Ant Abhi Shesh Hai
(0)
₹
250
₹ 200 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Awating description for this book
Read moreAbout the Book
Awating description for this book
Book Details
-
ISBN9789355719058
-
Pages120
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Network Marketing Judo, Jodo, Jeeto
- Author Name:
Dr. Ujjwal Patni
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aap Bhi Ban Sakte Hain Intelligent Investor
- Author Name:
Mahesh Chandra Kaushik
- Book Type:

- Description: एक स्मार्ट निवेशक को चाहिए कि वह अपने निवेश में विविधता रखे; क्योंकि विविधता आपको भविष्य में होनेवाले संभावित नुकसानों से बचा सकती है। स्मार्ट निवेशक कभी भी तर्कहीन मुनाफे की तलाश नहीं करता; बल्कि उसका ध्यान सुरक्षित, स्थिर व नियमित रिटर्न पर होता है। यदि आप स्मार्ट व बुद्धिमान निवेशक बनना चाहते हैं तो अपनी स्वयं की शोध पर भरोसा करें और बाजार में चल रही अफवाहों एवं टिप्स को पूरी तरह से नजरअंदाज करें। शेयर बाजार में अच्छा प्रदर्शन करनेवाली और बुरा प्रदर्शन करनेवाली कंपनियाँ होती हैं, परंतु वास्तव में अच्छे शेयर जैसी कोई चीज नहीं होती। शेयर का वह प्राइस अच्छा होता है, जिस पर उसका वैल्युएशन सस्ता और भविष्य में ग्रोथ की संभावना वाला हो। आपको शेयर बाजार में एक निवेशक की तरह कार्य करना चाहिए, न कि एक सट्टेबाज के रूप में। शेयर बाजार में आपको अपनी पूँजी को छोटे हिस्सों में बाँटकर निवेश करना आवश्यक है, ताकि आप कभी भी अपना सारा पैसा न गँवाएँ। स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव होता रहता है और निवेशक इस उतार-चढ़ाव का लाभ उठाना चाहते हैं। इसी वजह से आम निवेशक जब बाजार बढ़ रहा होता है, तब बाजार और भी बढ़ेगा, इस उम्मीद में महँगे दाम पर भी शेयर खरीद लेते हैं तथा जब बाजार गिरने लगता है तो वे स्टॉप लॉस की अवधारणा के कारण सस्ते में शेयर बेच देते हैं; परंतु ऐसा करके वे अपने आप को एक निवेशक की जगह सट्टेबाज में तब्दील कर देते हैं।
Shri Narayan Guru : Adhyatmik Kranti Ke Agradoot
- Author Name:
G. Gopinathan
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Secrets Of Breath
- Author Name:
Rajeev Saxena
- Book Type:

- Description: Breath is not merely a sign of life; it is complementary to and propeller of life. Our breath is behind all reactions happening inside our body. The same is also behind our emotion of anger, hate, frustration or jealously. Both peace of mind and lack of it are linked to the breath. In fact, all that happens in our lives and the outcomes of our actions or interactions are not only related to the breath but also because of it. This book illuminates the hidden ancient secret knowledge as told by lord Shiva and reveals how anything and everything that we do, is impacted by the subtle changes happening inside our body while we breathe. These changes can easily be felt by us in real life if we have this knowledge. The practices like meditation and yoga are incomplete without this knowledge. This book reveals how to lead a happy and successful life in the material world and also how to explore the path to the pinnacle of spiritual knowledge.
LOKKATHAYEN BIHAR KI
- Author Name:
SAKSHAM
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Desh Seva Ke Akhade Mein
- Author Name:
Smt. Surya Bala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Swayam Prakash ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Swayam Prakash
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Machis
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

-
Description:
साहित्य में मंज़रनामा एक मुकम्मिल फ़ॉर्म है। यह एक ऐसी विधा है जिसे पाठक बिना किसी रुकावट के रचना का मूल आस्वाद लेते हुए पढ़ सकें। लेकिन मंज़रनामा का अन्दाज़े-बयान अमूमन मूल रचना से अलग हो जाता है या यूँ कहें कि वह मूल रचना का इन्टरप्रेटेशन हो जाता है।
मंज़रनामा पेश करने का एक उद्देश्य तो यह है कि पाठक इस फ़ॉर्म से रू-ब-रू हो सकें और दूसरा यह कि टी.वी. और सिनेमा में दिलचस्पी रखनेवाले लोग यह देख-जान सकें कि किसी कृति को किस तरह मंज़रनामे की शक्ल दी जाती है। टी.वी. की आमद से मंज़रनामों की ज़रूरत में बहुत इज़ाफ़ा हो गया है।
‘माचिस’ का मंज़रनामा पंजाब के उन हालात का चित्रण करता है जब वहाँ आतंकवाद का साया किसी अभिशाप की तरह मँडरा रहा था। ऐसे में सच और झूठ के बीच फ़र्क़ करना बहुत मुश्किल था। युवा पीढ़ी दिग्भ्रमित थी और व्यवस्था उसे समझने में चूक कर रही थी। पंजाब की हरियाली उदास थी और वहाँ की उमंगें घायल। विडम्बनाओं के भँवर में उलझी ज़िन्दगियों की मर्मस्पर्शी दास्तान प्रस्तुत करता यह मंज़रनामा बहुत ख़ास है।
Havildar Abdul Hameed
- Author Name:
Major Rajpal Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Raghuvir Sahay Rachanawali : Vols. 1-6
- Author Name:
Raghuvir Sahay
- Book Type:

-
Description:
रघुवीर सहाय की रचनाएँ आधुनिक समय की धड़कनों का जीवन्त दस्तावेज़ हैं। इसीलिए छह खंडों में प्रकाशित उनकी रचनावली में आज का समय सम्पूर्णता में परिभाषित हुआ है। अपनी अद्वितीय सर्जनशीलता के कारण रघुवीर सहाय ऐसे कालजयी रचनाकारों में हैं जिनकी प्रासंगिकता समय बीतने के साथ बढ़ती ही जाती है।
‘फिर उन्हीं लोगों से’ शीर्षक रचनावली के इस पहले खंड में रघुवीर सहाय की 1946 से 1990 तक की प्रकाशित-अप्रकाशित सम्पूर्ण कविताएँ संकलित हैं। इस खंड में शामिल कविता-संग्रहों के नाम हैं : ‘सीढ़ियों पर धूप में’ (1960), ‘आत्महत्या के विरुद्ध’ (1967), ‘हँसो, हँसो जल्दी हँसो’ (1975 ), ‘लोग भूल गए हैं’ (1982), ‘कुछ पते कुछ चिट्ठियाँ ' (1989) तथा ‘एक समय था’ (1995)। इन संग्रहों के अलावा बाद में मिली कुछ नई अप्रकाशित कविताएँ भी इस खंड में हैं। संग्रह के परिशिष्ट में ‘यह दुनिया बहुत बड़ी है, जीवन लम्बा है', शीर्षक से रघुवीर सहाय की सैकड़ों आरम्भिक कविताएँ संकलित हैं। रघुवीर सहाय ने अपने जीवनकाल में ही अपनी आरम्भिक कविताओं का संग्रह तैयार किया था, लेकिन अब तक यह अप्रकाशित था। कवि के काव्य-विकास को समझने की दृष्टि से यह सामग्री अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। परिशिष्ट में ही रघुवीर सहाय की बरस-दर-बरस ज़िन्दगी का ख़ाक़ा और सैकड़ों वर्षों का उनका वंश-वृक्ष भी दिया गया है। अपने नए कथ्य और शिल्प के कारण रघुवीर सहाय ने हिन्दी कविता को नया रूप दिया है। इस खंड की कविताओं में आप उस नए रूप को आसानी से पहचान सकते हैं।
Raskapur
- Author Name:
Anand Sharma
- Book Type:

- Description: ‘‘इतिहास कथा-लेखन के दौरान इतिहास में साहसी-सामर्थ्यवान नारियों का अभाव मुझे रह-रहकर सालता था। एक प्रश्न हर बार उठता था कि मीराबाई, पन्नाधाय, हाडीरानी, कर्मवती आदि अँगुलियों पर गिनी जानेवाली नारियों के बाद, राजस्थान की उर्वरा भूमि बाँझ क्यों हो गई?’’ इस दिशा में खोज आरम्भ करने के चमत्कारी परिणाम निकले। एक-दो नहीं, दो दर्जन से भी अधिक नारी पात्र, इतिहास की गर्द झाड़ते मेरे सम्मुख जीवित हो उठे। ‘‘एक तवायफ के प्रेम में अनुरक्त हो, उसे जयपुर का आधा राज्य दे डालने वाले महाराजा जगतसिंह की इतिहासकारों ने भरपूर भर्त्सना की थी लेकिन वस्त्रों की तरह स्त्रियाँ बदलनेवाले अति कामुक महाराज का, एक हीन कुल की स्त्री में अनुरक्ति का ऐसा उफान, जो उसे पटरानी-महारानियों से पृथक, महल ‘रसविलास’ के साथ जयपुर का आधा राज्य प्रदान कर, अपने समान स्तर पर ला बैठाए, मात्र वासना का परिणाम नहीं हो सकता।’’ उपन्यास होते हुए भी रसकपूर अस्सी प्रतिशत इतिहास है, उपन्यास के सौ के लगभग पात्रों में केवल पाँच-सात नाम ही काल्पनिक हैं। –भूमिका से...
BHARTIYA DALIT SAHITYA AUR OMPRAKASH VALMIKI
- Author Name:
Edited By Gourinath
- Book Type:

- Description: Critic
Ek Kahani Lagataar
- Author Name:
Ram Darash Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Mohan Rakesh Rachanawali : Vols. 1-13
- Author Name:
Mohan Rakesh
- Book Type:

-
Description:
मोहन राकेश हिन्दी के सर्वाधिक ‘एक्सपोज़्ड’ रचनाकार माने जाते हैं। राकेश का जीवन और लेखन ‘घर’ नामक मृगमरीचिका के पीछे बेतहाशा भागते एक बेसब्र, बेचैन, व्याकुल और ज़िद्दी तलाश का पर्याय है।
रचनावली का यह पहला खंड—‘अन्तरंग’—उनके इसी ‘अपना आप’ पर केन्द्रित है। यह खंड लेखक के पेचीदा जीवन के बहिरंगी बहुरूपों को दिखाने के साथ–साथ अन्तरंग के गुह्य प्रदेशों के विचित्र रहस्य–लोक के गवाक्ष भी खोलता है। इसका पहला अंश अधूरा ‘आत्मकथ्य’ है। इसके बाद ‘चींटियों की पंक्तियाँ : ज़मीन से काग़ज़ों तक’, ‘देखो बच्चू!’ और मृत्यु से लगभग दो महीने पहले रजिन्दर पॉल द्वारा लिया गया एक ऐसा साक्षात्कार है, जो उनके उदास, असुरक्षित, अस्थिर एवं अकेले आरम्भिक जीवन की प्रामाणिक और दिलचस्प झाँकी प्रस्तुत करता है।
इस खंड के अन्त में 1950 से 1958 तक उनके द्वारा लिखी गई डायरी को रखा गया है। राकेश के अन्तर्विरोधी जटिल चरित्र एवं उनके साहित्य को सही परिदृश्य और उचित सन्दर्भ में समझने के लिए यह खंड महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
Kali Barf
- Author Name:
Chandrakanta
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Stri-Vimarsh : Vividh Pahlu
- Author Name:
Kalpana Verma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
GS Score State Of Indian Economy | GIST of The Indian Economy, Previous Year Economic Survey & Budget 2024-25
- Author Name:
Manoj K. Jha +1
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
JSSC JIS (CKHT) 2023 for Paper-1 (Language Hindi & English) & Paper-3 General Knowledge Guide (Hindi)
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Krishna Ki Atmatha Set of Eight Vols.
- Author Name:
Manu Sharma
- Book Type:

- Description: मनु शर्मा, एक प्रमुख भारतीय लेखक और कथाकार, ने साहित्य के विभिन्न रूपों में अपनी कला की श्रेष्ठता को साबित किया है। उनकी साहित्यिक योगदान का एक अद्वितीय हिस्सा है उनका समृद्ध रचना-संसार, जिसमें उन्होंने भारतीय भाषाओं में कई प्रमुख उपन्यासों को शामिल किया है। उनका उपन्यास "कृष्ण की आत्मकथा" एक अद्वितीय और विशाल रचना है जो भारतीय साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान धारित करता है। इस उपन्यास के माध्यम से, मनु शर्मा ने आध्यात्मिक और धार्मिक तत्वों को सुंदरता से जोड़कर एक मनोहर कहानी बनाई है।
Kanch Vigyani Dr. AtmaRam
- Author Name:
Sheogopal Misra
- Book Type:

- Description: "डॉ. आत्माराम ने सैन्य उपयोग हेतु ‘ऑप्टिकल काँच’ का निर्माण करके यह दिखा दिया कि भारतीय वैज्ञानिकों में प्रतिभा की कमी नहीं है। सामान्य ग्रामीण परिवार में जन्म लेकर अपनी कुशाग्र बुद्धि के बल पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भौतिक रसायन के जनक डॉ. नीलरत्न धर के निर्देशन में उन्होंने उच्च स्तरीय शोध डिग्री, डी.एस-सी. प्राप्त की और कलकत्ता जाकर ग्लास एंड सेरैमिक्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक बने। आगे चलकर वे देश की सर्वोच्च वैज्ञानिक अनुसंधान संस्था सी.एस.आई.आर. के निदेशक बने। डॉ. आत्माराम ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ के आदर्श व्यक्ति थे। उनकी सत्यनिष्ठा, कर्तव्य परायणता तथा सरलता बेजोड़ थी। वे एक तरह से गांधीवादी वैज्ञानिक थे। वे हिंदी के पुजारी थे। ‘वैल्थ ऑफ इंडिया’ का हिंदी अनुवाद उपलब्ध करानी की उनकी दूरदृष्टि के कारण ही कई खंडों वाले अंग्रेजी ग्रंथ का हिंदी संस्करण ‘भारत की संपदा’ का प्रकाशन उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि थी। डॉ. आत्माराम अणुव्रत महासमिति द्वारा ‘अणुव्रत सम्मान’ प्रदान किया गया था। वे आर्यसमाजी थे तथा प्रयागराज स्थित शताधिक वर्षों पुरानी संस्था ‘विज्ञान परिषद्’ के उन्नायकों में से थे। उनका परिचय उनके तमाम व्याख्यानों से प्रकट होता है, जो इस पुस्तक में संगृहीत है। विज्ञान में अभिरुचि रखनेवाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए पठनीय पुस्तक।"
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book