Udne Wala Phool
(0)
₹
175
₹ 145.25 (17% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
उपासना की यहाँ प्रस्तुत रचानाएँ विधाओं के बीच आवाजाही का सुन्दर उदाहरण हैं। ये फ़्लैश फिक्शन के नज़दीक नज़र आती हैं लेकिन इनमें कविता, संस्मरण और स्केच की छायाएँ भी आती जाती दिखती हैं। इनमें ऐसे क्षणों को कोमलता से दर्ज किया गया है जो अन्यथा देखने से छूट जाते हैं। अछूती बिम्बात्मकता के बावजूद ये सरल भी हैं, बहुलार्थक भी। इनसे गुज़रकर पाठक के देखने और सोचने का तरीक़ा वह नहीं रह जाता, जो इससे पहले था। उसमें स्मृति के प्रति थोड़ी रागात्मकता बढ़ जाती है, दृष्टिकोण में कुछ अपरिचित आयाम जुड़ जाते हैं।
Read moreAbout the Book
उपासना की यहाँ प्रस्तुत रचानाएँ विधाओं के बीच आवाजाही का सुन्दर उदाहरण हैं। ये फ़्लैश फिक्शन के नज़दीक नज़र आती हैं लेकिन इनमें कविता, संस्मरण और स्केच की छायाएँ भी आती जाती दिखती हैं। इनमें ऐसे क्षणों को कोमलता से दर्ज किया गया है जो अन्यथा देखने से छूट जाते हैं। अछूती बिम्बात्मकता के बावजूद ये सरल भी हैं, बहुलार्थक भी। इनसे गुज़रकर पाठक के देखने और सोचने का तरीक़ा वह नहीं रह जाता, जो इससे पहले था। उसमें स्मृति के प्रति थोड़ी रागात्मकता बढ़ जाती है, दृष्टिकोण में कुछ अपरिचित आयाम जुड़ जाते हैं।
Book Details
-
ISBN9789348497154
-
Pages56
-
Avg Reading Time2 hrs
-
Age0-11 yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Gulistan
- Author Name:
Shiekh Saadi
- Book Type:

- Description:
बहार का मौसम था। ख़ूबसूरत बाग़ से मेरा दोस्त गुले-लाला, रेहान, सुम्बुल, ज़मीरान जैसे तरह-तरह के फूलों से दामन भर रहा था। मैंने उससे कहा- ‘‘बाग़ के फूल हमेशा बाक़ी नहीं रहते और बहार का ज़माना वफ़ादार नहीं होता। जो चीज़ फ़ानी हो, वह दिल लगाने के क़ाबिल नहीं।’’ दोस्त ने पूछा- ‘‘फिर क्या तरीक़ा है?’’ मैंने कहा- ‘‘मैं लोगों की कुशादगी और सहूलत के लिए ‘गुलिस्ताँ’ की किताब लिख सकता हूँ। खि़ज़ा (पतझड़) की हवाओं को इसके पन्नों पर ग़ल्बा हासिल नहीं होगा और ज़माने की गर्दिश इसकी बहार को कभी पतझड़ में न बदल सकेगी। फूलों से भरी थाली तेरे किस काम आएगी? मेरे ‘गुलिस्ताँ’ से एक वरक़ (पन्ना) ले जा। फूल तो कुछ दिनों में मुरझा जाएंगे लेकिन यह ‘गुलिस्ताँ’ हमेशा तरो-ताज़ा रहेगी।’’ वादे के मुताबिक़ मैंने उसी दिन इस किताब के दो बाब (अध्याय) लिख दिये ताकि अच्छी ज़िंदगी बसर करने और बोलचाल के आदाब में लोगों के काम आ सके। हासिले-क़लाम यह कि अभी मौसमे-बहार बाक़ी ही था कि किताब ‘गुलिस्ताँ’ वक़्त पर पूरी हो गई।’’ - शेख़ सादी
A Vote for Laughter
- Author Name:
R K Laxman
- Book Type:

- Description:
A witty look at the strange world of politics by our best-loved cartoonist This exhilarating collection by R.K. Laxman takes a humorous look at the colourful personalities, peculiar codes of conduct and bombastic rhetoric that characterize the inimitable world of politics. A Vote for Laughter contains a hundred of the classic Common Man cartoons that have to do with political subjects, from party meetings, election campaigns and VVIP movements to cabinet reshuffles, horse trading and foreign tours, not to forget the activity that for Laxman defines the Indian politician: the impulse to rush to the well of the House. These are accompanied by a hundred of the funniest jokes about politics and politicians, collected from all over the world. A Vote for Laughter will entertain everyone who enjoys seeing the farcical streak in our contemporary politics, even as we take pride in being the largest democracy in the world.
Vyangya Ke Nepathey
- Author Name:
Prem Janmejay
- Book Type:

- Description:
Book
The Elephant's Child
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description:
Awaiting description
Neend Ka Baksa Hindi By Manoj Kumar Jha
- Author Name:
Manoj Kumar Jha
- Book Type:

- Description:
आकाश में तारे टिमटिमा रहे हैं तो नीचे घास पर जुगनू । अक्षर किताबों से निकल भागे, नदी पार की लेकिन पहुँचे भी तो कहाँ - काँटों के गाँव । समंदर, नदी, नहर और बाल्टी सबमें पानी है। अपनी अपनी जगहों से पानी और पानी की बातें हो रही हैं। उधर फूलों के रंग तुमसे कुछ कहने को हैं । सपने में लाहौर जाकर कुल्फी खा लो और सपने में ही घर लौट आओ। ऐसी प्यारी और जादूभरी कविताएँ पढ़नी हैं ? 'नींद का बक्सा' घर ले जाओ और चुपके से खोलकर देखो। इसमें जितनी सुन्दर कविताएँ हैं उतने ही सुन्दर चित्र। गौर से देखो तो इस बक्से के चित्र और कविताएँ बातें करती दिखेंगी।
Gareeb Hone Ke Fayade
- Author Name:
Ravindranath Tyagi
- Book Type:

- Description:
हिंदी की व्यंग्य-त्रयी में रवींद्रनाथ त्यागी का महत्त्वपूर्ण स्थान है। त्यागीजी ने अपने दो अन्य सहयात्रियों के साथ हिंदी-व्यंग्य को एक सुनिश्चित दिशा प्रदान की और उसे एक विधा के रूप में प्रतिष्ठा दिलाने में अप्रतिम योगदान दिया। इस व्यंग्य-त्रयी में रवींद्रनाथ त्यागी की व्यंग्य-दिशा पूर्णत: भिन्न थी। हरिशंकर परसाई का क्षेत्र राजनीतिक था, शरद जोशी में विषय का वैविध्य एवं नए प्रयोगों का कौशल था, जबकि त्यागीजी में साहित्य और लालित्य की प्रधानता थी। त्यागीजी का यह विशिष्ट रंग था, अपनी मौलिक सर्जनात्मकता थी और हिंदी-व्यंग्य को शिखर तक ले जाने की प्रतिभा थी। यही कारण है कि हिंदी-व्यंग्य में उनकी अपनी अलग पहचान है तथा व्यंग्य-त्रयी के अंग होने पर भी वे अपने जैसे अकेले ही हैं। हिंदी-व्यंग्य के इतिहास में उनका महत्त्वपूर्ण स्थान रहेगा और नई पीढ़ी के प्रेरणा-स्रोत बने रहेंगे। रवींद्रनाथ त्यागी ने विपुल मात्रा में व्यंग्य रचनाएँ कीं। संभव है, आज उनकी संपूर्ण व्यंग्य-कृतियाँ उपलब्ध न हों और पाठक उनकी प्रतिनिधि तथा उच्च कोटि की रचनाओं से वंचित रह जाएँ। इसी को ध्यान में रखकर रवींद्रनाथ त्यागी के संपूर्ण व्यंग्य-साहित्य में से कुछ चुनी हुई रचनाएँ इस पुस्तक में प्रकाशित की गई हैं। इससे पाठकों को उनके व्यंग्य-साहित्य की एक झलक मिल सकेगी और वे अपने इस प्रिय व्यंग्यकार की रचनाओं का रसास्वादन कर सकेंगे।
Vyangya Saptak Lalitya Lalit
- Author Name:
Lalitya Lalit
- Book Type:

- Description:
Book
The Very Best of the Common Man
- Author Name:
R K Laxman
- Book Type:

- Description:
The Very Best of The Common Man features a collection of the various cartoons that were created by the master cartoonist, R K Laxman. The common man is a famous cartoon caricature that was consistently used throughout this cartoonist's works. These cartoons depict various socio-political situations from the perspective of the common man who lives everywhere in India. Political uncertainty, economic calamities, widespread corruption and middle-class angst are some of the themes used in these cartoons.
Toddler Yoga
- Author Name:
Sanskriti Sharma Singh
- Book Type:

- Description:
Are you fascinated with animals? Do you like moving about? Is it fun for you when you make silly faces? Do you want to be healthier and happier? Yayy! Then this book is definitely for you! Read, move, act, and have fun with your friends and family! Toddler Yoga helps you learn different yoga poses in a fun and engaging way. If that's not enough, you also learn the alphabet while you're at it! Sanskriti Sharma Singh is a Clinical Psychologist and a hands-on mother who is committed to the holistic development of her child. She finds the practice of Yoga, among other things, most suited to achieve this goal.
Akalmand Gadha
- Author Name:
Madhu Pant
- Book Type:

- Description:
पहले पढ़ी हर कहानी में गधा बेवक़ूफ़ निकला होगा, लेकिन यहाँ कुछ अलग है । इस गधे ने बेवक़ूफ़ी के अपने इतिहास से काफ़ी कुछ सीखा है। यह कहानी सिखाती है कि ग़लतियाँ करना और बेवकूफ़ बन जाना, ज़्यादा बड़ी कमी नहीं है । सबसे बड़ी कमी है, उससे न सीखना ।
Do Vyangya Natak
- Author Name:
Dr. Prem Janmejai
- Book Type:

- Description:
सुप्रसिद्ध व्यंगकार डॉ. प्रेम जनमेजय के दो व्यंग्य नाटक इस पुस्तक में संकलित किए गए हैं।
Meri Dus Rachnayen Dr. Prem Janmejai
- Author Name:
Dr. Prem Janmejai
- Book Type:

- Description:
Book
Tenduye Ke Nishaan
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description:
Awaiting description
Halke-Phulke
- Author Name:
Pradeep Choubey
- Book Type:

- Description:
हल्के-फुल्के में दीर्घकाय रचनाएँ चंद ही हैं, ये मजाक की संजीदगी को परत-दर-परत, आहिस्ता-आहिस्ता उघाड़ती हैं। इनमें ‘भुखमरे’ और ‘साठवाँ’ खास तवज्जुह की डिमांड करती हैं। व्यक्तिगत त्रासदी किस तरह अनुभूति की गहराई में उमड़-घुमड़कर सामुदायिक विडंबना को रूपाकर दे सकती है, इसका उम्दा नमूना। और अंत में, दो बिल्कुल अलग तरह की रचनाओं का जिक्र न करना नाइनसाफी होगी। ये दोनों हिंदुस्तानी सिनेमा के प्रति उनके गहरे लगाव और समझ की नायाब मिसाल हैं। एक, हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णकालीन जादूगर ओ.पी. नैयर का इंटरव्यू यह ‘अहा! जिंदगी’ के अक्तूबर 2006 के अंक में प्रकाशित हुआ था। संयोग की विडंबना कि जनवरी 2007 में नैयर साहब का इंतकाल हुआ। यह उनकी जिंदगी का आखिरी इंटरव्यू है, जो उनकी पर्सनैलिटी के मानिंद ही बिंदास है। सिने-संगीत का वह करिश्मासाज संगीतकार, जिसने सार्वकालिक मानी जानेवाली गायिका भारत-रत्न लता मंगेशकर की आवाज का कभी इस्तेमाल नहीं किया। तब भी स्वर्ण युग में अपनी यश-पताका फहराकर दिखाई। दूसरी रचना है छह दशक पूर्व प्रदर्शित हुई राजकपूर निर्मित विलक्षण कृति ‘जागते रहो’ की रसमय मीमांसा। यह रचना ‘प्रगतिशील वसुधा’ के फिल्म-विशेषांक हेतु उनसे लिखवाने का सुयोग मुझे ही हासिल हुआ था। वहाँ वे कृति के मार्मिक विश्लेषण के साथ ही कृतिकार और समूचे सिनेमा से अपने अंतरंग लगाव का बेहद दिलचस्प, बेबाक बयान करने से भी नहीं चूकते। मुझे यकीन है कि रसिक पाठक इस पुरकशिश किताब का भरपूर लुत्फ उठाएँगे। —प्रह्लाद अग्रवाल सतना, 15 अगस्त, 2017
Neelkanth
- Author Name:
Mahadevi Varma
- Book Type:

- Description:
नीलकंठ एक मोर की कहानी है। महादेवी वर्मा ने इसे बड़े सरस और आत्मीय ढंग से लिखा है। इस सुंदर गद्य से गुज़रते हुए हम नीलकंठ के बचपन से लेकर उसके वयस्क मयूर बनने तक की यात्रा में साथ हो लेते हैं। हम उससे ऐसा जुड़ाव महसूस करने लगते हैं कि नीलकंठ का गुस्सा, उसकी उदासी और उसका प्यार हमें महसूस होने लगता है। इस संस्मरण के परिदृश्य में लेखिका का पशु पक्षियों के प्रति अनुराग भी जैसे गूँजता रहता है। नीलकंठ की कथा पढ़ते हुए हम एक सुंदर और मार्मिक प्रेमकथा से भी रूबरू होते हैं।
Gigi Zara
- Author Name:
Pragya Mishra
- Book Type:

- Description:
ज़ारा नानी गीगी की दुलारी है। वैसे तो ज़ारा सबकी दुलारी है- मम्मा की, पापा की सबकी। छुट्टियों में गीगी, जारा को वर्चुअल रियलिटी के ऐसे संसार में भेज देती हैं, जहाँ बादलों की सवारी है, प्यारे प्यारे यूनीकॉन येल और पिंकी हैं, गाईडिंग एंजेल्स हैं और चार दरवाज़े हैं, जिन्हें ज़ारा को अपनी सूझ-बूझ और हिम्मत से पार करना ही है। पार नहीं करेगी तो एक भरा पूरा जंगल उदास और अंधेरा रह जाएगा, प्यारा लुमिना अपनी मम्मा से मिल नहीं पाएगा। क्या ये हो पाया? पढ़ो और इस रोमांचक सफ़र में साथ हो लो….
Bhanwra Bada Nadan
- Author Name:
Prasanna Soni
- Book Type:

- Description:
This book has no description
Motiguj
- Author Name:
Rudyard Kipling
- Book Type:

- Description:
Awaiting description
Dadu Takes Me To Gurudwara By Tanvi Nishchal
- Author Name:
Tanvi Nishchal
- Book Type:

- Description:
Tag along with Mahi as she visits Gurudwara for the first time with her best buddy, Dadu and how he answers her whats and whys
Ek Sham Hari Ghas Par
- Author Name:
Kamlanath
- Book Type:

- Description:
This book has no description
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book