंतरिक्ष संबंधी ज्ञानवर्द्धन होगा।
Samaj Chintan
- Author Name:
Avinash Rai Khanna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ujle Paron Ki Dhoop
- Author Name:
Shakeb Jalali
- Book Type:

- Description: ये किताब आधुनिक उर्दू ग़ज़ल के बेमिसाल शायर शकेब जलाली की ग़ज़लों और नज़्मों का संग्रह है। उनकी शायरी एक मुसलसल सफ़र की तरह है जिसमें कुछ मंज़र ख़ुशनुमा हैं तो कुछ हैरत-कुन और कुछ बे-इन्तिहा अफ़सुर्दा। उनके इज़हार की शैली बेहद अनोखी और नायाब है जिसमें क़ुदरत, रात-दिन, जंगल-सेहरा, बहार-ख़िज़ाँ सहित सारे नुमाइन्दा इस्तियारे जलवा-नुमा नज़र आते हैं। ये किताब उर्दू ग़ज़ल के नौजवान पाठकों को काफ़ी पसन्द आने वाली है।
VICHAR NIYAM
- Author Name:
Sirshree
- Book Type:

- Description: "सरश्री की आध्यात्मिक खोज का सफर उनके बचपन से प्रारंभ हो गया था। इस खोज के दौरान उन्होंने अनेक प्रकार की पुस्तकों का अध्ययन किया। इसके साथ ही अपने आध्यात्मिक अनुसंधान के दौरान अनेक ध्यानपद्धतियों का अभ्यास किया। उनकी इसी खोज ने उन्हें कई वैचारिक और शैक्षणिक संस्थानों की ओर बढ़ाया। इसके बावजूद वे अंतिम सत्य से दूर रहे। उन्होंने अपने तत्कालीन अध्यापन कार्य पर भी विराम लगाया, ताकि वे अपना अधिकसेअधिक समय सत्य की खोज में लगा सकें। जीवन का रहस्य समझने के लिए उन्होंने एक लंबी अवधि तक मनन करते हुए अपनी खोज जारी रखी। जिसके अंत में उन्हें आत्मबोध प्राप्त हुआ। आत्मसाक्षात्कार के बाद उन्होंने जाना कि अध्यात्म का हर मार्ग जिस कड़ी से जुड़ा है, वह है—समझ (अंडरस्टैंडिंग)। सरश्री कहते हैं कि ‘सत्य के सभी मार्गों की शुरुआत अलगअलग प्रकार से होती है, लेकिन सभी के अंत में एक ही समझ प्राप्त होती है। ‘समझ’ ही सबकुछ है और यह ‘समझ’ अपने आप में पूर्ण है। आध्यात्मिक ज्ञानप्राप्ति के लिए इस ‘समझ’ का श्रवण ही पर्याप्त है।"
Future of India
- Author Name:
D. Bhalla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jawahar Navodaya Vidyalaya Pravesh Pareeksha-2025 (Kaksha-6)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Takneek Tere Kitane Aayaam
- Author Name:
Balendu Sharma Dadhich
- Book Type:

- Description: क्या आपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में सुना है? जरूर सुना होगा, लेकिन अगर आपसे पूछा जाए कि वह क्या है तो क्या आप बता सकेंगे ? यह पुस्तक पढ़िए और आत्मविश्वास के साथ न सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बल्कि दर्जनों दूसरी आधुनिक तकनीकों को जानिए-समझिए | प्रसिद्ध तकनीकविद् बालेन्दु शर्मा दाधीच की प्रस्तुत पुस्तक प्रौद्योगिकी के नए, महत्त्वपूर्ण तथा अनूठे पहलुओं, अवधारणाओं तथा घटनाक्रमों से आम हिंदी पाठक को परिचित कराने के लिए लिखी गई है ।इसकी भाषा विज्ञान और तकनीक पर लिखी जानेवाली दूसरी पुस्तकों की तरह दुरूह या जटिल नहीं है, बल्कि वैसी ही है, जैसी कि हम रोजमर्रा की जिंदगी में बोलते-लिखते हैं । पुस्तक में उन नवीनतम तकनीकों का वर्णन है, जिनके बारे में अकसर हमारे मन में सवाल तो उठते हैं, लेकिन जवाब नहीं मिलते, जैसे-मेटावर्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, 3डी प्रिंटिंग या हाइपरलूप। इसके अध्यायों को पढ़ते हुए आप स्वयं को एक सहज-सरल-सरस यात्रा पर पाएंगे और एक- एक कर तमाम अवधारणाओं से परिचित होते चले जाएँगे। आप भले ही इसे अपने खाली समय का आनंद लेने के लिए पढ़ें, लेकिन कहीं-न-कहीं यह पुस्तक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ आपका रिश्ता जोड़ती है और वही लेखक का उद्देश्य भी है। यह पुस्तक विद्यार्थियों और अन्वेषकों के साथ-साथ सामान्य पाठकों के लिए भी रुचिकर तथा उपयोगी है।
Aladin Aur Jadui Chirag
- Author Name:
Sanyogita
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Janjateeya Yoddha : (Swabhiman Aur Swadheenta Ka Sangharsh)
- Author Name:
Ranjana Chitale
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
Naukarshah Hi Nahin…
- Author Name:
Anil Swarup
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhagwan Ne Kaha Tha
- Author Name:
Smt.Suryabala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sadhvi Ritambhara Aur Shriramjanmabhoomi Andolan "साध्वी ऋतंभरा और श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन" Book in Hindi
- Author Name:
Devendra Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aur, Pani Utar Gaya
- Author Name:
K. S. Tiwari
- Book Type:

- Description: धरती पर जीवन की कड़ियों को जोड़नेवाला अनमोल पानी ग़ायब होने की कगार पर है। पानी पर लिखी ये चन्द बातें एक स्मरण पत्र भी हैं और चेतावनी भी। स्मरण हमारी नायाब जल परम्पराओं का, जल संरक्षण के बेजोड़ तरीक़ों का और जीवन से जुड़े पानी के अनेक प्रसंगों का। याद करें पानी से जुड़े संस्कारों और पग-पग पर पानी की बातों को। दर्जनों सरकारी महकमों, सैकड़ों संगठनों, हज़ारों आन्दोलनों और लाखों लोगों के जल संरक्षण के प्रयास खरे नहीं उतर पाए, क्योंकि उन प्रयासों में न ज़िद थी, न जुनून और न जुझारूपन। आज भारत के अधिकांश हिस्से जलसंकट की गिरफ़्त में हैं। देश की आबादी 120 करोड़ पहुँच चुकी है, साथ ही जलस्रोत घटकर एक-चौथाई पर आ सिकुड़े हैं। देश और दुनिया की बढ़ती विकास दर का पानी से सीधा ताल्लुक़ है। यदि पानी न रहा तो हमारे समूचे विकास पर ही पानी फिर सकता है। इस पुस्तक में लिखी बातें पानी को लेकर लेखक की चिन्ताएँ हैं, कोशिश है यह सबकी चिन्ता हो। ऐसा भी नहीं कि पानी की बातें पहले नहीं कही गई होंगी, ज़रूर कही गई होंगी, पर अब वक़्त के इस दौर में इसके मायने अहम हैं। भारतीय समाज, पानी से गहरे जुड़ा समाज था। हमारी परम्पराएँ, संस्कार, रीति-रिवाज और आदतें पानी से जुड़ी थीं। दुर्भाग्य से यह उत्कृष्ट परम्परा टूटकर बिखर गई और आज हम एक भयावह भविष्य के सामने खड़े हैं। यह पुस्तक इसी आसन्न संकट के मद्देनज़र हमें जगाने की कोशिश है।
Dalit Crorepati 15 Prernadayak Kahaniyan
- Author Name:
Milind Khandekar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Sharat Chandra Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Sharat Chandra Chattopadhyaya
- Book Type:

- Description: "शरतचंद्र की श्रेष्ठ कहानियाँ भारतीय भाषाओं के साहित्य में बँगला साहित्य की अपनी अलग पहचान है। इस भाषा के अनेक रचनाकारों ने अपनी लेखनी के दम पर विश्व साहित्य पर प्रभुत्व स्थापित किया। ऐसे ही रचनाकारों में बाबू शरतचंद्र चटर्जी का नाम अजर-अमर है। उनका संपूर्ण साहित्य विश्व की अनेक भाषाओं में अनुवादित होकर जन-जन में प्रचारित व प्रसारित हुआ। ‘देवदास’, ‘चरित्रहीन’, ‘श्रीकांत’, ‘काशीनाथ’ जैसी रचनाओं का नाम सामने आते ही शरतचंद्र का संपूर्ण व्यक्तित्व मानो साकार हो जाता है। शरतचंद्र ने अपने साहित्य में भारतीय समाज की मान्यताओं व परंपराओं को उनके आदर्श़ों सहित यथार्थ रूप में चित्रित किया है। उन्होंने अपने साहित्य में सामाजिक व राजनीतिक समस्याओं के बीच अपनी रोमांटिक प्रवृत्ति की छाप अवश्य छोड़ी है; समाज की कुरीतियों व कुचेष्टाओं पर प्रबल प्रहार किए हैं, साथ ही नारी-मन के अंतर्द्वंद्व व पीड़ा का भी मार्मिक चित्रण किया है। शरत बाबू की इन कहानियों में समाज में व्याप्त बुराइयों, समस्याओं, पारिवारिक उलझनों को अलग-अलग प्रकार से चित्रित किया गया है। अनेक कहानियाँ ऐसी हैं, जो कभी भुलाई नहीं जा सकेंगी।
Mridula Behari Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Mridula Behari
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramchandra shukla Rachanawali : Vol. 1-8
- Author Name:
Namvar Singh
- Book Type:

-
Description:
आचार्य शुक्ल कोरे साहित्य समालोचक नहीं थे। वे गम्भीर अर्थों में साहित्य के समालोचक थे, जहाँ साहित्य के अन्तर्गत जीवन की चिन्ता, समाज की चिन्ता और पूरी संस्कृति की चिन्ता रहती थी। यह हिन्दी आलोचना का सौभाग्य है कि उसकी प्रतिष्ठा एक ऐसे समालोचक द्वारा हुई जो शुद्ध साहित्यिक आलोचक नहीं था, सिर्फ़ अलंकार और रस की मीमांसा करनेवाला काव्य-विवेचक नहीं था, बल्कि साहित्य को व्यापक सामाजिक सन्दर्भों में देखनेवाला और साहित्य की सामाजिक सार्थकता की प्रतिष्ठा करनेवाला आलोचक था। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल दुनिया के अनेक महान आलोचकों के समान ही भारत के पहले गम्भीर समालोचक दिखाई पड़ते हैं। आचार्य शुक्ल अपना चिन्तन साहित्य की सामाजिक सार्थकता और साहित्य में ‘लोक मंगल’ के व्यापक सन्दर्भ में करते हैं, तो स्वभावतः उनके व्यापक, विराट व्यक्तित्व की ओर हमारा ध्यान जाता है। उनके समग्र कृतित्व का संकलन हिन्दी साहित्य की परम्परा के सर्वश्रेष्ठ के पुनर्जीवन की तरह है।
आठ खंडों में प्रकाशित ‘रामचन्द्र शुक्ल रचनावली’ के पहले खंड में उनकी सर्वाधिक चर्चित और कालजयी कृति ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ संकलित है। रचनावली के सम्पादक नामवर सिंह ने इसकी भूमिका में आचार्य शुक्ल की इस कृति के महत्त्व और उसकी विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा की है।
1000 Samajshastra Prashnottari
- Author Name:
Mohananand Jha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
There I Was! : Media Musings
- Author Name:
Aruna Ravikumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SHARE INVESTMENT HANDBOOK
- Author Name:
Shri C.A. Vikram Narsaria
- Book Type:

- Description: This Book Doesn't have Description
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book