The Eternal Geets Of Bhagavad Gita
(1)
Author:
Akhilesh GumashtaPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
General-non-fiction₹
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One Should not fail to thoroughly understand the Bhagavad Gita as ancient Science of worldly life. These were the words of Lokmanya Tilak. Truly, this is a true scripture of the human race as a living creation rather than a book, with a new message for every civilization. As the days pass on, it's becoming more relevant for ages to come. Adi Shankaracharya brought it out from Epic Mahabharat as a clear knowledge to fulfil all the goals of human existence. From ancient to the modern brains it became source of inspiration. For Albert Einstein Bhagavad Gita was the main source of inspiration and guide for the purpose of scientific investigations and formation of his theories. With the hope that this book will be taken by the readers as a creation and not just a book, and will be a reference text to wide range of readers from students to philosophers, from spiritualists to scientists and writers. Purpose of bringing this book is not just to increase the readability and quotability of Bhagavad Gita through verses and haikus but also to increase spirituality among masses. -Publisher * Gandiva is the name of Arch (Dhanush) of Arjun
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One Should not fail to thoroughly understand the Bhagavad Gita as ancient Science of worldly life. These were the words of Lokmanya Tilak.
Truly, this is a true scripture of the human race as a living creation rather than a book, with a new message for every civilization.
As the days pass on, it's becoming more relevant for ages to come.
Adi Shankaracharya brought it out from Epic Mahabharat as a clear knowledge to fulfil all the goals of human existence.
From ancient to the modern brains it became source of inspiration. For Albert Einstein Bhagavad Gita was the main source of inspiration and guide for the purpose of scientific investigations and formation of his theories.
With the hope that this book will be taken by the readers as a creation and not just a book, and will be a reference text to wide range of readers from students to philosophers, from spiritualists to scientists and writers.
Purpose of bringing this book is not just to increase the readability and quotability of Bhagavad Gita through verses and haikus but also to increase spirituality among masses.
-Publisher
* Gandiva is the name of Arch (Dhanush) of Arjun
Book Details
-
ISBN9789355211835
-
Pages470
-
Avg Reading Time16 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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- Description: यह धरा मेरी यह गगन मेरा, इसके वास्ते शरीर का कण-कण मेरा' - इन पंक्तियों को चरितार्थ करने वाले क्रांतिकारियों के आराध्य देव स्वातंत्र्य-वीर विनायक दामोदर सावरकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रिम पंक्ति के सेनानी और प्रखर राष्ट्रवादी नेता थे। वे न केवल स्वाधीनता संग्राम के एक तेजस्वी सेनानी थे अपितु महान् क्रांतिकारी, चिंतक, सिद्धहस्त लेखक, कवि, ओजस्वी वक्ता तथा दूरदर्शी राजनेता भी थे। वे एक ऐसे इतिहासकार भी हैं, जिन्होंने हिंदू राष्ट्र की विजय के इतिहास को प्रामाणिक ढंग से लिपिबद्ध किया है। उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता समर का सनसनीखेज व खोजपूर्ण इतिहास लिखकर ब्रिटिश शासन को हिलाकर रख दिया था। अप्रितम क्रांतिकारी, दृढ़ राजनेता, समर्पित समाज-सुधारक, दार्शनिक, दृष्टा, महान् कवि और महान् इतिहासकार आदि अनेकोनेक गुणों के धनी वीर सावरकर हर भारतीय की श्रद्धा के केंद्रबिंदु हैं। उनका संघर्ष, त्याग, उन्हें मिली यातनाएँ और तिरस्कार की करुणगाथा हमें उद्वेलित करती है, राष्ट्रभाव जगाती है।
Hindi Nibandh
- Author Name:
Vinod Tiwari
- Book Type:

- Description: यूजीसी (नेट/जेआरएफ) पाठ्यक्रम पर आधारित हिंदी निबंधों का संग्रह|
Jungle Ke Upyogi Vriksha
- Author Name:
Ramesh Bedi
- Book Type:

- Description: इस पुस्तक में मानव उपयोगी सात वृक्षों का वर्णन किया गया है। उनके विविध भाषाओं में नाम, उनकी पहचान, उनका प्राप्ति-स्थान, उनकी कृषि, रासायनिक संघटन, घरेलू तथा दवा-दारू में उपयोग, उनके औद्योगिक उपयोग आदि की विस्तृत जानकारी दी गई है। इन वृक्षों का स्वरूप बताने के लिए 24 रेखाचित्र, 5 फ़ोटो और 12 रंगीन फ़ोटो दिए गए हैं। वृक्षों में रुचि रखनेवालों, आयुर्वेद व यूनानी के अध्येताओं, अनुसन्धानकर्ताओं, वन-अधिकारियों व वन-कर्मियों, फ़ार्मेसियों, कच्ची जड़ी-बूटियों के व्यापारियों के लिए यह पुस्तक विशेष रूप से उपयोगी है। जिन वृक्षों का ‘जंगल के उपयोगी वृक्ष’ में वर्णन है, वे ये हैं—गूलर, बकायन, त्रिफला, बरगद, नीम, बहेड़ा और पीपल।
Atma Nirbhar Bharat : Vol. 4
- Author Name:
M. Veerappa Moily
- Book Type:

-
Description:
सन् 2001 में शिक्षा के अधिकार से सम्बन्धित विधेयक पारित होने और शिक्षा को मौलिक अधिकारों के रूप में मान्यता दिये जाने के चलते भारत का ‘हर व्यक्ति को शिक्षा’ का संकल्प एक निर्णायक यात्राा पूरी कर चुका है, फिर भी भारतीय शिक्षा-व्यवस्था में गहरे पैठी खामियों को समझने की चुनौती आज भी उतनी ही बड़ी है। यह सचमुच आश्चर्यजनक है कि उच्चशिक्षा के सन्दर्भ में विश्व की विशालतम शिक्षा-व्यवस्थाओं में शामिल भारत की ‘ड्रॉप आउट’ दर चिन्ताजनक है।वीरप्पा मोइली की पुस्तक-श्ाृंखला ‘अनलेशिंग इंडिया’ का यह चैथा खंड भारतीय शिक्षा-व्यवस्था के ऐसे ही अनसुलझे सवालों का जवाब तलाशने की कोशिश है। इस पुस्तक में लेखक ने भारत, चीन, अमेरिका, सिंगापुर और अन्य कुछ देशों की तुलना करते हुए कुछ सुझाव प्रस्तुत किए हैं जिनमें पाठ्यक्रम में व्यावहारिक प्रशिक्षण को जोड़ने, शिक्षा के आधारभूत ढाँचे के विस्तार तथा पाठ्यक्रमों और पाठ्यपुस्तकों में निवेश को बढ़ाए जाने पर जोर दिया गया है।
पुस्तक के अनुसार इस समय जबकि देश एक ज्ञान-समृद्ध राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, शिक्षा-व्यवस्था की सघन पुनव्र्याख्या और शिक्षा तथा विकास के मध्य मौजूदा फासले को पाटने की बेहद जरूरत है।
Customer Reviews
5 out of 5
Book
15/06/2023
Kiran Kumar
Bhagavad Gita(Song of God): A book that doesn’t need any introduction to the entire world, a treasure chest of knowledge, a manual of inspiration, a guide for virtue, a handout of personality, a life savior and the list goes on. While this book has ample versions and hundreds of retellings and thousands of mastery of the actual evince conversation between Krishna and Arjuna through 700 sloka verses. A composure of 18 chapters in the form of Haiku is not only bold but also an outstanding attempt. 1. Footer of every page reads the actual Sanskrit Sloka 2. Befitting English translation of the verse in a language that people can understand 3. Collection of Haiku's of the congruous verses without compromising the meaning. Though the haiku stanzas start from as less as two and go to eleven and above depending on the verse and the context of the sloka. These super-enriched poesies perfectly follow all the haiku standards and etiquettes without disturbing the gist and meaning of the indisputable Bhagavad Gita's contextual connotations. If you wish to experience a renowned Bhagavad Gita with a different reading experience and to churn out knowledge through Haiku style poetry, this is the one. Pick from Book: Chapter 4: Verse 32 Any rite is right Thy truthful insight Owns its height