Common Man Watches Cricket
(0)
₹
250
₹ 205 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
From financial crises to the woes of householders, from political instability to rampant corruption, Laxman's cartoons capture the entire gamut of contemporary Indian experience. Hilarious and thought-provoking at the same time, this is a treasure house of humour from one of the most striking voices commenting on Indian socio-political life today. This is a revised edition of the original published in 1998.
Read moreAbout the Book
From financial crises to the woes of householders, from political instability to rampant corruption, Laxman's cartoons capture the entire gamut of contemporary Indian experience. Hilarious and thought-provoking at the same time, this is a treasure house of humour from one of the most striking voices commenting on Indian socio-political life today. This is a revised edition of the original published in 1998.
Book Details
-
ISBN9780140299328
-
Pages224
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Vyangya Saptak Lalitya Lalit
- Author Name:
Lalitya Lalit
- Rating:
- Book Type:

- Description: Book
Hasya Vinod Ki Kahaniyan
- Author Name:
Ruskin Bond
- Book Type:

- Description: मैंने अपनी जिंदगी में बंबई को मुंबई, कलकत्ता को कोलकाता और मद्रास को चेन्नई बनते देखा। समय बदला, नाम बदला और अब अगर बॉण्ड बदलकर बोंडा हो जाए तो मुझे कोई ऐतराज नहीं होगा।’ इन पंक्तियों के साथ शुरू होता है उत्कृष्ट लेखक रस्किन बॉण्ड की रचनाओं का एक और अद्भुतसंकलन। साधारण स्थितियों की बेमिसाल समझ और तीक्ष्णता के साथ देखने की योग्यता के साथ रस्किन बॉण्ड हमें अपने घर, अपने गाँव और अपनी जिंदगी में झाँकने को आमंत्रित करते हैं। बंदरों, बनैले सुअरों, फूलों से डरनेवाली आंटी, खुद को महान् क्रिकेटर रणजी समझने वाला सनकी भतीजा और सात वर्षीय गौतम जैसे लोगों के साथ यह संकलन हर उम्र के पाठकों को दिलचस्प लगेगा। हास-परिहास, व्यंग्य-विनोद के विविध रंगों से सजा रोचक कहानियों का पठनीय संकलन।
Common Man Tackles Corruption
- Author Name:
R K Laxman
- Rating:
- Book Type:

- Description: The Common Man Tackles Corruption
Panchwa Stambh
- Author Name:
Jayjeet Jyoti Aklecha
- Book Type:

- Description: नए प्रयोगों का साहस व्यंग्य बहुत लिखा जा रहा है, पर क्या सच में व्यंग्य बहुत लिखा जा रहा है? व्यंग्य के नाम पर झऊआ भर के शब्द ठेलने का प्रचलन इतना ज़्यादा हो गया है कि अब वही व्यंग्य बहुतायत में हैं। व्यंग्य में नए प्रयोगों की क्षमता, साहस और विवेक अब विकट तरह से अनुपस्थित दिखता है। जयजीत अकलेचा उन बहुत कम व्यंग्यकारों में है, जिनके पास व्यंग्य के नए प्रयोगों की क्षमता, साहस और विवेक सब है। 'पाँचवा स्तंभ' में जयजीत जो कुछ रचते हैं, उसका एक सिरा पत्रकारिता से और दूसरा सिरा साहित्य से जुड़ता है। इस व्यंग्य संग्रह में एक बहुत सशक्त रचना है- 'नो वन किल्ड कोविड पेशेंट'। इन पंक्तियों पर ध्यान दीजिए- 'सरकार ने संसद में बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में कोई भी व्यक्ति ऑक्सीजन की कमी से नहीं मरा। कल इंजेक्शन की कमी से कोई ना मरेगा, तो स्साला आदमी मरेगा कैसे?' इसी तरह नीरो की ऐतिहासिक बंसी से इंटरव्यू भी एक विशिष्ट प्रयोग है।फ़ॉर्म और कथ्य के स्तर पर नवोन्मेष रचनात्मक कामों में ज़रूरी है। एक ही ढर्रे पर कही गई बात अपनी अर्थवत्ता खोती जाती है। हम सब व्यंग्यकारों को जयजीत से सीखना चाहिए कि नए-नए फॉर्म में अपनी बात कैसे रखी जाए। -आलोक पुराणिक (नए प्रयोगों के अग्रणी व्यंग्यकार )
Vyangya Ke Nepathey
- Author Name:
Prem Janmejay
- Book Type:

- Description: Book
Ek Sham Hari Ghas Par
- Author Name:
Kamlanath
- Book Type:

- Description: This book has no description
The Talking fish and other folktales
- Author Name:
Kamini Gayakwad
- Book Type:

- Description: Explore a world of enchanting stories in "The Talking Fish and Other Folktales." Meet Chand the goldsmith, learn the lessons a wise For Me imparts to lazy sons, discover the rabbit's clever sea-crossing trick, and unravel the playful deceptions between Nanduka and Lakshahinang. Touch the elephant with Blind Men and grasp diverse perspectives. Beautifully illustrated, this book promises answers to intriguing questions, creating a delightful journey through folklore's rich tapestry. Immerse yourself in captivating tales that entertain, educate, and leave an indelible mark. Perfect for all ages, this collection is a magical addition to your literary treasures.
Fursatiye
- Author Name:
Mukesh Nema
- Book Type:

- Description: सब चौसठ की एक बरसती रात में दस सितंबर को मैं केसली जिला सागर में पैदा हुआ। केसली में इसलिये पैदा हुआ क्योंकि पिताजी सरकार की नौकरी कर रहे थे। बाद में वे नौकरी बदल कर खंडवा चले गये तो स्कूली शिक्षा-दीक्षा खंडवा मे हुई। पिताजी की देखा-देखी पढ़ने में दिलचस्पी जगी। बचपन की हर शाम खंडवा में माणिक्य वाचनालय में गुज़री किताबें पढ़ने के अलावा कुछ किया ही नहीं मैंने। कॉलेज की पढ़ाई नरसिंहपुर मे हुई और तेईस साल में सरकारी अफ्रसर हो गया। आजकल एडीशनल कमिश्रर एक्साइज़ म.प्र. हूँ और जीवन ठीक-ठीक बीत रहा है। आमतौर पर एक बार सरकार की नौकरी पा जाने के बाद आप निकाले नहीं जाते। आपको अपनी रोटी की चिंता करना नहीं होती, ऐसे में सरकारी नौकरी अच्छी छोकरी दिलवाती है। जिंदगी सुख से बीतती है। आप वह सब कुछ कर सकते हैं, जो आप करना चाहते हैं। सरकारी नौकरी के इन तमाम फ़ायदों के मज़े लूटने के बावजूद मैंने जीवन भर उतनी ही नौकरी की हमेशा, जितने में काम चल जाये। आप कम काम करते हैं तो कम ग़लतियाँ करते हैं और कम ग़लतियाँ करने वाला सरकारी आदमी हमेशा सुखी बना रहता है। कम काम करने का एक फ़ायदा और है। आपके पास वक़्त की। कमी नहीं होती। मैंने इस वक़्त का इस्तेमाल घूमने-फिरने, दुनिया और लोगों को समझने के अलावा फेसबुक पर लिखने-पढ़ने में किया। 'साहबनामा' व्यंग्य-संग्रह और 'तुम्हारी हँसी सदानीरा' काव्य संग्रह के बाद मेरी तीसरी किताब है यह। यह भी फुरसत के वक़्त में की गई लिखा-पढ़ी का ही नतीजा है। मैं उम्मीद करता हूँ, इसे आप पढ़ेंगे और यह आपको पसंद आयेगी।
Hell & Heaven
- Author Name:
Shreeji
- Book Type:

- Description: Suddenly we heard a scream, a sound of pure agony which ripped through our senses as we ran towards the sound, we were disgusted to see them eating so madly. Suddenly, a bone under her foot cracked, which caused the giant creatures to turn. around, she expected them to run towards us or take out their swords from their waist, but her eyes widened as she saw bright red blood running down their chin, their eyes dull and lifeless like empty shells and then Anestasia's and other's blood ran cold as they saw Henry's leg and Olivia's arm in their hands their body on their plates mouth open and eyes white.
Hathi Ka Baccha
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Dum Ki Darkar
- Author Name:
Shiv Sharma
- Book Type:

- Description: दुम की दरकार—डॉ. शिव शर्मादुमदार प्राणियों को देखकर लगता है कि काश, हमारे पास भी एक दुम होती। जिन प्राणियों के पास होती है, वे शिखर तक पहुँच जाते हैं और दुम-विहीन सड़कों पर ही रेंगते रहते हैं। आज भर्तृहरि एवं तुलसीदास होते तो यह कदापि नहीं लिखते कि साहित्य, संस्कृति, कला-विहीन प्राणी, पुच्छ-विहीन पशु के समान होते हैं। आपके पास दुम नहीं है तो आपको किसी भी राजप्रासाद में प्रवेश नहीं मिलेगा। दुम आपकी निष्ठा की पहचान है, अन्यथा आप अपने कैरियर में सड़ते रहेंगे। यदि आप किसी दल में हैं और नेता के समक्ष अपनी दुम नहीं हिलाई तो मंत्री-विधायक क्या, जीवन भर कार्यकर्ता या स्वयंसेवक बने जाजम बिछाते रहेंगे। अभी तक विचारधारा एवं पार्टी के प्रति निष्ठा व्यक्त करनी पड़ती थी, अब नेता के प्रति भी करनी लाजिमी है। —इसी संग्रह से सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार डॉ. शिव शर्मा के व्यंग्य अपने परिवेश के समसामयिक विषयों एवं समाज की विसंगतियों, विद्रूपताओं एवं अन्यमनस्कता पर करारी चोट करते हैं। मनोरंजन से भरपूर ये व्यंग्य एक ओर पाठक को गुदगुदाते हैं तो दूसरी ओर उसके मानस को उद्वेलित किए बिना नहीं रहते।
The Blind Vulture & Other Fables
- Author Name:
Kamini Gayakwad
- Book Type:

- Description: The blind vulture was amused by the flattery of the cat and allowed it to come to its nest, what was the result of this? The jackal ran as fast as he could, and not looking where he was going fell into a bucket of indigo dye. He dyed blue, and because of this colour he became the king of the jungle, But what happened after that? The sage turned the mouse into a wolf, then what did the wolf do? An old lion is luring a man with a bracelet. What will man do on this? These stories teach that even a weak person can beat the big ones by using intelligence. And a mighty can be ruined by his own stupidity.
Neta Banam Aaloo
- Author Name:
Alok Puranik
- Book Type:

- Description: रिश्तों से लेकर फरिश्तों तक सबकुछ बाजार की चपेट में है। बाजार सिर्फ वही नहीं है, जहाँ वह दिखता है। बाजार अब घर के अंदर के रिश्तों में पसरा हुआ है, अमेरिका सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं, भारत में कई अमेरिका फल-फूल रहे हैं। कुल मिलाकर पंद्रह-बीस सालों में व्यंग्य के नए विषय और आयाम सामने आए हैं। प्रस्तुत संग्रह में आपको ऐसे व्यंग्य मिलेंगे, जिन्हें देखकर आप कह उठेंगे, अरे! इस विषय पर भी व्यंग्य हो सकता है क्या!
Angootha Chhap Hastakshar
- Author Name:
Ravi Sharma 'Madhup'
- Book Type:

- Description: फ्लैप मैटर-1 इस व्यंग्य संकलन की रचनाओं को पढ़कर मैं कह सकता हूँ कि डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ में विसंगतियों को पहचानने का माद्दा है। रचना में प्रत्येक शब्द उचित जगह पर प्रयोग करना उनकी खूबी है, इसलिए उनके व्यंग्य चाहे कथा हैं या लेख, वे सफल व्यंग्य हैं। —डॉ. शेरजंग गर्ग वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ ने विभिन्न विषयों पर अपने व्यंग्य-बाण चलाए हैं। उनके तरकश का सैंसेक्स काफी बढ़ता नजर आया है। जुगाड़, तिकड़म और चलते पुर्जों का जोर, लोकतांत्रिक शक्तियों की तानाशाही, समाजवादी अभिलाषाओं का असामाजिक होना, नई पीढ़ी की त्रिशंकुता और बुद्धिजीवियों का पलायनवाद—वे मुख्य मुद्दे हैं, जो इस व्यंग्य संकलन में उभरे हैं। समाज की नब्ज़ को पकड़ते और पढ़ते रहने की आदत ने डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ के व्यंग्यकार के कद को यकीनन बड़ा किया है। वे अपने सामाजिक सरोकारों से रूबरू होते हैं, इसका प्रमाण उनके सामाजिक विश्लेषण देते हैं। उनके लेखन में सूक्तियाँ बड़ी मारक होती हैं। इस संकलन में भी ये प्रभावित करती दिख रही हैं। व्यंग्यकार को अनेक शैलियाँ अपनाने की छूट होती है। डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ ने यह छूट लूट ली है—अनेकानेक शैलियों में कथ्य को बाँधा, कुछ अपनी शैली भी निर्मित की है। यह साधुवाद की बात है। —डॉ. हरीश नवल, प्रतिष्ठित व्यंग्यकार फ्लैप-2 डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ के इस व्यंग्य संकलन में उनका विषय-वैविध्य बहुत प्रभावित करता है। उनका शिल्प पक्ष बेजोड़ है। कई जगह वे ऐसे अनूठे प्रयोग करते हैं कि पाठक चौंक जाता है। वक्रोक्ति और वाग्वैदिग्ध्य का प्रभावी मिश्रण इस संकलन की उल्लेखनीय विशेषता है। डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ व्यंग्य निबंधों की अपेक्षा व्यंग्य कथा लिखने में अधिक सहज हैं। इस संकलन में उनकी जो व्यंग्य कथाएँ हैं, वे उच्च कोटि की हैं। —डॉ. सुभाष चंदर प्रसिद्ध व्यंग्यालोचक डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ के इस व्यंग्य संकलन से गुजरते हुए एक बात जो लगातार महसूस होती रही है, वह यह है कि वे सांस्कृतिक सवालों से इतर सामाजिक-प्रशासनिक, यहाँ तक कि कहीं-कहीं राजनीतिक सवालों तक में भी अपनी दृष्टि-संपन्नता का कुछ-कुछ परिचय अवश्य देते रहे हैं। बेशक सोच का यही आधार परिपक्व होने पर इस दमनचक्र को तोड़ने में कारगर भूमिका का निर्वाह भी करेगा। डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’ अपनी प्रवाहमयी, सरस, रोचक शैली से पाठकों को अभिभूत करने के साथ बाँधने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। उनका यह प्रकाश्य व्यंग्य संकलन अपने कथ्य की ताजगी और उक्ति-वैचित्र्य की जीवंतता से आम पाठक को सम्मोहित करने में सफल होगा। —राजेंद्र सहगल प्रसिद्ध व्यंग्यकार
Mile Latth Mera Tumhra
- Author Name:
Rajiv Taneja
- Book Type:

- Description: humour
Teddy Evam Anya Kahaniyan
- Author Name:
Pragya Mishra
- Book Type:

- Description: यह पांच कहानियों का संकलन है। इस किताब में अच्छी सीख और कहानियाँ हैं। हर कहानी आपको हँसाएगी, सिखाएगी और ऐसे रास्ते दिखाएगी, जिन्हें सिर्फ़ लिटरेचर ही दिखा सकता है। ये कहानियाँ बच्चों में साहस, समझदारी, प्रकृति-प्रेम और कल्पनाशीलता की कलात्मक खेती हैं। जब बैग में रसदार फल की ख़ुशबू पाकर भालू माशा की ओर बढ़ने लगा तो उसने बचने के लिए क्या किया? और राजू ने अपने दोस्त खच्चर के लिए क्या किया जब उसे किसी व्यापारी को बेंच दिया गया? क्या दोनों आज़ाद हो पाये? डूबती हुयी चींटी को बचाने के लिए नीलकंठ ने महुए का एक पत्ता गिरा दिया। यह नीलकंठ और चींटी की दोस्ती की शुरुआत थी। लेकिन यह मिसाल कैसे बनी? निश्चय ही आप इनका जवाब चाहते होंगे पर जवाब तो ये कहानियाँ ही देंगी!
The Elephant's Child
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description: Awaiting description
Halke-Phulke
- Author Name:
Pradeep Choubey
- Book Type:

- Description: हल्के-फुल्के में दीर्घकाय रचनाएँ चंद ही हैं, ये मजाक की संजीदगी को परत-दर-परत, आहिस्ता-आहिस्ता उघाड़ती हैं। इनमें ‘भुखमरे’ और ‘साठवाँ’ खास तवज्जुह की डिमांड करती हैं। व्यक्तिगत त्रासदी किस तरह अनुभूति की गहराई में उमड़-घुमड़कर सामुदायिक विडंबना को रूपाकर दे सकती है, इसका उम्दा नमूना। और अंत में, दो बिल्कुल अलग तरह की रचनाओं का जिक्र न करना नाइनसाफी होगी। ये दोनों हिंदुस्तानी सिनेमा के प्रति उनके गहरे लगाव और समझ की नायाब मिसाल हैं। एक, हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णकालीन जादूगर ओ.पी. नैयर का इंटरव्यू यह ‘अहा! जिंदगी’ के अक्तूबर 2006 के अंक में प्रकाशित हुआ था। संयोग की विडंबना कि जनवरी 2007 में नैयर साहब का इंतकाल हुआ। यह उनकी जिंदगी का आखिरी इंटरव्यू है, जो उनकी पर्सनैलिटी के मानिंद ही बिंदास है। सिने-संगीत का वह करिश्मासाज संगीतकार, जिसने सार्वकालिक मानी जानेवाली गायिका भारत-रत्न लता मंगेशकर की आवाज का कभी इस्तेमाल नहीं किया। तब भी स्वर्ण युग में अपनी यश-पताका फहराकर दिखाई। दूसरी रचना है छह दशक पूर्व प्रदर्शित हुई राजकपूर निर्मित विलक्षण कृति ‘जागते रहो’ की रसमय मीमांसा। यह रचना ‘प्रगतिशील वसुधा’ के फिल्म-विशेषांक हेतु उनसे लिखवाने का सुयोग मुझे ही हासिल हुआ था। वहाँ वे कृति के मार्मिक विश्लेषण के साथ ही कृतिकार और समूचे सिनेमा से अपने अंतरंग लगाव का बेहद दिलचस्प, बेबाक बयान करने से भी नहीं चूकते। मुझे यकीन है कि रसिक पाठक इस पुरकशिश किताब का भरपूर लुत्फ उठाएँगे। —प्रह्लाद अग्रवाल सतना, 15 अगस्त, 2017
Batakh Ka Anokha Baccha
- Author Name:
Kamini Gayakwad
- Book Type:

- Description: यह बतख के एक अनोखे बच्चे की कहानी है। अलग दिखने के कारण उसे अपने भाई-बहनों के गुस्से का सामना पड़ता है। वह दुखी होकर दूर चला जाता है। लेकिन एक दिन वह खुद को पहचान लेता है । कौन है वह ?
Buddhijeevi Sammelan
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: This book has no description
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book