Marg e Dawaam
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Book Details
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ISBN9788197050985
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Pages452
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Avg Reading Time15 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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डॉक्टर कालिंदी एक स्वयंसिद्धा लड़की है, जिसने अपने जीवन के झंझावातों से अपनी शर्तों पर मुक़ाबला किया। कुमाऊँ की स्त्री-शक्ति के सुदीर्घ शोषण और उसकी अदम्य सहनशक्ति और जिजीविषा का दस्तावेज़ यह उपन्यास नए और पुराने के टकराव और पुनर्सृजन की गाथा भी है। शिवानी की मातृभूमि अल्मोड़ा और उस अंचल के गाँवों की मिट्टी-बयार की गन्ध से भरी कालिंदी की व्यथा-कथा भारत की उन सैकड़ों लड़कियों की महागाथा है, जो आधुनिकता का स्वागत करती हैं, लेकिन परम्परा की डोर को भी नहीं काट पातीं। अपने पुरुष उत्पीड़कों और शोषकों के प्रति भी अनथक स्नेह-ममत्व बनाए रखनेवाली कालिंदी और उसकी एकाकिनी माँ अन्नपूर्णा क्या आज भी देश के हर अंचल में मौजूद नहीं?
An Angel : Once In Lifetime
- Author Name:
Soumya Srikant Pandhy
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An Angel By Soumya Srikant Pandhy
Vilakshan Shabda Chitra
- Author Name:
Purushottam Laxman Deshpande
- Book Type:

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‘‘नाम्यां, अबे गधे! मेरी शर्ट?’’ ‘‘मेरे शरीर में बराबर फिट हो गई।’’ नामू ने गठरी खोलकर कपड़े निकालते हुए कहा। ‘‘शर्म नहीं आती? रखे रहने दे वे कपड़े और चला जा।’’ ‘‘परंतु साहब, आपको नया कॉण्ट्रेक्ट मिला है, उससे आप दर्जन भर नई कमीज सिलवा सकते हो।’’ ‘‘अरे! लेकिन बिना पूछे कमीज को चोरी करना माने...?’’ गुस्से के मारे निर्देशक पूरा वाक्य ही नहीं बोल पा रहा था, क्योंकि गुस्से में शब्द ही नहीं सूझ रहे थे। ‘‘साहब, मैंने यदि चोरी की होती तो यह कमीज आपके सामने पहनकर आता क्या? आप ही बोलिए, पी.एल. साहब?’’ ‘‘अब मैं क्या बोलूँ? बेटा, दूसरे की शर्ट बिना पूछे अपनी मरजी से पहन लेना, क्या इसीलिए काम पर रखा है?’’ ‘‘अरे साहब, यह दुनिया सच्चे की नहीं है।’’ ‘‘सच्चे की दुनिया से तेरा क्या संबंध?’’ ‘‘मैंने तो एक संवाद बोल दिया है।’’ नामू अपने मन में कोई फिल्मी संवाद बोलना अच्छा समझता है, जो चतुराई का लक्षण है। इसी संग्रह से ——1—— प्रसिद्ध मराठी लेखक श्री पु.ल. देशपांडे विलक्षण शब्द-साधक थे। उनकी विशिष्ट भाषा-शैली और भावाभिव्यक्ति अप्रतिम है। यहाँ प्रस्तुत हैं उनके उकेरे कुछ विलक्षण शब्द-चित्र उन लोगों के, जिनसे उनका संपर्क आया और जिनसे उन्होंने कुछ जाना-सीखा।
Love 2 : A Sweet Poison
- Author Name:
Rajeev Pundir
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What’s love? Since the dawn of life itself, this question has continuously baffled humanity. And this puzzle has not been solved yet. This cannot because the day This abracadabra is known, the very purpose of life and to live will cease to exist. Therefore, the mystery must go on… this is such a factor that where some find it quite encouraging, inspirational, soothing like a balm for the day-to-day problems, and prepare them to strive hard against all odds of life; the others feel it worse even than poisoning them down and ruining their lives. However—people will continue to fall in love! Sixteen excellent writers have tried to explore the world of this governing force of life—love, through their unique stories. Grab this anthology par excellence and indeed, you’ll not only feel and love but—live them!!
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