Bhagwaticharan Verma Rachanawali : Vols. 1-14
Author:
Bhagwaticharan VermaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Other0 Ratings
Price: ₹ 11200
₹
14000
Available
भगवतीचरण वर्मा ने अपने प्रथम उपन्यास ‘पतन’ की रचना अपने कॉलेज के दिनों में की थी जो गंगा पुस्तक माला के अन्तर्गत प्रकाशित हुआ था। इस उपन्यास को वे अपनी अपरिपक्व रचना मानते थे और उन्होंने इसे अपनी रचनाओं में गम्भीरता से नहीं लिया।
सन् 1932 में भगवती बाबू ने पाप और पुण्य की समस्या पर अपना प्रसिद्ध उपन्यास ‘चित्रलेखा’ लिखा जो हिन्दी साहित्य में एक क्लासिक के रूप में आज भी प्रख्यात है। ‘तीन वर्ष’ उनका प्रथम सामाजिक उपन्यास है जो एक प्रेमकथा है। सन् 1948 में उनका प्रथम वृहत उपन्यास ‘टेढे़-मेढ़े रास्ते’ आया जिसे हिन्दी साहित्य के प्रथम राजनीतिक उपन्यास का दर्जा मिला। इसी शृंखला में उन्होंने आगे चलकर वृहत राजनीतिक उपन्यासों की एक शृंखला लिखी जिनमें ‘भूले-बिसरे चित्र’, ‘सीधी-सच्ची बातें’, ‘प्रश्न और मरीचिका’, ‘सबहिं नचावत राम गोसाईं’ और ‘सामर्थ्य और सीमा’ प्रमुख हैं।
भगवतीचरण वर्मा के सभी उपन्यासों में एक विविधता पाई जाती है। उन्होंने हास्य-व्यंग्य, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक सभी विषयों पर उपन्यास लिखे। कवि और कथाकार होने के कारण वर्मा जी के उपन्यासों में भावनात्मकता और बौद्धिकता का सामंजस्य मिलता है। ‘चित्रलेखा’ में भगवती बाबू का छायावादी कवि-रूप स्पष्ट दिखता है जबकि ‘टेढ़े-मेढ़े रास्ते’ को उन्होंने अपनी प्रथम शुद्ध बौद्धिक गद्य-रचना माना है।
रचनावली के इस खंड में प्रस्तुत, साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत उपन्यास ‘भूले-बिसरे चित्र’ अतीत के चित्रों का एक विशेष एलबम है जिसके चित्र कभी धुँधले नहीं पड़ सकते। जीवन के सभी पहलुओं से रू-ब-रू कराता यह कालजयी उपन्यास है।
ISBN: 9788126716128
Pages: 3689
Avg Reading Time: 123 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Devendra Satyarathi Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Devendra Satyarathi
- Book Type:

- Description: "हिंदी के विलक्षण यायावर साहित्यकार देवेंद्र सत्यार्थी जितने बड़े लोक-साधक हैं, उतने ही बड़े और ऊँचे कद के कथाकार भी। पूरे बीस बरस तक लोकगीतों की तलाश में गाँव-गाँव भटककर हिंदुस्तान के चप्पे-चप्पे की धूल छान लेनेवाले सत्यार्थीजी के कथा-साहित्य की खासी धूम रही है। सत्यार्थीजी की कहानियों में जीवन की घुमक्कड़ी के इतने बीहड़, कठोर और दुस्साहसी अनुभव हैं कि मन उनके साथ बहता चला जाता है। उनकी कहानियों में लोकगीतों का आस्वाद और रस-माधुर्य ही नहीं, फसलों की लहलहाती गंध, खेतों की मिट्टी की खुशबू, गरीब किसान-मजदूरों के लहू और पसीने की गंध, शोषण की आकुल पुकारें तथा दुःख और पीड़ाओं का सैलाब भी है। इसीलिए मंटो ने बड़ी हसरत के साथ उन्हें पत्र लिखा था—‘‘काश, मैं खुशिया होता और आपके साथ-साथ यात्रा करता!’’ धरती और खानाबदोशी की गंध लिये ये स्वच्छंद कहानियाँ सिर्फ एक लोकयात्री की कहानियाँ ही हो सकती हैं, जिसने धरती को बड़ी शिद्दत से प्यार किया है और जिंदगी के नए-नए रूपों की तरह अपनी कहानियों को भी नित नए-नए रूपों में सामने आने के लिए खुला छोड़ दिया है। यही वजह है कि सत्यार्थीजी की कहानियाँ औरों से इतनी अलग हैं और वे बीसवीं शताब्दी के समूचे इतिहास तथा लोकजीवन को अपने आप में समोए, अपने समय के अनमोल दस्तावेज सरीखी हैं। बेशक सत्यार्थीजी की कहानियों को पढ़ना अपने समय और इतिहास की गूँजती आवाजों को सुनने की मानिंद है। —प्रकाश मनु"
Success Principles of Jeff Bezos | Best Quotes from The Great Entrepreneur: Amazon | Leadership Principles | Lessons & Rules For Success
- Author Name:
Shikha Sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aalochak Ke Mukh Se
- Author Name:
Namvar Singh
- Book Type:

- Description: डॉ. नामवर सिंह हिन्दी आलोचना की वाचिक परम्परा के आचार्य कहे जाते हैं। जैसे बाबा नागार्जुन घूम-घूमकर किसानों और मजदूरों की सभाओं से लेकर छात्र-नौजवानों, बुद्विजीवियों और विद्वानों तक की गोष्ठियों में अपनी कविताएँ बेहिचक सुनाकर जनतांत्रिक संवेदना जगाने का काम करते रहे, वैसे ही नामवर जी घूम-घूमकर वैचारिक लड़ाई लड़ते रहे; रूढ़िवादिता, अन्धविश्वास, कलावाद, व्यक्तिवाद आदि के खिलाफ चिन्तन को प्रेरित करते रहे; नई चेतना का प्रसार करते रहे हैं। इस वैचारिक, सांस्कृतिक अभियान में नामवर जी एक तो विचारहीनता की व्यावहारिक काट करते रहे, दूसरे वैकल्पिक विचारधारा की ओर से लोक शिक्षण भी करते रहे। नामवर जी ने मार्क्सवाद को अध्ययन की पद्धति के रूप में, चिन्तन की पद्धति के रूप में, समाज में क्रान्तिकारी परिवर्तन लानेवाले मार्गदर्शक सिद्धान्त के रूप में, जीवन और समाज को मानवीय बनानेवाले सौन्दर्य-सिद्धान्त के रूप में स्वीकार किया था। एक मार्क्सवादी होने के नाते वे आत्मालोचन को भी स्वीकार करके चलते रहे। वे आत्मालोचन करते भी रहे। उनके व्याख्यानों और लेखन में भी इसके उदाहरण मिलते हैं। आलोचना को स्वीकार करने में नामवर जी का जवाब नहीं। यही कारण है कि हिन्दी क्षेत्र की शिक्षित जनता के बीच मार्क्सवाद और वामपंथ के बहुत लोकप्रिय नहीं होने के बावजूद नामवर जी उनके बीच प्रतिष्ठित और लोकप्रिय रहे। इस पुस्तक में नामवर जी के पाँच व्याख्यान संकलित हैं जो उन्होंने पटना में प्रगतिशील लेखक संघ के मंच से विभिन्न अवसरों पर दिए थे। इन व्याख्यानों को सम्पादित करते हुए भी व्याख्यान के रूप में ही रहने दिया गया है, ताकि पाठक नामवर जी की वक्तृत्व कला का आनन्द भी ले सकें। नामवर जी हिन्दी के सर्वोत्तम वक्ता रहे और माने भी गए। उनके व्याख्यान में भाषा के प्रवाह के साथ विचारों की लय है। इस लय का निर्माण विचारों के तारतम्य और क्रमबद्धता से होता है। अनावश्यक तथ्यों और प्रसंगों से वे बचते थे और रोचकता का भी ध्यान हमेशा रखते थे। आज के साहित्य, विचारधारा, सौन्दर्य, राजनीति और आलोचना से जुड़े तथा उनके अन्तरसम्बन्धों के बारे में महत्त्वपूर्ण बातें इन व्याख्यानों में कही गई हैं। हिन्दी आलोचना की यह एक महत्त्वपूर्ण किताब मानी जाएगी।
Bebaak Baat
- Author Name:
Vijay Goyal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bharat Ke Sankatgrast Vanya Prani
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

- Description: हम इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकते कि किसी दिन इस धरती पर केवल मानव जाति का अस्तित्व होगा। पशु–पक्षियों व अन्य जीवधारियों की असंख्य प्रजातियों और वनस्पतियों की अगणित क़िस्मों के अभाव में क्या इस सृष्टि में जीवन को बचाए रखना सम्भव होगा। सच्चाई तो यह है कि सृष्टि एक अखंड इकाई है। चराचर की पारस्परिक निर्भरता ही जीवन का मूल मंत्र है। यदि किसी कारण से जीवन–चक्र खंडित होता है तो इसके भीषण परिणाम हो सकते हैं। ‘भारत के संकटग्रस्त वन्य प्राणी’ में प्रसिद्ध लेखक गुणाकर मुळे ने ऐसे प्राणियों की चर्चा की है जो विलुप्त होने की कगार पर हैं। उन्होंने अनेक ऐसे प्राणियों का ज़िक्र किया है जिन्हें अब इस धरती पर कभी नहीं देखा जा सकता। विगत दशकों में 36 प्रजातियों के स्तनपायी प्राणी और 94 नस्लों के पक्षी प्रकृति के अंधाधुंध शोषण के कारण नष्ट हो चुके हैं। लेखक की चिन्ता यह है कि यदि इसी प्रकार हिंसा, लालच और अतिक्रमण का दौर चलता रहा तो इस ख़ूबसूरत दुनिया का क्या होगा! यह असन्तुलन विनाशकारी होगा। लेखक के अनुसार, ‘हमारे देश में प्राचीन काल से वन्य प्राणियों के संरक्षण की भावना रही है। हमारी सभ्यता और संस्कृति में वन्य प्राणियों के प्रति प्रेम-भाव रहा है। इसलिए हमारे समाज में वन्य जीवों को पूज्य माना जाता है। वन्य जीवों तथा पक्षियों को मुद्राओं और भवनों पर भी चित्रित किया जाता रहा है।’ हमें आज इस भाव को नए सन्दर्भों में विकसित करना होगा। वन्य प्राणी संरक्षण के लिए बनाए गए अधिनियमों से अधिक आवश्यकता व्यापक नागरिक चेतना की है। गुणाकर मुळे ने सहज, सरल भाषा में इस आवश्यकता को रेखांकित किया है। अनेक चित्रों से सुसज्जित यह पुस्तक पर्यावरण के प्रति जागरूकता निर्माण के लिए बहुत ही उपयोगी है। हर आयु के पाठकों के लिए एक पठनीय पुस्तक।
Arithmetic For Teachers & Students
- Author Name:
Baalaraman Srinivasan
- Book Type:

- Description: The basic four Arithmetic processes i.e. Addition, Subtraction, Multiplication, and Division are taught to us in schools in just four methods i.e. one method for each process. But this book deals with 60+ different methods, covering the entire range of Arithmetic. With an open and unbiased mind, one may find every new method is easier and faster than the conventional method which he already knows. Some of the new methods may change the reader’s attitude towards mathematics to such an extent that one may find this most beautiful subject, very interesting and adorable. If any student or parent had an aversion towards this subject, it will definitely change. This book is a practical handbook to improve and enhance acumen for Mathematics amongst students, teachers and parents.
Tashkent Uttargatha "ताशकंद उत्तरगाथा" Book in Hindi
- Author Name:
Neerja Madhav
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hanumat Kautuk An Recap of Sunderkand Hanuman Stuti Book in Hindi
- Author Name:
Ramdhani Dwivedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bhopal Gas Trasadi Ka Sach
- Author Name:
Moti Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Share Market Guide
- Author Name:
Sudha Shrimali
- Book Type:

- Description: "शेयर मार्केट गाइड शेयर मार्केट विषय पर बाजार में कई पुस्तकें उपलब्ध हैं, परंतु लेखिका ने इस पुस्तक के द्वारा वित्तीय क्षेत्र के जटिल पहलुओं को स्पष्ट एवं सीधी-सरल भाषा में समझाने की कोशिश की है। शेयर बाजार की कार्य-प्रणाली, कमोडिटी मार्केट, म्यूच्युअल फंड्स तथा बाजार में प्रयोग की जानेवाली मुहावरेदार भाषा को व्याख्या सहित समझाया गया है। अच्छे ब्रोकर के चुनाव के लिए अपने सुझाव भी रखे हैं। पाठक की सुविधा के लिए बाजार को प्रभावित करनेवाले कारकों की व्याख्या, बाजार की ऐतिहासिक गिरावटों का जिक्र, असेट अलोकेशन एवं निवेश के लोकप्रिय तरीकों की चर्चा इस पुस्तक की विशेषता है। प्रस्तुत पुस्तक न केवल नए शुरुआती निवेशकों के लिए अपितु डिग्री कोर्स, अकेडेमिक सर्टिफिकेशन तथा प्रोफेशनल एग्जामिनेशन के छात्रों के लिए भी अच्छी गाइड बुक का कार्य करेगी। मुझे विश्वास है कि यह पुस्तक वित्तीय क्षेत्र की जानकारी चाहनेवालों की जिज्ञासाओं, संदेहों तथा प्रश्नों का निराकरण करेगी। संभावित निवेशक इस पुस्तक के द्वारा जानकारी प्राप्त करके वित्तीय बाजार में बेहतर विश्वास के साथ उतर सकेंगे। अंत में सबसे महत्त्वपूर्ण बिंदु यह है कि यह पुस्तक हिंदी में लिखी जाने के कारण देश के अनगिनत नियमित हिंदी पाठकों तक अपनी पहुँच बनाने में सफल होगी। —आनंद राठी (भूमिका से)
Krishna Sobti Ki Katha-Yatra
- Author Name:
Nand Bhardwaj
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी कथा-साहित्य में नारी चेतना के उन्मेष और स्त्री-अस्मिता के सन्दर्भ में जिन कथाकारों की प्रभावशाली भूमिका रही, उनमें कृष्णा सोबती का नाम बहुत आदर से लिया जाता है। वे इस अर्थ में भी विशिष्ट हैं कि उनका कथा-साहित्य स्त्री-अस्मिता से जुड़े सवालों से जूझने की नई दृष्टि और ऊर्जा देता है। उनके स्त्री-चरित्र जहाँ समाज की रूढ़ मान्यताओं, सड़े-गले क़ायदों और असंगत तौर-तरीक़ों को चुनौती देते हैं, वहीं अपनी सहज स्वतंत्रता के पक्ष में ऐसे सवाल भी खड़े करते हैं, जिनसे स्त्री के लोकतांत्रिक अधिकारों की हिमायत के साथ मानवीय सरोकारों का एक व्यापक धरातल निर्मित होता है।
‘कृष्णा सोबती की कथा-यात्रा’ पर केन्द्रित यह आलोचना कृति इस बात को विशेष रूप से रेखांकित करती है कि कृष्णाजी के रचनाकर्म को किसी ऐतिहासिक काल-खंड, भौगोलिक दायरों या सामयिक जीवन-यथार्थ के किन्हीं खास विषयों तक सीमित नहीं किया जा सकता। उनके कथा-साहित्य में हमारे समय-समाज की वास्तविकताओं और कमजोर होते पारिवारिक संबंधों के बीच स्त्री के साथ बढ़ते अमानवीय बरताव के विरुद्ध स्त्री-रचनाशीलता का जो संघर्ष उभरकर सामने आया है, वह स्त्री की भूमिका को और प्रभावशाली बनाता है।
उनके उपन्यासों में ‘डार से बिछुड़ी’ की पाशो, ‘मित्रो मरजानी’ की मित्रो, ‘सूरजमुखी अँधेरे के’ की रतिका, ‘तिन पहाड़’ की जया, ‘ज़िन्दगीनामा’ की शाहनी, चाची महरी और बिन्द्रा, ‘दिलो-दानिश’ की महक और छुन्ना, ‘ऐ लड़की’ की अम्मू और उनकी खुद्दार बेटी, ‘समय सरगम’ की आरण्या और उनकी लेखन यात्रा के अन्त में छपी कृति ‘चन्ना’ की कथानायिका चन्ना सरीखे स्त्री-चरित्र आज़ादी के बाद हिन्दी कथा-साहित्य में उभरती स्वायत्त स्त्री की जीती-जागती मिसाल हैं।
‘कृष्णा सोबती की कथा-यात्रा’ में कृष्णा सोबती की इसी संघर्षशील स्वायत्त स्त्री की छवि को उजागर करने का प्रयास किया गया है।
Jagadguru Shri Shankaracharya
- Author Name:
Deendayal Upadhyay
- Book Type:

- Description: "हमारे राष्ट्र निर्माताओं में जगद्गुरु श्री शंकराचार्य का स्थान बहुत ऊँचा है। कई विद्वानों ने तो उन्हें आधुनिक हिंदू धर्म का जनक ही कहा है। शंकराचार्य ने समस्त हिंदू-राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने एवं उसे संगठित करने का प्रयास किया। देश के चारों कोनों पर चार धामों के प्रति श्रद्धा केंद्रित करते हुए उन्होंने संपूर्ण भारतवर्ष की, मातृ-भू की मूर्ति जन-जन के हृदय पर अंकित कर दी। पंचायतन का पूजन प्रारंभ कर विभिन्न संप्रदायों को एक-दूसरे के आराध्य देवों के प्रति केवल सहिष्णुता का भाव ही नहीं तो सभी देवताओं के प्रति अपने इष्टदेव के माध्यम से वही श्रद्धा एवं आदर का भाव व्यक्त करने को प्रेरित किया, इसके अनुसार प्रत्येक पाँचों देवताओं—विष्णु, शुक्र, शक्ति, गणपति और सूर्य की पूजा करता है। अपनी श्रद्धा के अनुसार अपने इष्टदेव को बीच में तथा चारों ओर अन्य चार देवताओं को रखकर पूजन करने की उसे छूट है। चार धामों के समान ही उन्होंने समाज को धर्म मार्ग पर नियंत्रित एवं अनुशासित रखने के लिए चार शंकराचार्यों की अध्यक्षता में भारत के चारों कोनों में चार मठ स्थापित किए। —दीनदयाल उपाध्याय
20% Skills, 80% Mindset (Hindi Translation of 80% Mindset, 20% Skills) | Middle Class Mindset To Millionare Mindset
- Author Name:
Dev Gadhvi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kargil Yuddha कारगिल युद्ध | Hindi Translation of Nation First The Story Of A Kargil War Hero
- Author Name:
Shikha Akhilesh Saxena
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Dr. B.R. Ambedkar : True Leader, Not A False God
- Author Name:
Manoj Kumar Trivedi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Suno Bachcho, Meri Priya Kahaniyan (Hindi Translation of Collected Short Stories)
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: उस शाम हलकी सी ठंडी हवा चली और डींगीचोप्प्य पानी में तेज रफ्तार से चल पड़ी । “आखिर हम सामने जा रहे हैं ?'' कप्तान ने कहा। “गोल-गोल जा रहे हैं।'' श्री मगरिज ने कहा। परंतु हवा बहुत ताजगी भरी थी; हमारे जलते अंगों को ठंडक मिली और नींद में सहायक साबित हुई। आधी रात को मैं भूख के कारण जग गया। “तुम ठीक तो हो ?”' मेरे पिताजी ने पूछा, जो सारे वक्त जगे हुए थे। “केवल भूखा था।'' मैंने कहा। “और तुम क्या खाना चाहोगे ?'' “संतरे |“ वह हँसा--''खान-पान में कोई संतरे नहीं, परंतु मैंने अपने हिस्से की एक चॉकलेट तुम्हारे लिए रख ली थी; और थोड़ा पानी भी है, अगर तुम प्यासे हो तो।'' मैंने बहुत देर तक चॉकलेट अपने मुँह में रखी; कोशिश करके कि वह अधिक समय चले। उसके बाद मैंने चुस्की ले-लेकर पानी पिया। “क्या आपको भूख नहीं लगी?'' मैंने पूछा। भुक्खड़ों के समान! मैं तो पूरी तुर्केऊ खा सकता हूँ। जब हम बंबई जाएँगे या मद्रास या कोलंबो या जहाँ कहीं भी हम पहुँचेंगे, हम शहर के सबसे अच्छे रेस्तराँ में जाएंगे और ऐसे खाएँगे जैसे जैसे । -इसी पुस्तक से सुप्रसिद्ध कहानीकार रस्किन बॉण्ड की बाल कहानियाँ न केवल मनोरंजक होती हैं, बल्कि प्रेरणादायी भी | हर कहानी में बच्चों के लिए अनुकरणीय सीख अवश्य रहती है|
Namami Gramam
- Author Name:
Viveki Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Europe Ka Sanskritik Kendra FRANCE
- Author Name:
Ramesh Pokhriyal 'Nishank'
- Book Type:

- Description: This book doesn’t have any description
Sukhi Evam Samriddha Jeevan Jeene Ke 51 Saral Upaya
- Author Name:
Surya Sinha
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
DAMN HISTORY
- Author Name:
Govind Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book