The Eternal Geets Of Bhagavad Gita
(1)
Author:
Akhilesh GumashtaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
General-non-fiction₹
750
₹ 600 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
One Should not fail to thoroughly understand the Bhagavad Gita as ancient Science of worldly life. These were the words of Lokmanya Tilak. Truly, this is a true scripture of the human race as a living creation rather than a book, with a new message for every civilization. As the days pass on, it's becoming more relevant for ages to come. Adi Shankaracharya brought it out from Epic Mahabharat as a clear knowledge to fulfil all the goals of human existence. From ancient to the modern brains it became source of inspiration. For Albert Einstein Bhagavad Gita was the main source of inspiration and guide for the purpose of scientific investigations and formation of his theories. With the hope that this book will be taken by the readers as a creation and not just a book, and will be a reference text to wide range of readers from students to philosophers, from spiritualists to scientists and writers. Purpose of bringing this book is not just to increase the readability and quotability of Bhagavad Gita through verses and haikus but also to increase spirituality among masses. -Publisher * Gandiva is the name of Arch (Dhanush) of Arjun
Read moreAbout the Book
One Should not fail to thoroughly understand the Bhagavad Gita as ancient Science of worldly life. These were the words of Lokmanya Tilak.
Truly, this is a true scripture of the human race as a living creation rather than a book, with a new message for every civilization.
As the days pass on, it's becoming more relevant for ages to come.
Adi Shankaracharya brought it out from Epic Mahabharat as a clear knowledge to fulfil all the goals of human existence.
From ancient to the modern brains it became source of inspiration. For Albert Einstein Bhagavad Gita was the main source of inspiration and guide for the purpose of scientific investigations and formation of his theories.
With the hope that this book will be taken by the readers as a creation and not just a book, and will be a reference text to wide range of readers from students to philosophers, from spiritualists to scientists and writers.
Purpose of bringing this book is not just to increase the readability and quotability of Bhagavad Gita through verses and haikus but also to increase spirituality among masses.
-Publisher
* Gandiva is the name of Arch (Dhanush) of Arjun
Book Details
-
ISBN9789355211835
-
Pages470
-
Avg Reading Time16 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Atma Nirbhar Bharat : Vol. 4
- Author Name:
M. Veerappa Moily
- Book Type:

- Description:
सन् 2001 में शिक्षा के अधिकार से सम्बन्धित विधेयक पारित होने और शिक्षा को मौलिक अधिकारों के रूप में मान्यता दिये जाने के चलते भारत का ‘हर व्यक्ति को शिक्षा’ का संकल्प एक निर्णायक यात्राा पूरी कर चुका है, फिर भी भारतीय शिक्षा-व्यवस्था में गहरे पैठी खामियों को समझने की चुनौती आज भी उतनी ही बड़ी है। यह सचमुच आश्चर्यजनक है कि उच्चशिक्षा के सन्दर्भ में विश्व की विशालतम शिक्षा-व्यवस्थाओं में शामिल भारत की ‘ड्रॉप आउट’ दर चिन्ताजनक है।वीरप्पा मोइली की पुस्तक-श्ाृंखला ‘अनलेशिंग इंडिया’ का यह चैथा खंड भारतीय शिक्षा-व्यवस्था के ऐसे ही अनसुलझे सवालों का जवाब तलाशने की कोशिश है। इस पुस्तक में लेखक ने भारत, चीन, अमेरिका, सिंगापुर और अन्य कुछ देशों की तुलना करते हुए कुछ सुझाव प्रस्तुत किए हैं जिनमें पाठ्यक्रम में व्यावहारिक प्रशिक्षण को जोड़ने, शिक्षा के आधारभूत ढाँचे के विस्तार तथा पाठ्यक्रमों और पाठ्यपुस्तकों में निवेश को बढ़ाए जाने पर जोर दिया गया है।
पुस्तक के अनुसार इस समय जबकि देश एक ज्ञान-समृद्ध राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, शिक्षा-व्यवस्था की सघन पुनव्र्याख्या और शिक्षा तथा विकास के मध्य मौजूदा फासले को पाटने की बेहद जरूरत है।
Learn To Earn
- Author Name:
Peter Lynch +2
- Book Type:

- Description:
अनेक गुंतवणूकदारांना, अगदी शेअर बाजारात भरीव कामगिरी केलेल्या गुंतवणूकदारांनादेखील, हा शेअर बाजार नक्की कसे काम करतो याबद्दल सखोल माहिती नसते. म्हणूनच आपल्या अर्थव्यवस्थेच्या मूलभूत बाबी काय आहेत आणि शेअर बाजाराशी त्यांचा कसा संबंध आहे, यासारख्या गुंतवणुकीबाबतच्या प्राथमिक गोष्टी शालेय शिक्षणात शिकवल्या जाव्यात, असा आग्रह लिंच आणि रोथचाइल्ड धरतात. प्रत्येक तरुण व्यक्तीसमोर आपल्या महाविद्यालयीन शिक्षणासाठी पैसे जमा करायचे, की आपल्या वृद्धापकाळातील अर्थार्जनाची सोय करायची अशी द्विधा मनस्थिती असते, मात्र गुंतवणुकीचे मूलभूत प्रशिक्षण त्याला वेळीच मिळाले असते, तर त्याच्या पुढे असा प्रश्न उभा राहिला नसता. गुंतवणुकीच्या संधी सर्वत्र असतात, मात्र त्या शोधण्याची दृष्टी असायला हवी. शालेय शिक्षणामध्ये फारसे हुशार नसलेल्या विद्यार्थ्यालादेखील नायके, रीबॉक, मॅकडोनाल्ड्स, द गॅप आणि बॉडी शॉप यासारख्या ब्रँड्सची माहिती असते. अमेरिकेत प्रत्येक किशोरवयीन मुलाने कोका-कोला किंवा पेप्सीची चव एकदा तरी चाखलेली असते, मात्र त्यापैकी किती जणांनी या दोन्हीपैकी एका कंपनीचा समभाग विकत घेतला असेल किंवा या कंपन्यांचा समभाग विकत घेता येतो, याची किमान माहिती तरी त्याला असेल? प्रत्येक विद्यार्थी अमेरिकी इतिहासाचा अभ्यास करतो. मात्र, आपला देश हा युरोपीय वसाहतवाद्यांनी घडवला आहे, या वसाहतवाद्यांना इंग्लंड आणि हॉलंड या देशातील पब्लिक कंपन्यांनी वित्तपुरवठा केला होता आणि या पब्लिक कंपन्यांच्या मूलभूत तत्त्वांमध्ये गेल्या तीनशे साडेतीनशे वर्षात फारसा बदल झालेला नाही हे त्यातील मोजयाच विद्यार्थ्यांना ठाऊक असते. आबालवृद्धांना रस वाटेल अशा सहज सोप्या शैलीत लिंच आणि रोथचाइल्ड यांनी ‘लर्न टू अर्न’ या पुस्तकात शेअर बाजारातल्या मूलभूत बाबींचे ज्ञान उपलब्ध करून दिले आहे. वर्तमानपत्रातल्या शेअर बाजाराचे तक्ते कसे वाचावेत, कंपन्यांचे वार्षिक अहवाल कसे समजून घ्यावेत आणि प्रत्येकाने शेअर बाजार समजून घेणे का गरजेचे आहे? तसेच केवळ गुंतवणूक कशी करावी यावर भाष्य करून हे पुस्तक थांबत नाही, तर वाचकांना गुंतवणूकदारासारखा विचार करायलादेखील प्रवृत्त करते. Learn To Earn: लर्न टू अर्न पीटर लिंच आणि जॉन रोथचाइल्ड Peter Lynch and John Rothchild अनुवाद: डॉ. नितीन हांडे Translator: Dr. Nitin Hande
Monasticism and Devotion to God
- Author Name:
Suhail Ahmad Farooqi +1
- Book Type:

- Description:
Tanqidi aur Taqaabuli Mutaalena is the first of its kind in Urdu Language where tasawwuf and bhakti have been dealt with simultaneously, and that too in the real perspective of both trends. It reveals, in nutshell, that there may be apparent similsarities among tasawwuf , mysticism or surrealism and bhakti but they all have different concepts or no concept of God. Therefore, they are not one and the same indeed. However, all the three spritual courses emphasize on benevolence and doing good to humanity and rendering service Tanqidi aur Taqaabuli Mutaalena is the first of its kind in the Urdu language where tasawwuf and bhakti have been dealt with simultaneously, and that too in the real perspective of both trends. It reveals, in a nutshell, that there may be apparent similarities among tasawwuf, mysticism or surrealism, and bhakti, but they all have different concepts or no concept of God. Therefore, they are not the same, indeed. However, all three spiritual courses emphasise benevolence doing good to humanity and rendering service to the creatures of God. An attempt has also been made to find out the similarities and differences between the oneness of God (Tauheed) and Vedic monotheism on one hand and wahdatulwujud (unit of existence) and wahdatushshuhud (unity of divine manifestation) on the other, to the creatures of God. An attempt has also been made to find out similarities and differences between the oneness of God (Tauheed) and Vedic monotheism on one hand and wahadatulwujud (unit of existence) and wahdatushshuhud (unity of divine manifestation) on the other.
Chetna Hero
- Author Name:
Mission Chetna
- Book Type:

- Description:
चेतना इस संसार में भलाई को पहचानने, उसकी सहारना करने और उसे आगे बढ़ानेवाला एक अभियान है। 'भलाई का प्रसार' करने और तमाम लोगों को जीवन में भलाई पर चलने की प्रेरणा देने के अपने मिशन पर खरा उतरते हुए, चेतना भारत भर में उन पुरुषों और महिलाओं की पहचान और उनका सम्मान हि] है, जो धारा के खिलाफ जाने और अन्य व्यक्तियों तथा परिवारों तक पहुँचने का पर्याप्त साहस रखते हैं। ये पुरुष और स्त्रियाँ चेतना के नायक- नायिकाएँ हैं--चेतना हीरो हैं। “चेतना हीरो' की जीवंत कहानियाँ दूसरों को भी कुछ ऐसा ही करने की, उसमें सहयोग करने की प्रेरणा दे सकती हैं--यही सोच इस चेतना हीरो की कॉफी टेबल बुक का आधार है। चेतना हीरो ऐसे भले लोग हैं, जिन्होंने कर्म के जरिए बोलने का फैसला किया है। उनमें से किसी ने भी बड़े पैमाने पर सुनियोजित और अच्छे-खासे पैसों के साथ भलाई के अपने काम शुरू नहीं किए। वे जिन लोगों के संपर्क में वे आए, उनकी मदद के लिए उन्होंने चुपचाप उनकी तकलीफों को कम किया और फिर किसी एक की तकलीफ दूर करने के बाद वे रुके नहीं। वे खुद से लगातार पूछते रहे, “मैं और क्या कर सकता हूँ समाज के लिए?” और 'किसे इस तरह की मदद चाहिए ?' इस तरह के सवालों के जवाब ने उनको चेतना हीरो में बदल दिया, जो वे आज हैं। 'चेतना हीरो : कॉफी टेबल बुक ' ऐसे ही कुछ असाधारण व्यक्तियों की सराहना है, जिन्होंने पशु देखभाल, शिक्षा, पर्यावरण देखभाल, भूख, सामाजिक जिम्मेदारी, दिव्यांगों और महिलाओं के सशकतीकरण में अपने प्रयासों से करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। चेतना की यह पहल उन सभी हीरो को एक मंच पर लेकर आती है। नेटवर्क बनाने और एक-दूसरे से जुड़ने के कारण इन हीरो को यह सुनिश्चित करने में मदद मिली है कि उनके कार्यों का सामूहिक प्रभाव दयालुता और देखभाल के व्यक्तिगत कार्यों की तुलना में कई गुना व्यापक हो। आशा है कि कॉफी टेबल बुक आपके जीवन में भी 'भलाई के प्रसार' का एक दीपक जलाएगी। ...
A Bouquet of Flowers
- Author Name:
Dr. Krishna Saksena
- Book Type:

- Description:
Dr. Krishna Saksena is a well known author of unbound name and fame. She has written a number of books which include novels, stories & essays. Her works have a unique blend of modernity with tradition. Her language is too simple, her style attractive and contents are dealt with ease and sharpness. She offers to her readers difficult problems solved in an easy and convincing way. The three generations that she takes up are presented in the form of a critical story looking to the interest of the reader.
Tanashahi Se Lokshahi
- Author Name:
Gene Sharp
- Book Type:

- Description:
‘फ़्रॉम डिक्टेटरशिप टू डेमोक्रेसी’ को मूल रूप से 1993 में अहिंसक संघर्ष के मार्गदर्शन के लिए लिखा गया था। चोरी-चोरी, चुपके-चुपके यह पुस्तक दुनिया-भर के तमाम राजनीतिक असन्तुष्टों के हाथों में पहुँच गई। बाद में इसका तीस से अधिक भाषाओं में अनुवाद किया गया। यह छोटी-सी पुस्तिका इक्कीसवीं सदी के अहिंसावादी क्रान्तिकारियों के लिए ‘कैसे-करें’ की पथप्रदर्शक बन गई है। अहिंसक विरोध प्रदर्शन और रक्तहीन क्रान्ति के सुझाव और व्यावहारिक नियम बतानेवाली यह किताब क्रान्ति या बदलाव के झूठे सपने या कोई अकल्पनीय रास्ते नहीं बताती बल्कि लोगों को परिवर्तन के वास्तविक पहलू से परिचय कराती है।
DGP Gupteshwar Pandey: Sangharsh Se Utkarsh Tak
- Author Name:
Savita Pandey
- Book Type:

- Description:
रियल ‘सिंघम’, ‘रॉबिनहुड’, ‘दबंग’, ‘चुलबुल पांडेय’ जैसे नामों से नवाजे जाते रहे 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय बिहार के डीजीपी हैं। बिहार में कम्युनिटी पुलिसिंग के अगुआ, डीजीपी पांडेय बहुत लोकप्रिय हैं। लोक जागरण के लिए सोशल मीडिया का बिंदास प्रयोग और अभिव्यक्ति का उनका अंदाज जनता, खासकर युवाओं को काफी पसंद है। वे बिहार में नशामुक्ति और शराबबंदी के ब्रांड अंबेसेडर भी हैं। उनकी जीवन-शैली इतनी साधारण, सादगीपूर्ण है कि लोग कहते हैं कि लगता ही नहीं कि वे डीजीपी हैं! इस पुस्तक में लेखिका ने श्री गुप्तेश्वर पांडेय के बतौर डीजीपी और डीजीपी बनने के क्रम में किए गए उनके प्रयासों को साझा किया है। युवाओं को समर्पित यह पुस्तक गुप्तेश्वर पांडेय की मित्र पुलिसिंग के साथ सख्त कार्य-शैली का वर्णन करती ही है, साथ-ही-साथ छात्रों व युवाओं को संदेश भी देती चलती है कि विषम और विकट परिस्थितियों में भी कैसे सफलता की मंजिल पाई जा सकती है और डीजीपी जैसे पद पर पहुँचकर भी कैसे अहंकार से पार पाया जा सकता है। आमजन में पुलिस के भय और अविश्वास को कम करने के लिए सतत क्रियाशील रहे एक समर्पित जनसेवक की प्रेरक जीवनगाथा।
Gully Gully
- Author Name:
Aditya Iyer
- Book Type:

- Description:
For all but the final day of six electric weeks during the winter of 2023, India’s campaign at a home World Cup blazed and sparkled, warming the soul of a cricket-crazed nation. As Rohit Sharma’s dominant side took their show on the road, from one delirious city to another hysterical town, stretching from the sunburnt coast of Chennai to the frozen mountains of Dharamshala, the greatest cricket team to not win a World Cup edition unified a vast and diverse country in their shade of blue. Gully Gully reveals not only what cricket means to India, but also what Indians mean to cricket by capturing the best and the worst of us, along with the grit and the grime of the land. This book is as much about a fabulous team brimming with legends as it is about the game’s other, oft-forgotten heroes: nameless and faceless Indian fans, emerging from numerous gullies.
It'S My Life
- Author Name:
Ashwini Kumar
- Book Type:

- Description:
"किसी की आत्मकथा कोई दूसरा नहीं लिख सकता क्योंकि किसी दूसरे द्वारा लिखी आत्मकथा संवेदनाओं और भावनाओं से न्याय नहीं कर सकती। इसलिए पत्रकार और संपादक अश्विनी कुमारजी ने आत्मकथा लिखने का काम 2019 में ही शुरू कर दिया था, जिसका प्रकाशन पंजाब केसरी दिल्ली के प्रथम पन्ने पर क्रमशः होने लगा था। रोगग्रस्त होने के कारण उनके पास समय कम था; वे जल्दी-से-जल्दी इसे पूरा कर लेना चाहते थे। उनके निधन के कारण उनकी आत्मकथा की कई शृंखलाएँ प्रकाशित नहीं हो पाई थीं। कैंसर से जूझते हुए अस्पताल के बिस्तर पर भी वह अपने लेखों को डिक्टेट कराते रहते थे। अब अश्विनी कुमारजी की आत्मकथा को पुस्तक का रूप दिया गया है ताकि उनकी यादों को चिरस्मरणीय रखा जा सके। उन्होंने अपने संपादन काल में अपनी संपादकीय कुशलता का परिचय देकर पंजाब केसरी समाचार-पत्र को लाखों पाठकों की पसंद बना दिया। उन्होंने लाखों पाठकों तक अपनी उत्कृष्ट लेखनी से अपने विचारों को पहुँचाया जिससे पंजाब केसरी सर्वाधिक प्रकाशित होनेवाला समाचार-पत्र बन गया। उन्होंने न केवल नई प्रतिभाओं को गढ़ा वरन् हर एक विषय को अपने अखबार के साँचे में ढाला। राजनीति, धर्म, साहित्य, फिल्म, कला कोई भी विषय उनसे अछूता नहीं रहा। इसलिए यह पुस्तक उन पाठकों को समर्पित है, जो उनकी कलम के चलते उनसे जुड़े रहे। राष्ट्रीय भाव की पत्रकारिता को मुखर स्वर देनेवाले एक संकल्पित व समर्पित समाजधर्मी की जीवनयात्रा है यह कृति।"
Manusmriti
- Author Name:
Dr. Ramchandra Verma Shastri
- Book Type:

- Description:
मनुष्य ने जब समाज व राष्ट्र्र के अस्तित्व तथा महत्त्व कौ मान्यता दी, तो उसके कर्तव्यों और अधिकारों की व्याख्या निर्धारित करने तथा नियमों के अतिक्रमण करने पर दण्ड व्यवस्था करने की भी आवश्यकता उत्पन्न हुई । यही कारण है कि विभिन्न युगों में विभिन्न स्मृतियों की रचना हुई, जिनमें मनुस्मृति को विशेष महत्व प्राप्त है । मनुस्मृति में बारह अध्याय तथा दो हज़ार पांच सौ श्लोक हैं, जिनमें सृष्टि की उत्पत्ति, संस्कार, नित्य और नैमित्तिक कर्म, आश्रमधर्म, वर्णधर्म, राजधर्म व प्रायश्चित्त आदि अनेक विषयों का उल्लेख है। ब्रिटिश शासकों ने भी मनुस्मृति को ही आधार बनाकर ' इण्डियन पेनल कोड ' बनाया तथा स्वतन्त्र भारत की विधानसभा ने भी संविधान बनाते समय इसी स्मृति को प्रमुख आधार माना । व्यक्ति के सर्वतोमुखी विकास तथा सामाजिक व्यवस्था को सुनिश्चित रूप देने व व्यक्ति की लौकिक उन्नति और पारलौकिक कल्याण का पथ प्रशस्त करने में मनुस्मृति शाश्वत महत्त्व का एक परम उपयोगी शास्त्र मथ है । वास्तव में मनुस्मृति भारतीय आचार-संहिता का विश्वकोश है, जो भारतीय समाज के लिए अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगा।
Narendra Modi ke Prerak Vichar
- Author Name:
Mahesh Dutt Sharma
- Book Type:

- Description:
"देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कार्य क्षमता, बोलने की अनूठी शैली और आम व्यक्ति के साथ हर पल जुड़े रहने की इच्छा ने उनके व्यक्तित्व को अप्रतिम बना दिया है। नरेंद्र मोदीजी आज केवल एक व्यक्तित्व भर नहीं हैं, बल्कि वे हमारे देश के एक-एक नागरिक की आँखों की चमक हैं। नरेंद्र मोदीजी केवल अपने कदम बढ़ाने में यकीन नहीं रखते हैं, बल्कि वे कहते हैं कि मेरे साथ 130 करोड़ भारतीयों के कदम साथ चलेंगे, तो देश विकास के पथ पर अग्रसर होगा और भारत की पताका सदैव विश्व में सबसे ऊपर नजर आएगी। वे सकारात्मकता से भरपूर हैं। कठिन से कठिन परिस्थिति भी उन्हें विचलित नहीं करती। वे जितना अधिक राजनीति में बेजोड़ हैं, उतने ही शब्दों और विचारों के अधिकारी। उनकी बातें और उनका लेखन हर भारतीय में ऊर्जा, जोश और आत्मविश्वास का संचार करता है। यह पुस्तक नरेंद्र मोदीजी के प्रेरक विचारों का नवनीत है। यह पुस्तक हर भारतीय की सकारात्मकता को ऊर्जावान बनाने और उन्हें राष्ट्र के लिए समर्पित होने का भाव जाग्रत् करेगी।"
I Gaze, Therefore I Am
- Author Name:
Subramoniam Rangaswami
- Book Type:

- Description:
We live in a visual age. I Gaze, Therefore I Am is a book on medical gaze first described by Michel Foucault, French philosopher and historian of ideas. The journey the medical gaze has taken from its archaic beginnings to our era of digital culture has been noteworthy. In this book, Rangaswami takes us through this historic journey, blending stories from the history of science and medicine with a rich collection of tales from scriptures and legends as well as iconic episodes from his personal experience, stirring them in his unique style with a wide range of topics for academic discussions. This book is a compelling narrative of the shifting optics of gaze, especially medical gaze, poised in our age of human transition from Homo visualis to Homo virtualis.
Stree : Lamba Safar
- Author Name:
Mrinal Pande
- Book Type:

- Description:
मैं इस बारे में ज़्यादा जिरह नहीं करना चाहती कि स्त्री-मुक्ति का विचार हमें किस दिशा में ले जाएगा, लेकिन मुझे हमेशा लगता रहा है, कि अपनी जिस संस्कृति के सन्दर्भ में मैं स्त्री-मुक्ति की चर्चा करना और उसके स्थायी आधारों को चीन्हना चाहती हूँ, उसमें पहला चिन्तन भाषा पर किया गया था। जब दो शब्दों का संस्कृत में समास होता है, तो अक्सर अर्थ में अन्तर आ जाता है। इसलिए स्त्री, जो हमारे मध्यकालीन समाज में प्रायः मुक्ति के उलट बन्धन, और बुद्धि के उलट कुटिल त्रिया-चरित्र का पर्याय मानी गई, मुक्ति से जुड़कर, उन कई पुराने सन्दर्भों से भी मुक्त होगी, यह दिखने लगता है। अब बन्धन बनकर महाठगिनी माया की तरह दुनिया को नचानेवाली स्त्री जब मुक्ति की बात करे, तो जिन जड़मतियों ने अभी तक उसे पिछले साठ वर्षों के लोकतांत्रिक राज-समाज की अनिवार्य अर्द्धांगिनी नहीं माना है, उनको ख़लिश महसूस होगी। उनके लिए स्त्री की पितृसत्ता राज-समाज परम्परा पर निर्भरता कोई समस्या नहीं, इसलिए इस परम्परा पर उठाए उसके सवाल भी सवाल नहीं, एक उद्धत अहंकार का ही प्रमाण हैं। इस पुस्तक के लेखों का मर्म और उनकी दिशा समझने के लिए पहले यह मानना होगा कि एक जीवित परम्परा को समझने के लिए सिर्फ़ मूल स्थापनाओं की नजीर नाकाफ़ी होती है, जब तक हमारी आँखों के आगे जो घट रहा है, उस पूरे कार्य-व्यापार पर हम ख़ुद तटस्थ निर्ममता से चिन्तन नहीं करते, तब तक वैचारिक शृंखला आगे नहीं बढ़ सकती।
Bhasha Ki Sanjeevani
- Author Name:
Krishna Kumar
- Book Type:

- Description:
कृष्ण कुमार अपने पाठकों को पहचानते हैं और उनसे आत्मीयता बढ़ाने के अन्दाज़ में लिखते हैं। पहली बार उनका गद्य पढ़ रहे नए पाठक इस आत्मीयता का स्पर्श पाकर चकित होते हैं। निबन्ध की विधा कृष्ण कुमार को विशेष प्रिय रही है यद्यपि वे कहानी और संस्मरण भी चाव से लिखते रहे हैं। ‘भाषा की संजीवनी’ की शुरुआत थोड़ा-बहुत भी बता पाने के संघर्ष और सुकून से होती है और अन्त भाषा के जीवनदायी चरित्र के अभिन्दन से। इन दो विचार-ध्रुवों के बीच इस संग्रह में अठ्ठारह निबन्ध, समीक्षा-लेख और संस्मरण शामिल हैं। विषयों की विविधता के बीच पाठकों को कृष्ण कुमार के स्थायी सरोकार मिलेंगे—प्रकृति, स्त्री, सरकार और पढ़ाई। इन सभी के भीतर और इर्द-गिर्द मची भगदड़ और हिंसा पर टिप्पणी भी मिलेगी। इस निबन्ध विविधा से गुज़रते हुए पाठक याद करेंगे कि कृष्ण कुमार के लिए अगर कोई चीज़ नागवार है तो वह ‘विचार का डर’ है जो उनके एक प्रसिद्ध संग्रह का शीर्षक भी है।
Safai Kamgar Samuday
- Author Name:
Sanjeev Khudshah
- Book Type:

- Description:
सिर पर मैला ढोने की प्रथा मानव सभ्यता की सबसे बड़ी विडम्बनाओं में से एक रही है। सोचनेवाले सदा से सोचते रहे हैं कि आख़िर ये कैसे हुआ कि कुछ लोगों ने अपने ही जैसे मनुष्यों की गन्दगी को ढोना अपना पेशा बना लिया। इस पुस्तक का प्रस्थान बिन्दु भी यही सवाल है। लेखक संजीव खुदशाह ने इसी सवाल का जवाब हासिल करने के लिए व्यापक अध्ययन किया, विभिन्न वर्गों के लोगों, विचारकों और बुद्धिजीवियों से विचार-विमर्श किया। उनका मानना है कि इस पेशे में काम करनेवाले लोग यहाँ की ऊँची जातियों से ही, ख़ासकर क्षत्रिय एवं ब्राह्मण जातियों से निकले। इसी तरह किसी समय श्रेष्ठ समझी जानेवाली डोम वर्ग की जातियाँ भी इस पेशे में आईं। लेखक ने इन पृष्ठों में सफ़ाई कामगार समुदायों के बीच रहकर अर्जित किए गए अनुभवों का विवरण भी दिया है।
Amrutara Santana
- Author Name:
Gopinath Mohanty +3
- Book Type:

- Description:
Amrutara Santana is about the Kandhas or Kondhs, who number at least a million, spreadthrough at least a dozen districts. Mohanthy's unromanticised portrait of tribal society raises profound question on change. Do new roads really bring "development", or degradation of culture and community as they allow exploiters and denigrators of Adivasi culture to pour in?
The Parsi Contribution to Indian Literature
- Author Name:
Coomi S Vevaina
- Book Type:

- Description:
Compilation of papers presented at symposium on Parsin Contribution to Indian Literature organised by Sahitya Akademi in 2015 at Mumbai.
Dharm, Satta Aur Hinsa
- Author Name:
Ram Puniyani
- Book Type:

- Description:
बीते वर्षों के दौरान साम्प्रदायिकता का उभार भारतीय राजनीति में एक बड़े दावेदार के रूप में हुआ है। सो भी इतने ज़ोर-शोर से कि हमारे संवैधानिक ढाँचे के लिए ख़तरा बनता दिखाई दे रहा है। अन्तरराष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में भी उत्तरोत्तर धार्मिक शब्दावली का प्रयोग ज़्यादा दिखने लगा है। विश्व के भी मानवाधिकार आन्दोलन इसको एक बड़ी चुनौती के रूप में देख रहे हैं।
इस पुस्तक में शामिल सत्रह मौलिक आलेखों की पृष्ठभूमि यही है जिसमें अमेरिका पर सितम्बर 11 का हमला, अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ पर अमेरिकी आक्रमण, दुनिया-भर में इस्लाम का शैतानीकरण और भारत के मुम्बई व गुजरात के दंगों को ख़ास तौर पर रेखांकित किया गया है।
ये आलेख बताते हैं कि भीड़ को धर्म के नाम पर भड़काकर वंचित समूहों के भीतर किसी भी विद्रोह की सम्भावना को कैसे असम्भव कर दिया जाता है और धर्म-आधारित राजनीति किस तरह आज उदारीकरण, भूमंडलीकरण और निजीकरण के साथ गठजोड़ करके चल रही है। यह पुस्तक मुस्लिम पिछड़ेपन के मिथक, हिन्दुत्व की विभाजनकारी राजनीति को आप्रवासियों की आर्थिक मदद आदि मुद्दों पर भी तथ्याधारित विचार करती है और अब आदिवासी, दलित और स्त्रियों के साथ अन्य अल्पसंख्यक समूह कैसे उसके निशाने पर आ रहे हैं, यह भी बताती है।
‘हिन्दुत्व’ पर लगभग हर कोण से विस्तृत परिदृश्य में प्रश्नवाचक समीक्षा करनेवाली यह पुस्तक राजनीति, समाजविज्ञान, इतिहास और धर्म आदि सभी क्षेत्र के अध्येताओं के लिए पठनीय है।
Bhartiya Darshan Ki Rooprekha
- Author Name:
M. Hiriyanna
- Book Type:

- Description:
सम्पूर्ण भारतीय विचारधारा में दो सामान्य बातें हैं—मोक्ष के सर्वोच्च आदर्श का अनुसरण और उसके लिए जो साधना बताई गई है उसमें व्याप्त वैराग्य की भावना। इन बातों से सिद्ध होता है कि भारतीयों के लिए दर्शन न तो मात्र बौद्धिक चिन्तन है और न मात्र नैतिकता, बल्कि वह चीज़ है जो इन दोनों को अपने अन्दर समाविष्ट भी करती है और इनसे ऊपर भी है। यहाँ दर्शन का लक्ष्य उससे भी अधिक प्राप्त करना है जो तर्कशास्त्र और नीतिशास्त्र से प्राप्त किया जा सकता है। किन्तु यह नहीं भुला देना चाहिए कि तर्कशास्त्र और नीतिशास्त्र यद्यपि स्वयं साध्य नहीं हैं, तथापि दर्शन के लक्ष्य के ये ही एकमात्र साधन हैं। इन्हें ऐसे दो पंख माना गया है जो आध्यात्मिक उड़ान में आत्मा की सहायता करते हैं। इनकी सहायता से जो लक्ष्य प्राप्त होता है, उसका स्वरूप एक ओर तो ज्ञान का है—ऐसे ज्ञान का जिसमें बौद्धिक आस्था की अपरोक्षानुभव में परिणति हो गई हो, और दूसरी ओर वैराग्य का है—ऐसे वैराग्य का जो उसके तात्त्विक आधार की जानकारी से अविचल हो गया हो। वह प्रधानत: शान्ति की मानसिक स्थिति है जिसमें निष्क्रियता का होना अनिवार्य नहीं है।
भारतीय दर्शन का इतिहास इस बात का इतिहास है कि उक्त दो परम्पराओं ने किस प्रकार परस्पर क्रिया-प्रतिक्रिया करके विभिन्न दार्शनिक सम्प्रदायों को जन्म दिया है।
भारतीय विचारधारा के विकासक्रम में कभी एक सम्प्रदाय अभिभावी रहा और कभी दूसरा। एक समय बौद्धधर्म का स्पष्टत: ज़ोर रहा और ऐसा प्रतीत होता था कि वह स्थायी रूप से अन्यों पर हावी हो गया है, किन्तु अन्त में वेदान्त की विजय हुई।
इस पुस्तक को प्रकाशित करने का उद्देश्य यह है कि यह उन कॉलेजों में, जहाँ भारतीय दर्शन पढ़ाया जाता है, एक पाठ्य-पुस्तक के रूप में प्रयुक्त हो सके। यद्यपि यह मुख्यत: विद्यार्थियों के लिए लिखी गई है, तथापि आशा की जाती है कि यह उन लोगों के लिए भी उपयोगी हो सकेगी जो जानी-पहचानी दार्शनिक समस्याओं के भारतीय विचारकों द्वारा प्रस्तुत समाधानों में रुचि रखते हैं। लेखक का प्रधान उद्देश्य यथासम्भव एक ही जिल्द के अन्दर भारतीय दर्शन का सम्बन्ध और सांगोपांग विवरण देना रहा है; फिर भी पाठक देखेगा कि व्याख्या और आलोचना भी छूटी नहीं है।
Ekta-Akhandata Ki Kahaniyan
- Author Name:
Acharya Mayaram 'Patang'
- Book Type:

- Description:
"‘एकता-अखंडता’ की कहानियाँ आपके समक्ष प्रस्तुत हैं। टी.वी. चैनलों के हास्य और मनोरंजन के कार्यक्रम, जो कुछ जनता के समक्ष परोस रहे हैं, उसके परिणामस्वरूप समाज का युवा वर्ग दिशाहीन होता जा रहा है। चोरी, डकैती और छेड़छाड़ की घटनाएँ निरंतर बढ़ती जा रही हैं। एक-दो नहीं, अनेक रेप कांड सभ्य नागरिकों, देशभक्तों के लिए घोर चिंता का विषय हैं। आम लोग न समाचार सुनते हैं, न सत्साहित्य पढ़ते हैं। प्रायः घरों में सीरियल ही देखते हैं। चरित्र-निर्माण तथा राष्ट्रभक्ति सिखाने की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं देती। छोटी-छोटी बातों पर युवक गोली चला देते हैं। चाकूबाजी की घटनाएँ तो सामान्य हैं। राजनीति के खिलाड़ी सामान्य घटनाओं को राजनीतिक रंग देकर सांप्रदायिक झगड़े खड़े कर देते हैं। कोई जातीय रंग देते हैं, उच्च वर्ग और दलित वर्ग का संघर्ष खड़ा कर देते हैं, कारण वही है कि राष्ट्रीयता की भावना का पोषण करनेवाला साहित्य भी सीमित ही उपलब्ध है। हर समुदाय अपने जातीय हित के लिए आंदोलन के लिए तैयार है। कहीं जाट अपनी जाति को आरक्षण दिलवाने के लिए कटिबद्ध हैं तो कहीं पटेल विद्रोह पर उतर आए हैं। उनके सामने न सरकार और न्यायालय की विवशता है, न राष्ट्र की साख का प्रश्न है। युवाओं को देश की एकता-अखंडता की प्रेरणा देने का यह एक प्रयास है। आशा है, युवा वर्ग इन नई-पुरानी कहानियों से कुछ सीखेगा। "
Customer Reviews
5 out of 5
Book
15/06/2023
Kiran Kumar
Bhagavad Gita(Song of God): A book that doesn’t need any introduction to the entire world, a treasure chest of knowledge, a manual of inspiration, a guide for virtue, a handout of personality, a life savior and the list goes on. While this book has ample versions and hundreds of retellings and thousands of mastery of the actual evince conversation between Krishna and Arjuna through 700 sloka verses. A composure of 18 chapters in the form of Haiku is not only bold but also an outstanding attempt. 1. Footer of every page reads the actual Sanskrit Sloka 2. Befitting English translation of the verse in a language that people can understand 3. Collection of Haiku's of the congruous verses without compromising the meaning. Though the haiku stanzas start from as less as two and go to eleven and above depending on the verse and the context of the sloka. These super-enriched poesies perfectly follow all the haiku standards and etiquettes without disturbing the gist and meaning of the indisputable Bhagavad Gita's contextual connotations. If you wish to experience a renowned Bhagavad Gita with a different reading experience and to churn out knowledge through Haiku style poetry, this is the one. Pick from Book: Chapter 4: Verse 32 Any rite is right Thy truthful insight Owns its height