Bharat-China Seema Mudde
(0)
Author:
Ranjit Singh KalhaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
History-and-politics₹
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सीमा समझौता मात्र नक्शे में कुछ रेखाओं का खींचा जाना अथवा जमीन पर कुछ निशान चिह्नित कर देना नहीं है। यह मात्र तकनीकी व्यवस्था भी नहीं है। हालाँकि कोई सीमा-रेखा किसी देश के संप्रभुता के दायरे को बताती है, लेकिन ऐसी रेखा खींच देने भर से देश को सुरक्षा और विदेशी दखल से मुक्ति नहीं मिल जाती। भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे श्री कल्हा ने इस पुस्तक में भारत और चीन के बीच सीमा-निर्धारण से जुड़ी वार्ताओं और प्रयासों का विस्तृत विवरण दिया है; साथ ही इस मुद्दे से जुड़ी राष्ट्रीय रणनीतिक आवश्यकताओं, क्षेत्रीय राजनीति तथा तत्कालीन महाशक्तियों के प्रभाव एवं भूमिका की भी जानकारी जुटाई है। वे भारत-चीन संबंधों और सीमा-वार्ताओं से लंबे समय तक जुड़े रहे, इसलिए उनका विवरण बहुत दिलचस्प, प्रामाणिक और महत्त्वपूर्ण है।
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सीमा समझौता मात्र नक्शे में कुछ रेखाओं का खींचा जाना अथवा जमीन पर कुछ निशान चिह्नित कर देना नहीं है। यह मात्र तकनीकी व्यवस्था भी नहीं है। हालाँकि कोई सीमा-रेखा किसी देश के संप्रभुता के दायरे को बताती है, लेकिन ऐसी रेखा खींच देने भर से देश को सुरक्षा और विदेशी दखल से मुक्ति नहीं मिल जाती। भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे श्री कल्हा ने इस पुस्तक में भारत और चीन के बीच सीमा-निर्धारण से जुड़ी वार्ताओं और प्रयासों का विस्तृत विवरण दिया है; साथ ही इस मुद्दे से जुड़ी राष्ट्रीय रणनीतिक आवश्यकताओं, क्षेत्रीय राजनीति तथा तत्कालीन महाशक्तियों के प्रभाव एवं भूमिका की भी जानकारी जुटाई है। वे भारत-चीन संबंधों और सीमा-वार्ताओं से लंबे समय तक जुड़े रहे, इसलिए उनका विवरण बहुत दिलचस्प, प्रामाणिक और महत्त्वपूर्ण है।
Book Details
-
ISBN9789394534483
-
Pages336
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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