Family Health Guide
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"कहा गया है—एक सेहत हजार नियामत। अच्छा स्वास्थ्य किसी वरदान से कम नहीं है। स्वास्थ्य अच्छा रखने के लिए हमें ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जो हमें रोगी बनाए, अर्थात् हमें ‘इलाज से बेहतर बचाव’ की नीति का पालन करना चाहिए। लेकिन आज के विषम माहौल में कोई-न-कोई रोग, व्याधि हमें जब-तब आकर घेर लेती है—तब हम क्या करें? तब इस पुस्तक की मदद लें, जिसमें पूरे परिवार को स्वस्थ रखने के सटीक उपाय दिए गए हैं। साथ ही यह भी बताया गया है कि हम सुदीर्घ-स्वस्थ जीवन कैसे पा सकते हैं। यह आपको ऐसे सरल घरेलू उपाय बताती है कि आप उन्हें स्वयं आजमाकर स्वस्थ परिवार, समाज और देश का निर्माण कर सकते हैं। सामान्य रोगों और उनके उपचार की पूरी जानकारी सरलता से समझी और अपनाई जा सकनेवाली विधि से बताई गई है। पूरे परिवार के सुदीर्घ-स्वस्थ जीवन के लिए एक प्रामाणिक और व्यावहारिक ‘फैमिली हैल्थ गाइड’। "
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"कहा गया है—एक सेहत हजार नियामत। अच्छा स्वास्थ्य किसी वरदान से कम नहीं है। स्वास्थ्य अच्छा रखने के लिए हमें ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जो हमें रोगी बनाए, अर्थात् हमें ‘इलाज से बेहतर बचाव’ की नीति का पालन करना चाहिए। लेकिन आज के विषम माहौल में कोई-न-कोई रोग, व्याधि हमें जब-तब आकर घेर लेती है—तब हम क्या करें?
तब इस पुस्तक की मदद लें, जिसमें पूरे परिवार को स्वस्थ रखने के सटीक उपाय दिए गए हैं। साथ ही यह भी बताया गया है कि हम सुदीर्घ-स्वस्थ जीवन कैसे पा सकते हैं। यह आपको ऐसे सरल घरेलू उपाय बताती है कि आप उन्हें स्वयं आजमाकर स्वस्थ परिवार, समाज और देश का निर्माण कर सकते हैं। सामान्य रोगों और उनके उपचार की पूरी जानकारी सरलता से समझी और अपनाई जा सकनेवाली विधि से बताई गई है। पूरे परिवार के सुदीर्घ-स्वस्थ जीवन के लिए एक प्रामाणिक और व्यावहारिक ‘फैमिली हैल्थ गाइड’।
"
Book Details
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ISBN9789383111336
-
Pages232
-
Avg Reading Time8 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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Description:
स्पेन के युगान्तरकारी कथाकार कामीलो ख़ोसे सेला के ‘पास्कुआल दुआर्ते का परिवार’ को वर्ष 1989 के ‘नोबेल साहित्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था।
यह उपन्यास एक ऐसे सांस्कृतिक माहौल में सामने आया जब स्पेनी पाठक अपनी सामाजिक संघटना के किसी ऐसे पुनर्लेखन के लिए क़तई तैयार नहीं था जो कैथोलिक स्पेन की ‘शुद्धता’, परिवार की ‘पवित्रता’, सामाजिक वर्गीकरण के ‘परोपकारी स्वभाव’ जैसी परिभाषाओं के विरुद्ध हो। लेकिन सेला के उपन्यास ने यूरोपीय टूरिस्टों को निर्यात किए जानेवाले फ़्राको के पौराणिक स्पेन की अतिकल्पनाओं का बख़ूबी पर्दाफ़ाश किया। मध्यकालीन दुर्ग, पैर पटकते हुए बंजारा नर्तक-नर्तकियाँ, सजीली पोशाकों में तने हुए बुल फ़ाइटर, ख़ुशहाल परिवार, गोद में शिशु सँभाले माता मेरी जैसी ममतामयी माँएँ—इन सबका पास्कुआल दुआर्ते जैसे संघर्षरत अनेक लोगों के दैनिक जीवन से कोई सम्बन्ध नहीं था। हालाँकि ‘पास्कुआल दुआर्ते’ का स्पेन परम्परावादी और पौराणिक स्पेन नहीं है, लेकिन उसकी भाषा में स्पेन की परम्परा और स्पेन के गाँवों-शहरों की मिट्टी की गन्ध है। इसीलिए उसमें असीम शाब्दिक ऊर्जा है। संक्षेप में, ‘पास्कुआल दुआर्ते’ का निष्ठुर यथार्थवाद तत्कालीन स्पेनी जीवन की भयावहता का ज़बर्दस्त खुलासा करता है। यही कारण है कि स्पेनी साहित्य में सेरवांतेस के महान उपन्यास ‘दोन किख़ोते’ के बाद ‘पास्कुआल दुआर्ते’ को ही सबसे ज़्यादा पाठक मिले हैं।
Coronasur
- Author Name:
Satish Jadhav
- Book Type:

- Description: Coronasur by Satish Jadhav
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