Achchhi Hindi Kaise Likhen
(0)
₹
595
476 (20% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
आप विद्यार्थी हैं, अध्यापक हैं, लेखक हैं, पत्रकार हैं या आम पाठक—यदि हिंदी पढ़ने-लिखने में आपकी थोड़ी भी रुचि है तो आपके काम की कुछ-न-कुछ मानसिक खुराक इस पुस्तक में जरूर मिलेगी। यों यह पुस्तक छात्र समुदाय को विशेष रूप से संबोधित है, पर अपने पूरे कलेवर में प्रायः हर वर्ग के हिंदी-प्रेमियों के लिए उपयोगी है। हिंदी की लिखत-पढ़त में लगे लोग इसे पढ़कर अपनी भाषा को प्रवाहमयी बना सकते हैं तथा रोजमर्रा के व्यवहार में होनेवाली अनेकानेक गलतियों को सुधार सकते हैं। विद्यार्थी वर्ग को विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी में इससे भरपूर मदद मिलेगी। इस पुस्तक की एक विशिष्टता यह भी है कि इसमें सृजनात्मक लेखन पर भी उपयोगी जानकारी दी गई है। ऐसे में लेखक-पत्रकार बनने की राह पर चल रहे लोगों को भी यह जरूर लुभाएगी। भाषा-विमर्श प्रायः उबाऊ विषय माना जाता रहा है; पर यह पुस्तक अपने तमाम अध्यायों में एकरसता को तोड़ती है। अलग-अलग चित्तवृत्तियों में लिखी होने के चलते, पुरानी हिंदी से लेकर नई हिंदी तक, कई तरह की भाषा की छटाएँ इस पुस्तक के पन्ने-दर-पन्ने पर दिखाई देंगी। इसका भी एक अलग आस्वाद होगा। आशा है, हिंदी भाषा के विमर्श में यह पुस्तक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Read moreAbout the Book
आप विद्यार्थी हैं, अध्यापक हैं, लेखक हैं, पत्रकार हैं या आम पाठक—यदि हिंदी पढ़ने-लिखने में आपकी थोड़ी भी रुचि है तो आपके काम की कुछ-न-कुछ मानसिक खुराक इस पुस्तक में जरूर मिलेगी। यों यह पुस्तक छात्र समुदाय को विशेष रूप से संबोधित है, पर अपने पूरे कलेवर में प्रायः हर वर्ग के हिंदी-प्रेमियों के लिए उपयोगी है। हिंदी की लिखत-पढ़त में लगे लोग इसे पढ़कर अपनी भाषा को प्रवाहमयी बना सकते हैं तथा रोजमर्रा के व्यवहार में होनेवाली अनेकानेक गलतियों को सुधार सकते हैं। विद्यार्थी वर्ग को विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी में इससे भरपूर मदद मिलेगी। इस पुस्तक की एक विशिष्टता यह भी है कि इसमें सृजनात्मक लेखन पर भी उपयोगी जानकारी दी गई है। ऐसे में लेखक-पत्रकार बनने की राह पर चल रहे लोगों को भी यह जरूर लुभाएगी।
भाषा-विमर्श प्रायः उबाऊ विषय माना जाता रहा है; पर यह पुस्तक अपने तमाम अध्यायों में एकरसता को तोड़ती है। अलग-अलग चित्तवृत्तियों में लिखी होने के चलते, पुरानी हिंदी से लेकर नई हिंदी तक, कई तरह की भाषा की छटाएँ इस पुस्तक के पन्ने-दर-पन्ने पर दिखाई देंगी। इसका भी एक अलग आस्वाद होगा।
आशा है, हिंदी भाषा के विमर्श में यह पुस्तक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Book Details
-
ISBN9789350484050
-
Pages368
-
Avg Reading Time12 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Duniya Ke Tanashahon Ki Dastan
- Author Name:
Vasindra Mishra
- Book Type:

- Description: तानाशाही प्रवृत्तियाँ कब और कैसे किसी देश में पैदा हो जाती हैं, इसको जानना और समझना आवश्यक है। किसी भी देश और वहाँ के नागरिकों को बदलती परिस्थितियों पर तीक्ष्ण दृष्टि रखते हुए सदैव सजग रहना चाहिए और साथ ही साथ ऐसे कदम उठाने चाहिए ताकि ऐसी प्रवृत्तियों को जड़ जमाने का अवसर ना मिले। इस पुस्तक में लेखक ने अपने लम्बे पत्रकारिता-जीवन में संचित अनुभव को शामिल करते हुए विभिन्न देशों में समय-समय पर पैदा हुईं परिस्थितियों का विश्लेषण करते जो तथ्यात्मक विवरण दिया है, वह निश्चित रूप से सराहनीय है। —विजय शंकर पांडे, आईएएस, पूर्व सचिव भारत सरकार तानाशाही केवल राष्ट्रीय नेता नहीं करते हैं, यह ग्राम प्रधान से लेकर के हम सब अपने कार्यस्थल और निवास में भी इसका बीजारोपण करते हैं। येन-केन प्रकारेण हम अपने अधीनस्थ और हम पर निर्भर रहने वाले लोगों का शोषण किस प्रकार कर सकते हैं, इस पुस्तक में यह भली-भाँति इंगित किया गया है। यह पुस्तक ना केवल विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अन्य सामान्य जन के लिए उपयोगी होगी, बल्कि इस विषय पर शोध करने वाले छात्रों के लिए भी बहुमूल्य साबित होगी। —डॉ विक्रम सिंह चांसलर, नोएडा इंटरनेशनल युनिवर्सिटी पूर्व डीजीपी, उत्तर प्रदेश जैसे-जैसे तानाशाहों के हाथ में सत्ता का केंद्रीकरण हुआ, उनका पतन शुरू हो गया। फलस्वरूप कुछ ने आत्महत्या किया, कुछ मारे गए और कुछ को देश छोडऩा पड़ा। लेकिन इस दौर में उन्होंने देश को तबाह कर दिया। वासिंद्र मिश्र की इस पुस्तक में भले ही तानाशाहों की कहानी मात्र कही गई है लेकिन पाठकों के लिए तानाशाही प्रवृत्तियों को समझने के लिए यह पुस्तक बहुत उपयोगी है। —चन्द्र भषण पाण्डेय पूर्व न्यायाधीश
Chandreshwar Karn Rachnawali Vol-I-5
- Author Name:
Edited By Shridharam
- Book Type:

- Description: लगभग 3000 पृष्ठों में संकलित प्रसिद्ध आलोचक चंद्रेश्वर कर्ण की रचनावली के पाँचों खंडो के मुख्य आकर्षण हैं : - हिंदी कहानी की भूमिका/आंचलिक हिंदी कहानी/कुछ और कहानी आलोचना/परिशिष्ट/गोदान : संवेदना और शिल्प/उपन्यासकार अश्क/कुछ और उपन्यास आलोचना/प्रेमचन्द/निराला/रामवृक्ष बेनीपुरी/ नागार्जुन/फणीश्वरनाथ रेणु/राजकमल चौधरी/सिद्धांत, विचार और विश्लेषण/हिन्दी की साहित्यिक विधाएँ/काव्यालोचना/नाट्यालोचना/लोक : जीवन, कला और संस्कृति/साक्षात्कार/कहानी/लघुकथा/महाभारत की कहानियाँ/झारखण्ड की लोककथाएँ/कविताएँ/संस्मरण, आत्मकथ्य, डायरी/पत्र
Katyayani Samvad
- Author Name:
Suryabala
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Interpretations Of The Shrimad Bhagwat Gita
- Author Name:
Mamta Mehrotra
- Book Type:

- Description: We all come to this earth with a purpose. Our existence itself is for going through new experiences, making inferences out of them, learning, and moving on. In fact, at every step, we are seekers of knowledge. We have to learn and move on to the next Gigha plane. This goes on in our world's journey of self-completion. The day we realise our purpose for existence on this earth, that very day we become enlightened, or the learned one. The irony is that unlike our yesteryear education, where Gurukul Parampara existed and every learning was associated with a blessing from Guru, education in today's parlance has become commercial and money-oriented. From Guru to Shishya, everyone is seeking education to make money out of it. Lost are the traditions, the value system, and the orientation in education. It is time that educationists and academicians give it a serious thought, and reorient and revamp our education system.
Think Like A Yogi | Ancient Indian Secrets for Long, Happy & Purposeful Life
- Author Name:
Rohit Mehra, IRS
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Cartoonon Mein Gandhi
- Author Name:
Shivanand Kamade
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Hamara Jeevan Hamari Yadein
- Author Name:
Dr. Ramanand
- Book Type:

-
Description:
भारतीय समाज लगातार बदल रहा है। भारतीय समाज के सीमांत पर बसे सामाजिक समूह लगातार आगे बढ़ रहे हैं। उनके आगे बढ़ने की कहानी, उन समूहों के नायकों के आगे बढ़ने की कहानी से जुड़ी हुई है। ऐसे समूहों के आगे बढ़ने के कई रास्ते हैं और वो इन कई रास्तों से चलकर विकास के चौराहे पर पहुँचते हैं।
इन रास्तों पर चलने में उनकी सबसे ज्यादा मदद उनकी आकांक्षाएँ करती हैं और इन आकांक्षाओं का निर्माण तरह-तरह के प्रेरणाओं से होता है।
इनके आगे बढ़ने की कहानी, इनकी स्मृतियों, संस्मरणों और आत्मवृतों में संरक्षित रहती हैं। हमारा जीवन, हमारी यादें परियोजना के तहत ऐसे ही सामाजिक चरित्र के संघर्ष की गाथा संकलित कर पाठकों के समक्ष सहज और सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
Nardiya Sanchar Neeti "नारदीय संचार नीति" (The Philosophy of Communication of the Narada) Book in Hindi
- Author Name:
Jay Prakash Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Aparajita "अपराजिता : कुंती की गाथा" Book in Hindi
- Author Name:
Ankur Mishra
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Jharkhand ke 50 krantikari | Coloring Book in Hindi
- Author Name:
Sanjay Krishna
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Shreshtha Hasya Vyangya Ekanki
- Author Name:
Kaka Hatharasi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
30 Years UPSC Prelims Civil Services Exam 2025 | IAS Prelims Topic-wise Solved Papers 1 & 2 (1995-2024) | General Studies & Aptitude (CSAT) MCQs | PYQs Previous Year Questions Bank Guide
- Author Name:
Team Prabhat
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Apni Sanskriti
- Author Name:
Madhav Govind Vaidya
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Kalpana Aur Chayawaad
- Author Name:
Kedarnath Singh
- Book Type:

- Description: Desc awaited
UPPSC Combined State/Senior Subordinate Services General Studies "सामान्य अध्ययन" Paper 1 and 2 Chapter Wise Solved Papers 1991-2023 (Hindi)
- Author Name:
Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS (AIR-49)
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Amirt
- Author Name:
Hare Krishna Jha
- Book Type:

- Description: समकालीन मैथिली कविताक एक टा महत्त्वपूर्ण स्तंभ हरे कृष्ण झाक गद्य-लेखन मात्रा मे कम अवश्य छनि, मुदा कविक गद्यक विशिष्टता सभ सँ भरल-पुरल आ विचारशील लेखनक लेल एक टा नीक बानगी जकाँ। एहि पुस्तक मे हिनक कुल सात गोट आलेख छनि जाहि मे सँ एक हुनक कविता-संग्रह 'एना त नहि जे'क भूमिका थिक आ से अपन कथ्य-शिल्प मे हुनक आत्मकथ्य सदृश्य लगैत अछि। एक टा आरो भूमिका अछि जे विटमनक कविताक अनूदित पोथी 'ई थिक जीवन' लेल लिखल गेल छल। एहि आलेख सँ विश्व कविताक परिप्रेक्ष्य मे कवि-अनुवादक हरे कृष्ण झाक दृष्टि केँ बढिय़ा जकाँ बुझल जा सकैछ। अंतिम आलेख हुनक एक टा भाषणक अविकल प्रस्तुति थिक शेष चारि टा लेख मैथिली आलोचनाक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि थिक। चारि मे सँ एक लेख थिक राजकमल चौधरीक कविता 'महावन' पर केंद्रित जे कि 'अंतिका'क राजकमल विशेषांक मे छपल छल आ कैक टा नव अर्थक संधान करैत ई लेख स्वतंत्र रूप सँ एक कविता पर केंद्रित आलोचनाक उत्कृष्ट आ विरल उदाहरण अछि। दोसर लेख धूमकेतुक प्रसिद्ध कथा 'छठि परमेसरी' पर केंद्रित मैथिली मे अपना तरह विशिष्ट प्रयास थिक। मनुक्खक जीवन धर्मक चक्र मे फँसि क' कोना लहूलुहान होइत अछि आ बजार तकर कोना दोहन करैत अछि, हरे कृष्ण जी तकर व्याख्या खूब गहींर जाक' सविस्तार कयलनि अछि। तकरा बाद रामकृष्ण झा 'किसुन' आ मायानंद मिश्रक कथा पर केंद्रित हुनक दू गोट महत्त्वपूर्ण आलोचनात्मक लेख छनि। जहिना सूझ-बूझ संग ओ किसुन जीक कथाक मर्म केँ बुझबाक प्रयास करैत छथि, प्राय: ओही आत्मीयता संग मायानंद मिश्रक कथाक सूक्ष्म पड़ताल सेहो करैत छथि। हरे कृष्ण झाक ई पुस्तक जत' हुनक विचार आ साहित्य-सरोकार केँ बुझै-जानैक कुंजी दैत अछि, ओतहि हुनक आलोचना भविष्यक आलोचक केँ बेसी ऊहिक संग काज करबाक लेल प्रेरित सेहो करैत अछि। —गौरीनाथ
BHARAT KI AANTARIK SURAKSHA EVAM AAPDA PRABANDHAN (INTERNAL SECURITY & DISATER MANAGEMENT) - UDAYBHAN SINGH
- Author Name:
Udyabhan Singh
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Lal Bahadur Shastri
- Author Name:
Sunil Shastri
- Book Type:

- Description: "लाल बहादुर शास्त्री भारत माँ के उन महान् सपूतों में से एक हैं, जिनके आह्वान पर देश उनकी उँगली की दिशा में चल पड़ता था। उनके सुपुत्र सुनील शास्त्री ने इस पुस्तक के जरिए देश के उन लाखों युवक-युवतियों को संबोधित किया है, जिन्हें सादगीपूर्ण जीवन की विशेषताओं के बारे में नहीं मालूम। गांधीजी ने खुद सादगीपूर्ण जीवन जिया और अपने अनुयायियों को इस तरह का जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। शास्त्रीजी ने भी वैसा ही जीवन जिया, जैसाकि वे अपने साथी भारतीयों से उम्मीद करते थे। वे उपदेश नहीं देते थे, बल्कि एक सच्चे मनुष्य की तरह ऐसा सीधा-सादा जीवन जीते थे, जिसे उनके संपर्क में आनेवाला व्यक्ति आसानी से अपना सकता था। निस्स्वार्थ समाज-सेवक, प्रतिबद्ध एवं संवेदनशील नेता, सशक्त, दृढ़ एवं भद्र प्रधानमंत्री की अपनी भूमिकाओं में उन्होंने साबित कर दिखाया कि वे महान् व्यक्ति थे। ‘जय जवान, जय किसान’ के उद्घोषक शास्त्रीजी के विचारों, मूल्यों और आदर्शों का परिचय देनेवाली यह प्रेरक जीवनी हर भारतीय का समुचित मार्गदर्शन करेगी। "
1000 Patrakarita Evam Jansanchar Prashnottari
- Author Name:
S.P. Chaitanya
- Book Type:

- Description: वर्तमान युग में जन-संचार माध्यमों की भूमिका का क्षेत्र काफी विस्तृत हो गया है । आजादी के बाद के साठ वर्षों में जीवन के हर क्षेत्र में बदलाव आया है । आज अखबार मित्रता करना भी सिखा रहे हैं । अखबार उपहार दिलाते हैं, विदेश की सैर कराते हैं और नकद इनाम भी दिलाते हैं ।पत्रकारिता एवं जन-संचार के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व बदलाव आया है । प्रिंट मीडिया की आज देश के कोने-कोने तक पहुँच है । खोजी पत्रकारिता एवं स्टिंग ऑपरेशन आज खूब लोकप्रिय हैं । प्रेस का दायरा एवं दायित्व बहुत बढ़ गए हैं । लोकतंत्र में पत्रकारिता यानी मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है ।आज की भागमभाग की जीवनचर्या में सभी के पास समय का अभाव है । दूसरे, आज हर क्षेत्र में प्रतियोगिता का बोलबाला है । इसी को ध्यान में रखकर पत्रकारिता जगत् की समस्त जानकारी वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के रूप में दी गई है । प्रस्तुत पुस्तक में जनसंचार के सिद्धांत प्रशिक्षण, पत्रकारिता का इतिहास, प्रिंट मीडिया, फोटो पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रेडियो, टी.वी., केबल चैनल, कंप्यूटर, इंटरनेट, प्रेस कानून, विज्ञापन, स्टिंग ऑपरेशन, जनसंपर्क इत्यादि से संबंधित एक हजार प्रश्न दिए गए हैं ।प्रस्तुत पुस्तक विभिन्न विश्व- विद्यालयों में पढ़ाए जानेवाले पत्रकारिता एवं जन-संचार के पाठ्यक्रमों के आधार पर तैयार की गई है । निश्चय ही यह विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं सामान्य पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकती है ।
Shri Ramakrishna Paramhansa
- Author Name:
Sirshree Tejparkhi
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book