Bharat Ke Pavitra Teerthsthala
(0)
₹
500
₹ 400 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9788189573676
-
Pages240
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Empowering Children With Disabilities
- Author Name:
Sanjay Prasad, Deepa Sonpal +1
- Book Type:

- Description: Contributors — Pgs. 9 Acknowledgments — Pgs. 19 Introduction Sanjay Prasad, Deepa Sonpal and Suman Vaishnav — Pgs. 21 1. Government of India’s Initiatives for Children with Disabilities (CWD) Stuti Narain Kacker — Pgs. 43 2. Rights of Persons with Disabilities Act-2016: A Report of Initiatives by the Government of Gujarat Kamal Kumar Dayani — Pgs. 67 3. Understanding Disability Shabnam Rangwala — Pgs. 83 4. Rights Based Approach to Disability and Development: A Conceptual Frame-work Victor John Cordeiro — Pgs. 109 5. Childhood and Disability: A Forgotten Discourse of Inclusion Bubai Bag — Pgs. 137 6. Socialised into (Dis)Ability: Experiences of Disabled Children in India Nandini Ghosh — Pgs. 156 7. Children on the Brink – Emerging Practices for Inclusion of Children with Deafblindness Akhil S.Paul — Pgs. 178 8. Girl Children with Disabilities in India Asha Hans — Pgs. 194 9. Inclusion and Inclusive Education Shabnam Rangwala — Pgs. 213 10. Environmental Design Considerations For Children With Autism Rachna Khare — Pgs. 233 11. Revisiting Child Rights: Explorations of Disability in a Rural Context Manoj Joseph and Srilatha Juvva — Pgs. 266 12. Promoting Education of Children with Mental Retardation at Secondary Level of Education: The Way Ahead Bhushan Punani — Pgs. 294 13. Towards UNCRPD in practice: Learning from Inclusive Practices in Education Deepa Sonpal and Vanmala Sunder Hiranandani — Pgs. 318 14. Challenges and Concerns of Providing Vocational Education to Children with Disabilities in India Priyanka Behrani — Pgs. 341 15. Skill Training for Adolescents with Disabilities: A Study of Industrial Training Institutes in Jharkhand, India Deepa Palaniappan and Praveen Kumar — Pgs. 360 16. Universal Design India Principles; a Contextual Framework for Universal Design Practice in India Rachna Khare — Pgs. 388 17. Adoption of Universal Design for Learning for Meaningful Inclusion Tanmoy Bhattacharya — Pgs. 404 18. Gaps in Inclusive Education for Children with Disabilities In India: Experience of National Platform for the Rights of the Disabled Muralidharan. V — Pgs. 425 19. Rights of Children with Disabilities: Strategic Choices for Inclusive Development Deepa Sonpal — Pgs. 446 20. A Child With Disability Has Equal Right To Free And Compulsory Education Krishna Pal Malik — Pgs. 469 21. Realigning Social Protection and Security Interventions for Persons with Disabilities in India Deepa Sonpal — Pgs. 494 22. A Disability Perspective on Economic Reforms in India Vanmala Sunder Hiranandani and Deepa Sonpal — Pgs. 518
BPSC TRE 3.0 Bihar Teacher Recruitment Class 6-8 "Ganit & Vigyan" Maths & Science | 15 Practice Sets (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Khaki In Action Hindi Translation of Crime, Grime And Gumption
- Author Name:
O.P. Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JHARKHAND KE VEER SHAHEED
- Author Name:
Vinay Kumar Pandey
- Book Type:

- Description: झारखंड की रत्नगर्भा धरती पर अनेक ऐसे वीरों और वीरांगनाओं ने जन्म लिया है, जिन्होंने मातृभूमि की आन-बान-शान और सम्मान के लिए अपनी जान तक की कुर्बानी दे दी है। उन्हीं वीर-सपूतों में शीर्ष स्थान पर सितारों की भाँति स्थापित हो चुके हैं--रघुनाथ महतो, तिलका माँसी, तेलंगा खड़िया, अर्जुन सिंह, जग्गू दीवान, कुर्जी मानकी, पोटो सरदार, गोनो पिंगुआ, बुधु भगत, इकुर विश्वनाथ शाहदेव, पांडेय गणपत राय, टिकैत उमराँव सिंह, शेख भिखारी, सिदो, कान्हू, चाँद, भेरव, फूलो, झानो, बिरसा मुंडा, गया मुंडा, जतरा टाना भगत आदि। देश की स्वाधीनता के अमृत महोत्सव पर प्रस्तुत पुस्तक इन्हीं बलिदानी सपूतों की वीर गाथाओं को सँजोने का प्रयास है। इस पुस्तक में जिन वीर-सपूतों की जीवन गाथा का बखान किया गया है, वे निश्चित रूप से अत्यंत साधारण थे, किंतु उन्होंने अपने 'सादा जीवन, उच्च विचार' की शैली में असाधारण कार्य कर न केवल देशवासियों, अपितु सात समुंदर पार से भारत में आकर सत्ता के शीर्ष पर बैठनेवाले सर्वशक्ति-संपनन अंग्रेजों को भी चकित-विस्मित कर दिया। प्रस्तुत पुस्तक उन वीर शहीदों के जीवन के कई अनुछुए पहलुओं पर प्रकाश डालती है, जिनसे जनसाधारण अभी तक अनभिनज्ञ रहा है । जहाँ तक इतिहासकारों की दृष्टि भी पहुँच नहीं पाई है, किंतु मान्यताओं, किंवदंतियों, लोककथाओं और लोकगीतों के रूप में आम झारखंडवासियों के दिलोदिमाग पर अमिट छाप छोड़ते रहे हैं। देश और समाज के भूले-भटके लोगों को राह दिखाने के लिए प्रकाश-स्तंभ स्थापित करने का विनम्र प्रयास है पुस्तक ' झारखंड के वीर शहीद '।
Apana Paraya
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: "अपना पराया एक सामाजिक उपन्यास है, जिसमें सुप्रसिद्ध उपन्यासकार डॉ. रमेश पोखरियाल ‘िनशंक’ बड़े कौशल से पर्वतीय अभावमय जीवन, सामाजिक विसंगतियों, अनमेल विवाह, विधवा-समस्या, सास-बहू-संबंध, वर्तमान शहरी प्रभाव, शिक्षा-स्वास्थ्य-िबजली-पानी-सड़क आदि और अन्य कई ग्रामीण समस्याओं का चित्रण कर उनका समाधान पाठक के ऊपर छोड़ देते हैं। कुछ समस्याओं-शैक्षिक आत्मनिर्भरता, संशोधित घराट योजना आदि का वह समाधान भी प्रस्तुत करते हैं। उपन्यास मानवीय संबंधों और संवेदनाओं को उजागर करने में समर्थ है। आत्मीयता, विश्वास, आस्था और स्नेह-प्रेम के भाव पराए को भी अपना बना लेते हैं और इनके अभाव में अपना भी पराया-सा लगता है। ग्रामीण मुहावरेदार और लोकोक्तिपरक वाक्य- रचना उपन्यास के आंचलिक वैशिष्ट्य को सामने लाती है। पहाड़ के रीति-िरवाज एवं सांस्कृतिक जीवन-मूल्यों का दिग्दर्शन कराता एक मर्मस्पर्शी, संवेदनशील उपन्यास! "
Mohan Rakesh Rachanawali : Vols. 1-13
- Author Name:
Mohan Rakesh
- Book Type:

-
Description:
मोहन राकेश हिन्दी के सर्वाधिक ‘एक्सपोज़्ड’ रचनाकार माने जाते हैं। राकेश का जीवन और लेखन ‘घर’ नामक मृगमरीचिका के पीछे बेतहाशा भागते एक बेसब्र, बेचैन, व्याकुल और ज़िद्दी तलाश का पर्याय है।
रचनावली का यह पहला खंड—‘अन्तरंग’—उनके इसी ‘अपना आप’ पर केन्द्रित है। यह खंड लेखक के पेचीदा जीवन के बहिरंगी बहुरूपों को दिखाने के साथ–साथ अन्तरंग के गुह्य प्रदेशों के विचित्र रहस्य–लोक के गवाक्ष भी खोलता है। इसका पहला अंश अधूरा ‘आत्मकथ्य’ है। इसके बाद ‘चींटियों की पंक्तियाँ : ज़मीन से काग़ज़ों तक’, ‘देखो बच्चू!’ और मृत्यु से लगभग दो महीने पहले रजिन्दर पॉल द्वारा लिया गया एक ऐसा साक्षात्कार है, जो उनके उदास, असुरक्षित, अस्थिर एवं अकेले आरम्भिक जीवन की प्रामाणिक और दिलचस्प झाँकी प्रस्तुत करता है।
इस खंड के अन्त में 1950 से 1958 तक उनके द्वारा लिखी गई डायरी को रखा गया है। राकेश के अन्तर्विरोधी जटिल चरित्र एवं उनके साहित्य को सही परिदृश्य और उचित सन्दर्भ में समझने के लिए यह खंड महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
Jeevon Ka Sansar Anokha
- Author Name:
S.K. Trivedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pyari Astha Ko Pita Ki Paati
- Author Name:
Kaajal Oza Vaidya
- Book Type:

- Description: "पिछला वर्ष पूरा हो गया और साथ ही समाप्त हो गईं कितनी कठिनाइयाँ, कितने प्रश्न! मैंने तुझे कहा था न, हर नया सूर्योदय नए आनंद के साथ आता है! ईश्वर भी मनुष्य की हिम्मत और उसके संजोगों के सामने लड़ने की तैयारी कितनी है, इसकी जाँच करता है कभी। हमारे साथ भी ऐसा ही हुआ है। हमने साथ मिलकर परिस्थिति के सामने जो हिम्मत भरी लड़ाई लड़ी है, उसे देखकर शायद भगवान् को भी समझ में आ गया होगा कि वह हमें इससे अधिक दुःखी नहीं कर सकता। जिंदगी कभी भी हम सहन न कर सकें, उससे ज्यादा तकलीफ देती ही नहीं है। तू समझी? हमें अपनी सहन-शक्ति को बढ़ाना है, अर्थात् जिंदगी ने जो तकलीफ दी है, वह हर बार हम सहन कर सकें, उससे कम ही लगती है। बेटा! मुझे तुझसे कहना चाहिए कि तू इन परिस्थितियों की लड़ाई में जिस तरह मेरे साथ रही और तूने जिस तरह मेरा साथ दिया, उस बात ने मुझे बहुत हिम्मत और शक्ति दी है। बेटा, मैंने तुझे कभी-कभी रोल रिवर्स करके तेरी मम्मी की माँ बनते हुए तुझे देखा है। इन थोड़े से दिनों में ही तू मानो अचानक ही कुछ वर्ष बड़ी हो गई हो, ऐसा मुझे लगता है। —इसी पुस्तक से ——1—— पिता द्वारा पुत्री को लिखीं ममत्व भरीं, जीवन के मर्म को समझातीं, सकारात्मकता जाग्रत् करतीं पातियाँ, जो हर बालिका को संदेश देती प्रतीत होती हैं। एक अत्यंत भावुक पुस्तक! "
Puranon Ki Kathayen
- Author Name:
Harish Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Namami Gramam
- Author Name:
Viveki Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hamare Ashok Singhalji
- Author Name:
Rajeev Gupta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
B.SC. Nursing Entrance Exam Books 2025 General Nursing and Midwifery (GNM & CNET) Training Selection Test 12 Practice Sets With Latest Solved Paper & Aptitude Questions
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
My First Colouring Book
- Author Name:
Manohar Sundaram
- Book Type:

- Description: My First Colouring Book For Kids - Perfect Gift to Children for Painting, Drawing and Coloring Activity, Animal, Flowers, Transport, Alphabet For 3-6 Year Old
Janjateeya Yoddha : (Swabhiman Aur Swadheenta Ka Sangharsh)
- Author Name:
Ranjana Chitale
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
Senapati Tatya Tope
- Author Name:
Ranjana Chitale
- Book Type:

- Description: "जिन दिनों श्रीमती रंजना चितले वीर तात्या टोपे के संदर्भ तलाश रही थीं, तब यह प्रश्न मेरे मन में बार-बार आया कि इन्होंने शोधात्मक लेखन के लिए तात्या टोपे को ही क्यों चुना? जब मैंने रंजनाजी के परिवार के बारे में जाना तो मुझे पता चला कि इनके परिवार का तात्या टोपे और तात्या टोपे की जीवनधारा से पीढि़यों का नाता है। रंजनाजी के पूर्वज तेलंगाना के मूल निवासी थे। अन्य लोगों के साथ इनके पूर्वजों को भी छत्रपति शिवाजी महाराज ने हिंदू पदपादशाही के सशक्तीकरण के काम में लगाया था। उन्हें सात पीढ़ी पहले पाँच गाँव की जागीर देकर पीलूखेड़ी में बसाया गया था। पारिवारिक वृत्तांत के अनुसार 1857 की क्रांति के अमर नायक नाना साहब पेशवा ने अपने जीवन की अंतिम साँस इसी स्थान पर ली थी। वहाँ उनकी समाधि बनी है। इसी परिवार ने अंतिम समय में उनकी देखभाल की थी। सिपाही बहादुर सरकार के क्रांतिकारी आंदोलन में इस परिवार ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था और 1857 की क्रांति के सेनानियों को पीलूखेड़ी के शास्त्री परिवार से रोटियाँ बनकर जाती थीं। इसी शास्त्री परिवार में जन्मी हैं रंजना, जो विवाह के बाद चितले हो गईं। मुझे लगता है, ऐसी ही प्रज्ञा स्मृति से रंजनाजी वीर तात्या टोपे के व्यक्तित्व अन्वेषण में लग गईं। इस पुस्तक में उन्होंने वे तथ्य जुटाए हैं, जो तात्या टोपे से संबंधित अन्य विवरणों में या तो मिलते नहीं या सर्वदा उपेक्षित रहे। —डॉ. सुरेश मिश्र इतिहासकार एवं लेखक "
Gandhi Ji Ki Den (Dr. Rajendra Prasad) Thoughts of Mahatma Gandhi & Dr. Rajendra Prasad in Hindi
- Author Name:
Dr. Rajendra Prasad
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kuchh Ansuni Fauzi Kahaniyan
- Author Name:
Rachna Bisht Rawat
- Book Type:

- Description: एक रिटायर्ड जनरल को मरे हुए लोगों की आवाजें डराती हैं। खून जमा देनेवाले सियाचिन में मोर्चे पर तैनात दो शत्रु देशों के सैनिकों के बीच एक अजीब संबंध जुड़ जाता है। अरुणाचल के जंगलों में एक युवा लेफ्टिनेंट तीन सैनिकों के सामने दम तोड़ रहा होता है, जिनमें से एक का भाग्य हमेशा के लिए बदल जाता है। कश्मीर में अपनी पहचान छुपाकर काम कर रहे एक मेजर और उसके जवानों के सीने में कौन सा राज दफन है? पूर्णतया पुरुषों वाले 13 पैरा के गढ़ में आगरा आ रही एक ट्रेन कैसा आश्चर्य लेकर आनेवाली है? कौन हैं वे अदृश्य लोग जिनसे लैंसडाउन मिलिट्री हॉस्पिटल में ब्रेन सर्जरी का इंतजार कर रही नन्ही लड़की बातें करती है? द ब्रेव, 1965 और कारगिल जैसी पुस्तकों को लिखनेवाली लोकप्रिय लेखिका एक ऐसी पुस्तक लेकर आई हैं जो उन कहानियों के जरिए आपको जैतूनी हरे रंग की सेना की छावनियों की दुनिया में ले जाएँगी, जो आपको जितनी खुशी देंगी, उतना ही सोचने पर मजबूर भी करेंगी।
GUNNERS AT THE BATTLEFRONT
- Author Name:
Lt Col Ashok Kumar Kher • Ravi Kher
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
90 Model Papers for REET Rajasthan Adhyapak Patrata Pariksha Level 1 (Class 1 to 5) Level-2 (Class 6 to 8) Vastunisth Bal Vikas Evam Shikshan Shastra 2022
- Author Name:
Kunwar Kanak Singh Rao
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharatiya Sena Mein Leadership Ke Gurumantra (Hindi Translation of The Be-Know-Do of Generalship)
- Author Name:
Major General Anil Sengar (Retd)
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत पुस्तक भारतीय सेना में नेतृत्व करनेवालों की असाधारण क्षमताओं और कर्तृत्य से परिचित करवाती है। लीडरशिप के गुरुमंत्र बतानेवाली यह कृति सैन्य अधिकारियों के दीर्घ और व्यावहारिक अनुभव पर केंद्रित है। कठिन और विपरीत परिस्थितियों में जिस कौशल और प्रतिभा के बल पर इन अधिकारियों ने राष्ट्रहित में निर्णय लिये, यह पुस्तक उन सब अनुभवों को सैन्यकर्मियों और आमजन के समक्ष लाती है, ताकि वे भी अपना उत्कर्ष कर सकें। यह कृति स्वयं के व्यक्तित्व के विकास के साथ ही सहकर्मियों से पारस्परिकता, सहायता, समूह में कार्य करने की क्षमता और टीमवर्क पर केंद्रित है। चार दशकों के अपने सैन्य कॅरियर में समर्पित और अद्भुत क्षमताओं के बल पर लेखक ने जो कुछ सीखा, वह भावी पीढ़ी को देने के लिए उन्होंने यह पुस्तक लिखी है—भावी जनरलों की निर्मिति के लिए और वह सबकुछ करने की प्रेरणा देने के लिए, ताकि आप एक समृद्ध विरासत छोड़ें।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book