Bharat Ka Veer Yoddha Maharana Pratap
Author:
Sushil KapoorPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 240
₹
300
Available
"अपनी आन के पक्के महाराणा प्रताप को मेवाड़ का शेर कहा जाता है। हल्दीघाटी के युद्ध में वह मुगल सेना से हार गए और उन्हें जंगलों में अपने परिवार के साथ शरण लेनी पड़ी। वहाँ कई-कई दिन उन्होंने भूखे-प्यासे और घास-पात की रोटियाँ खाकर गुजारे।
महाराणा प्रताप का जन्म सिसोदिया राजपूतों के वंश में हुआ। उनके पिता उदय सिंह स्वयं एक प्रबल योद्धा थे। उन्होंने कभी मुगलों के सामने घुटने नहीं टेके। युद्ध से बचने के लिए आस-पास के कई राजपूत राजाओं ने अपनी पुत्रियों के विवाह अकबर के साथ कर दिए, लेकिन उदय सिंह ने वैसा नहीं किया। महाराणा प्रताप ने भी अपने पिता की नीति का अनुसरण किया। मुगल बादशाह अकबर को यह बात बहुत खटकती थी। इसी का बदला लेने के लिए उसने मानसिंह और राजकुमार सलीम के नेतृत्व में सेना भेजी। हल्दीघाटी के मैदान में हुए युद्ध में महाराणा प्रताप के अंतिम सैनिक तक ने बलि दे दी। तब जाकर मुगल सेना बढ़त बना पाई।
जंगल में भूख से बिलबिलाते बच्चों को महाराणा प्रताप कब तक देख पाते। आखिर उन्होंने अकबर को आत्मसमर्पण का खत लिखने का फैसला किया। लेकिन तभी देशभक्त भामा शाह मदद लेकर आ गया। आगे फिर संघर्ष जारी रखा।
साहस, शौर्य, निडरता, राष्ट्रप्रेम और त्याग की प्रतिमूर्ति भारत के वीर योद्धा महाराणा प्रताप की प्रेरणाप्रद जीवनी।
"
ISBN: 9789350485712
Pages: 136
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Derh Biswa Zameen "डेढ़ बिस्वा जमीन" Book in Hindi | Shri Brij Lal, IPS (Retd.)
- Author Name:
Brij Lal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Intelligence Bureau (IB-ACIO) Assistant Central Intelligence Officer Grade II/Executive Primary Recruitment Examination 20 Practice Sets Book
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Alvida Anna
- Author Name:
Suryabala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhartiya Dalit Andolan Ka Itihas : Vols. 1-4
- Author Name:
Mohandas Naimisharay
- Book Type:

-
Description:
अतीत कभी सम्पूर्ण रूप से व्यतीत नहीं होता। बहुआयामी समय के साथ वह भिन्न–भिन्न रूपों में प्रकट होता रहता है। इतिहास अतीत का उत्खनन करते हुए उसमें व्याप्त सभ्यता, संस्कृति, नैतिकता, अन्तर्विरोध, अन्त:संघर्ष, विचार एवं विमर्श आदि के सूत्रों को व्यापक सामाजिक हित में उद्घाटित करता है। कारण अनेक हैं किन्तु इस यथार्थ को स्वीकारना होगा कि भारतीय समाज का इतिहास लिखते समय ‘दलित समाज’ के साथ सम्यक् न्याय नहीं किया गया। भारतीय समाज की संरचना, सुव्यवस्था, सुरक्षा व समृद्धि में ‘दलित समाज’ का महत्त्वपूर्ण योगदान होते हुए भी उसकी ‘योजनापूर्ण उपेक्षा’ की गई। ‘भारतीय दलित आन्दोलन’ का इतिहास (चार खंड) इस उपेक्षा का रचनात्मक प्रतिकार एवं वृहत्तर भारतीय इतिहास में दलित समाज की भूमिका रेखांकित करने का ऐतिहासिक उपक्रम है।
सुप्रसिद्ध दलित रचनाकार, सम्पादक एवं मनीषी मोहनदास नैमिशराय ने प्राय: दो दशकों के अथक अनुसन्धान के उपरान्त इस ग्रन्थ की रचना की है। दलित समाज, दलित अस्मिता–विमर्श तथा दलित आन्दोलन का प्रामाणिक दस्तावेज़ीकरण एवं तार्किक विश्लेषण करता यह ग्रन्थ एक विरल उपलब्धि है। आधुनिक भारतीय समाज की समतामूलक संकल्पना को पुष्ट और प्रशस्त करते हुए मोहनदास नैमिशराय स्वतंत्रता, समता, न्याय और बन्धुत्व जैसे शब्दों का यथार्थवादी परीक्षण भी करते हैं।
वस्तुत: भारतीय दलित आन्दोलन का इतिहास हज़ारों वर्ष पुराने भारतीय समाज की सशक्त सभ्यता–समीक्षा है। ग्रन्थ का प्रथम भाग ‘पूर्व आम्बेडकर भारत’ में निहित सामाजिक सच्चाइयों को उद्घाटित करता है। मध्यकालीन सन्तों के सुधारवादी आन्दोलन से प्रारम्भ कर दलित देवदासी प्रश्न, भंगी समाज, जाटव, महार, दुसाध, कोली, चांडाल और धानुक आदि जातियों के उल्लेखनीय इतिहास; ईसाइयत और इस्लाम से दलित के रिश्ते; आम्बेडकर से पहले बौद्ध धर्म एवं दक्षिण भारत में जातीय संरचना आदि का प्रामाणिक विवरण–विश्लेषण है। दलित आन्दोलन में अग्रणी व्यक्तित्वों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व संस्थाओं का वर्णन है। पंजाब और उत्तराखंड में दलित आन्दोलन की प्रक्रिया और उसके परिणाम रेखांकित हैं।
पाठकों, लेखकों, अनुसन्धानकर्ताओं, मीडियाकर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं सजग नागरिकों के लिए पठनीय–संग्रहणीय। गाँव से लेकर महानगर तक प्रत्येक पुस्तकालय की अनिवार्य आवश्यकता।
BPSC TRE 3.0 Bihar Secondary School Teacher Recruitment Class 9-10 English Part-3 | 20 Practice Sets (English)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Pratirodh: The Resistance—Spotlighting the Rajputana, Maratha and Sikh campaign against Aurangzeb
- Author Name:
Lt General Dalip Singh
- Book Type:

- Description: Cast in the backdrop of the Mughal era during the reigns of Aurangzeb and his successors, Pratirodh is a saga of the relentless resistance by a few brave men against a seemingly invincible Empire to protect their honour and way of life. In response to the rather partisan policies of Mughal emperors, a number of personalities came forward in different parts of Hindustan, to lead people in resisting the tyranny. Though the geographical dispersion precluded any visible unified approach, they were indirectly benefitted by each other. When Aurangzeb got cowed down in Rajputana against the unified resistance of Marwar and Mewar, it provided much needed succour to the great Shivaji and Guru Govind Singh to regroup and consolidate forces in their respective areas. The credit for tying down the Mughals for the longest period in history goes to the Marathas; this also acted as a lifeline to the Sikhs, Rajputs, Bundelas and Jats. Rajputs and Sikhs repaid their debt to Marathas by keeping the Mughals, post Aurangzeb, completely embroiled in Punjab and Rajputana, and indirectly paving the way for an almost unchallenged rise of the Marathas. The prolonged resistance witnessed the supreme sacrifices of numerous unsung heroes of medieval history. Through unmatched grit and determination, they succeeded in bringing down the mighty Empire to its knees, eventually leading to its demise.
Raskhan Ratnawali
- Author Name:
Ed. Raghav Raghu
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
By The Way
- Author Name:
R.K. Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Katha Loknath Ki
- Author Name:
Smt. Rita Shukla
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
NAMO 7 RACECOURSE MEIN PRATHAM VARSH
- Author Name:
Praveen Gugnani
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Azad Hind Fauj And Subhas Chandra Bose
- Author Name:
Dinkar Kumar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
IROM SHARMILA AUR AAMARAN ANSHAN
- Author Name:
Shashidhar Khan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JSSC JTPTCCE Primary Teacher Recruitment Exam- Intermediate Trained Assistant Professor Acharya: Social Science, Science and Maths Paper-III for Class 1 To 5 (2023 Book in Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ke Sankatgrast Vanya Prani
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

- Description: हम इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकते कि किसी दिन इस धरती पर केवल मानव जाति का अस्तित्व होगा। पशु–पक्षियों व अन्य जीवधारियों की असंख्य प्रजातियों और वनस्पतियों की अगणित क़िस्मों के अभाव में क्या इस सृष्टि में जीवन को बचाए रखना सम्भव होगा। सच्चाई तो यह है कि सृष्टि एक अखंड इकाई है। चराचर की पारस्परिक निर्भरता ही जीवन का मूल मंत्र है। यदि किसी कारण से जीवन–चक्र खंडित होता है तो इसके भीषण परिणाम हो सकते हैं। ‘भारत के संकटग्रस्त वन्य प्राणी’ में प्रसिद्ध लेखक गुणाकर मुळे ने ऐसे प्राणियों की चर्चा की है जो विलुप्त होने की कगार पर हैं। उन्होंने अनेक ऐसे प्राणियों का ज़िक्र किया है जिन्हें अब इस धरती पर कभी नहीं देखा जा सकता। विगत दशकों में 36 प्रजातियों के स्तनपायी प्राणी और 94 नस्लों के पक्षी प्रकृति के अंधाधुंध शोषण के कारण नष्ट हो चुके हैं। लेखक की चिन्ता यह है कि यदि इसी प्रकार हिंसा, लालच और अतिक्रमण का दौर चलता रहा तो इस ख़ूबसूरत दुनिया का क्या होगा! यह असन्तुलन विनाशकारी होगा। लेखक के अनुसार, ‘हमारे देश में प्राचीन काल से वन्य प्राणियों के संरक्षण की भावना रही है। हमारी सभ्यता और संस्कृति में वन्य प्राणियों के प्रति प्रेम-भाव रहा है। इसलिए हमारे समाज में वन्य जीवों को पूज्य माना जाता है। वन्य जीवों तथा पक्षियों को मुद्राओं और भवनों पर भी चित्रित किया जाता रहा है।’ हमें आज इस भाव को नए सन्दर्भों में विकसित करना होगा। वन्य प्राणी संरक्षण के लिए बनाए गए अधिनियमों से अधिक आवश्यकता व्यापक नागरिक चेतना की है। गुणाकर मुळे ने सहज, सरल भाषा में इस आवश्यकता को रेखांकित किया है। अनेक चित्रों से सुसज्जित यह पुस्तक पर्यावरण के प्रति जागरूकता निर्माण के लिए बहुत ही उपयोगी है। हर आयु के पाठकों के लिए एक पठनीय पुस्तक।
Paharua Jan "पहरुआ जन" Book in Hindi- Mithileshwar
- Author Name:
Mithileshwar
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Tamasha Mere Aage
- Author Name:
Hemant Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
The Art of Trading Through Candlestick Charts | Technical Analysis Simplified Breakout Patterns with Explanation
- Author Name:
Shyam Sundar Goel
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Premyoga
- Author Name:
Swami Vivekanand
- Book Type:

- Description: No Description Available for this Book
Pearl Buck Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Pearl Buck
- Book Type:

- Description: कभी-कभी उसे लगता कि वे दोनों एक-दूसरे को थोड़ा कम जान पाते हैं। यदि वह उसके परिवार की पुरानी पीढि़यों के बारे में न जानती। उसके माता-पिता गरिमामय और आनंदित रहनेवाले थे। लियू भी उसके पीछे उसके परिवार को देखता था; हालाँकि उसने कभी ऐसा कहा नहीं था। वह थोड़ा कम औपचारिक था या उसके मुकाबले में कम संवेदनशील भी। वह उसे आसानी से यह बात कह सकता था, अगर वह मँगनी तोड़ना चाहता तो...! नहीं, नहीं, वह उससे बहुत प्यार करता है, उसे इस बारे में कोई संदेह नहीं था। —इसी पुस्तक से पर्ल बक ने लंबे समय तक एक मिशनरी के रूप में समाज-कार्य किया। उस गहन अनुभव को इनकी कहानियों में साफ देखा जा सकता है। जन-समाज की ऊहापोह, पारस्परिक संबंध तथा संबंधों के बीच के प्रेम और टकराव को बड़ी खूबसूरती से उन्होंने अपनी कहानियों में उकेरा है। पठनीयता से भरपूर ये कहानियाँ पाठक के मन को छूनेवाली हैं।
NCERT MCQs General Science & Technology Class 6 To 12 Useful Book For UPSC, State PSCs & All Competitive Exam Chapter-wise and Topic-wise Solved Paper 2025
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book