20 Greatest Explorers of the World
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Author:
Kalyani MookherjiPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Biographies-and-autobiographies₹
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The urge to explore is an ancient one in the human species. The earliest explorations were driven by physical needs like food and shelter. But later with greater resources at their disposal, human beings became curious about their extended geographical environment and began to venture further from their safe zone. Over time mankind began to recognize that with successful exploration came rewards. In fact access to virgin natural resources was one of the driving factors behind the Golden Age of Exploration during the 15th and 16th centuries when many significant discoveries were made about the geography of the Earth. Again in the eighteenth and nineteenth centuries, much of the exploration of Africa and Asia were driven by the need to discover and colonize new markets for goods made by European countries. The 20 Greatest Explorers of the World traces these currents in the journey of human exploration by focusing on the most famous explorers in history as well as some lesser known names who are nevertheless responsible for charting new territories. Ranging from classical Greece to the mid twentieth century, traversing all parts of the globe and indeed beyond it, these explorers are testament to the fact that the desire to know and discover has inspired humans across time and space in history.
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The urge to explore is an ancient one in the human species. The earliest explorations were driven by physical needs like food and shelter. But later with greater resources at their disposal, human beings became curious about
their extended geographical environment and began to venture further from their safe zone.
Over time mankind began to recognize that with successful exploration came rewards. In fact access to virgin natural resources was one of the driving factors behind the Golden Age of Exploration during the 15th and 16th centuries when many significant discoveries were made about the geography of the Earth. Again in the eighteenth and nineteenth centuries, much of the exploration of Africa and Asia were driven by the need to discover and colonize new markets for goods made by European countries.
The 20 Greatest Explorers of the World traces these currents in the journey of human exploration by focusing on the most famous explorers in history as well as some lesser known names who are nevertheless responsible for charting new territories. Ranging from classical Greece to the mid twentieth century, traversing all parts of the globe and indeed beyond it, these explorers are testament to the fact that the desire to know and discover has inspired humans across time and space in history.
Book Details
-
ISBN9788184303025
-
Pages160
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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मा.गो. वैद्य अथवा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, परिचय की आवश्यकता से दूर यह ऐसे नाम हैं, जो समाज और मीडिया में सहज ही आकर्षण की, जिज्ञासा की लहर उठाते हैं। ऐसे में इस पुस्तक के अध्यायों से गुजरना आकर्षण की दो सरिताओं में एक साथ डुबकी लगाने जैसा रोमांचक, यादगार अनुभव है। इस पुस्तक में वैद्य कुल के इतिहास, भूगोल, फैलाव आदि का तो पता चलता ही है, मा.गो. वैद्य के व्यक्तिगत जीवन का भी निकट से परिचय मिलता है। निर्णय के कठिन क्षण और असमंजस से बाहर निकलने की राह...व्यक्ति, संगठन और सोच के समन्वय को सामाजिक परिघटनाओं की सच्ची झाँकियों में पिरोकर पाठक के सामने रखा गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीज भाव का साक्षात्कार पुस्तक में हर जगह दिता है। ऐसा भाव, जिससे जुड़ने के बाद ‘मैं’, मैं नहीं रहता...व्यक्ति के स्व, उसके परिवार, समाज और राष्ट्र के दायरों को फलाँगती, किंतु साथ ही उनकी एकात्मकता का बोध कराती पुस्तक एक व्यापक दृष्टिकोण और अनुभव का परिचय कराती है। ऐसा दृष्टिकोण, जिसमें समाज से प्राप्त तीखे-मीठे जमीनी अनुभव हैं और हर स्थिति में जिम्मेदारी का भाव भी। वैद्य उपनाम कहाँ खत्म होता है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कहाँ जीवन में व्याप्त होता जाता है, आप पढ़ेंगे तो यह अंतर अनुभव ही नहीं होगा।
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- Author Name:
Gopi Krishna Kunwar
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