Bharat Mujhmein Basta Hai
Author:
Aradhana Jha ShrivastavaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 400
₹
500
Unavailable
Awating description for this book
ISBN: 9789392013553
Pages: 304
Avg Reading Time: 10 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Yeh Ram Kaun Hai?
- Author Name:
Neerja Madhav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bihar STET Secondary Teacher Eligibility Test | Secondary Class (TGT) Paper-I (Class 9 & 10) Social Science 15 Practice Sets Book in Hindi
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Gangadeen
- Author Name:
Gen. Yashwant Mande
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Main Vivekanand Bol Raha Hoon
- Author Name:
Giriraj Sharan Agrawal
- Book Type:

- Description: "भारतीय आध्यात्मिक चेतना के सिरमौर स्वामी विवेकानंद अद्भुत मेधा के स्वामी थे। उन्होंने कहा था कि सारे अनर्थों की जड़ है हमारी गरीबी। स्वामीजी दरिद्रनारायण के दुखों से द्रवित और दलितवर्ग के प्रति किए जानेवाले अन्याय से व्यथित थे। वे जाति-पाँति के घोर विरोधी थे और इसे सामाजिक जीवन का घोर कलंक मानते थे। स्वामीजी का विश्वास था कि प्रत्येक राष्ट्र को अपनी नारी-जाति का सम्मान करना चाहिए। उनकी मान्यता थी कि भारत के सर्वसाधारण में यदि धर्म का संचार हो जाए, तो हम छोटी-छोटी समस्याओं से सहज में ही मुक्त हो जाएँगे। स्वामीजी धर्मपुरुष थे और भारतीय संस्कृति के सजग प्रहरी। वे कट्टर राष्ट्रवादी थे, किंतु उनका राष्ट्रवाद मानवता का पोषक था। स्वामीजी ने धर्म और संस्कृति का निदान करते हुए सोए हुए भारत को उसके गौरवशाली अतीत से परिचित कराया। वेदों और उपनिषदों के प्राचीन आत्मज्ञान के संदेश को पाश्चात्य देशों तक गुंजारित किया। वेदांत के अद्वितीय प्रचारक, भारतीय संस्कृति के विशिष्ट उद्घोषक, मानवता के महान् पोषक, दूरदर्शी विचारक स्वामी विवेकानंद के विचार देश की भावी युवा पीढ़ी के लिए पथ-प्रदर्शक का कार्य करेंगे। इसी भावना और शुभ संकल्प के साथ स्वामीजी के विचारों का यह संकलन प्रस्तुत है।
Man With A Mission 2047: Modi's Luminous Vision for India (Narendra Modi Vision and Accomplishments)
- Author Name:
Rahul Mehta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
FBI: Inside USA's National Intelligence & Security | N. Chokkan
- Author Name:
N. Chokkan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nehru Banam Subhash
- Author Name:
Rudrangshu Mukherjee
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Paramahansa Yogananda : Ek Jeevani "परमहंस योगानंद एक जीवनी" Book In Hindi
- Author Name:
Rachna Bhola ‘Yamini’
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Nature, Science and Modern Life
- Author Name:
Dr. Y.S. Rajan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
ANAND KUMAR (RS-86)
- Author Name:
HARI PRASAD
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ramdhari Singh Diwakar Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Ramdhari Singh Diwakar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
SHYAM BENEGAL AUR SAMANANTAR CINEMA
- Author Name:
Pramod Kumar Barnwal
- Book Type:

- Description: प्रमोद बर्णवाल सिनेमा के अध्येता और प्रशंसक हैं। वे कला माध्यमों में नवाचार के प्रति विशेष श्रद्धा रखते हैं। उन्होंने हिन्दी सिनेमा में बीसवीं सदी के सातवें दशक में अभ्युदित समान्तर सिनेमा आन्दोलन को मुहब्बत की नज़र से देखते हुए, इस बदलाव के मसीहा के रूप में उभर कर सामने आए श्याम बेनेगल की कोई पाँच दशक लम्बी रचनायात्रा का गौरवशाली परिदृृश्य, सृृृजन विश्लेषण, आलोचना के तंज़ को गहरी आत्मीयता की चाशनी में घोलकर प्रस्तुत किया है। इस तरह कि बेनेगल के सिनेमा का कोई कोण अनावृत्त होने से रह न जाए। उन्होंने अपने आख्यान को सिनेमा के आशिकों, विद्यार्थियों और अध्येताओं के लिए समवेत उपयोगी बनाया है। सिनेमा को व्यावसायिकता के भँवर से निकाल कर, जीवन की सार्थकता से जुड़ी अनुभूूतियों को आलोकित करनेवाले कलाकारों का बेहद उत्कृष्ट योगदान, दृश्यों की उपयुक्त बानगी प्रस्तुत करते हुए किया गया है। समान्तर सिनेमा से उभरकर विकसित होने वाले कलाकारों की रचनायात्रा के सर्वोत्कृष्ट संधान तक जा पहुँचने का विवरण आश्चर्यचकित करने वाली सहजता से बर्णवाल ने प्रस्तुत किया है। इस आख्यान में श्याम बेनेगल के साथ ही शबाना-स्मिता, ओम-नसीर, गिरीश कारनाड, रजित कपूर, अमरीश पुरी, साधु मेहर, अनंत नाग, पंकज कपूर प्रभृति कलाकारों की विकासयात्रा की मनोहारी झलकियाँ बहुत खूबसूरती से उभर कर आई हैं। कथा से लेकर कला पक्ष तक का हर कोण कोने-कोने से निरख कर परखा गया है। —प्रह्लाद अग्रवाल
Lala Hardaul (Hindi)
- Author Name:
Hemant Verma
- Book Type:

- Description: जब दिल्ली की गद्दी पर शाहजहाँ का शासन था, उस समय बुंदेलखंड की गद्दी पर राजा जुझार सिंह आसीन थे। राजा जुझार सिंह के छोटे भाई थे—कुँवर हरदौल। यह उपन्यास कुँवर हरदौल के जीवन पर आधारित है। कुँवर हरदौल को उनकी माँ मरते समय जुझार सिंह की पत्नी रानी चंपावती को सौंपकर गई थीं। रानी चंपावती ने हरदौल को अपने पुत्र की तरह पाला था और हरदौल भी अपनी माँ की तरह ही उनका सम्मान करते थे, लेकिन राजनैतिक षड्यंत्र के चलते शाहजहाँ के बहकावे में आकर राजा जुझार सिंह ने माँ-बेटे के इस पवित्र संबंध पर कालिमा पोत दी और अपनी पत्नी को उसके ही हाथों हरदौल को विष देने पर मजबूर कर दिया था।
An Indian I Am
- Author Name:
K.K. Muhammed
- Book Type:

- Description: This is the autobiography of an Indian Archaeologist who had the courage to speak the truth both against the Marxist historians and Hindutva groups. He Believes in public Archaeology and takes archaeology to the common man through the print and visual media and also floating innovative student programmes such as ‘Adopt A Heritage’ and ‘Grey Revolution’. His human engineering with dacoits of Chambal valley and naxals of Jagdalpur enabled him to penetrate into the forbidden land and conserve many monuments. The Replica Museum set up by him in Delhi, behind the Siri Fort auditorium, swimming against the current popular ideological slogans, demonstrated his unflinching faith in Indian culture and civilisation. He not only freed many monuments from encroachments by fighting against the powerful religious groups and land mafia but also added around forty acres of land to the immovable property of the Archaeological Survey of India in Delhi. In a refreshing departure from the construction and conservation work sites where workers toil and sweat, he introduced a human element by running children’s schools, adult schools, and free food. This book also has a_ thought- provoking chapter on marketing Indian Heritage, a business diversification model. Above all, it reads like a book of Positive thinking and creative ideas. By the time, you finish the book, it may change your thoughts and outlook.
Kya Likhoon? Kya Likhoon?
- Author Name:
Dr. Babita "Kiran"
- Book Type:

- Description: "‘क्या लिखूँ, क्या लिखूँ’ मेरी द्वितीय पुस्तक है। इस पुस्तक को लिखने की यात्रा बहुत रोचक रही है। सर्वप्रथम तो लिखने से पहले मन में कई प्रश्न उठ रहे थे, जैसे कि किस विधा में लिखूँ, किस विषय पर लिखूँ? पर्यावरण पर लिखूँ, भ्रूण हत्या पर लिखूँ या जल की समस्या पर लिखूँ। दिल कह रहा था, सब विषयों पर लिख दो, परंतु दिमाग सहमत नहीं था। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूँ? मन मस्तिष्क के इस द्वंद्व में समय गुजरता जा रहा था। इसी बीच मैं बिटिया खुशी, जो मेरी प्रथम श्रोता है, से भी निरंतर पूछ रही थी कि क्या लिखूँ? आखिरकार एक दिन वह कह उठी, अरे मम्मी, क्या लिखूँ पर ही लिखो आप। तत्पश्चात् एक निरंतर कविता का जन्म हुआ, जो क्या लिखूँ के रूप में आपके समक्ष है। एक लेखक की जिम्मेदारी को निभाते हुए मैंने प्रयास किया है कि अपनी पुस्तक ‘क्या लिखूँ’ के माध्यम से मैं समाज में व्याप्त समस्याओं, मनुष्य के कर्तव्य, इतिहास, भूगोल, संस्कृति, आतंक सभी विषयों पर आप सभी का ध्यान आकर्षित कर सकूँ। कुछ पंक्तियाँ देखिए— शहर शहर कूड़े का पहाड़ लिखूँ संक्रमण, बदबू की दहाड लिखूँ फेफड़ों को मिलती हवा दूषित लिखूँ या पशु-पक्षी भी कुपोषित लिखूँ पर्यावरण की व्यथा लिखूँ या गाडिय़ाँ दौड़ाने की प्रथा लिखूँ सोचती हूँ मैं क्या लिखूँ? इसमें कहाँ तक सफल हो पाई हूँ, यह पाठक वर्ग ही बता सकता है। आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है मुझे कि आपको मेरी यह पुस्तक पसंद आएगी।"
Basic English Grammar Learn By Doing
- Author Name:
Dr. Arun Jee
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
18 Life Lessons of The Bhagavad Gita: Secrets To Success And Happiness
- Author Name:
Bhavaraju Srinivasa Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Devi
- Author Name:
Mrinal Pande
- Book Type:

- Description: स्त्रिय: समस्ता: सकला जगत्सु तव देवि भेदा:। सम्पूर्ण सृष्टि की महिलाएँ, हे देवि, वस्तुत: तुम्हारे ही विभिन्न स्वरूप हैं। स्त्रियों के विभिन्न स्वरूपों की डोर पकड़कर आदिशक्ति के मूल स्वरूप को समझना; और शक्ति के नाना रूपों के आईनों में आज से लेकर आर्षकालीन समाज की स्त्रियों की ढेरों लोकगाथाओं, महागाथाओं, आख्यानों को नए सिरे से पकड़कर व्याख्यायित कर पाना—यही इस विचित्र पुस्तक का मूल अभीष्ट है। यह न विशुद्ध कथापरक उपन्यास है, न कपोलकल्पित मिथकों की लीला और न ही एक वैज्ञानिक इतिहास। मानव–मन के गोपनीय और रहस्यमय अंश से लेकर महाकाव्यकारों की उदात्त कल्पना के बिन्दुओं तक सभी यहाँ हैं; कभी जुड़ते, कभी छिटकते, कभी एक साथ जुड़ते–छिटकते हुए। जीवन की ही तरह देवी की ये गाथाएँ भी कभी कालातीत गहराइयाँ मापती हैं, तो कभी समकालीन इतिहास में क़दमताल करती हैं। इन गाथाओं में वे सभी द्वैत मौजूद हैं, जिनसे एक औसत भारतीय का मन–संसार बनता है, अपने सभी उजले–स्याह राग–विराग समेत। अपने मानाभिमान, दर्प, आक्रोश, करुणा और ममत्व में यही वे बिम्ब हैं, जिनसे सृष्टि चलती है, जीवन चलता है। साहित्य उपजता है और लोकगाथाएँ रची जाती हैं।
As Love May Do : (Are we really us? Love is all that we have)
- Author Name:
Raavi Bajaj
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Apni Ekaagrata Kaise Badhaye
- Author Name:
Vijay Prakash
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book