Antariksh Ki Rochak Baaten
About the book
"अंतरिक्ष तथा ब्रह्मांड वस्तुत : एक ही शब्द के भिन्न-भिन्न रूप हैं, जिनसे उस असीम- अनंत सत्ता का बोध होता है, जिसे ' नेति-नेति ' कहा गया है । जहाँ मनुष्य की आँखें नहीं देख पातीं, जहाँ दूरबीन भी विफल हो जाती है-वह आकाश अंतरिक्ष है । वह अपरिमित, अनंत और असीम है । वह अनेक कल्पनाओं से भरा हुआ क्षेत्र है । विश्व की उत्पत्ति कैसे हुई, उसका अंत कैसे होता है, उसका विस्तार कहाँ तक है, अंतरिक्ष में विभिन्न ग्रहों का स्वरूप क्या है, तारे क्या हैं, अंतरिक्ष की शून्यता क्या है, हमारी पृथ्वी का अंतरिक्ष में क्या स्थान है. अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्या है और अंतरिक्ष का अध्ययन कैसे किया जाता है- ये ऐसे प्रश्न हैं, जिनका उत्तर मिलेगा प्रस्तुत पुस्तक ' अंतरिक्ष की रोचक बातें ' में; जिसे लेखका ने प्रामाणिक सामग्री के आधार पर, जनरुचि को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है । विश्वास है, पुस्तक हमारे पाठको को पसंद आएगी ।
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About the Book
"अंतरिक्ष तथा ब्रह्मांड वस्तुत : एक ही शब्द के भिन्न-भिन्न रूप हैं, जिनसे उस असीम- अनंत सत्ता का बोध होता है, जिसे ' नेति-नेति ' कहा गया है ।
जहाँ मनुष्य की आँखें नहीं देख पातीं, जहाँ दूरबीन भी विफल हो जाती है-वह आकाश अंतरिक्ष है । वह अपरिमित, अनंत और असीम है । वह अनेक कल्पनाओं से भरा हुआ क्षेत्र है ।
विश्व की उत्पत्ति कैसे हुई, उसका अंत कैसे होता है, उसका विस्तार कहाँ तक है, अंतरिक्ष में विभिन्न ग्रहों का स्वरूप क्या है, तारे क्या हैं, अंतरिक्ष की शून्यता क्या है, हमारी पृथ्वी का अंतरिक्ष में क्या स्थान है. अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्या है और अंतरिक्ष का अध्ययन कैसे किया जाता है- ये ऐसे प्रश्न हैं, जिनका उत्तर मिलेगा प्रस्तुत पुस्तक ' अंतरिक्ष की रोचक बातें ' में; जिसे लेखका ने प्रामाणिक सामग्री के आधार पर, जनरुचि को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है ।
विश्वास है, पुस्तक हमारे पाठको को पसंद आएगी ।
Book details
- Format
- Hardbound
- Publisher
- Prabhat Prakashan
- Weight
- 175 grams
- ISBN-13
- 9789383111800
- Pages
- 116
- Reading time
- ~17 hrs
- Age
- 18+
- Country of origin
- India
- Dimensions
- 14 × 21.5 cm
- Language
- Hindi
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Antariksh Ki Rochak Baaten addresses the questions that have haunted human curiosity since we first looked up: how did the universe begin, where does it end, and what fills the void between stars? Written in accessible Hindi, this work transforms cosmological concepts — the birth of galaxies, the nature of planetary systems, the mysteries of stellar formation — into narratives that invite wonder rather than intimidation. Unlike Western popular science that often assumes a telescope-owning readership, this book speaks to readers encountering these ideas in their mother tongue for the first time, grounding abstract physics in the language of everyday curiosity. It does not merely describe space; it acknowledges the neti-neti tradition of the unknowable infinite, linking ancient philosophical questions to contemporary astrophysics. For Hindi readers seeking to understand the cosmos without wading through translated jargon, this book offers a rare bridge.
Antariksh Ki Rochak Baaten पढ़ते समय मुझे कैसा अनुभव होगा?
यह पुस्तक आपको विस्मय और जिज्ञासा की यात्रा पर ले जाती है। अंतरिक्ष की रोचक बातें जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल हिंदी में प्रस्तुत करती है, जिससे ब्रह्मांड की असीमता का अनुभव होता है। पढ़ने के बाद आप आकाश को नई दृष्टि से देखेंगे और अनंत के प्रति गहरी समझ विकसित करेंगे।
Antariksh Ki Rochak Baaten किन पाठकों के लिए सबसे उपयुक्त है?
- हिंदी पाठक जो अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखते हैं लेकिन अंग्रेजी तकनीकी शब्दों से बचना चाहते हैं
- विद्यार्थी जो ब्रह्मांड की मूलभूत अवधारणाओं को समझना चाहते हैं
- जिज्ञासु मन वाले सामान्य पाठक जो ग्रहों, तारों और विश्व की उत्पत्ति के बारे में जानना चाहते हैं
- वे पाठक जो दार्शनिक और वैज्ञानिक प्रश्नों के बीच संबंध खोजते हैं
इस पुस्तक का विषय आज के भारतीय पाठकों के लिए सांस्कृतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
भारतीय परंपरा में अनंत और ब्रह्मांड की अवधारणा सदियों से मौजूद रही है। यह पुस्तक नेति-नेति जैसे दार्शनिक विचारों को आधुनिक खगोल विज्ञान से जोड़ती है। आज जब भारत अंतरिक्ष अनुसंधान में आगे बढ़ रहा है, यह हमारी सांस्कृतिक जिज्ञासा और वैज्ञानिक प्रगति के बीच सेतु बनाती है।
इस लेखक का दृष्टिकोण इस विषय को किस प्रकार विशिष्ट बनाता है?
लेखक ने जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल और सुलभ हिंदी में प्रस्तुत किया है। पाश्चात्य विज्ञान लेखन की नकल करने के बजाय, यह पुस्तक भारतीय पाठकों की भाषाई और दार्शनिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखती है। अंतरिक्ष की रोचक बातें कल्पना और वास्तविकता के बीच संतुलन बनाते हुए ब्रह्मांड के रहस्यों को उजागर करती है।
Antariksh Ki Rochak Baaten पढ़ने के बाद मुझे क्या मिलेगा?
- ब्रह्मांड की विशालता के प्रति एक नई समझ और विनम्रता
- ग्रहों, तारों और आकाशगंगाओं की रचना के बारे में स्पष्ट ज्ञान
- प्राचीन भारतीय दर्शन और आधुनिक विज्ञान के बीच संबंध की गहरी अनुभूति
- जिज्ञासा जो आपको आकाश की ओर बार-बार देखने को प्रेरित करेगी
