🇮🇳 India’s home-grown full-stack ecosystem for Publishers, Authors, Writers, and Readers. 🎊🎊 Celebrate Your Language, Authors from Your Own Land, with Rachnaye!!! 🎊🎊 Enjoy 🎧 Audiobooks at Rachnaye, download the Rachnaye App from Play Store or App Store

Ganga Maiyya

Ships within 48 Hours

Free Shipping in India on orders above Rs. 1100


About the book

प्रस्तुत पुस्तक ‘गंगा मैया’ में भारतीय ग्रामीण जीवन-संघर्ष का जो सहज, स्वाभाविक और वास्तविक अंकन हुआ है, वह अन्यत्र दुर्लभ है। यही कारण है कि यह लघु उपन्यास आज विश्व कथा-साहित्य में हिन्दी कथा-साहित्य के प्रतिनिधि के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। अन्यान्य विदेशी भाषाओं में प्रकाशित होने के अतिरिक्त फ्रांसीसी तथा पुर्तगाली भाषाओं में प्रकाशित होनेवाली हिन्दी की पहली पुस्तक ‘गंगा मैया’ (1967-69) ही है। फ़्रांसीसी समीक्षकों ने इस उपन्यास की जो प्रशंसा की है, यह इसलिए अधिक महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि आज फ्रांसीसी कथा-साहित्य विश्व में सर्वोच्च स्थान पर प्रतिष्ठित है। हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों में ‘गंगा मैया’ कलेवर में सबसे छोटा है, किन्तु अपने आत्मिक सौष्ठव में यह उपन्यास महान है। यह हमारी गर्वोक्ति नहीं, विद्वान समीक्षकों की सामान्य उक्ति है। कथ्य, शिल्प और शैली में यह उपन्यास बेजोड़ माना गया है।

Read more

₹ 80

₹ 64 20% off

Available

Rachnaye membership

Pick a membership and see exactly what it gets you

  • 15 Free Deliveries
  • 1 Free Book up to ₹500 MRP

Format

Frequently bought together
Ganga Maiyya This book ₹64
Asha Kalindi Aur Rambha Bhairavprasad Gupt ₹295
Baandi Bhairavprasad Gupt ₹195
3 books selected ₹570 ₹554

100% Original

Fast Dispatch

Secure Payment

About the Book

प्रस्तुत पुस्तक ‘गंगा मैया’ में भारतीय ग्रामीण जीवन-संघर्ष का जो सहज, स्वाभाविक और वास्तविक अंकन हुआ है, वह अन्यत्र दुर्लभ है। यही कारण है कि यह लघु उपन्यास आज विश्व कथा-साहित्य में हिन्दी कथा-साहित्य के प्रतिनिधि के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।
अन्यान्य विदेशी भाषाओं में प्रकाशित होने के अतिरिक्त फ्रांसीसी तथा पुर्तगाली भाषाओं में प्रकाशित होनेवाली हिन्दी की पहली पुस्तक ‘गंगा मैया’ (1967-69) ही है। फ़्रांसीसी समीक्षकों ने इस उपन्यास की जो प्रशंसा की है, यह इसलिए अधिक महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि आज फ्रांसीसी कथा-साहित्य विश्व में सर्वोच्च स्थान पर प्रतिष्ठित है। हिन्दी के सर्वश्रेष्ठ उपन्यासों में ‘गंगा मैया’ कलेवर में सबसे छोटा है, किन्तु अपने आत्मिक सौष्ठव में यह उपन्यास महान है। यह हमारी गर्वोक्ति नहीं, विद्वान समीक्षकों की सामान्य उक्ति है। कथ्य, शिल्प और शैली में यह उपन्यास बेजोड़ माना गया है।

Book details

Fast dispatchShips within 48 hours
Secure paymentOnline, or cash on delivery on eligible orders
100% OriginalGenuine copy from Rajkamal Prakashan Samuh
Format
Paperback
Publisher
Rajkamal Prakashan Samuh
Edition
2nd
Publication year
2013
Weight
146 grams
ISBN-13
9788180317460
Pages
128
Reading time
~4 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 21 cm
Language
Hindi

Recommended for you

Customer reviews

Be the first to write a review

Read this one? Tell other readers what you thought about the story, the translation and the print.

Offers

Loading offers…

whatsapp