Vishwa Vyakti Kosh
(0)
Author:
Mukesh ‘Nadaan’Publisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Biographies-and-autobiographies₹
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कोई भी व्यक्ति महान् तभी कहलाता है, जब वह कोई महान् कार्य करता है। विश्व में ऐसे अनेक व्यक्तियों ने जन्म लिया, जिन्होंने अपने महान् कार्यों से अपने समाज का ही नहीं, वरन् अपने देश और संपूर्ण मानव जाति का उद्धार किया। मदर टेरेसा, महात्मा गांधी, अकबर, अमिताभ, सिकंदर, शेक्सपियर आदि अनेक ऐसे ऐसी अनेक तेजस्वी विभूतियों ने इस पृथ्वी पर जन्म लिया तथा अपने जनहित के कार्यों से महान् बनकर इतिहास के पन्नों पर अमर हो गए और कहलाए—‘विश्वप्रसिद्ध महान् व्यक्ति’। प्रस्तुत पुस्तक में ऐसे ही अनेक विश्वप्रसिद्ध महान् व्यक्तियों का संक्षिप्त जीवन-परिचय प्रस्तुत किया गया है, ताकि मानवता के विकास में उनके उल्लेखनीय योगदान को रेखांकित किया जा सके। विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षण-संस्थाओं एवं पुस्तकालयों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर नामों के अकारादि क्रम में प्रस्तुत इस पुस्तक को उपयोगी एवं सार्थक बनाने का हरसंभव प्रयास किया गया है।
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कोई भी व्यक्ति महान् तभी कहलाता है, जब वह कोई महान् कार्य करता है। विश्व में ऐसे अनेक व्यक्तियों ने जन्म लिया, जिन्होंने अपने महान् कार्यों से अपने समाज का ही नहीं, वरन् अपने देश और संपूर्ण मानव जाति का उद्धार किया। मदर टेरेसा, महात्मा गांधी, अकबर, अमिताभ, सिकंदर, शेक्सपियर आदि अनेक ऐसे ऐसी अनेक तेजस्वी विभूतियों ने इस पृथ्वी पर जन्म लिया तथा अपने जनहित के कार्यों से महान् बनकर इतिहास के पन्नों पर अमर हो गए और कहलाए—‘विश्वप्रसिद्ध महान् व्यक्ति’।
प्रस्तुत पुस्तक में ऐसे ही अनेक विश्वप्रसिद्ध महान् व्यक्तियों का संक्षिप्त जीवन-परिचय प्रस्तुत किया गया है, ताकि मानवता के विकास में उनके उल्लेखनीय योगदान को रेखांकित किया जा सके। विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षण-संस्थाओं एवं पुस्तकालयों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर नामों के अकारादि क्रम में प्रस्तुत इस पुस्तक को उपयोगी एवं सार्थक बनाने का हरसंभव प्रयास किया गया है।
Book Details
-
ISBN9789352663170
-
Pages256
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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क्यूबा की क्रान्ति का पैरा-दर-पैरा इतिहास बतानेवाली इस पुस्तक के केन्द्र में फ़िदेल कास्त्रो का जीवन है। वही फ़िदेल कास्त्रो जो आज पूरी दुनिया में साम्राज्यवाद-विरोध का प्रतीक बन चुके हैं। मात्र पच्चीस वर्ष की आयु में मुट्ठी-भर साथियों को लेकर और बिना किसी बाहरी मदद के फ़िदेल कास्त्रो ने क्यूबा के तानाशाह बतिस्ता और उसके पोषक अमेरिकी साम्राज्यवाद को सदा-सदा के लिए क्यूबा से विदा कर दिया था। क्यूबा के शोषित-पीड़ित किसानों, मज़दूरों को क्रान्तिकारी योद्धाओं में बदलने वाले और अपने देश को सामाजिक न्याय के सिद्धान्तों पर एक बेहतर राष्ट्र के रूप में विकसित करनेवाले फ़िदेल कास्त्रो ने अन्तरराष्ट्रीयता की नई परिभाषाएँ गढ़ीं और समूची दुनिया को हर तरह की विषमता से मुक्त करने का एक बड़ा सपना देखा। आज इस सपने को विश्व का हर वह इनसान अपने दिल के क़रीब महसूस करता है जो इस दुनिया को मनुष्य के भविष्य के लिए एक सुरक्षित आवास में बदलना चाहता है। लेखक के व्यापक शोध और गहरी प्रतिबद्धता से उपजी यह पुस्तक न सिर्फ़ फ़िदेल के जीवन, बल्कि क्यूबा तथा शेष विश्व की उन राजनीतिक-आर्थिक परिस्थितियों का भी तथ्याधारित विवरण देती है जिसके बीच फ़िदेल का उद्भव हुआ और क्यूबा-क्रान्ति सम्भव हुई। साथ ही इसमें क्रान्ति की प्रेरक उस विचार-निधि को भी पर्याप्त स्थान दिया गया है जिसके कारण फ़िदेल का सपना, पहले क्यूबा और फिर दुनिया के हर न्यायप्रिय व्यक्ति का संकल्प बना। इस पुस्तक में हमें फ़िदेल के सबसे भरोसेमन्द साथी चे गुएवारा को भी काफ़ी नज़दीक से जानने का मौक़ा मिलता है जिनके जीवन का एकमात्र उद्देश्य दुनिया में जहाँ भी साम्राज्यवाद है, उसके विरुद्ध संघर्ष करना था, और अल्प आयु में ही जीवन बलिदान करने के बावजूद जो आज हर जागरूक युवा हृदय में जीवित हैं।
Ufaq
- Author Name:
Qamar Rahman
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The offered book narrates the scientist Qamar Rahman's interesting journey to different corners of the world. She has travelled to a number of countries for her research-related purposes and gathered a range of experiences. The readers will be able to travel the world and feel the emotions with her.
C.V. Raman : A Biography
- Author Name:
Uma Parameswaran
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Celebrated for his groundbreaking discovery, the Raman Effect, C.V. Raman (1888–1970) was the first non-white and the first Asian to receive a Nobel Prize in the sciences in 1930. He also became the first Indian director of the Indian Institute of Science in Bangalore. While Raman’s scientific work is significant and well documented, his personal story is less known. In this thoroughly researched and comprehensive volume, the biographer sheds light on Raman’s personal vision, quirks, and struggles. In her attempt to record his life, she traces the influences and events that shaped Raman into the fascinating man and scientist he was.
Sri Aurobindo and Shakespeare
- Author Name:
Dr. Meenu Sodhi Sharma
- Book Type:

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In this book an attempt has been made to compare the two legendary writers by comparing the eastern way of thinking with the western way. Shakespeare is amongst the writers Sri Aurobindo holds in high esteem. Sri Aurobindo’s admiration for the great dramatist resulted in obvious Shakespearean influences on him. He adopts for his plays Elizabethan model of drama perfected by Shakespeare’s genius. Shakespeare’s influence is traceable also in Sri Aurobindo’s sonnets. It is said that Sri Aurobindo had Shakespearean literature on his bed-side when he left his mortal remains. Both the great writers were not satisfied by merely holding mirror to the nature but due to their greater and deeper life power, they recreated the human life in its beauty and completeness. Therefore, there is an obvious need to compare and contrast Shakeapeare and Sri Aurobindo so as to bring out affinities that may be there between their creative ideal and vision as well as their poetic and dramatic art, along with the former’s influence on the later. In this book an attempt has been made to fulfill the need and to contribute, in some measure to the appreciation of Sri Aurobindo’s poetry and plays. It also briefly touches upon Indian response to Shakespeare. It focuses mainly on Sri Aurobindo’s numerous insights and critical observations on him. To sum up writings of the two such outstanding writers, who represent two very different ways of thinking. On one hand Shakespeare potrays lot of blood shed, gory tales and a wild kind of poetic justice in his writings, but on the other hand Sri Aurobindo truely follows Indian ethos of non violence or ‘Ahimsa’. The author underlines the stark similarities and differences in both the writer’s exploring their plays and sonnets. The structure of plays and sonnets may be same of both the greatest minds but ethos and personna ingrained in their writings is quite different.
Albert Einstein
- Author Name:
Vinod Kumar Mishra
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अल्बर्ट आइंस्टाइन महान् भौतिक विज्ञानी एवं ‘नोबेल पुरस्कार’ से सम्मानित अल्बर्ट आइंस्टाइन का जीवन अत्यंत जटिल रहा, उनके जटिल समीकरणों से भी अधिक जटिल। लेकिन चौथे आयाम को ढूँढ़नेवाले आइंस्टाइन का जीवन बहुआयामी था। दु:खों ने उनके जीवन को कुंदन की तरह दमकाया। वे अंतिम समय तक कल्याणकारी कार्यों में जुटे रहे। उन्हेंने ऐसे कार्य किए जिन पर आगे कार्य करके वैज्ञानिक डॉक्टरेट, फैलोशिप एवं अन्य पुरस्कार पाते रहे। उन्हें बच्चों, छात्रों एवं गरीबों से बहुत प्यार था। वे उनके लिए कार्य करने के आविष्कारी तरीके ढूँढ़ते रहते थे। अपने हस्ताक्षरों, फोटो, शोधपत्र, संदेशों को बेचकर उन्हेंने उन लोगों के लिए आवश्यक साधन जुटाए। वे अत्यंत विनोदप्रिय थे। आइंस्टाइन न्यूटन के समतुल्य वैज्ञानिक थे। ब्रूनो एवं गैलीलियो की तरह साहसिक, सादगी में महात्मा गांधी के जैसे, यहूदियों के मसीहा एवं श्रीकृष्ण की तरह कर्मयोगी थे। उनका एक-एक गुण उन्हें महान् बनाने के लिए पर्याप्त था। प्रस्तुत पुस्तक में आइंस्टाइन के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर खोजपरक दृष्टि डाली गई है। विश्वास है, इस असाधारण व्यक्तित्व की जीवन-गाथा पाठकों के लिए रोचक, प्रेरक व उपयोगी साबित होगी।
Glory Beyond Dreams
- Author Name:
Sanjay Sharma
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Ten brilliant stories of ten bravehearts who have brought endless glory to India, our motherland, under unbelievable circumstances. Each braveheart has been shot down with obstacles unfathomable yet written their fate rather than letting life write it for them—and their fate has been to hail the Indian tricolour across various sports scenes in various countries. Glory Beyond Dreams is home to these unstoppable para-heroes who have brought success and pride to our country time and again: Yuvraj Singh; Arvind Prabhoo; Palak Kohli; Gaurav Khanna; Pranav Desai; Aryan Joshi; Suyash Jadhav; Ajay Kumar Reddy; Sandeep Singh Dhillon; Rajinder Singh Rahelu, and chronicled in this book is a collection of their jaw-dropping life stories; stories of grit, strength, guts, and glory.
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